1919 के रॉलेट एक्ट के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : I. गांधीजी ने प्रस्तावित रॉलेट एक्ट, 1919 के विरुद्ध देशव्यापी सत्याग्रह शुरू किया। II. भारतीय सदस्यों के विरोध के बावजूद यह एक्ट इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल से जल्दबाज़ी में पारित किया गया था। III. इस एक्ट ने सरकार को राजनीतिक गतिविधियों के दमन के लिए अपार शक्तियाँ दीं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल I
- B.केवल III
- C.केवल I और II
- D.I, II और III
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, I, II और III। तीनों कथन रॉलेट एक्ट और उसके विरोध का सही वर्णन करते हैं।
न्यायमूर्ति सिडनी रॉलेट की अध्यक्षता वाली सेडिशन कमेटी की सिफारिश पर बना यह एक्ट मार्च 1919 में इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल से जल्दबाज़ी में पारित किया गया, जबकि सभी निर्वाचित भारतीय सदस्यों ने इसका विरोध किया था; जिन्ना ने विरोध में इस्तीफा दे दिया। इसके तहत सरकार राजनीतिक संदिग्धों को बिना मुकदमे दो वर्ष तक जेल में रख सकती थी, इसलिए इसे काला कानून कहा गया। गांधीजी ने सत्याग्रह सभा बनाई और 6 अप्रैल 1919 को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया, जो उनका पहला अखिल भारतीय आंदोलन था। इसी विरोध के बीच 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर में जलियांवाला बाग हत्याकांड हुआ।
A गलत है, क्योंकि कथन II और III भी सही हैं। B गलत है, क्योंकि इसमें I और II छूट जाते हैं। C गलत है, क्योंकि इसमें III छूट जाता है, जो एक्ट की सबसे विवादित विशेषता थी।
Exam tip: रॉलेट एक्ट मार्च 1919; रॉलेट सत्याग्रह हड़ताल 6 अप्रैल 1919; जलियांवाला बाग 13 अप्रैल 1919।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें1799 में किंग जॉर्ज को बादशाहनामा किसने भेंट किया?
- A.अबुल फ़ज़ल
- B.अब्दुल हमीद लाहौरी
- C.अवध के नवाब
- D.विलियम जोन्स
उत्तर देखें
1799 में अवध के नवाब ने बादशाहनामा की एक चित्रित पांडुलिपि ब्रिटेन के राजा जॉर्ज तृतीय को भेंट की, जो आज विंडसर कैसल की रॉयल लाइब्रेरी में रखी है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1947 का ट्रूमैन सिद्धांत निम्नलिखित में से किसे प्राप्त करने के लिए घोषित किया गया था?
- A.सोवियत संघ (USSR) को रोकना
- B.अमेरिका में कृषि उत्पादन बढ़ाना
- C.यूरोप को मित्रता का प्रस्ताव देना
- D.संयुक्त राष्ट्र संगठन को सुदृढ़ करना
उत्तर देखें
ट्रूमैन सिद्धांत ने साम्यवादी दबाव का विरोध करने वाले देशों को अमेरिकी समर्थन का वचन दिया, ताकि सोवियत प्रभाव का फैलाव रोका जा सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बीसवीं शताब्दी के आरंभ के भारत के निम्नलिखित महिला संगठनों और उनसे जुड़ी प्रमुख व्यक्तियों पर विचार कीजिए:
1. 1917 का वीमेन्स इंडियन एसोसिएशन : मार्गरेट कज़िन्स
2. 1925 की नेशनल काउंसिल ऑफ वीमेन इन इंडिया : सरला देवी चौधरानी
3. 1910 का भारत स्त्री महामंडल : लेडी मेहरबाई टाटा
ऊपर दिए गए युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 2
- D.केवल 1
उत्तर देखें
मार्गरेट कज़िन्स वीमेन्स इंडियन एसोसिएशन की संस्थापकों में थीं, लेकिन युग्म 2 और 3 में जुड़े व्यक्तियों के नाम आपस में बदल दिए गए हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा अभिलेख रेशम बुनकरों की एक श्रेणी (गिल्ड) का इतिहास दर्ज करता है?
- A.हाथीगुम्फा अभिलेख
- B.मंदसौर अभिलेख
- C.कुडुमियामलै अभिलेख
- D.उदयगिरि गुफा अभिलेख
उत्तर देखें
पश्चिमी मध्य प्रदेश के मंदसौर का यह पाँचवीं शताब्दी का संस्कृत अभिलेख बताता है कि रेशम बुनकरों की एक श्रेणी लाट (दक्षिण गुजरात) से दशपुर आकर बसी और उसने सूर्य मंदिर बनवाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पुनर्जागरणकालीन मानववादी संस्कृति के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
- A.इसने मानव जीवन पर धर्म के नियंत्रण को ढीला किया
- B.यह मानती थी कि मानव स्वभाव बहुआयामी है
- C.यह शिष्टाचार से सरोकार रखती थी
- D.इसने भौतिक संपदा, शक्ति और कीर्ति की आलोचना की
उत्तर देखें
पुनर्जागरण के मानववादियों ने धन, शक्ति और कीर्ति की निंदा नहीं की, बल्कि इन्हें मनुष्य के योग्य लक्ष्य माना, इसलिए यही कथन सत्य नहीं है।
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