अपरदन के निम्नलिखित प्रकारों को खेत से होने वाली मृदा हानि के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए: I. अवनालिका अपरदन II. उच्छाल अपरदन III. सरिता अपरदन IV. परत अपरदन। नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए।
- A.IV, I, III, II
- B.II, IV, III, I
- C.III, II, I, IV
- D.II, III, IV, I
उत्तर देखें
जल अपरदन चरणों में आगे बढ़ता है और प्रत्येक चरण पर मृदा की हानि बढ़ती जाती है। उच्छाल अपरदन, जो क्रमांक II है, प्रथम और सबसे मंद है: वर्षा की बूँदें नंगी मृदा पर गिरकर अलग अलग कणों को कुछ सेंटीमीटर दूर उछाल देती हैं।
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