निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में भारत के अन्य क्षेत्रों की तुलना में मौसमी विषमता अधिक है?
- A.भारत के आंतरिक भाग
- B.भारत के तटीय क्षेत्र
- C.भारत के पहाड़ी क्षेत्र
- D.भारत के द्वीप
सही उत्तर
A. भारत के आंतरिक भाग
व्याख्या
सही उत्तर है A, भारत के आंतरिक भाग। देश के आंतरिक भाग में ग्रीष्म और शीत का अंतर सबसे तीखा होता है क्योंकि वे समुद्र से दूर हैं, और इस प्रभाव को महाद्वीपीयता कहते हैं। थल जल की तुलना में जल्दी गर्म और जल्दी ठंडा होता है, इसलिए चूरू, जैसलमेर और नागपुर जैसे स्थान मई में 48 डिग्री सेल्सियस पार कर जाते हैं और जनवरी में हिमांक के निकट पहुंच जाते हैं, जिससे वार्षिक तापांतर 20 डिग्री से अधिक हो जाता है। B गलत है क्योंकि समुद्री समीर मुंबई और चेन्नई जैसे तटीय नगरों का तापमान वर्ष भर सम रखती है। C गलत है क्योंकि पर्वतीय स्थल हर ऋतु में ठंडे रहते हैं, वहां तापमान ऊंचाई से तय होता है। D गलत है क्योंकि अंडमान और लक्षद्वीप चारों ओर जल से घिरे हैं और उनकी जलवायु लगभग सम रहती है। परीक्षा टिप: महाद्वीपीयता वार्षिक तापांतर बढ़ाती है और समुद्र उसे घटाता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंठंडी हिम-वन जलवायु मुख्यतः उत्तरी गोलार्ध के महाद्वीपीय भाग में यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका में ____ उत्तरी अक्षांशों के बीच पाई जाती है।
- A.40°-70°
- B.30°-50°
- C.80°-110°
- D.15°-20°
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 40°-70°
व्याख्या
सही उत्तर है A, 40 से 70 डिग्री। ठंडी हिम-वन जलवायु, जो कोपेन की पद्धति में समूह D है, उत्तरी गोलार्ध के महाद्वीपीय आंतरिक भागों में लगभग 40 से 70 डिग्री उत्तरी अक्षांश के बीच उत्तरी यूरोप, साइबेरिया, कनाडा तथा अलास्का में फैली है। दक्षिणी गोलार्ध में इसका कोई समरूप नहीं है, क्योंकि वहां इन अक्षांशों में कोई बड़ा भूभाग नहीं है। यहां शीत ऋतु लंबी और कठोर होती है तथा सबसे ठंडा माह शून्य से 3 डिग्री सेल्सियस नीचे रहता है, ग्रीष्म छोटी और सुहावनी होती है, और प्राकृतिक आवरण चीड़, फर तथा स्प्रूस के शंकुधारी तैगा वन हैं। इसके दो उपविभाग हैं - Df, जो वर्ष भर आर्द्र रहता है, और Dw, जिसमें शीतकाल शुष्क होता है। B गलत है क्योंकि 30 से 50 डिग्री उष्ण शीतोष्ण C पट्टी है। C गलत है क्योंकि अक्षांश 90 डिग्री से अधिक नहीं हो सकता। D गलत है क्योंकि 15 से 20 डिग्री उष्णकटिबंध में आता है। परीक्षा टिप: समूह D दक्षिणी गोलार्ध में नहीं मिल सकता।
बनिहाल दर्रा निम्नलिखित में से किस हिमालयी श्रेणी में स्थित है?
- A.महान हिमालय
- B.पीर पंजाल
- C.लद्दाख
- D.जास्कर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पीर पंजाल
व्याख्या
सही उत्तर है B, पीर पंजाल। बनिहाल दर्रा पीर पंजाल श्रेणी को पार करता है और जम्मू क्षेत्र तथा कश्मीर घाटी के बीच प्रवेश द्वार है, जहां से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग लगभग 2832 मीटर की ऊंचाई पर गुजरता है। शीत ऋतु में हिमपात इसे बंद कर देता था, इसलिए 1956 में इसके नीचे जवाहर सुरंग बनाई गई, और अब नई बनिहाल-काजीगुंड सुरंग मार्ग को वर्ष भर खुला रखती है। पीर पंजाल लघु हिमालय की सबसे लंबी श्रेणी है और इसमें पीर पंजाल तथा हाजी पीर दर्रे भी हैं। A गलत है क्योंकि महान हिमालय में बुर्जिल और जोजि ला दर्रे हैं। C गलत है क्योंकि लद्दाख श्रेणी में लेह के उत्तर में खारदुंग ला है। D गलत है क्योंकि जास्कर श्रेणी में शिपकी ला है। परीक्षा टिप: बनिहाल और जवाहर सुरंग जम्मू को श्रीनगर से जोड़ते हैं, जोजि ला श्रीनगर को लेह से।
कोपेन के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कोड शुष्क शीतकाल वाली ठंडी जलवायु को दर्शाता है?
- A.EF
- B.Df
- C.ET
- D.Dw
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. Dw
व्याख्या
सही उत्तर है D, Dw। कोपेन की पद्धति में बड़ा अक्षर जलवायु का मुख्य समूह बताता है और छोटे अक्षर वर्षा तथा तापमान का विवरण जोड़ते हैं। D का अर्थ है ठंडी हिम-वन जलवायु और छोटा अक्षर w का अर्थ है शुष्क शीतकाल, इसलिए Dw शुष्क शीतकाल वाली ठंडी जलवायु है, जो मंचूरिया और साइबेरिया सहित उत्तर-पूर्वी एशिया में मिलती है। कोपेन ने पांच मुख्य समूह बनाए: A उष्णकटिबंधीय, B शुष्क, C उष्ण शीतोष्ण, D ठंडी हिम-वन और E ध्रुवीय। A गलत है क्योंकि EF अंटार्कटिका तथा ग्रीनलैंड की हिम-टोप जलवायु है, जहां कोई भी महीना हिमांक से ऊपर नहीं रहता। B गलत है क्योंकि Df में कोई शुष्क ऋतु नहीं होती, वर्षा वर्ष भर होती है। C गलत है क्योंकि ET टुंड्रा जलवायु है, जहां सबसे गर्म माह 0 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। परीक्षा टिप: f का अर्थ वर्ष भर आर्द्र, w शुष्क शीत और s शुष्क ग्रीष्म।
भारत की प्राकृतिक वनस्पति को मोटे तौर पर _______ समूहों में विभाजित किया गया है।
- A.6
- B.5
- C.9
- D.7
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 5
व्याख्या
सही उत्तर है B, 5। मानक पाठ्यपुस्तक वर्गीकरण भारत की प्राकृतिक वनस्पति को पांच समूहों में बांटता है: उष्णकटिबंधीय सदाबहार वर्षावन, उष्णकटिबंधीय पतझड़ या मानसूनी वन, उष्णकटिबंधीय कंटीले वन एवं झाड़ियां, पर्वतीय वन तथा मैंग्रोव या ज्वारीय वन। इसका निर्धारण मुख्यतः वर्षा से होता है, उसके बाद तापमान और ऊंचाई से। सदाबहार वन 200 सेमी से अधिक वर्षा वाले पश्चिमी घाट, पूर्वोत्तर और अंडमान में मिलते हैं; पतझड़ वन 70 से 200 सेमी वर्षा में सबसे अधिक फैले हैं; 70 सेमी से कम वर्षा वाले राजस्थान और शुष्क दक्कन में कंटीले वन होते हैं; हिमालय में ऊंचाई के साथ पर्वतीय वन बदलते हैं; और मैंग्रोव गंगा, महानदी, गोदावरी तथा कृष्णा के डेल्टाओं में हैं। A, C और D गलत हैं क्योंकि ये पांच के इस वर्गीकरण से मेल नहीं खाते। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें - सदाबहार, पतझड़, कंटीले, पर्वतीय, मैंग्रोव।
स्टैलेग्माइट एक विशेष प्रकार का निक्षेप है, जो निम्नलिखित में से किसके कारण बनता है?
- A.हिमनद
- B.पवन
- C.सतही जल
- D.भूमिगत जल
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. भूमिगत जल
व्याख्या
सही उत्तर है D, भूमिगत जल। स्टैलेग्माइट चूना-पत्थर की गुफा के फर्श पर ऊपर से रिसते भूमिगत जल से बनता है, इसलिए इसका कारक भूमिगत जल है। कार्बन डाइऑक्साइड मिला वर्षा जल दरारों से रिसते हुए चूना-पत्थर को घोल लेता है; जब बूंद गुफा में पहुंचकर कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ती है, तो थोड़ा कैल्शियम कार्बोनेट पीछे रह जाता है। हजारों वर्षों में छत से नीचे लटकते निक्षेप स्टैलेक्टाइट और फर्श से ऊपर उठते निक्षेप स्टैलेग्माइट कहलाते हैं, और दोनों मिलकर स्तंभ बना देते हैं। ऐसी गुफाएं और विलय रंध्र कार्स्ट स्थलाकृति का हिस्सा हैं। A गलत है क्योंकि हिमनद हिमोढ़, ड्रमलिन और एस्कर बनाते हैं। B गलत है क्योंकि पवन बालुका स्तूप और लोयस मैदान बनाती है। C गलत है क्योंकि सतही जल डेल्टा, बाढ़ का मैदान और जलोढ़ पंख बनाता है। परीक्षा टिप: स्टैलेक्टाइट छत से लटकता है, स्टैलेग्माइट फर्श से उठता है।