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GK24

कला और संस्कृति GK प्रश्न उत्तर सहित – पेज 33

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SSC, बैंकिंग, UPSC, रेलवे और राज्य परीक्षाओं के लिए कला और संस्कृति के बहुविकल्पीय प्रश्न, उत्तर और व्याख्या के साथ, हर पेज पर 20 प्रश्न।

724 प्रश्न

Q641.कला और संस्कृतिपूछा गया: राजस्थान · 29 Nov 2020मध्यम

किस चित्रशैली में पशु-पक्षियों को महत्वपूर्ण स्थान मिला है?

  1. A.बूंदी शैली
  2. B.नाथद्वारा शैली
  3. C.किशनगढ़ शैली
  4. D.बीकानेर शैली
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बूंदी शैली

हाड़ौती क्षेत्र की बूंदी शैली ही अपने चित्रों को पशु-पक्षियों और घने हरे जंगल से भर देती है।

Q642.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 Feb 2019, Shift 1मध्यम

पित्रा दूरा, वास्तुकला की जड़ाई तकनीक, निम्नलिखित में से किस स्मारक में देखी जा सकती है?

  1. A.ताजमहल
  2. B.इंडिया गेट
  3. C.चारमीनार
  4. D.गेटवे ऑफ इंडिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ताजमहल

पित्रा दूरा इतालवी शब्द है, जिसका अर्थ कठोर पत्थर है; इस कला में रंगीन उपरत्नों को काटकर संगमरमर में जड़ा जाता है और फूल-पत्तियों की आकृतियाँ बनाई जाती हैं।

Q643.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 7 March 2019, Shift 1कठिन

दबू छपाई, जिसमें कपड़े पर महीन आकृतियों में मिट्टी लगाकर उसे रंग में डुबोया जाता है, भारत के किस राज्य में की जाती है?

  1. A.राजस्थान
  2. B.ओडिशा
  3. C.आंध्र प्रदेश
  4. D.असम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. राजस्थान

दबू राजस्थान की मिट्टी अवरोध वाली हाथ की ठप्पा छपाई है, जो मुख्य रूप से चित्तौड़गढ़ के आकोला तथा जयपुर के पास बगरू और सांगानेर में की जाती है।

Q644.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 Feb 2019, Shift 1आसान

लावणी किस राज्य का लोक नृत्य है?

  1. A.महाराष्ट्र
  2. B.राजस्थान
  3. C.गुजरात
  4. D.बिहार
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. महाराष्ट्र

लावणी महाराष्ट्र का सबसे प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जिसे महिलाएँ नौ गज की साड़ी पहनकर ढोलकी की थाप पर करती हैं।

Q645.कला और संस्कृतिआसान

भारत रत्न से सम्मानित पंडित रविशंकर कौन-सा वाद्य बजाते थे?

  1. A.सरोद
  2. B.सितार
  3. C.तबला
  4. D.वायलिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सितार

रविशंकर सितार बजाते थे, जो लंबी पर्देदार डाँड़, तूँबे और स्वयं गूँजने वाली तरब की तारों वाला वाद्य है। वे मैहर के अलाउद्दीन खाँ के शिष्य थे, उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को विदेशों में पहुँचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई और उन्हें 1999 में भारत रत्न मिला।

Q646.कला और संस्कृतिकठिन

दक्षिण भारत के मंदिरों और विवाहों में बजने वाले नादस्वरम के साथ परम्परागत रूप से कौन-सा ढोल बजता है?

  1. A.तवील
  2. B.पखावज
  3. C.ढोलक
  4. D.खोल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. तवील

नादस्वरम लंबा दोहरी रीड वाला सुषिर वाद्य है और शास्त्रीय फूँक वाद्यों में सबसे तेज ध्वनि वाला; तमिलनाडु में यह सदा तवील के साथ जोड़ी में बजता है, जो एक हाथ और एक छड़ी से बजने वाला पीपानुमा ढोल है, और यह जोड़ी मंदिर की शोभायात्राओं तथा विवाहों में सुनाई…

Q647.कला और संस्कृतिकठिन

गज से बजने वाला लोक वाद्य रावणहत्था मुख्यतः किस राज्य से सम्बंधित है?

  1. A.पंजाब
  2. B.राजस्थान
  3. C.पश्चिम बंगाल
  4. D.मणिपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राजस्थान

रावणहत्था नारियल की कटोरी को गूँजपात्र बनाकर बना प्राचीन वाद्य है, जिसे घोड़े के बालों वाले गज से बजाया जाता है और जिस पर प्रायः छोटी घंटियाँ बँधी रहती हैं; यह राजस्थान के लोक गायकों का वाद्य है और पाबूजी की कथा के साथ बजता है।

Q648.कला और संस्कृतिआसान

पंडित हरिप्रसाद चौरसिया किस वाद्य के वादन के लिए प्रसिद्ध हैं?

  1. A.बाँसुरी
  2. B.सारंगी
  3. C.मृदंगम
  4. D.रुद्र वीणा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बाँसुरी

बाँसुरी बाँस की आड़ी बजने वाली वंशी है, बिना रीड का सुषिर वाद्य, जिसमें वादक छिद्रों को ढककर स्वर बदलता है।

Q649.कला और संस्कृतिमध्यम

कथकली प्रस्तुतियों और मंदिर उत्सवों में बजने वाला चेंडा किस राज्य का वाद्य है?

  1. A.केरल
  2. B.ओडिशा
  3. C.मणिपुर
  4. D.असम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केरल

चेंडा बेलनाकार ढोल है, जिसे कंधे से लटकाकर मुड़ी हुई लकड़ियों से बजाया जाता है, और उसी से केरल के मंदिर उत्सवों, चेंडा मेलम नामक वृंद वादन तथा कथकली और थेय्यम की ध्वनि बनती है।

Q650.कला और संस्कृतिकठिन

कर्नाटक संगीत में प्रयुक्त घटम किस वर्ग का वाद्य है?

  1. A.अवनद्ध वाद्य
  2. B.सुषिर वाद्य
  3. C.घन वाद्य
  4. D.तत वाद्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. घन वाद्य

घटम मिट्टी का घड़ा है और उसके मुँह पर कुछ भी मढ़ा नहीं होता। वादक उँगलियों, हथेलियों और कलाइयों से घड़े के शरीर पर आघात करता है और घड़े के मुँह को पेट से लगाकर या हटाकर स्वर बदलता है।

Q651.कला और संस्कृतिमध्यम

उस्ताद अमजद अली खाँ किस वाद्य के प्रसिद्ध वादक हैं?

  1. A.सितार
  2. B.सरोद
  3. C.तबला
  4. D.शहनाई
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सरोद

सरोद ऐसा तंत्रीवाद्य है जिसकी पट्टी धातु की होती है और जिसमें पर्दे नहीं होते, इसीलिए वादक एक स्वर से दूसरे तक निरन्तर फिसल सकता है और उसका गहरा, गाता हुआ स्वर बनता है।

Q652.कला और संस्कृतिआसान

पंडित शिवकुमार शर्मा किस वाद्य के वादन के लिए जाने जाते हैं?

  1. A.संतूर
  2. B.सितार
  3. C.बाँसुरी
  4. D.वीणा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. संतूर

संतूर समलम्ब आकार का काष्ठ पात्र है, जिस पर छोटी घोड़ियों के ऊपर अनेक तारें तनी रहती हैं और जिन पर हल्की मुड़ी हुई छड़ियों की जोड़ी से आघात किया जाता है।

Q653.कला और संस्कृतिआसान

उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ किस वाद्य यंत्र से सम्बंधित हैं?

  1. A.सरोद
  2. B.सारंगी
  3. C.शहनाई
  4. D.संतूर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. शहनाई

बिस्मिल्लाह खाँ शहनाई बजाते थे, जो दोहरी रीड वाला सुषिर वाद्य है और उत्तर भारत में विवाह, मंदिर की शोभायात्राओं तथा शुभ आरम्भ से लंबे समय से जुड़ा है; उन्हें इसे मांगलिक प्रयोग से निकालकर शास्त्रीय मंच तक पहुँचाने का श्रेय दिया जाता है।

Q654.कला और संस्कृतिमध्यम

नाट्यशास्त्र के वर्गीकरण में फूँक से बजने वाले वाद्यों को किस नाम से पुकारा जाता है?

  1. A.तत वाद्य
  2. B.सुषिर वाद्य
  3. C.अवनद्ध वाद्य
  4. D.घन वाद्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सुषिर वाद्य

सुषिर का अर्थ है खोखला, और इस वर्ग में वे सभी वाद्य आते हैं जिनमें नली के भीतर की वायु कम्पित होकर ध्वनि उत्पन्न करती है।

Q655.कला और संस्कृतिकठिन

प्रसिद्ध गायक बड़े गुलाम अली खाँ हिंदुस्तानी संगीत के किस घराने से सम्बंधित थे?

  1. A.किराना
  2. B.पटियाला
  3. C.जयपुर-अतरौली
  4. D.मेवाती
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पटियाला

बड़े गुलाम अली खाँ पटियाला घराने के सबसे प्रसिद्ध गायक हैं। इस घराने की पहचान तेज और जटिल तानें, ख्याल के साथ ठुमरी का मुक्त प्रयोग तथा खुला और चमकदार स्वर है।

Q656.कला और संस्कृतिआसान

मियाँ की मल्हार और दरबारी कानड़ा रागों का श्रेय जिन्हें दिया जाता है, वे तानसेन किसके दरबार के संगीतकार थे?

  1. A.अकबर
  2. B.शाहजहाँ
  3. C.कृष्णदेवराय
  4. D.वाजिद अली शाह
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अकबर

तानसेन अकबर के दरबार के नवरत्नों में गिने जाते थे और इससे पहले वे रीवा के शासक की सेवा में थे।

Q657.कला और संस्कृतिकठिन

विष्णु नारायण भातखंडे हिंदुस्तानी संगीत में किस योगदान के लिए स्मरण किए जाते हैं?

  1. A.पंचरत्न कृतियों की रचना
  2. B.रागों को दस थाटों में वर्गीकृत करना
  3. C.पखावज का आविष्कार
  4. D.ग्वालियर घराने की स्थापना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रागों को दस थाटों में वर्गीकृत करना

भातखंडे ने देश भर में घूमकर रचनाएँ एकत्र कीं और फिर हिंदुस्तानी संगीत के रागों को दस जनक थाटों में व्यवस्थित किया, जिनमें बिलावल, कल्याण, खमाज, भैरव, काफी, आसावरी, भैरवी और तोड़ी सम्मिलित हैं।

Q658.कला और संस्कृतिमध्यम

कर्नाटक संगीत का पितामह किसे कहा जाता है?

  1. A.त्यागराज
  2. B.पुरंदर दास
  3. C.श्यामा शास्त्री
  4. D.मुत्तुस्वामी दीक्षितर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पुरंदर दास

कन्नड़ भक्ति परम्परा के संत रचनाकार पुरंदर दास को कर्नाटक संगीत का पितामह इसलिए कहा जाता है क्योंकि उन्होंने इस संगीत के सीखने-सिखाने का ढाँचा गढ़ा।

Q659.कला और संस्कृतिमध्यम

पखावज परम्परागत रूप से किस शैली की संगत के लिए बजाया जाता है?

  1. A.ध्रुपद
  2. B.ठुमरी
  3. C.कृति
  4. D.ग़ज़ल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ध्रुपद

पखावज लम्बा पीपानुमा अवनद्ध वाद्य है, जिसे आड़ा रखकर दोनों हाथों से बजाया जाता है; इसका स्वर तबले से अधिक गम्भीर होता है और यही गम्भीरता ध्रुपद की धीमी, ठहरी हुई गति के अनुकूल बैठती है।

Q660.कला और संस्कृतिमध्यम

हिंदुस्तानी गायन की सबसे प्राचीन जीवित शैली कौन-सी है?

  1. A.ख्याल
  2. B.ठुमरी
  3. C.ध्रुपद
  4. D.टप्पा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ध्रुपद

ध्रुपद गम्भीर और भक्तिपरक शैली है, जो स्थायी, अंतरा, संचारी और आभोग इन चार भागों में गाई जाती है और जिसका आरम्भ लम्बे अनिबद्ध आलाप से होता है।