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यूसीआईएल ने जादूगोड़ा में मनाया हीरक जयंती वर्ष

परमाणु ऊर्जा विभाग के उपक्रम यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने 4 अक्टूबर 2026 को जादूगोड़ा में अपना हीरक जयंती वर्ष मनाया, इसकी स्थापना 1967 में हुई थी।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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यूसीआईएल ने जादूगोड़ा में मनाया हीरक जयंती वर्ष

चर्चा में क्यों

5 अक्टूबर 2026 को जारी विज्ञप्ति के अनुसार यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने 4 अक्टूबर 2026 को जादूगोड़ा में अपना हीरक जयंती वर्ष मनाया, जो 1967 में हुई स्थापना से छह दशक पूरे होने का प्रतीक है। मुख्य अतिथि परमाणु ऊर्जा आयोग की सदस्य-वित्त थीं।

यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) ने 4 अक्टूबर 2026 को अपना हीरक जयंती वर्ष मनाया। यह कंपनी परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन काम करने वाला सार्वजनिक उपक्रम है और इसकी स्थापना 4 अक्टूबर 1967 को हुई थी। इस तरह यूरेनियम के खनन तथा उसके प्रसंस्करण में कंपनी के छह दशक पूरे हो गए। देश के परमाणु बिजली कार्यक्रम के लिए जरूरी कच्चा माल जुटाने का काम यही संस्था करती है। इस पड़ाव की जानकारी 5 अक्टूबर 2026 को जारी विज्ञप्ति से सामने आई।

समारोह कहाँ हुआ

आयोजन जादूगोड़ा में हुआ, जिसके आसपास कंपनी ने अपना विस्तार किया है। इसमें वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, इंजीनियर, तकनीकी कर्मचारी तथा मीडियाकर्मी शामिल हुए। परमाणु ऊर्जा आयोग की सदस्य-वित्त सुश्री सीमा जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

मुख्य अतिथि ने क्या देखा

कार्यक्रम के दौरान सुश्री सीमा जैन ने जादूगोड़ा स्थित अनुसंधान एवं विकास केंद्र के टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन पायलट प्लांट का दौरा किया। उन्हें वह प्रस्तावित स्थल भी दिखाया गया जहाँ डार्क मैटर प्रयोगशाला बनाई जानी है। यह प्रयोगशाला जादूगोड़ा की भूमिगत खदान के 815 मीटर स्तर पर प्रस्तावित है और इसे परमाणु ऊर्जा विभाग से सहायता प्राप्त संस्थान साहा इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स बना रहा है। उन्होंने इस अवसर को वैज्ञानिक क्षमता और संस्थागत अनुभव का उत्सव बताया तथा डॉ. होमी जहांगीर भाभा और उन अग्रदूतों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने देश में यूरेनियम खनन और प्रसंस्करण की नींव रखी।

कार्यशाला और प्रदर्शनी

सूचना केंद्र, नरवापहाड़ में अपनी तरह की पहली पत्रकार कार्यशाला आयोजित की गई। मीडिया प्रतिनिधियों ने वैज्ञानिकों, इंजीनियरों तथा तकनीकी विशेषज्ञों से बातचीत की और खनन व मिलिंग सुविधाओं, अयस्क प्रबंधन की व्यवस्था तथा कार्यस्थलों पर अपनाई जाने वाली पद्धतियों को नजदीक से देखा। इसके साथ स्कूली विद्यार्थियों के लिए डीएई प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें परमाणु ऊर्जा के औद्योगिक तथा सामाजिक उपयोग दिखाए गए।

किसने क्या कहा

परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव और परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने शुभकामनाएँ भेजीं तथा इस पड़ाव को परमाणु ऊर्जा मिशन से जोड़ते हुए निरंतर नवाचार और क्षमता निर्माण पर बल दिया। यूसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. कचम आनंद राव ने कहा कि यह वर्ष यूसीआईएल परिवार के हर सदस्य के लिए गर्व का पड़ाव है और कंपनी ने प्रौद्योगिकी, सुरक्षा तथा पर्यावरण प्रबंधन में भी अपनी पकड़ मजबूत की है। संस्था का कार्यक्षेत्र भूमिगत और खुली खदानों से लेकर अयस्क प्रसंस्करण, प्रौद्योगिकी विकास, विकिरण सुरक्षा तथा व्यावसायिक सुरक्षा तक फैला हुआ है।

महत्वपूर्ण तथ्य

संस्थायूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल)
मूल विभागपरमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई)
पड़ावहीरक जयंती वर्ष, छह दशक
स्थापना4 अक्टूबर 1967
समारोह की तिथि4 अक्टूबर 2026
स्थानजादूगोड़ा
मुख्य अतिथिसुश्री सीमा जैन, सदस्य-वित्त, परमाणु ऊर्जा आयोग
प्रस्तावित डार्क मैटर प्रयोगशालाजादूगोड़ा भूमिगत खदान का 815 मीटर स्तर, साहा इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स द्वारा
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, यूसीआईएलडॉ. कचम आनंद राव
सचिव, डीएई और अध्यक्ष, परमाणु ऊर्जा आयोगडॉ. अजीत कुमार मोहंती
कार्यशाला स्थलसूचना केंद्र, नरवापहाड़

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें - यूसीआईएल का मूल विभाग (परमाणु ऊर्जा), स्थापना तिथि (4 अक्टूबर 1967), समारोह का स्थान (जादूगोड़ा), मुख्य अतिथि (सुश्री सीमा जैन, सदस्य-वित्त, परमाणु ऊर्जा आयोग), डार्क मैटर प्रयोगशाला के लिए प्रस्तावित 815 मीटर स्तर और साहा इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स, तथा दो नाम - डॉ. कचम आनंद राव और डॉ. अजीत कुमार मोहंती। प्रश्न अधिकतर मूल विभाग, स्थान या गहराई के आंकड़े पर बनते हैं।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) किस विभाग के अधीन सार्वजनिक उपक्रम है?

  1. A.खान मंत्रालय
  2. B.परमाणु ऊर्जा विभाग
  3. C.कोयला मंत्रालय
  4. D.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. परमाणु ऊर्जा विभाग

व्याख्या

सही उत्तर परमाणु ऊर्जा विभाग है। यूसीआईएल इस विभाग के अधीन काम करने वाला सार्वजनिक उपक्रम है और देश के परमाणु बिजली कार्यक्रम के लिए यूरेनियम का संसाधन आधार उपलब्ध कराता है। 4 अक्टूबर 2026 को मनाए गए हीरक जयंती वर्ष ने 4 अक्टूबर 1967 को हुई इसकी स्थापना से छह दशक पूरे होने को चिह्नित किया। विभाग से जुड़ाव समारोह में भी दिखा, क्योंकि स्कूली विद्यार्थियों के लिए डीएई प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी लगाई गई और परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव, जो परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष भी हैं, ने शुभकामनाएँ भेजीं। विकल्प A यानी खान मंत्रालय सामान्य खनिज प्रशासन देखता है, परमाणु खनिजों का यह उपक्रम उसके अधीन नहीं आता। विकल्प C यानी कोयला मंत्रालय का कार्यक्षेत्र कोयला तथा लिग्नाइट है, यूरेनियम से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प D यानी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग शोध को वित्त देता है, परंतु यूरेनियम खनन कंपनी उसके अधीन नहीं है। इसलिए केवल परमाणु ऊर्जा विभाग ही उपयुक्त उत्तर है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

यूसीआईएल का हीरक जयंती वर्ष समारोह किस स्थान पर आयोजित हुआ?

  1. A.नरवापहाड़
  2. B.जादूगोड़ा
  3. C.ट्रॉम्बे
  4. D.कलपक्कम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जादूगोड़ा

व्याख्या

सही उत्तर जादूगोड़ा है। यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड का हीरक जयंती वर्ष समारोह जादूगोड़ा में हुआ, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, इंजीनियर, तकनीकी कर्मचारी तथा मीडियाकर्मी एक साथ जुटे। मुख्य अतिथि, परमाणु ऊर्जा आयोग की सदस्य-वित्त सुश्री सीमा जैन ने वहीं अनुसंधान एवं विकास केंद्र के टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन पायलट प्लांट का दौरा किया और जादूगोड़ा भूमिगत खदान के 815 मीटर स्तर पर डार्क मैटर प्रयोगशाला के प्रस्तावित स्थल को भी देखा। विकल्प A यानी नरवापहाड़ ध्यान देने योग्य भ्रम है, क्योंकि वहाँ के सूचना केंद्र में पत्रकार कार्यशाला और प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी हुई थी, मुख्य समारोह नहीं। विकल्प C और D देश के परमाणु प्रतिष्ठान से जुड़े अन्य केंद्रों के नाम हैं और इस आयोजन के स्थल के रूप में इनका उल्लेख नहीं है। इसलिए हीरक जयंती वर्ष के लिए याद रखने योग्य स्थान जादूगोड़ा ही है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

यूसीआईएल के हीरक जयंती वर्ष समारोह की मुख्य अतिथि सुश्री सीमा जैन किस पद पर हैं?

  1. A.अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, यूसीआईएल
  2. B.सचिव, परमाणु ऊर्जा विभाग
  3. C.सदस्य-वित्त, परमाणु ऊर्जा आयोग
  4. D.निदेशक, साहा इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सदस्य-वित्त, परमाणु ऊर्जा आयोग

व्याख्या

सही उत्तर सदस्य-वित्त, परमाणु ऊर्जा आयोग है। सुश्री सीमा जैन इसी पद पर रहते हुए जादूगोड़ा के समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन पायलट प्लांट तथा डार्क मैटर प्रयोगशाला के प्रस्तावित स्थल का दौरा किया और इस वर्ष को छह दशकों की वैज्ञानिक क्षमता, संस्थागत अनुभव तथा राष्ट्रसेवा का उत्सव बताया। उन्होंने डॉ. होमी जहांगीर भाभा और देश में यूरेनियम खनन की नींव रखने वाले अग्रदूतों को श्रद्धांजलि भी दी। विकल्प A का पद डॉ. कचम आनंद राव के पास है, जो यूसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हैं और जिन्होंने इस वर्ष को यूसीआईएल परिवार के लिए गर्व का पड़ाव कहा। विकल्प B का पद डॉ. अजीत कुमार मोहंती के पास है, जो परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव तथा परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष हैं और जिन्होंने शुभकामनाएँ भेजीं। विकल्प D का उल्लेख समारोह के संदर्भ में कहीं नहीं है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

जादूगोड़ा की भूमिगत खदान में प्रस्तावित डार्क मैटर प्रयोगशाला किस संस्थान की परियोजना है?

  1. A.साहा इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स
  2. B.टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च
  3. C.भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
  4. D.भारतीय तारा भौतिकी संस्थान
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. साहा इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स

व्याख्या

सही उत्तर साहा इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स है, जो परमाणु ऊर्जा विभाग से सहायता प्राप्त संस्थान है। इसकी डार्क मैटर प्रयोगशाला के लिए प्रस्तावित नया स्थल जादूगोड़ा भूमिगत खदान के 815 मीटर स्तर पर है, और यूसीआईएल के हीरक जयंती वर्ष समारोह की मुख्य अतिथि को टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन पायलट प्लांट के साथ यह स्थल भी दिखाया गया। ऐसी प्रयोगशाला के लिए गहरा भूमिगत स्थान उपयुक्त होता है, क्योंकि ऊपर की चट्टानें पृष्ठभूमि विकिरण को बड़ी मात्रा में रोक देती हैं, जो अन्यथा संवेदनशील उपकरणों के संकेत दबा देता है; इसी कारण चालू यूरेनियम खदान तैयार स्थल उपलब्ध कराती है। विकल्प C यानी भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र विभाग का प्रमुख शोध केंद्र है, पर इस प्रयोगशाला का स्वामी नहीं बताया गया। विकल्प B और D देश के प्रतिष्ठित शोध संस्थान हैं, किंतु इस परियोजना में इनका नाम नहीं आता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड किस विभाग के अधीन काम करता है?

परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन। यूसीआईएल इस विभाग का सार्वजनिक उपक्रम है, इसकी स्थापना 4 अक्टूबर 1967 को हुई और यह देश के परमाणु बिजली कार्यक्रम के लिए जरूरी संसाधन आधार उपलब्ध कराता है।

प्रस्तावित डार्क मैटर प्रयोगशाला कहाँ बनाई जानी है?

जादूगोड़ा की भूमिगत खदान के 815 मीटर स्तर पर। इसे परमाणु ऊर्जा विभाग से सहायता प्राप्त संस्थान साहा इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स बना रहा है।

यूसीआईएल के हीरक जयंती वर्ष समारोह में मुख्य अतिथि कौन थीं?

परमाणु ऊर्जा आयोग की सदस्य-वित्त सुश्री सीमा जैन। यह समारोह 4 अक्टूबर 2026 को जादूगोड़ा में आयोजित हुआ था।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 5 अक्टूबर 2026

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