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GK24

एफसीआरए पंजीकरण में रिश्वत, दो अधिकारी पकड़े गए

गृह मंत्रालय की सूचना पर दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने एक संस्था का लंबित एफसीआरए पंजीकरण कराने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में दो अधिकारियों को पकड़ा।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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एफसीआरए पंजीकरण में रिश्वत, दो अधिकारी पकड़े गए — GK24 title card

चर्चा में क्यों

29 सितंबर 2026 को गृह मंत्रालय ने बताया कि दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने एक दिन पहले नई दिल्ली में दो सरकारी अधिकारियों को लंबित एफसीआरए पंजीकरण कराने के बदले अवैध रूप से पैसे मांगने के आरोप में पकड़ा है।

गृह मंत्रालय ने 29 सितंबर 2026 को बताया कि लंबित एफसीआरए पंजीकरण कराने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में दो सरकारी अधिकारी पकड़े गए हैं। यह कार्रवाई 28 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने की, जिसने मंत्रालय से मिली खास जानकारी के आधार पर केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया।

कौन पकड़े गए

दोनों में से एक सीनियर अकाउंटेंट के पद पर है और दूसरा अकाउंटेंट के पद पर। मंत्रालय के अनुसार इन्होंने एक एसोसिएशन से संपर्क किया और उसके पंजीकरण आवेदन को आगे बढ़ाने के बदले अवैध रूप से पैसे की मांग की।

तैनाती कहां है

इनमें से एक अधिकारी इस समय गृह मंत्रालय के विदेशी प्रभाग (फॉरेनर्स डिवीजन) में तैनात है, जो विदेशी अंशदान से जुड़े मामले देखता है। दूसरा अभी वेतन एवं लेखा कार्यालय में है और पहले इसी प्रभाग में काम कर चुका है। पुरानी तैनाती इसलिए अहम है, क्योंकि इससे समझ आता है कि एक मौजूदा और एक पूर्व अंदरूनी व्यक्ति एक ही फाइल आगे बढ़ाने की पेशकश कैसे कर पाए।

शुरुआती पूछताछ में क्या निकला

शुरुआती पूछताछ से संकेत मिला है कि दोनों कई संस्थाओं के संपर्क में थे और पैसे लेकर पंजीकरण के साथ-साथ नवीनीकरण में भी मदद की पेशकश कर रहे थे। मामले की जांच अभी बंद नहीं हुई है और आगे की पड़ताल जारी है।

मंत्रालय का रुख

गृह मंत्रालय ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति उसका रवैया जीरो टॉलरेंस का है और इस मामले में कानूनी के साथ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है। मंत्रालय ने आवेदकों को चेताया भी कि विदेशी अंशदान से जुड़ी हर सेवा एफसीआरए पोर्टल के जरिये ऑनलाइन दी जाती है और सरकार ने ऐसी किसी सेवा के लिए किसी बिचौलिए, एजेंट या व्यक्ति को अधिकृत नहीं किया है। इसलिए जो भी शुल्क लेकर पंजीकरण या नवीनीकरण कराने की बात करे, वह बिना अधिकार के काम कर रहा है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्व

विदेशी अंशदान कानून के तहत पंजीकरण ही किसी संस्था को विदेश से धन लेने की पात्रता देता है, इसलिए यह फाइल कीमती मानी जाती है और इसे देखने वाला कार्यालय किसी अन्य मंत्रालय के बजाय गृह मंत्रालय के भीतर आता है। सामान्य ज्ञान के प्रश्न प्रायः इसी बिंदु पर टिकते हैं: कौन सा मंत्रालय, कौन सा प्रभाग और आवेदक के लिए सही रास्ता कौन सा है।

महत्वपूर्ण तथ्य

कार्रवाई किसने कीदिल्ली पुलिस का स्पेशल सेल, केंद्रीय एजेंसियों के साथ
सूचना किससे मिलीगृह मंत्रालय
कार्रवाई की तारीख28 सितंबर 2026, नई दिल्ली
पकड़े गएएक सीनियर अकाउंटेंट और एक अकाउंटेंट
तैनातीगृह मंत्रालय का विदेशी प्रभाग; एक वेतन एवं लेखा कार्यालय
आरोपलंबित एफसीआरए पंजीकरण कराने के बदले अवैध रूप से पैसे की मांग
मंत्रालय का रुखजीरो टॉलरेंस; कानूनी और विभागीय कार्रवाई जारी
सही रास्तासभी एफसीआरए सेवाएं पोर्टल पर ऑनलाइन; कोई एजेंट अधिकृत नहीं

परीक्षा की दृष्टि से

ध्यान रखें: संबंधित मंत्रालय गृह मंत्रालय है, विदेशी अंशदान की फाइलें विदेशी प्रभाग देखता है, कार्रवाई दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने की, पकड़े गए दोनों अधिकारी सीनियर अकाउंटेंट और अकाउंटेंट हैं, तथा मंत्रालय का कहना है कि हर एफसीआरए सेवा पोर्टल पर ऑनलाइन है और कोई बिचौलिया अधिकृत नहीं है।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयमध्यम

गृह मंत्रालय का कौन सा प्रभाग विदेशी अंशदान से जुड़े मामले देखता है, जहां रिश्वत मामले में पकड़ा गया एक अधिकारी तैनात है?

  1. A.विदेशी प्रभाग (फॉरेनर्स डिवीजन)
  2. B.आंतरिक सुरक्षा प्रभाग
  3. C.सीमा प्रबंधन प्रभाग
  4. D.पुलिस आधुनिकीकरण प्रभाग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. विदेशी प्रभाग (फॉरेनर्स डिवीजन)

व्याख्या

सही उत्तर है विदेशी प्रभाग। पकड़े गए दो अधिकारियों में से एक इस समय वहीं तैनात है और दूसरा, जो अब वेतन एवं लेखा कार्यालय में है, पहले इसी प्रभाग में काम कर चुका है। गृह मंत्रालय का यही हिस्सा विदेशी अंशदान से जुड़े पंजीकरण की फाइलें देखता है, इसलिए दोनों इस स्थिति में थे कि किसी संस्था को उसका लंबित आवेदन आगे बढ़ाने का भरोसा दे सकें। विकल्प B आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों से संबंधित है, विदेश से धन पाने वाली संस्थाओं के पंजीकरण से नहीं। विकल्प C देश की सीमाओं के प्रबंधन का काम देखता है, जो पूरी तरह अलग विषय है। विकल्प D पुलिस बलों के आधुनिकीकरण से जुड़ा है। परीक्षार्थी विषय को पहले मंत्रालय से और फिर प्रभाग से जोड़कर याद रखें, क्योंकि प्रश्नपत्र अक्सर पहले चरण के बाद दूसरे चरण की भी परख करते हैं।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

लंबित एफसीआरए पंजीकरण कराने के बदले रिश्वत मांगने के मामले में नई दिल्ली में कार्रवाई किस इकाई ने की?

  1. A.दिल्ली पुलिस का स्पेशल सेल
  2. B.राज्य पुलिस का आर्थिक अपराध शाखा
  3. C.राजस्व आसूचना निदेशालय
  4. D.रेलवे सुरक्षा बल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. दिल्ली पुलिस का स्पेशल सेल

व्याख्या

सही उत्तर है दिल्ली पुलिस का स्पेशल सेल, जिसने गृह मंत्रालय से खास जानकारी मिलने के बाद केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल करते हुए नई दिल्ली में दोनों अधिकारियों को पकड़ा। विकल्प B राज्य स्तर पर आर्थिक अपराधों की जांच करने वाली शाखा है, पर इस कार्रवाई में उसका नाम नहीं आया। विकल्प C तस्करी और सीमा शुल्क से जुड़ी आसूचना पर काम करता है और इस मामले से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प D रेलवे की संपत्ति तथा यात्रियों की सुरक्षा देखता है, इसलिए यह भी असंगत है। पकड़े गए दोनों व्यक्ति सीनियर अकाउंटेंट और अकाउंटेंट के पद पर हैं और आरोप है कि उन्होंने एक संस्था से संपर्क कर उसके लंबित पंजीकरण को आगे बढ़ाने के बदले पैसे मांगे। मंत्रालय ने कहा है कि कानूनी के साथ विभागीय कार्रवाई भी हो रही है और जांच अब भी जारी है।

Q3.राष्ट्रीयआसान

गृह मंत्रालय के अनुसार एफसीआरए से जुड़ी सेवाएं आवेदकों को किस तरह दी जाती हैं?

  1. A.मंत्रालय द्वारा नियुक्त अधिकृत निजी एजेंटों के जरिये
  2. B.एफसीआरए पोर्टल पर ऑनलाइन, कोई बिचौलिया अधिकृत नहीं
  3. C.सिर्फ जिला कलेक्ट्रेट में व्यक्तिगत रूप से जाकर
  4. D.राज्यों के गृह विभागों के माध्यम से
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एफसीआरए पोर्टल पर ऑनलाइन, कोई बिचौलिया अधिकृत नहीं

व्याख्या

सही उत्तर है कि ये सेवाएं एफसीआरए पोर्टल पर ऑनलाइन दी जाती हैं और किसी बिचौलिए, एजेंट या व्यक्ति को ऐसी कोई सेवा कराने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है। मंत्रालय ने यह बात दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई की घोषणा करते हुए कही, क्योंकि इन पर आरोप है कि उन्होंने एक संस्था को पैसे के बदले लंबित पंजीकरण कराने की पेशकश की थी। विकल्प A मंत्रालय के बयान के ठीक उलट है, क्योंकि इस काम में किसी निजी एजेंट को कोई अधिकार प्राप्त नहीं है। विकल्प C इसलिए गलत है कि यह प्रक्रिया जिला कार्यालयों से नहीं चलती और इसके लिए व्यक्तिगत रूप से जाना जरूरी नहीं। विकल्प D इसलिए गलत है कि यह विषय राज्यों के गृह विभागों के बजाय केंद्रीय गृह मंत्रालय और उसके विदेशी प्रभाग के पास है। आवेदक के लिए व्यावहारिक बचाव भी यही ऑनलाइन रास्ता याद रखना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एफसीआरए रिश्वत मामले में दोनों अधिकारियों को किसने पकड़ा?

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने, केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर और गृह मंत्रालय को मिली खास जानकारी के आधार पर। दोनों को 28 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में पकड़ा गया।

गृह मंत्रालय का कौन सा प्रभाग एफसीआरए के मामले देखता है?

विदेशी प्रभाग यानी फॉरेनर्स डिवीजन। पकड़े गए अधिकारियों में से एक इस समय वहीं तैनात है, जबकि दूसरा अब वेतन एवं लेखा कार्यालय में है और पहले इसी प्रभाग में काम कर चुका है।

किसी संस्था को एफसीआरए पंजीकरण के लिए कैसे आवेदन करना चाहिए?

सिर्फ एफसीआरए पोर्टल पर ऑनलाइन। मंत्रालय ने कहा है कि किसी भी एफसीआरए सेवा के लिए किसी बिचौलिए, एजेंट या व्यक्ति को अधिकृत नहीं किया गया है, इसलिए पंजीकरण या नवीनीकरण कराने के नाम पर पैसे देना गलत है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS