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GK क्विजकला और संस्कृति

कला और संस्कृति मिश्रित क्विज: सेट 28

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

कला और संस्कृति मिश्रित क्विज़ (सेट 28) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: लोक चित्रकला: मधुबनी, वारली और पट्टचित्र, संग्रहालय, पुस्तकालय और अभिलेखागार, आधुनिक भारतीय कला और कलाकार और अन्य। इनमें से 8 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.कला और संस्कृतिकठिन

फसल और विवाह के अवसर पर मिट्टी की दीवारों पर बनाई जाने वाली सोहराई और खोवर चित्रकला किस राज्य की है?

  1. A.

    झारखंड

  2. B.

    असम

  3. C.

    उत्तराखंड

  4. D.

    छत्तीसगढ़

उत्तर देखें

सही उत्तर: A.

झारखंड

व्याख्या

सही उत्तर A, झारखंड है। सोहराई फसल और पशु पर्व की चित्रकला है तथा खोवर विवाह की चित्रकला, और दोनों झारखंड के हज़ारीबाग क्षेत्र की हैं, जिन्हें स्त्रियाँ रंगीन मिट्टियों से कूँची द्वारा बनाती हैं या सफेद मिट्टी की ऊपरी परत को खुरचकर नीचे की गहरी परत उभारती हैं, और इस तकनीक को स्ग्राफितो कहते हैं; इस परंपरा को भौगोलिक संकेत का दर्जा प्राप्त है। विकल्प B गलत है क्योंकि असम इन भित्ति चित्रों के बजाय साँची की छाल पर बनी हस्तलिखित पांडुलिपि चित्रकला के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि उत्तराखंड में ऐपण है, जो गेरू की लाल पृष्ठभूमि पर चावल के सफेद घोल से द्वार और पूजा स्थान पर बनाई जाती है। विकल्प D गलत है क्योंकि छत्तीसगढ़ अपने गोदना नमूनों और ढोकरा धातु शिल्प के लिए अधिक जाना जाता है।

Q2.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CPO · 25 November 2020, Shift 1आसान

नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी निम्नलिखित में से किस स्थान पर स्थित है?

  1. A.कोलकाता
  2. B.प्रयागराज
  3. C.मुंबई
  4. D.नई दिल्ली
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर है D, नई दिल्ली। यह संस्थान नई दिल्ली के तीन मूर्ति भवन में है, वही आवास जहां जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री के रूप में सोलह वर्ष रहे, और उनके निधन के बाद 1964 में इसे जनता के लिए खोला गया। यहां उनके जीवन पर संग्रहालय, आधुनिक भारतीय इतिहास पर शोध पुस्तकालय तथा 1984 में जोड़ा गया तारामंडल है; पुस्तकालय में निजी पत्र और पुराने समाचार पत्र संरक्षित हैं। यह संस्कृति मंत्रालय के अधीन है और अब इसका नाम प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय कर दिया गया है। तीन मूर्ति नाम बाहर के चौराहे पर बने तीन सैनिकों के स्मारक से पड़ा। A गलत है क्योंकि कोलकाता में विक्टोरिया मेमोरियल और राष्ट्रीय पुस्तकालय हैं। B गलत है क्योंकि प्रयागराज में नेहरू परिवार का आनंद भवन है। C गलत है क्योंकि मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज वस्तु संग्रहालय है। परीक्षा टिप: तीन मूर्ति भवन को नेहरू से और आनंद भवन को प्रयागराज से जोड़ें।

Q3.कला और संस्कृतिमध्यम

भारत की राष्ट्रीय कला अकादमी ललित कला अकादमी की स्थापना किस वर्ष हुई?

  1. A.1950
  2. B.1953
  3. C.1954
  4. D.1961
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1954

व्याख्या

सही उत्तर C, 1954 है। राष्ट्रीय कला अकादमी ललित कला अकादमी की स्थापना 1954 में नई दिल्ली में हुई और मूर्तिकार देवी प्रसाद रॉय चौधरी उसके पहले अध्यक्ष बने; नई दिल्ली के जयपुर हाउस का राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय भी इसी वर्ष का है। अकादमी राष्ट्रीय अकादमी पुरस्कार और ललित कला रत्न देती है। विकल्प A गलत है क्योंकि 1950 में संविधान लागू हुआ था। विकल्प B निकट का भ्रम है, क्योंकि संगीत, नृत्य और नाट्य की संगीत नाटक अकादमी एक वर्ष पहले 1953 में बनी थी; साहित्य की साहित्य अकादमी ललित कला अकादमी के साथ 1954 की है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1961 में पुणे का फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान स्थापित हुआ। तीनों अकादमियों को साथ याद रखें: संगीत नाटक अकादमी 1953, तथा साहित्य अकादमी और ललित कला अकादमी दोनों 1954 में।

Q4.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 7 March 2019, Shift 1आसान

पश्मीना एक बारीक किस्म का ऊन है, जिसकी बुनाई सबसे पहले भारत के किस राज्य में की गई थी?

  1. A.उत्तर प्रदेश
  2. B.पंजाब
  3. C.जम्मू और कश्मीर
  4. D.हिमाचल प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जम्मू और कश्मीर

व्याख्या

सही उत्तर है C, जम्मू और कश्मीर। पश्मीना वह अत्यंत बारीक ऊन है जो लद्दाख के ठंडे ऊँचे पठार पर पाले जाने वाले चांगथांगी बकरे के भीतरी रोयें से कंघी करके निकाला जाता है, और इसकी कताई तथा शॉल की बुनाई सबसे पहले कश्मीर घाटी में हुई। यह शिल्प पंद्रहवीं शताब्दी से जोड़ा जाता है, जब कहा जाता है कि सुल्तान ज़ैन-उल-आबिदीन मध्य एशिया से बुनकर लाए थे। ये शॉल आगे यूरोप पहुँचे और अंग्रेजी को ‘कश्मीर’ शब्द दिया। एक कनी या जामावार शॉल करघे पर महीनों लेती है, और कश्मीर पश्मीना को अब जीआई टैग मिला हुआ है। A गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश बनारसी रेशम और चिकनकारी के लिए जाना जाता है। B गलत है क्योंकि पंजाब फुलकारी कढ़ाई के लिए प्रसिद्ध है। D गलत है क्योंकि हिमाचल प्रदेश भेड़ के ऊन से कुल्लू शॉल और किन्नौरी नमूने बुनता है। परीक्षा टिप: पश्मीना — लद्दाख का चांगथांगी बकरा, बुनाई कश्मीर में, जीआई टैग प्राप्त।

Q5.कला और संस्कृतिपूछा गया: दिल्ली · 3 Sept 2019, shift 3आसान

लोटिया किस क्षेत्र का संगीत है?

  1. A.राजस्थान
  2. B.तमिलनाडु
  3. C.पंजाब
  4. D.असम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राजस्थान

व्याख्या

सही उत्तर A, राजस्थान है। लोटिया का नाम उस लोटे से पड़ा जिसे स्त्रियाँ सिर पर रखकर उस शोभायात्रा में चलती हैं जिसके साथ यह प्रस्तुत होता है, और यह राजस्थान की लोक परंपरा का अंग है, माँड, पणिहारी तथा बन्ना-बन्नी विवाह गीतों के साथ। विकल्प B तमिलनाडु की अपनी लोक विधाएँ हैं, मुख्यतः विल्लु पाट्टु अर्थात धनुष गीत और कावड़ी चिंदु, पर लोटिया उनमें नहीं है। विकल्प C पंजाब टप्पा, माहिया, जुगनी और बोलियों का घर है, जो तूंबी तथा अलगोजा के साथ गाई जाती हैं। विकल्प D असम बसंत के पर्व पर गाए जाने वाले बिहू गीत, शंकरदेव के बरगीत तथा जिकिर के लिए जाना जाता है। नाम में आया लोटा ही पश्चिम के शुष्क प्रदेश का संकेत देता है। राजस्थान की लोक गायकी के दो प्रसिद्ध समुदाय लंगा और मांगणियार हैं, जो कामायचा, सारंगी और खड़ताल के साथ गाते हैं।

Q6.कला और संस्कृतिपूछा गया: CTET · Jan 2021 Paper 2मध्यम

कथन A): चोल मंदिर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन के केंद्र थे। कथन B): चोल कांस्य प्रतिमाएँ देवताओं की होती थीं, पर कभी-कभी भक्तों की भी बनाई जाती थीं।

  1. A.A) और B) दोनों सही हैं और B), A) की सही व्याख्या है।
  2. B.A) और B) दोनों सही हैं, पर B), A) की सही व्याख्या नहीं है।
  3. C.A) सही है, पर B) गलत है।
  4. D.A) गलत है, पर B) सही है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. A) और B) दोनों सही हैं, पर B), A) की सही व्याख्या नहीं है।

व्याख्या

सही उत्तर है B, दोनों कथन सही हैं, पर B कथन A की व्याख्या नहीं करता। राजराज प्रथम द्वारा बनवाए गए तंजावुर के बृहदीश्वर मंदिर जैसे चोल मंदिर केवल पूजा-स्थल नहीं थे। उनके पास भूमि और गाँव होते थे; वे पुजारी, माला बनाने वाले, रसोइए, नर्तक और संगीतकार नियुक्त करते थे, विद्यालय तथा शिल्प-कार्यशालाएँ चलाते थे और ऋण भी देते थे। इसी कारण क्षेत्र का धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन इन्हीं के आसपास सिमटा था। चोल कांस्य प्रतिमाएँ मधुरिक्त (लॉस्ट वैक्स) विधि से ढाली जाती थीं और इनमें अधिकतर नटराज, विष्णु तथा पार्वती जैसे देवता हैं, पर कुछ में दानदाता और भक्त भी दिखाए गए हैं, जिनमें संत तथा राजपरिवार के लोग शामिल हैं। दोनों कथन सही तथ्य हैं, पर प्रतिमाओं का विषय यह नहीं बताता कि मंदिर सामाजिक केंद्र क्यों थे; इसका कारण उनकी भूमि, संपत्ति और दान थे। इसलिए विकल्प A गलत है। विकल्प C गलत है क्योंकि कथन B सही है, और विकल्प D गलत है क्योंकि कथन A सही है। परीक्षा टिप: बृहदीश्वर मंदिर – तंजावुर, राजराज प्रथम; चोल कांस्य – लॉस्ट वैक्स विधि, सर्वाधिक प्रसिद्ध नटराज।

Q7.कला और संस्कृतिआसान

भारत की सर्वाधिक प्रसिद्ध धागा कठपुतली परंपरा कठपुतली किस राज्य की है?

  1. A.राजस्थान
  2. B.ओडिशा
  3. C.कर्नाटक
  4. D.पश्चिम बंगाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राजस्थान

व्याख्या

सही उत्तर A, राजस्थान है। कठपुतली राजस्थान की धागा कठपुतली परंपरा है। आकृतियाँ लकड़ी से तराशी जाती हैं, चटख रंगों से रंगी जाती हैं और लंबा घेरदार घाघरा पहनाई जाती हैं; उन्हें पैरों के बिना बनाया जाता है। कलाकार उन्हें ऊपर से धागों द्वारा चलाता है, ढोलक ताल देता है और कठपुतलियों के संवाद के स्थान पर तेज सीटी जैसी ध्वनि निकाली जाती है। विकल्प B गलत है क्योंकि ओडिशा की धागा कठपुतलियाँ कुंधेई या साखी कुंधेई कहलाती हैं, और इस अध्याय में ओडिशा छाया रूप रावणछाया के लिए अधिक जाना जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि कर्नाटक की धागा कठपुतलियाँ गोंबेयट्टा कहलाती हैं, जिन्हें उसी राज्य के छाया रूप तोगलु गोंबेयट्टा से अलग रखना आवश्यक है। विकल्प D गलत है क्योंकि पश्चिम बंगाल दंड कठपुतली रूप पुतुल नाच का घर है।

Q8.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 11 Jul 2019, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा नृत्य यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल है?

  1. A.फुगड़ी
  2. B.झूमर
  3. C.दलखाई
  4. D.छऊ
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. छऊ

व्याख्या

सही उत्तर है D, छऊ। छऊ को 2010 में यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया गया था। यह पूर्वी भारत का मुखौटा नृत्य-नाट्य है और इसकी तीन शैलियाँ अपने-अपने क्षेत्र के नाम पर जानी जाती हैं। झारखंड की सरायकेला और पश्चिम बंगाल की पुरुलिया शैली में कलाकार मुखौटा पहनते हैं, जबकि ओडिशा की मयूरभंज शैली बिना मुखौटे के की जाती है। यह नृत्य युद्ध प्रशिक्षण से निकला है, इसलिए इसकी भाव-भंगिमाओं में लड़ाई के दाँवपेच तथा पशु-पक्षियों की चाल दिखाई देती है, और कथाएँ रामायण, महाभारत एवं लोक आख्यानों से ली जाती हैं। इसे वसंत में चैत्र पर्व के अवसर पर ढोल और धुमसा की थाप पर प्रस्तुत किया जाता है। A गलत है क्योंकि फुगड़ी गोवा का महिला लोकनृत्य है। B गलत है क्योंकि झूमर पंजाब से जुड़ा है। C गलत है क्योंकि दलखाई पश्चिमी ओडिशा का लोकनृत्य है। परीक्षा टिप: यूनेस्को सूची में छऊ (2010), रामलीला, कुटियाट्टम और संकीर्तन शामिल हैं।

Q9.कला और संस्कृतिकठिन

पट्टचित्र की परंपरागत रंग सूची में सफेद रंग किससे प्राप्त किया जाता है?

  1. A.

    शंख

  2. B.

    केवल खड़िया चूर्ण

  3. C.

    चूना और दूध

  4. D.

    चावल का आटा

उत्तर देखें

सही उत्तर: A.

शंख

व्याख्या

सही उत्तर A, शंख है। पट्टचित्र के रंग घर पर प्राकृतिक पदार्थों से बनते हैं: सफेद शंख पीसकर, काला दीपक की कालिख से, लाल हिंगुल से, पीला हरताल से और नीला नील से, और कैथ का गोंद इन्हें कपड़े पर बाँधता है, जिसके बाद चित्र पर लाख की चमक चढ़ाई जाती है। विकल्प B गलत है क्योंकि खड़िया का प्रयोग इमली के बीज की लेई के साथ कैनवास की सतह तैयार करने में होता है, चित्र के सफेद रंग के रूप में नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि चूना और दूध इस परंपरागत विधि का अंग नहीं हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि चावल के आटे का घोल वारली भित्ति चित्रकला का सफेद रंग है, इसलिए यह विकल्प दूसरी परंपरा के लिए सही और इसके लिए गलत है।

Q10.कला और संस्कृतिपूछा गया: हरियाणा · 13 April 2018, Shift 2आसान

चंडीगढ़ के वास्तुकार ली कोर्बुज़िए किस देश से थे?

  1. A.जर्मनी
  2. B.फ्रांस
  3. C.इटली
  4. D.स्पेन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फ्रांस

व्याख्या

सही उत्तर है B, फ्रांस। ली कोर्बुज़िए को फ्रांसीसी वास्तुकार माना जाता है। उनका जन्म 1887 में स्विट्ज़रलैंड में चार्ल्स-एडुआर्ड जैनरे के रूप में हुआ, बाद में वे पेरिस में बस गए, 1930 में फ्रांस की नागरिकता ली और जीवन भर फ्रांस से ही काम करते रहे। जवाहरलाल नेहरू उन्हें पंजाब और हरियाणा की साझा राजधानी चंडीगढ़ की योजना बनाने के लिए भारत लाए थे, जब पहले योजनाकार अल्बर्ट मेयर और उनके वास्तुकार मैथ्यू नोविकी परियोजना से हट गए। ली कोर्बुज़िए ने शहर को ग्रिड पर क्रमांकित सेक्टरों में बसाया और सेक्टर 1 में कैपिटल कॉम्प्लेक्स की रचना की — उच्च न्यायालय, सचिवालय, विधानसभा और ओपन हैंड स्मारक — जिसे यूनेस्को ने 2016 में विश्व धरोहर सूची में शामिल किया। विकल्प A गलत है, क्योंकि जर्मनी बाउहाउस विद्यालय और वाल्टर ग्रोपियस का देश है, ली कोर्बुज़िए का नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि इटली का नाम ब्रुनेलेस्की और पैलेडियो जैसे पुनर्जागरण कालीन वास्तुकारों से जुड़ा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि स्पेन बार्सिलोना के आंतोनी गौदी के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: चंडीगढ़ — ली कोर्बुज़िए; नई दिल्ली — एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर।

Q11.कला और संस्कृतिमध्यम

1966 में के. सी. एस. पणिक्कर द्वारा बसाया गया चोलामंडल कलाकार ग्राम किस शहर के निकट है?

  1. A.चेन्नई
  2. B.बेंगलुरु
  3. C.कोच्चि
  4. D.हैदराबाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चेन्नई

व्याख्या

सही उत्तर A, चेन्नई है। चोलामंडल कलाकार ग्राम 1966 में चेन्नई के दक्षिण में समुद्र तट पर के. सी. एस. पणिक्कर तथा मद्रास कला आंदोलन के अन्य कलाकारों ने बसाया था, और इसे भारत का पहला आत्मनिर्भर कलाकार समुदाय कहा जाता है, जहाँ चित्रकार और मूर्तिकार साथ रहते थे तथा बाटिक और धातुकर्म बेचकर अपने स्टूडियो चलाते थे। विकल्प B गलत है क्योंकि बेंगलुरु का संबंध कर्नाटक चित्रकला परिषत् से है। विकल्प C गलत है क्योंकि कोच्चि में 2012 से कोच्चि-मुज़िरिस बिएनाले होती है, जो प्रदर्शनी है, आवासीय ग्राम नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि हैदराबाद में इस प्रकार का कोई कलाकार ग्राम नहीं है, वहाँ सालारजंग संग्रहालय है। परीक्षा में जोड़ी इस प्रकार बनती है — वर्ष 1966, पणिक्कर और चेन्नई — इसलिए तीनों को साथ याद रखें; इसकी पृष्ठभूमि मद्रास कला आंदोलन है।

Q12.कला और संस्कृतिमध्यम

तीरंदाजी पर आधारित और पाशी तथा साथी नामक दलों के बीच खेला जाने वाला पारंपरिक खेल थोड़ा किस राज्य में होता है?

  1. A.उत्तराखंड
  2. B.सिक्किम
  3. C.हिमाचल प्रदेश
  4. D.अरुणाचल प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. हिमाचल प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर C, हिमाचल प्रदेश है। थोड़ा हिमाचल प्रदेश की तीरंदाजी आधारित प्रतियोगिता है, जो बैसाखी के आसपास होती है और जिसमें पाशी तथा साथी नामक दो दल भोथरे लकड़ी के तीर विपक्षी खिलाड़ियों के घुटने के नीचे मारते हैं, और साथ में नृत्य तथा ढोल चलते रहते हैं। विकल्प A गलत है; उत्तराखंड पश्चिमी हिमालय की संस्कृति साझा करता है पर थोड़ा हर मानक सूची में हिमाचल प्रदेश से बाँधा गया है। विकल्प B गलत है क्योंकि सिक्किम में बौद्ध समुदायों के बीच तीरंदाजी लोकप्रिय खेल है, पर थोड़ा नाम की परंपरा सिक्किमी नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि अरुणाचल प्रदेश और सामान्यतः पूर्वोत्तर की तीरंदाजी थोड़ा के रूप में संगठित नहीं है। दलों के नाम पाशी और साथी इस प्रश्न को पहचानने का सबसे पक्का तरीका हैं।

Q13.कला और संस्कृतिआसान

बाउल गीत किस राज्य की लोक परंपरा के हैं?

  1. A.ओडिशा
  2. B.पश्चिम बंगाल
  3. C.असम
  4. D.बिहार
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पश्चिम बंगाल

व्याख्या

सही उत्तर B, पश्चिम बंगाल है। बाउल बंगाल के घुमक्कड़ गायक हैं जो जाति और कर्मकांड को नकारते हैं और मन के मानुष का गान करते हैं; वे एकतंत्री एकतारा तथा दुग्गी नामक छोटे ढोल के साथ गाते हैं और उनके गीत 2008 में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में दर्ज हुए। विकल्प A ओडिशा दलखाई, झूमर और चैती घोड़ा का घर है, जो बिलकुल अलग परंपराएँ हैं। विकल्प C असम बिहू गीत, बरगीत और जिकिर के लिए जाना जाता है और उसके विशिष्ट वाद्य पेपा तथा गगना हैं। विकल्प D बिहार में सोहर, बिदेसिया तथा शारदा सिन्हा के गाए छठ गीत हैं। बंगाल के अपने नदी गीत भटियाली और भवाइया प्रायः बाउल के साथ ही पूछे जाते हैं। बाउल को रवींद्रनाथ टैगोर ने बहुत महत्व दिया और उनके गीतों पर बाउल धुनों का स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है।

Q14.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 20 March, 2023, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन भारत में सारनाथ के सिंह शीर्ष का घटक नहीं है?

  1. A.दक्षिण दिशा को दर्शाती तराशी हुई गाय
  2. B.चार सिंहों की आकृतियां
  3. C.धर्म चक्र
  4. D.कमल आधार घंटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. दक्षिण दिशा को दर्शाती तराशी हुई गाय

व्याख्या

सही उत्तर A, दक्षिण दिशा को दर्शाती तराशी हुई गाय है। सारनाथ शीर्ष की फलक पट्टी पर गाय नहीं, चार पशु हैं: हाथी, घोड़ा, सांड और सिंह, और सामान्य व्याख्या में घोड़ा दक्षिण तथा सांड पश्चिम का प्रतीक है। शीर्ष पर कहीं भी गाय नहीं है, इसलिए विकल्प A ही वह घटक है जो अस्तित्व में नहीं है। विकल्प B विकल्प के रूप में गलत है क्योंकि पीठ से पीठ जोड़कर खड़े चार सिंह ही शीर्ष का सर्वोच्च भाग हैं और इसी से इसका नाम पड़ा। विकल्प C गलत है क्योंकि फलक पर पशुओं को अलग करते चार चौबीस आरों वाले धर्म चक्र हैं, और उनमें से एक राष्ट्रीय ध्वज के मध्य में रखा गया। विकल्प D गलत है क्योंकि पूरा शीर्ष घंटे के आकार के उलटे कमल पर टिका है। इस शीर्ष को 26 जनवरी 1950 को भारत का राजचिह्न स्वीकार किया गया।

Q15.कला और संस्कृतिमध्यम

बड़ी पारदर्शी चमड़े की आकृतियों वाली छाया कठपुतली परंपरा थोलू बोम्मलाता किससे संबंधित है?

  1. A.तमिलनाडु
  2. B.आंध्र प्रदेश
  3. C.केरल
  4. D.महाराष्ट्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आंध्र प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर B, आंध्र प्रदेश है। थोलू बोम्मलाता आंध्र प्रदेश का चमड़े की छाया कठपुतलियों का रंगमंच है, और इसकी आकृतियाँ सभी भारतीय छाया कठपुतलियों में सबसे बड़ी होती हैं, जो पारदर्शी रंगीन खाल से बनती हैं, जिससे परदे पर रंग भी दिखते हैं; कथाएँ रामायण तथा महाभारत से आती हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि तमिलनाडु का कठपुतली रूप बोम्मलट्टम है, जो दंड और धागा दोनों तकनीकों को मिलाता है, छाया नाट्य नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि केरल का छाया कठपुतली रूप थोलपावकूथु है, जो भगवती मंदिरों के प्रांगण में रात में कंब रामायणम् के पाठ पर होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि महाराष्ट्र लोक रंगमंच के रूपों तमाशा तथा दशावतार के लिए जाना जाता है, इस प्रकार की कठपुतली परंपरा के लिए नहीं। ध्यान रखें कि प्रश्न में छाया रूप की पहचान परदे और दीपक से होती है, क्योंकि दर्शक कठपुतली को कभी नहीं देखता, केवल उसकी आकृति देखता है।

Q16.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC MTS · 14 Oct 2021, Shift 3मध्यम

'थोलू बोम्मलट्टा', एक छाया कठपुतली नाट्य परंपरा, किस राज्य की है?

  1. A.आंध्र प्रदेश
  2. B.कर्नाटक
  3. C.केरल
  4. D.महाराष्ट्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आंध्र प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर है A, आंध्र प्रदेश। थोलू बोम्मलाटा आंध्र प्रदेश की चमड़े की छाया कठपुतली परंपरा है।

इसके नाम का अर्थ है चमड़े की गुड़ियों का नृत्य। कठपुतलियाँ बकरी या हिरण के चमड़े से काटी जाती हैं और दोनों ओर रंगी जाती हैं, जिससे दीपक की रोशनी में कपड़े के परदे पर उनके रंग चमकते हैं। इन्हें परदे के पीछे से चलाया जाता है, जबकि गायक, हारमोनियम और ढोल कथा को आगे बढ़ाते हैं। नाटक रामायण और महाभारत से लिए जाते हैं और कई बार रातभर चलते हैं। भारत में छाया कठपुतली की चार प्रसिद्ध शैलियाँ हैं - आंध्र की थोलू बोम्मलाटा, कर्नाटक की तोगलु गोम्बेयाट्टा, ओडिशा की रावणछाया और केरल की थोलपावकूथु।

विकल्प B गलत है क्योंकि कर्नाटक की शैली तोगलु गोम्बेयाट्टा है। विकल्प C गलत है, केरल में थोलपावकूथु भगवती मंदिरों में होती है। विकल्प D गलत है क्योंकि महाराष्ट्र की परंपरा कलसूत्री बाहुल्य है, जो धागों से चलती है।

परीक्षा टिप: चमड़े की छाया कठपुतली - आंध्र प्रदेश; धागे की कठपुतली - राजस्थान की कठपुतली।

Q17.कला और संस्कृतिकठिन

मध्य प्रदेश की आधुनिक गोंड चित्रकला शैली, जिसे जनगढ़ कलम कहा जाता है, किसके नाम पर है?

  1. A.

    जनगढ़ सिंह श्याम

  2. B.

    भूरी बाई

  3. C.

    सीता देवी

  4. D.

    गंगा देवी

उत्तर देखें

सही उत्तर: A.

जनगढ़ सिंह श्याम

व्याख्या

सही उत्तर A, जनगढ़ सिंह श्याम है। मध्य प्रदेश के पाटनगढ़ के जनगढ़ सिंह श्याम ने गोंड भित्ति और भूमि अलंकरण को कागज़ तथा कैनवास पर पहुँचाया, और अपने पशुओं, वृक्षों तथा देवताओं को बिंदुओं और रेखाओं से भरा, और उनके बनाए इस ढंग को उनके नाम पर जनगढ़ कलम कहा जाता है; गोंड चित्रकारों की एक पूरी पीढ़ी ने इसे अपनाया। विकल्प B गलत है क्योंकि भूरी बाई प्रसिद्ध भील चित्रकार हैं, जो इसी संसार के निकट हैं पर जिनके नाम पर यह शैली नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि सीता देवी बिहार के मिथिला की मधुबनी चित्रकार थीं। विकल्प D गलत है क्योंकि गंगा देवी भी मधुबनी चित्रकार थीं, जो अपने कचनी रेखा काम के लिए जानी जाती हैं, और इन दोनों का गोंड परंपरा से कोई संबंध नहीं है।

Q18.कला और संस्कृतिकठिन

किस भारतीय चित्रकार ने लघु फिल्म थ्रू द आइज़ ऑफ ए पेंटर का निर्देशन किया, जिसे 1967 में बर्लिन में लघु फिल्म का गोल्डन बेयर मिला?

  1. A.एफ. एन. सूज़ा
  2. B.एम. एफ. हुसैन
  3. C.सतीश गुजराल
  4. D.कृष्ण खन्ना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एम. एफ. हुसैन

व्याख्या

सही उत्तर B, एम. एफ. हुसैन है। प्रगतिशील कलाकार समूह के संस्थापक सदस्य और भारत का पिकासो कहे जाने वाले मकबूल फिदा हुसैन ने लघु फिल्म थ्रू द आइज़ ऑफ ए पेंटर बनाई, जिसे 1967 के बर्लिन समारोह में लघु फिल्म का गोल्डन बेयर मिला; बाद में उन्होंने गज गामिनी नामक फीचर फिल्म बनाई। वे अपने घोड़ों तथा रामायण और महाभारत श्रृंखलाओं के लिए याद किए जाते हैं, उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण मिले, और वे राज्यसभा के लिए मनोनीत हुए। विकल्प A गलत है क्योंकि समूह के संस्थापक एफ. एन. सूज़ा चित्रकार और लेखक थे जो लंदन चले गए। विकल्प C गलत है क्योंकि सतीश गुजराल चित्रकार, भित्तिचित्रकार और वास्तुकार थे। विकल्प D गलत है क्योंकि समूह के सदस्य कृष्ण खन्ना बैंडवालों के चित्र बनाते थे। हुसैन का जन्म 1915 में महाराष्ट्र के पंढरपुर में हुआ और उन्होंने अपने कार्यजीवन की शुरुआत बॉम्बे में सिनेमा के होर्डिंग रंगने से की थी।

Q19.कला और संस्कृतिमध्यम

वीरता की गाथा गाने वाली विधा पोवाड़ा, जिसमें विशेषकर शिवाजी के पराक्रम का वर्णन होता है, किस राज्य की है?

  1. A.गुजरात
  2. B.महाराष्ट्र
  3. C.कर्नाटक
  4. D.मध्य प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. महाराष्ट्र

व्याख्या

सही उत्तर B, महाराष्ट्र है। पोवाड़ा शाहिर ऊँचे और ओजस्वी स्वर में गाता है और उसमें किसी युद्ध या साहस की कथा होती है; छत्रपति शिवाजी के पराक्रम इसका प्रिय विषय हैं। लावणी, भारुड, गोंधल तथा भक्ति का अभंग भी महाराष्ट्र के ही हैं। विकल्प A गुजरात गरबा, गरबी, कथा कहने की विधा डायरो तथा भवाई रंगमंच के लिए जाना जाता है। विकल्प C कर्नाटक में भावगीते और सुगम संगीत हैं तथा यक्षगान रंगमंच का अपना गायन है। विकल्प D मध्य प्रदेश में फाग और आल्हा हैं, और आल्हा भी एक वीर गाथा है, इसी से यह विकल्प ध्यान खींचता है; पर आल्हा बुंदेलखंड क्षेत्र में आल्हा और ऊदल के पराक्रम की कथा कहता है, शिवाजी की नहीं। महाराष्ट्र की एक और जोड़ी याद रखें: लावणी ढोलकी के साथ गाई और नाची जाती है, जबकि अभंग वारकरी संतों ज्ञानेश्वर और तुकाराम से जुड़ा है।

Q20.कला और संस्कृतिकठिन

रावणछाया, वह छाया कठपुतली रूप जिसमें आकृतियाँ हिरण की खाल से बनती हैं और उनमें जोड़ तथा रंग नहीं होते, किस राज्य का है?

  1. A.आंध्र प्रदेश
  2. B.कर्नाटक
  3. C.ओडिशा
  4. D.बिहार
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सही उत्तर: C. ओडिशा

व्याख्या

सही उत्तर C, ओडिशा है। रावणछाया ओडिशा का छाया कठपुतली रंगमंच है और यह भारतीय छाया परंपराओं में सबसे सादा है: आकृतियाँ हिरण की खाल से काटी जाती हैं, उनमें जोड़ नहीं होते और उन पर रंग नहीं चढ़ाया जाता, इसलिए परदे पर केवल सादी काली छाया पड़ती है, तथा वे किसी भी अन्य परंपरा की कठपुतलियों से छोटी होती हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि आंध्र प्रदेश का छाया रूप थोलू बोम्मलाता है, जिसकी बड़ी रंगीन आकृतियाँ हर दृष्टि से रावणछाया के विपरीत हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि कर्नाटक का छाया रूप तोगलु गोंबेयट्टा है, जिसमें कठपुतली का आकार पात्र की प्रतिष्ठा दर्शाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि बिहार यमपुरी से जुड़ा है, जो दंड कठपुतली रूप है और जिसमें कठपुतलियाँ लकड़ी के एक ही टुकड़े से तराशी जाती हैं।

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