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भारतीय इतिहास पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित – पेज 2

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SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए भारतीय इतिहास के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

166 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q21.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · Paper II SST, 7 Jul 2024मध्यम

मुगलों की वह राजस्व व्यवस्था, जिसमें हर फसल के लिए राजस्व दरों की अपनी अलग सूची होती थी, क्या कहलाती थी?

  1. A.ज़ात
  2. B.इक्ता
  3. C.जागीर
  4. D.ज़ब्त
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ज़ब्त

व्याख्या

सही उत्तर है D, ज़ब्त। अकबर के समय हर प्रांत को राजस्व मंडलों में बाँटा गया और हर मंडल के लिए अलग-अलग फसलों की राजस्व दरों की अपनी सूची बनी; इसी व्यवस्था को ज़ब्त कहा गया। अकबर के राजस्व मंत्री टोडरमल ने 1570 से 1580 तक दस वर्षों की फसल की पैदावार, कीमतों और जोती गई ज़मीन का सावधानी से सर्वेक्षण कराया। इन आँकड़ों के आधार पर हर फसल पर नकद कर तय किया गया। ज़ब्त वहीं लागू हो सका जहाँ मुगल अधिकारी ज़मीन का सर्वेक्षण कर पाते और पक्का हिसाब रख पाते, इसलिए गुजरात और बंगाल जैसे प्रांतों में यह संभव नहीं था। A गलत है क्योंकि ज़ात मनसबदार का पद था, जिससे उसका दर्जा और वेतन तय होता था, यह कर व्यवस्था नहीं थी। B गलत है क्योंकि इक्ता दिल्ली सल्तनत के समय की भूमि-सौंप थी, जिसके धारक इक्तादार या मुक्ती कहलाते थे। C गलत है क्योंकि जागीर वह राजस्व-सौंप थी जो मनसबदार को नकद वेतन के बदले दी जाती थी। परीक्षा टिप: टोडरमल, 1570 से 1580 का दस वर्षीय सर्वेक्षण, हर फसल की नकद दर = ज़ब्त।

Q22.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · Paper II SST, 21 Jan 2024आसान

गेहूँ और जौ जैसी फसलें उगाने के सबसे पुराने साक्ष्य निम्नलिखित में से किस स्थान पर मिलते हैं? सही विकल्प चुनिए।

  1. A.नीलगिरि की पहाड़ियाँ
  2. B.गारो की पहाड़ियाँ
  3. C.मालाबार की पहाड़ियाँ
  4. D.सुलेमान और किरथर की पहाड़ियाँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सुलेमान और किरथर की पहाड़ियाँ

व्याख्या

सही उत्तर है D, सुलेमान और किरथर की पहाड़ियाँ। उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिम में, आज के पाकिस्तान में स्थित ये पहाड़ियाँ उन जगहों में हैं जहाँ लोगों ने सबसे पहले गेहूँ और जौ उगाना शुरू किया। NCERT की कक्षा 6 की इतिहास की किताब बताती है कि यह लगभग 8000 साल पहले हुआ, जब यहाँ के लोगों ने भेड़, बकरी और गाय-बैल पालना और गाँवों में बसना भी शुरू किया। इसी क्षेत्र में बोलन दर्रे के पास उपजाऊ मैदान में बसा मेहरगढ़ हमें ज्ञात सबसे पुराने खेतिहर गाँवों में से एक है। A गलत है क्योंकि सुदूर दक्षिण की नीलगिरि पहाड़ियाँ गेहूँ-जौ की पहली खेती से नहीं जुड़ी हैं। B गलत है क्योंकि उत्तर-पूर्व की गारो पहाड़ियों को खेती के विकास वाले क्षेत्रों में गिना जाता है, पर गेहूँ और जौ के सबसे पुराने साक्ष्य वहाँ के नहीं हैं। C गलत है क्योंकि दक्षिण-पश्चिमी तट का मालाबार क्षेत्र गेहूँ-जौ की खेती का आरंभ-स्थल नहीं है। परीक्षा टिप: पहला गेहूँ-जौ – सुलेमान और किरथर पहाड़ियाँ; सबसे पुराना खेतिहर गाँव – बोलन दर्रे के पास मेहरगढ़।

Q23.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · Paper II SST, 21 Jan 2024मध्यम

हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है? सही विकल्प चुनिए:

  1. A.HSRA के सदस्यों ने पुलिस अधिकारी सॉन्डर्स की हत्या की थी।
  2. B.भगत सिंह और उनके साथियों ने इस संगठन की स्थापना की थी।
  3. C.इसकी स्थापना 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में हुई थी।
  4. D.इसकी स्थापना 1928 में पंजाब के अमृतसर में हुई थी।
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. इसकी स्थापना 1928 में पंजाब के अमृतसर में हुई थी।

व्याख्या

सही उत्तर है D, इसकी स्थापना 1928 में पंजाब के अमृतसर में हुई थी। यही कथन गलत है, क्योंकि HSRA की स्थापना अमृतसर में नहीं, दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में हुई थी। 1928 में भगत सिंह, सुखदेव और दूसरे युवा क्रांतिकारी दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में मिले और हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन को हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन में बदल दिया। नाम में 'सोशलिस्ट' शब्द बताता था कि वे आज़ादी के साथ शोषण-मुक्त समाज भी चाहते थे। दिसंबर 1928 में इसके सदस्यों ने लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए लाहौर में पुलिस अधिकारी सॉन्डर्स को गोली मारी। A सही कथन है, क्योंकि सॉन्डर्स को भगत सिंह और राजगुरु ने मारा था। B भी सही है, क्योंकि संगठन भगत सिंह और उनके साथियों ने बनाया था। C भी सही है, क्योंकि स्थापना दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में ही हुई थी। परीक्षा टिप: HRA – 1924, कानपुर; HSRA – 1928, फिरोजशाह कोटला, दिल्ली।

Q24.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · Paper II SST, 21 Jan 2024मध्यम

बाल विवाह निरोधक अधिनियम 1929 में पारित हुआ था। इस अधिनियम के अनुसार पुरुषों और महिलाओं के लिए विवाह की न्यूनतम आयु क्रमशः कितनी तय की गई थी?

  1. A.17 वर्ष और 15 वर्ष
  2. B.20 वर्ष और 18 वर्ष
  3. C.18 वर्ष और 14 वर्ष
  4. D.21 वर्ष और 18 वर्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 18 वर्ष और 14 वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर है C, 18 वर्ष और 14 वर्ष। 1929 के इस कानून ने पुरुषों और महिलाओं के विवाह की यही न्यूनतम आयु तय की थी। इसे शारदा अधिनियम भी कहते हैं, क्योंकि यह विधेयक हरबिलास शारदा ने केंद्रीय विधान सभा में रखा था। कानून 1929 में पारित हुआ और 1 अप्रैल 1930 से लागू हुआ, और यह सभी धर्मों के लोगों पर लागू था। NCERT की इतिहास की किताब इसे बाल विवाह के खिलाफ सुधारकों के लंबे अभियान का अहम पड़ाव मानती है। स्वतंत्र भारत ने 1978 में यह सीमा पुरुषों के लिए 21 वर्ष और महिलाओं के लिए 18 वर्ष कर दी, और बाद में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 ने पुराने कानून की जगह ली। A गलत है क्योंकि इस कानून ने 17 और 15 वर्ष की आयु तय नहीं की थी। B गलत है क्योंकि 20 और 18 वर्ष इस कानून की आयु कभी नहीं रही। D गलत है क्योंकि 21 और 18 वर्ष 1978 के संशोधन से आए, 1929 में नहीं। परीक्षा टिप: शारदा अधिनियम 1929 – लड़के 18, लड़कियाँ 14; 1978 का संशोधन – 21 और 18।

Q25.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · Paper II SST, 21 Jan 2024आसान

'स्त्रीपुरुषतुलना' पुस्तक निम्नलिखित में से किस समाज सुधारक ने लिखी थी?

  1. A.ई.वी. रामास्वामी नायकर (पेरियार)
  2. B.पंडिता रमाबाई
  3. C.वीरेशलिंगम पंतुलु
  4. D.ताराबाई शिंदे
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ताराबाई शिंदे

व्याख्या

सही उत्तर है D, ताराबाई शिंदे। उन्होंने 1882 में मराठी में 'स्त्रीपुरुषतुलना' लिखी, जिसका अर्थ है 'स्त्री और पुरुष की तुलना'। ताराबाई शिंदे ने पूना में घर पर ही पढ़ाई की थी और उनकी किताब ने समाज में स्त्री और पुरुष के बीच होने वाले भेदभाव की खुलकर आलोचना की। किताब पूछती है कि जो समाज पुरुषों की गलतियाँ माफ कर देता है, वही महिलाओं को इतनी कड़ी सजा क्यों देता है, इसीलिए इसे भारत के शुरुआती नारीवादी लेखन में गिना जाता है। NCERT की कक्षा 8 की इतिहास की किताब में इसका ज़िक्र पंडिता रमाबाई के काम के साथ आता है। A गलत है क्योंकि पेरियार ने तमिल क्षेत्र में आत्मसम्मान आंदोलन चलाया और जाति पर प्रहार किया। B गलत है क्योंकि संस्कृत की विदुषी पंडिता रमाबाई ने ऊँची जातियों की हिंदू महिलाओं की दुर्दशा पर लिखा और पूना में विधवा आश्रम खोला। C गलत है क्योंकि वीरेशलिंगम पंतुलु ने मद्रास प्रेसिडेंसी के तेलुगु भाषी इलाकों में विधवा पुनर्विवाह के लिए संगठन बनाया। परीक्षा टिप: ताराबाई शिंदे – स्त्रीपुरुषतुलना (1882); ज्योतिराव फुले – गुलामगिरी (1873)।

Q26.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 70th CCE Pre, 13 Dec 2024आसान

प्राचीन बिहार में 'हर्यक वंश' की स्थापना निम्नलिखित में से किस महान शासक ने की थी?

  1. A.बिंबिसार
  2. B.बृहद्रथ
  3. C.अजातशत्रु
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बिंबिसार

व्याख्या

सही उत्तर है A, बिंबिसार। बिंबिसार ने मगध में हर्यक वंश की नींव रखी और मगध को सोलह महाजनपदों में सबसे शक्तिशाली बनाने की शुरुआत की। उनकी राजधानी राजगृह थी, जो आज नालंदा जिले का राजगीर है, और वे गौतम बुद्ध के समकालीन व प्रशंसक थे। उन्होंने विवाह-संबंधों से अपनी शक्ति बढ़ाई: कोशल की राजकुमारी से, जो दहेज में काशी लाई; वैशाली के लिच्छवियों की चेल्लना से; और मद्र की खेमा से। उन्होंने आज के भागलपुर के आसपास का अंग राज्य भी जीता, जिससे गंगा के व्यापार पर मगध का नियंत्रण हो गया। विकल्प B गलत है, क्योंकि बृहद्रथ ने मगध के पुराने वंश की स्थापना की थी, जिससे जरासंध जुड़ा था। विकल्प C गलत है, क्योंकि अजातशत्रु बिंबिसार के पुत्र और उत्तराधिकारी थे, संस्थापक नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस वंश की स्थापना केवल एक शासक, बिंबिसार ने की। परीक्षा टिप: हर्यक वंश का क्रम बिंबिसार, अजातशत्रु, उदयिन; उदयिन ने राजधानी पाटलिपुत्र ले जाई।

Q27.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 16 Jun 2024मध्यम

प्राचीन भारत के संदर्भ में, गौतम बुद्ध सामान्यतः निम्नलिखित में से किन उपाधियों से जाने जाते थे?

1. नायपुत्त

2. शाक्यमुनि

3. तथागत

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.1, 2 और 3
  4. D.उपर्युक्त में से कोई भी गौतम बुद्ध की उपाधि नहीं है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केवल 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2 और 3। शाक्यमुनि और तथागत बुद्ध की उपाधियाँ हैं, जबकि नायपुत्त महावीर का नाम है। शाक्यमुनि का अर्थ है 'शाक्यों के मुनि', यानी कपिलवस्तु का वह कुल जिसमें सिद्धार्थ जन्मे थे। तथागत का अर्थ है 'जो इस प्रकार चला गया', और पालि ग्रंथों में बुद्ध स्वयं के लिए यही शब्द प्रयोग करते हैं। नायपुत्त (नातपुत्त) का अर्थ है 'नाय या ज्ञातृक कुल का पुत्र', और बौद्ध ग्रंथ महावीर को निगंठ नातपुत्त कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सूची में नायपुत्त ही वह नाम है जो बुद्ध का नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह दो सही उपाधियों के साथ नायपुत्त भी जोड़ देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि तीन में से दो नाम सचमुच बुद्ध की उपाधियाँ हैं। बुद्ध की अन्य उपाधियाँ सुगत और भगवत हैं, जबकि महावीर को जिन और वर्धमान भी कहा जाता है। परीक्षा टिप: शाक्यमुनि और तथागत यानी बुद्ध, निगंठ नातपुत्त यानी महावीर।

Q28.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 27 Jun 2024, Shift 2आसान

लॉर्ड डलहौज़ी द्वारा अवध का विलय किस वर्ष हुआ?

  1. A.1857
  2. B.1850
  3. C.1856
  4. D.1858
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1856

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1856। लॉर्ड डलहौज़ी ने फरवरी 1856 में, 1848 से 1856 तक चले अपने गवर्नर जनरल काल के अंतिम सप्ताहों में, अवध का विलय किया। इसका आधार कुशासन बताया गया, व्यपगत सिद्धांत नहीं: नवाब वाजिद अली शाह के उत्तराधिकारी थे, इसलिए अंग्रेज़ों ने उनके शासन को भ्रष्ट घोषित करके उन्हें हटाया और कलकत्ता भेज दिया। इससे बंगाल सेना के उन बहुत से सिपाहियों में रोष फैला जो अवध से आते थे, और यह 1857 के विद्रोह का एक कारण बना, जिसमें बेगम हज़रत महल ने लखनऊ में संघर्ष का नेतृत्व किया। A गलत है क्योंकि 1857 स्वयं विद्रोह का वर्ष है, जो विलय के एक साल बाद भड़का। B गलत है क्योंकि 1850 के आसपास डलहौज़ी व्यपगत सिद्धांत से छोटे राज्य ले रहे थे, जैसे 1848 में सतारा और 1853 में झाँसी, पर अवध तब तक नहीं छुआ गया था। D गलत है क्योंकि 1858 में भारत सरकार अधिनियम से कंपनी का शासन खत्म हुआ और ताज ने शासन संभाला। परीक्षा टिप: अवध 1856 में कुशासन के आरोप पर; सतारा, झाँसी और नागपुर व्यपगत सिद्धांत से।

Q29.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 27 Jun 2024, Shift 3मध्यम

ब्रिटिश भारत के निम्नलिखित में से कौन-से गवर्नर जनरल स्वतंत्र प्रेस के पक्ष में थे और उन्होंने 1823 के प्रेस विनियमों को रद्द किया?

  1. A.लॉर्ड लिटन
  2. B.लॉर्ड मेटकाफ
  3. C.लॉर्ड रिपन
  4. D.लॉर्ड एलनबरो
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लॉर्ड मेटकाफ

व्याख्या

सही उत्तर है B, लॉर्ड मेटकाफ। कार्यवाहक गवर्नर जनरल सर चार्ल्स मेटकाफ ने 1835 के प्रेस अधिनियम से 1823 के लाइसेंस विनियम रद्द किए, इसलिए उन्हें 'भारतीय प्रेस का मुक्तिदाता' कहा जाता है। 1823 के विनियम कार्यवाहक गवर्नर जनरल जॉन एडम ने लगाए थे, जिनके तहत हर छापेखाने को सरकारी लाइसेंस लेना पड़ता था, जिसे कभी भी वापस लिया जा सकता था। मेटकाफ ने इसकी जगह सरल नियम रखा: मुद्रक या प्रकाशक को केवल छापेखाने का पता घोषित करना होता था। A गलत है क्योंकि लॉर्ड लिटन ने उलटा काम किया; उन्होंने 1878 का वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट पास किया, जिसे 'मुँह बंद करने वाला कानून' कहा गया। C गलत है क्योंकि लॉर्ड रिपन ने 1882 में लिटन का वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट रद्द किया, 1823 के विनियम नहीं। D गलत है क्योंकि 1842 से 1844 तक गवर्नर जनरल रहे लॉर्ड एलनबरो सिंध के विलय के लिए जाने जाते हैं, प्रेस की आज़ादी के लिए नहीं। परीक्षा टिप: एडम 1823 ने रोका, मेटकाफ 1835 ने खोला, लिटन 1878 ने फिर रोका, रिपन 1882 ने फिर खोला।

Q30.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA (I) 2024, 21 Apr 2024मध्यम

भारतीय इतिहास में शासकों के नाम और चित्र वाले पहले सिक्के किसने जारी किए?

  1. A.मौर्य
  2. B.पुष्यभूति
  3. C.गुप्त
  4. D.हिंद-यवन (Indo-Greeks)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. हिंद-यवन (Indo-Greeks)

व्याख्या

सही उत्तर है D, हिंद-यवन (Indo-Greeks)। लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से भारत के उत्तर-पश्चिम पर राज करने वाले हिंद-यवन राजा भारतीय इतिहास में पहले थे जिन्होंने सिक्कों पर शासक का नाम और चित्र अंकित किया; एक ओर यूनानी लेख और दूसरी ओर खरोष्ठी लिपि में प्राकृत होती थी। मिनांडर (मिलिंद) के सिक्के सबसे प्रसिद्ध हैं, जो बौद्ध ग्रंथ मिलिंदपन्हो में आते हैं। सिक्कों पर राजा का मुख और नाम रखने की यह परंपरा बाद में कुषाणों और गुप्तों ने अपनाई। तीस से अधिक हिंद-यवन राजाओं के नाम मुख्यतः इन्हीं सिक्कों से पता चलते हैं, जिनमें से अधिकांश के बारे में और कोई स्रोत नहीं है। A, मौर्यों ने आहत (punch-marked) चाँदी के सिक्के चलाए, जिन पर प्रतीक थे, नाम या चित्र नहीं। B, थानेसर और कन्नौज के पुष्यभूति, हर्ष का वंश, बहुत बाद, छठी-सातवीं शताब्दी ई. में आए। C, गुप्तों ने राजा के चित्र वाले सुंदर स्वर्ण दीनार चलाए, पर वे हिंद-यवन और कुषाण उदाहरण के अनुयायी थे। परीक्षा टिप: शासक के नाम और चित्र वाले पहले सिक्के = हिंद-यवन; बड़ी मात्रा में पहले स्वर्ण सिक्के = कुषाण; आहत सिक्के = मौर्य।

Q31.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA (II) 2024, 1 Sep 2024आसान

तक्षशिला प्राचीन भारत के निम्नलिखित में से किस महाजनपद की राजधानी थी?

  1. A.कुरु
  2. B.काशी
  3. C.गांधार
  4. D.अवंति
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. गांधार

व्याख्या

सही उत्तर है C, गांधार। बौद्ध ग्रंथों में छठी शताब्दी ईसा पूर्व के सोलह महाजनपद गिनाए गए हैं, और उत्तर-पश्चिम में पेशावर व रावलपिंडी क्षेत्र वाले गांधार की राजधानी तक्षशिला थी, जो आज पाकिस्तान में इस्लामाबाद के पास है। तक्षशिला उत्तरापथ व्यापार मार्ग पर थी और विद्या का प्रसिद्ध केंद्र बनी, जिसे परंपरा पाणिनि, चाणक्य और वैद्य जीवक से जोड़ती है। इसके खंडहर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं। बाद में कुषाणों के समय गांधार कला शैली के लिए भी यह क्षेत्र प्रसिद्ध हुआ। A, कुरु, की राजधानी दिल्ली के पास इंद्रप्रस्थ थी और हस्तिनापुर दूसरा केंद्र था। B, काशी, की राजधानी वाराणसी थी। D, अवंति, मालवा में था, जिसकी राजधानी उज्जैन और दक्षिण में महिष्मती थी। परीक्षा टिप: जोड़ों में याद रखें: गांधार-तक्षशिला, अवंति-उज्जैन, कोसल-श्रावस्ती, वत्स-कौशांबी, और मगध-राजगीर, बाद में पाटलिपुत्र।

Q32.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 29 Oct 2024, Shift 3आसान

297 ईसा पूर्व में चंद्रगुप्त मौर्य का उत्तराधिकारी कौन-सा शासक बना?

  1. A.कुमारगुप्त
  2. B.बिंदुसार
  3. C.अशोक
  4. D.कनिष्क
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बिंदुसार

व्याख्या

सही उत्तर है B, बिंदुसार। बिंदुसार चंद्रगुप्त मौर्य का पुत्र था और लगभग 297 ईसा पूर्व में मौर्य साम्राज्य का दूसरा शासक बना; उसने लगभग 273 ईसा पूर्व तक शासन किया। यूनानी लेखकों ने उसे अमित्रोकेट्स कहा, जो संस्कृत के 'अमित्रघात' से बना है, यानी शत्रुओं का नाश करने वाला। उसने पश्चिम एशिया के यूनानी राज्यों से मित्रता बनाए रखी और यूनानी राजदूत डाइमेकस पाटलिपुत्र में उसके दरबार में रहा। माना जाता है कि उसने साम्राज्य को दक्कन तक फैलाया, और उसका पुत्र अशोक गद्दी पर बैठने से पहले उज्जैन का वायसराय था। A गलत है क्योंकि कुमारगुप्त प्रथम पांचवीं सदी ईस्वी का गुप्त शासक था, जिसे नालंदा की स्थापना के लिए याद किया जाता है। C गलत है क्योंकि अशोक बिंदुसार का पुत्र था और लगभग 273 ईसा पूर्व में उसका उत्तराधिकारी बना, राज्याभिषेक 268 ईसा पूर्व में हुआ। D गलत है क्योंकि कनिष्क कुषाण राजा था जिसने 78 ईस्वी से शासन किया, उसी वर्ष से शक संवत शुरू होता है। परीक्षा टिप: मौर्य क्रम चंद्रगुप्त (322 ईसा पूर्व), बिंदुसार (297 ईसा पूर्व), अशोक (273 ईसा पूर्व); पिता, पुत्र, पौत्र।

Q33.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 14 Nov 2024, Shift 3आसान

पानीपत का पहला युद्ध (1526) किसकी शुरुआत का प्रतीक था?

  1. A.भारत में फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन
  2. B.भारत में मुगल शासन
  3. C.भारत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन
  4. D.भारत में सल्तनत का शासन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारत में मुगल शासन

व्याख्या

सही उत्तर है B, भारत में मुगल शासन। 21 अप्रैल 1526 को बाबर ने दिल्ली के अंतिम सुल्तान इब्राहिम लोदी को आज के हरियाणा के पानीपत में हराया; इस जीत से दिल्ली सल्तनत खत्म हुई और भारत में मुगल शासन शुरू हुआ। बाबर की सेना बहुत छोटी थी, पर उसने उस्ताद अली और मुस्तफा जैसे तुर्क विशेषज्ञों की तोपों और दुश्मन को दोनों ओर से घेरने की 'तुलुगमा' रणनीति से जीत हासिल की। पानीपत में दो और निर्णायक युद्ध हुए: 1556 में अकबर के सेनापति बैरम खान ने हेमू को हराया और 1761 में अहमद शाह अब्दाली ने मराठों को हराया। A गलत है क्योंकि फ्रांसीसियों ने भारत पर कभी शासन नहीं किया; 1760 के वांडिवाश युद्ध से उनकी ताकत खत्म हो गई। C गलत है क्योंकि ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन 1757 के प्लासी युद्ध के बाद शुरू हुआ। D गलत है क्योंकि दिल्ली सल्तनत 1206 में कुतुबुद्दीन ऐबक से शुरू हुई थी और पानीपत में 1526 में खत्म हुई। परीक्षा टिप: पानीपत 1526 में बाबर ने इब्राहिम लोदी को, 1556 में अकबर ने हेमू को, 1761 में अब्दाली ने मराठों को हराया।

Q34.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 05 Jul 2024, Shift 4कठिन

निम्नलिखित में से किस चोल सम्राट ने वेल्लोर के युद्ध में पांड्य राजा मारवर्मन राजसिंह द्वितीय को हराया था?

  1. A.राजराज प्रथम
  2. B.परांतक प्रथम
  3. C.राजेंद्र प्रथम
  4. D.विजयालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. परांतक प्रथम

व्याख्या

सही उत्तर है B, परांतक प्रथम। आदित्य प्रथम के पुत्र परांतक प्रथम (907 से 955 ईस्वी) ने लगभग 915 ईस्वी में वेल्लूर (वेल्लोर) के युद्ध में पांड्य राजा मारवर्मन राजसिंह द्वितीय और उसके श्रीलंकाई सहयोगियों को हराया और 'मदुरैकोंड' यानी 'मदुरै का विजेता' उपाधि ली। उसके शासन की पहचान 919 और 921 ईस्वी के उत्तरमेरुर अभिलेखों से भी है, जो बताते हैं कि गाँव की सभाएँ लॉटरी से कैसे चुनी जाती थीं, और उसने चिदंबरम के नटराज मंदिर को सोने से मढ़वाया। शासन के अंत में वह तक्कोलम के युद्ध (949 ईस्वी) में राष्ट्रकूट राजा कृष्ण तृतीय से हारा, जिसमें उसका पुत्र राजादित्य मारा गया। विकल्प A गलत है क्योंकि राजराज प्रथम (985 से 1014 ईस्वी) बाद में आया और तंजावुर के बृहदीश्वर मंदिर के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि राजेंद्र प्रथम ने गंगा अभियान किया और 'गंगैकोंड चोल' उपाधि ली। विकल्प D गलत है क्योंकि विजयालय ने लगभग 850 ईस्वी में तंजावुर जीतकर चोल साम्राज्य की नींव रखी थी, इस युद्ध से पहले। परीक्षा टिप: वेल्लूर = परांतक प्रथम (मदुरैकोंड), तक्कोलम = कृष्ण तृतीय से चोल हार।

Q35.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 21 Jul 2023, Shift 2मध्यम

दिल्ली के निम्नलिखित सुल्तानों में से किसने सिजदा और पायबोस की प्रथा शुरू की थी?

  1. A.मुहम्मद बिन तुगलक
  2. B.नासिरुद्दीन महमूद
  3. C.ग्यासुद्दीन बलबन
  4. D.कुतुबुद्दीन ऐबक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ग्यासुद्दीन बलबन

व्याख्या

सही उत्तर है C, ग्यासुद्दीन बलबन। 1266 से 1287 तक शासन करने वाले बलबन ने फारसी दरबारी परंपरा से सिजदा, यानी सुल्तान के सामने झुककर अभिवादन, और पायबोस, यानी उसके पैर चूमना, दिल्ली के दरबार में शुरू किया। ये प्रथाएँ उसकी राजत्व की धारणा के अनुरूप थीं, जिसमें सुल्तान को जिल्ले-इलाही अर्थात् धरती पर ईश्वर की छाया माना जाता था और उसे अमीरों से कहीं ऊपर रखा जाता था। उसने फारसी त्योहार नौरोज भी मनाया, चालीस अमीरों के गुट चालीसा की शक्ति समाप्त की और विद्रोहियों के विरुद्ध रक्त और लौह की नीति अपनाई। विकल्प A गलत है क्योंकि मुहम्मद बिन तुगलक सांकेतिक मुद्रा और दौलताबाद राजधानी स्थानांतरण के लिए जाना जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि नासिरुद्दीन महमूद के शासन में वास्तविक शक्ति नायब के रूप में बलबन के हाथ में थी। विकल्प D गलत है क्योंकि कुतुबुद्दीन ऐबक ने गुलाम वंश की नींव रखी और वह लाखबख्श कहलाता था। परीक्षा टिप: बलबन - सिजदा, पायबोस, नौरोज और जिल्ले-इलाही।

Q36.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 21 March, 2023, Shift 2मध्यम

______ के पिट्स इंडिया एक्ट ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के वाणिज्यिक और राजनीतिक कार्यों के बीच भेद किया।

  1. A.1818
  2. B.1792
  3. C.1784
  4. D.1802
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1784

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1784। पिट्स इंडिया एक्ट ब्रिटिश संसद ने 1784 में पारित किया, जिसका नाम प्रधानमंत्री विलियम पिट (छोटे) के नाम पर पड़ा, और इसने ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापारिक कार्यों को उसके राजनीतिक कार्यों से अलग कर दिया। व्यापार निदेशक मंडल के पास रहा, जबकि भारत के असैनिक, सैनिक और राजस्व मामलों की जिम्मेदारी छह सदस्यों वाले नियंत्रण बोर्ड को दी गई, जो ब्रिटिश सरकार के प्रति उत्तरदायी था। यहीं से कंपनी और ब्रिटिश ताज की द्वैध शासन व्यवस्था शुरू हुई, जो 1858 के भारत शासन अधिनियम तक चली, और पहली बार 'भारत में ब्रिटिश अधिकार क्षेत्र' शब्द का प्रयोग हुआ। इस अधिनियम ने 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट की कमियों को दूर किया, जिसने वॉरेन हेस्टिंग्स को बंगाल का गवर्नर-जनरल बनाया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1818 में तीसरा आंग्ल-मराठा युद्ध समाप्त हुआ। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1792 में ऐसा कोई अधिनियम नहीं आया। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1802 बसीन की संधि का वर्ष है। परीक्षा टिप: रेग्युलेटिंग एक्ट 1773, फिर पिट्स इंडिया एक्ट 1784 - नियंत्रण बोर्ड और द्वैध शासन।

Q37.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 1मध्यम

रजिया को दिल्ली सल्तनत की गद्दी से किस वर्ष हटाया गया था?

  1. A.1244
  2. B.1240
  3. C.1238
  4. D.1236
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1240

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1240। रजिया सुल्तान को 1240 में दिल्ली की गद्दी से हटाया गया और उसी वर्ष उनकी हत्या कर दी गई। वे इल्तुतमिश की पुत्री थीं, जिन्होंने अपने पुत्रों के स्थान पर उन्हें उत्तराधिकारी बनाया था, और उन्होंने 1236 से 1240 तक शासन किया। दिल्ली सल्तनत की गद्दी पर बैठने वाली वे एकमात्र महिला थीं। उन्होंने पर्दा त्याग दिया, पुरुषों के वस्त्रों में दरबार किया और स्वयं युद्ध में गईं; उन्होंने अबीसीनियाई अमीर जमालुद्दीन याकूत को ऊंचा पद दिया, जो तुर्की सरदारों के दल चालीसा को स्वीकार नहीं हुआ। भटिंडा के सूबेदार अल्तूनिया ने विद्रोह किया; रजिया ने उससे विवाह कर लिया, किंतु दोनों उनके भाई बहराम शाह के समर्थकों से पराजित होकर कैथल के पास मारे गए। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1244 अलाउद्दीन मसूद शाह के शासनकाल में आता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1238 उनके शासन के बीच का वर्ष है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1236 में वे गद्दी पर बैठी थीं। परीक्षा टिप: रजिया का शासन 1236-1240; पतन का कारण तुर्की सरदारों का दल चालीसा।

Q38.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 09 Feb 2023, Shift 4मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा नगर कुषाण साम्राज्य के समय उनकी दूसरी राजधानी के रूप में उभरा?

  1. A.कन्नौज
  2. B.मथुरा
  3. C.पुरुषपुर
  4. D.पाटलिपुत्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मथुरा

व्याख्या

सही उत्तर है B, मथुरा। यमुना तट पर बसा मथुरा कुषाणों की दूसरी राजधानी बना, जबकि उनकी मुख्य राजधानी पुरुषपुर यानी आज का पेशावर थी। सबसे प्रसिद्ध कुषाण शासक कनिष्क के समय, जिसका राज्यारोहण सामान्यतः 78 ईस्वी माना जाता है, साम्राज्य मध्य एशिया से गंगा घाटी तक फैला और मथुरा उसकी पूर्वी सत्ता का केंद्र रहा। यहीं लाल बलुआ पत्थर में मथुरा मूर्तिकला शैली विकसित हुई, जिसने उत्तर-पश्चिम की गांधार शैली के साथ बुद्ध की सबसे प्रारंभिक मूर्तियाँ बनाईं। कनिष्क की एक प्रसिद्ध सिर रहित प्रतिमा मथुरा से मिली है। कुषाणों ने सुंदर स्वर्ण सिक्के भी चलाए और कनिष्क ने कश्मीर में चौथी बौद्ध संगीति बुलाई। विकल्प A गलत है, क्योंकि कन्नौज सातवीं शताब्दी में हर्षवर्धन की राजधानी थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि पुरुषपुर यानी पेशावर पहली और प्रमुख राजधानी थी, दूसरी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पाटलिपुत्र मौर्यों और बाद में गुप्तों की राजधानी थी। परीक्षा टिप: कुषाणों की पहली राजधानी पुरुषपुर और दूसरी मथुरा, तथा कनिष्क ने 78 ईस्वी में शक संवत आरंभ किया।

Q39.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस आंग्ल-मराठा युद्ध के परिणामस्वरूप पेशवा के क्षेत्र बंबई प्रेसीडेंसी में मिला दिए गए थे?

  1. A.चौथा
  2. B.तीसरा
  3. C.दूसरा
  4. D.पहला
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तीसरा

व्याख्या

सही उत्तर है B, तीसरा। तीसरा आंग्ल-मराठा युद्ध 1817-18 में लॉर्ड हेस्टिंग्स के समय लड़ा गया और इसी से मराठा शक्ति समाप्त हुई। पेशवा बाजीराव द्वितीय खड़की, कोरेगाँव और अष्टी में पराजित हुआ, पेशवा का पद ही समाप्त कर दिया गया और पूना के आसपास के उसके क्षेत्र लेकर बंबई प्रेसीडेंसी में मिला दिए गए। बाजीराव द्वितीय को पेंशन देकर कानपुर के पास बिठूर भेज दिया गया और शिवाजी के वंशज के लिए सतारा में एक छोटा राज्य बना दिया गया। इसके बाद ईस्ट इंडिया कंपनी भारत की सर्वोपरि शक्ति बन गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि चौथा आंग्ल-मराठा युद्ध हुआ ही नहीं; मराठों ने तीन युद्ध लड़े। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1803-05 का दूसरा युद्ध बसीन की संधि के बाद हुआ और उसमें मराठों ने ओडिशा, दिल्ली तथा आगरा खोए, पर पेशवा अपने पद पर बना रहा। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1775-82 का पहला युद्ध सालबाई की संधि से समाप्त हुआ, जिसने युद्ध से पहले की स्थिति बहाल कर दी। परीक्षा टिप: सालबाई 1782, बसीन 1802, पेशवा पद समाप्त 1818।

Q40.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 22 Nov 2023, S1मध्यम

दिल्ली के सुल्तानों ने उस क्षेत्र में कई नगर बसाए जिसे आज दिल्ली कहा जाता है। निम्नलिखित में से कौन-सा उन्होंने नहीं बनवाया था?

  1. A.सीरी
  2. B.जहाँपनाह
  3. C.लाल कोट
  4. D.तुगलकाबाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लाल कोट

व्याख्या

सही उत्तर है C, लाल कोट। लाल कोट दिल्ली सल्तनत के शुरू होने से पहले तोमर राजपूतों ने बनवाया था। तोमर राजा अनंगपाल को 11वीं शताब्दी में यह किला बनवाने का श्रेय दिया जाता है, और इसे दिल्ली के 'शहरों' में पहला माना जाता है। बाद में पृथ्वीराज चौहान के समय चौहानों ने इसे बढ़ाकर किला राय पिथौरा बनाया। कुतुबुद्दीन ऐबक ने जब दिल्ली जीती, तो सुल्तानों ने पहले यहीं से शासन किया, और महरौली का कुतुब मीनार परिसर इसी पुराने किले के क्षेत्र में है। विकल्प A गलत है, क्योंकि सीरी को अलाउद्दीन खिलजी ने लगभग 1303 में मंगोलों से बचाव के लिए सैनिक नगर के रूप में बनवाया। विकल्प B गलत है, क्योंकि जहाँपनाह मुहम्मद बिन तुगलक ने बनवाया, जिसने किला राय पिथौरा और सीरी के बीच के क्षेत्र को दीवार से घेरा। विकल्प D गलत है, क्योंकि तुगलकाबाद को तुगलक वंश के संस्थापक गयासुद्दीन तुगलक ने 1320 के दशक में बनवाया। परीक्षा टिप: लाल कोट (तोमर) → सीरी (खिलजी) → तुगलकाबाद (गयासुद्दीन) → जहाँपनाह (मुहम्मद बिन तुगलक)।