दिल्ली-एनसीआर में सीएक्यूएम के ये निरीक्षण अभियान किस ऑपरेशन के तहत चलाए जाते हैं?
- A.ऑपरेशन क्लीन एयर
- B.ऑपरेशन ग्रीन दिल्ली
- C.मिशन स्वच्छ वायु
- D.ऑपरेशन डस्ट फ्री एनसीआर
सही उत्तर
A. ऑपरेशन क्लीन एयर
व्याख्या
सही उत्तर ऑपरेशन क्लीन एयर है। आयोग ने कहा कि दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में निरीक्षण अभियान इसी ऑपरेशन के तहत आगे भी चलते रहेंगे, जिससे वायु प्रदूषण रोकने के विभिन्न उपायों की जमीनी हालत देखी जाए, पालन में कमियां पकड़ी जाएं और संबंधित एजेंसियां समय पर सुधारात्मक कार्रवाई करें। विकल्प B, विकल्प C और विकल्प D केवल भ्रमित करने के लिए बनाए गए नाम हैं और आयोग के इस कार्यक्रम को नहीं दर्शाते। अभ्यर्थियों को याद रखना चाहिए कि रिंग रोड का यह अभियान इसी ऑपरेशन का हिस्सा था, इसमें चार फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें लगाई गई थीं और दिल्ली के लोक निर्माण विभाग की सड़कों पर सत्रह उल्लंघन दर्ज हुए। आयोग ने सड़कों को नियमित झाड़ू से साफ और धूल मुक्त रखने पर जोर दिया है।
पूरा लेख पढ़ें: सीएक्यूएम ने दिल्ली रिंग रोड के 25 हिस्सों की जांच की
अभ्यास प्रश्न
सीएक्यूएम की फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों ने दिल्ली में भीतरी और बाहरी रिंग रोड के कितने हिस्सों की जांच की?
- A.15
- B.20
- C.25
- D.35
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 25
व्याख्या
सही उत्तर 25 है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा बनाई गई चार फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों ने भीतरी और बाहरी रिंग रोड के पच्चीस हिस्सों की जांच की, जो मिलाकर लगभग पैंतीस किलोमीटर लंबाई में फैले थे और सभी दिल्ली के लोक निर्माण विभाग के अधीन आते हैं। विकल्प A और विकल्प B केवल छोटी गोल संख्याएं हैं, जो अभियान के किसी तथ्य से मेल नहीं खातीं। विकल्प D इस प्रश्न का जाल है, क्योंकि पैंतीस जांचे गए हिस्सों की अनुमानित लंबाई किलोमीटर में है, हिस्सों की संख्या नहीं; जो अभ्यर्थी केवल एक आंकड़ा याद रखता है, वह दोनों को आपस में मिला देता है। अभियान में सड़क पर बहुत धूल और जमा मलबे से जुड़े सत्रह उल्लंघन दर्ज किए गए।
दिल्ली के रिंग रोड पर यह निरीक्षण अभियान किस संस्था ने चलाया?
- A.केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
- B.वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम)
- C.राष्ट्रीय हरित अधिकरण
- D.दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम)
व्याख्या
सही उत्तर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) है, जिसने दिल्ली में यह विशेष निरीक्षण अभियान चलाया और इसके लिए फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें बनाई। अभियान में देखा गया कि रिंग रोड पर कितनी धूल दिखती है और सफाई तथा झाड़ू का काम कितना असरदार है। विकल्प A यानी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और विकल्प D यानी दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति प्रदूषण से जुड़ी संस्थाएं हैं, पर यह अभियान इनमें से किसी ने नहीं चलाया। विकल्प C यानी राष्ट्रीय हरित अधिकरण एक न्यायिक निकाय है, जो पर्यावरण के मामले सुनता है और इस तरह का सड़क निरीक्षण नहीं करता। आयोग ने पीडब्ल्यूडी दिल्ली तथा अन्य एजेंसियों को प्राथमिकता से सुधार के निर्देश दिए हैं। इस अभियान में पच्चीस हिस्सों की जांच हुई और सत्रह उल्लंघन सामने आए।
बस्टर्ड रिकवरी प्रोग्राम में पर्यावरण मंत्रालय और राजस्थान वन विभाग के साथ कौन सी संस्था काम करती है?
- A.भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण
- B.भारतीय वन्यजीव संस्थान
- C.भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद
- D.राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण
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सही उत्तर: B. भारतीय वन्यजीव संस्थान
व्याख्या
सही उत्तर भारतीय वन्यजीव संस्थान है। बस्टर्ड रिकवरी प्रोग्राम पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राजस्थान वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान का साझा प्रयास है, जिसमें तकनीकी सहयोग इंटरनेशनल फंड फॉर हुबारा कंजर्वेशन देता है और धन राष्ट्रीय कैम्पा से आता है। यही संस्थान वह लंबा टेलीमेट्री अध्ययन भी करता है, जिसने डेजर्ट नेशनल पार्क के भीतर लगभग 200 वर्ग किलोमीटर के बाड़बंद घास के मैदानों को इस प्रजाति का सबसे अच्छा प्रजनन स्थल बताया। भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण गलत है, क्योंकि उसका काम पौधों से जुड़ा है, किसी पक्षी के पुनर्वास से नहीं। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद गलत है, क्योंकि इस कार्यक्रम के साझेदारों में उसका नाम नहीं है। राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण भी इसी कारण गलत है और यहाँ बताए गए प्रजनन तथा पुनर्वास के कामों में उसकी कोई भूमिका नहीं बताई गई।
अक्टूबर 2026 में दो नर ग्रेट इंडियन बस्टर्ड किस स्थान पर जंगल में छोड़े गए?
- A.साम, डेजर्ट नेशनल पार्क, जैसलमेर
- B.तालछापर अभयारण्य, चूरू
- C.रामदेवरा प्रजनन केंद्र, पोकरण
- D.कच्छ बस्टर्ड अभयारण्य, गुजरात
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सही उत्तर: A. साम, डेजर्ट नेशनल पार्क, जैसलमेर
व्याख्या
सही उत्तर है साम, डेजर्ट नेशनल पार्क, जैसलमेर। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसी स्थान पर दो नर ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को खुले जंगल में छोड़ा। इस अवसर पर राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा तथा केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। चूरू का तालछापर अभयारण्य इसलिए गलत है, क्योंकि यह कार्यक्रम डेजर्ट नेशनल पार्क के भीतर हुआ और राजस्थान के किसी दूसरे संरक्षित क्षेत्र का नाम इसमें नहीं आता। रामदेवरा छोड़ने के स्थान के रूप में गलत है, क्योंकि साम के साथ वहाँ संरक्षण प्रजनन केंद्र चलते हैं और पक्षियों को केंद्र में नहीं, बल्कि खुले रेगिस्तान में मुक्त किया गया। गुजरात का कच्छ बस्टर्ड अभयारण्य भी गलत है, क्योंकि इस पूरे घटनाक्रम में गुजरात का नाम केवल जंपस्टार्ट प्रयोग के कारण आता है, जहाँ बाड़े के अंडों से दो चूजे निकले।
साम और रामदेवरा के प्रजनन केंद्रों में इस समय कितने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड हैं?
- A.40
- B.57
- C.86
- D.97
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 97
व्याख्या
सही उत्तर 97 है। साम और रामदेवरा के दोनों संरक्षण प्रजनन केंद्रों में कुल मिलाकर 97 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड रखे गए हैं, और यह संख्या दो तरह के पक्षियों से बनी है। विकल्प 40 अकेले में गलत है, क्योंकि यह केवल उन पक्षियों की गिनती है जो जंगल में दिए गए अंडों से निकले थे, पूरी आबादी की नहीं। विकल्प 57 इसी वजह से गलत है, क्योंकि यह बाड़े के भीतर जन्मे पक्षियों की संख्या बताता है, जो उसी कुल का दूसरा हिस्सा है। विकल्प 86 इसलिए गलत है कि यह प्रजनन के लिए रोके गए पक्षियों की संख्या है, जिसके बाद 11 पक्षी जंगल में छोड़ने के लिए बचते हैं और इन्हीं 11 में से दो नर पक्षी डेजर्ट नेशनल पार्क में मुक्त किए गए। इन केंद्रों में प्रजनन से 2025 में 24 और 2026 में 29 चूजे मिले थे।