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एशियाई खेलों की ऊँची कूद में सर्वेश कुशारे को रजत पदक

एशियाई खेलों की पुरुष ऊँची कूद स्पर्धा में सर्वेश कुशारे ने रजत पदक जीता और इस स्पर्धा में भारत की पाँच दशकों लंबी पदक प्रतीक्षा समाप्त कर दी।

लेखक प्रकाशित · 1 मिनट
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एशियाई खेलों की ऊँची कूद में सर्वेश कुशारे को रजत पदक — GK24 title card

चर्चा में क्यों

27 सितंबर 2026 को सर्वेश कुशारे ने एशियाई खेलों की पुरुष ऊँची कूद में ऐतिहासिक रजत पदक जीता, जिसने इस स्पर्धा में भारत की पाँच दशकों की पदक प्रतीक्षा समाप्त की, और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें बधाई दी।

भारतीय एथलेटिक्स के लिए एशियाई खेलों से एक यादगार खबर आई। सर्वेश कुशारे ने पुरुष ऊँची कूद स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। यह परिणाम 27 सितंबर 2026 को सामने आया और इसे ऐतिहासिक कहा गया, क्योंकि इस स्पर्धा में भारत को पदक के लिए पाँच दशक इंतजार करना पड़ा था।

यह रजत ऐतिहासिक क्यों है

ऊँची कूद एथलेटिक्स की फील्ड स्पर्धा है और रजत पदक का अर्थ है फाइनल में दूसरा स्थान। इस कूद का महत्व पदक के रंग से अधिक उस खाली जगह में है, जिसे इसने भर दिया। लगभग पचास वर्षों तक एशियाई खेलों की पुरुष ऊँची कूद में कोई भारतीय पदक तक नहीं पहुँच पाया था, इसलिए यह सूखा भारतीय कूद खिलाड़ियों की कई पीढ़ियों तक फैला हुआ था। एक ही स्पर्धा ने भारतीय एथलेटिक्स के रिकॉर्ड की वह कमी पूरी कर दी।

प्रधानमंत्री ने क्या कहा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उसी दिन इस खिलाड़ी को बधाई दी। उन्होंने इस प्रयास को शानदार बताया और कहा कि इस स्पर्धा में भारतीय पदक की लंबी प्रतीक्षा अब समाप्त हो गई है। उन्होंने इस सफलता को लगन और दृढ़ निश्चय से मिली यादगार उपलब्धि कहा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह संदेश एक्स पर साझा किया।

परीक्षा की दृष्टि से

  • तीन जुड़ी बातें एक साथ याद रखें, खिलाड़ी सर्वेश कुशारे, स्पर्धा पुरुष ऊँची कूद और पदक रजत।
  • वह तथ्य याद रखें जो प्रश्न बनाता है, इस स्पर्धा में भारत की पाँच दशकों की पदक प्रतीक्षा समाप्त हुई।
  • आयोजन एशियाई खेल है और परिणाम की तारीख 27 सितंबर 2026 है।

बहु-खेल आयोजनों के एथलेटिक्स परिणाम सामान्य ज्ञान में हर साल पूछे जाते हैं, और जो पदक दशकों की प्रतीक्षा समाप्त करता है, प्रश्नपत्र बनाने वाले उसे वर्षों तक दोहराते हैं। इसलिए खिलाड़ी का नाम और पदक का रंग, दोनों याद रखना जरूरी है।

महत्वपूर्ण तथ्य

खिलाड़ीसर्वेश कुशारे
स्पर्धापुरुष ऊँची कूद
आयोजनएशियाई खेल
पदकरजत, अर्थात दूसरा स्थान
खेलएथलेटिक्स की फील्ड स्पर्धा
महत्वइस स्पर्धा में भारत की पाँच दशकों की पदक प्रतीक्षा समाप्त हुई
बधाईप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
तारीख27 सितंबर 2026
एशियाई खेल 2026: भारत की पूरी पदक तालिका और सभी विजेताओं की सूची देखें

परीक्षा की दृष्टि से

खिलाड़ी सर्वेश कुशारे, स्पर्धा पुरुष ऊँची कूद, पदक रजत, आयोजन एशियाई खेल और यह तथ्य याद रखें कि पदक ने पाँच दशकों की भारतीय प्रतीक्षा समाप्त की। विकल्पों में ऊँची कूद के बदले लंबी कूद, त्रिकूद या पोल वॉल्ट और रजत के बदले स्वर्ण या कांस्य दिया जा सकता है।

अभ्यास प्रश्न

Q1.खेलआसान

सर्वेश कुशारे ने एशियाई खेलों में किस स्पर्धा में ऐतिहासिक रजत पदक जीता?

  1. A.पुरुष लंबी कूद
  2. B.पुरुष ऊँची कूद
  3. C.पुरुष त्रिकूद
  4. D.पुरुष पोल वॉल्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पुरुष ऊँची कूद

व्याख्या

सही उत्तर पुरुष ऊँची कूद है। सर्वेश कुशारे ने एशियाई खेलों की पुरुष ऊँची कूद स्पर्धा में दूसरा स्थान प्राप्त करते हुए रजत पदक जीता और इस पदक ने इस स्पर्धा में भारत की पाँच दशकों लंबी प्रतीक्षा समाप्त कर दी। विकल्प A यानी लंबी कूद एक क्षैतिज कूद स्पर्धा है और यह पदक उसमें नहीं जीता गया। विकल्प C यानी त्रिकूद भी क्षैतिज कूद की स्पर्धा है और इस परिणाम से उसका कोई संबंध नहीं है। विकल्प D यानी पोल वॉल्ट ऊपर की ओर की कूद है, परंतु उसमें खिलाड़ी बाँस के सहारे कूदता है और घोषणा में उस स्पर्धा का नाम नहीं है। इसलिए केवल ऊँची कूद ही सही बैठती है। परीक्षार्थियों को खिलाड़ी, स्पर्धा और पदक के रंग को एक साथ याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न इन तीनों को मिलाकर पूछा जाता है।

Q2.खेलआसान

एशियाई खेलों की पुरुष ऊँची कूद में सर्वेश कुशारे को कौन सा पदक मिला?

  1. A.स्वर्ण
  2. B.रजत
  3. C.कांस्य
  4. D.चौथा स्थान, कोई पदक नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रजत

व्याख्या

सही उत्तर रजत है। घोषणा के अनुसार सर्वेश कुशारे ने एशियाई खेलों की पुरुष ऊँची कूद में रजत पदक जीता, जिसका अर्थ है कि वे फाइनल में दूसरे स्थान पर रहे। विकल्प A यानी स्वर्ण का अर्थ होता कि उन्होंने स्पर्धा जीत ली, जबकि घोषणा में ऐसा नहीं कहा गया। विकल्प C यानी कांस्य उन्हें तीसरे स्थान पर रखता, जबकि उनका प्रदर्शन इससे बेहतर रहा। विकल्प D गलत है, क्योंकि चौथे स्थान पर कोई पदक नहीं मिलता, जबकि इस प्रदर्शन को स्पष्ट रूप से पदक जीतने वाली और ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया। पदक का रंग यहाँ महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह कहानी उस रजत के रूप में याद रखी जाएगी जिसने भारत का लंबा सूखा समाप्त किया, और प्रश्नपत्र बनाने वाले अक्सर केवल रंग बदलकर गलत विकल्प तैयार करते हैं।

Q3.खेलमध्यम

सर्वेश कुशारे के रजत पदक ने एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में भारत की कितने समय की पदक प्रतीक्षा समाप्त की?

  1. A.दो दशक
  2. B.तीन दशक
  3. C.पाँच दशक
  4. D.सात दशक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पाँच दशक

व्याख्या

सही उत्तर पाँच दशक है। इस पदक को ऐतिहासिक इसलिए कहा गया कि एशियाई खेलों की पुरुष ऊँची कूद में भारत को पाँच दशकों तक कोई पदक नहीं मिला था और यह प्रतीक्षा इस कूद से समाप्त हुई। विकल्प A और B यानी दो और तीन दशक इस सूखे की अवधि को कम बताते हैं, जिससे यह उपलब्धि उतनी बड़ी नहीं रहती जितनी बताई गई। विकल्प D यानी सात दशक अवधि को बढ़ा देता है। पाँच दशकों का यही आँकड़ा इस पदक को साधारण रजत से ऐतिहासिक रजत बनाता है, इसलिए कहानी का यही हिस्सा सबसे अधिक पूछा जाता है। परीक्षार्थी खिलाड़ी, स्पर्धा, रजत पदक और पाँच दशकों की प्रतीक्षा को नोट्स की एक ही पंक्ति में जोड़कर रखें। इसी प्रकार पदक का रंग और स्पर्धा का नाम भी साथ में लिख लें, क्योंकि प्रश्न में अवधि सही देकर स्पर्धा बदली जा सकती है, और तब उत्तर गलत हो जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियाई खेलों की पुरुष ऊँची कूद में सर्वेश कुशारे ने कौन सा पदक जीता?

उन्होंने रजत पदक जीता, जो फाइनल में दूसरे स्थान को दर्शाता है। यह परिणाम 27 सितंबर 2026 को आया और इसने इस स्पर्धा में भारत की पाँच दशकों की पदक प्रतीक्षा समाप्त कर दी।

सर्वेश कुशारे के इस पदक को ऐतिहासिक क्यों कहा गया?

क्योंकि एशियाई खेलों की पुरुष ऊँची कूद में पाँच दशकों से किसी भारतीय को पदक नहीं मिला था। उनके रजत पदक ने वह लंबा सूखा समाप्त किया, इसलिए प्रधानमंत्री ने इसे यादगार उपलब्धि कहा।

इस सफलता पर सर्वेश कुशारे को किसने बधाई दी?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बधाई दी और कूद को लगन तथा दृढ़ निश्चय से मिली शानदार सफलता बताया। यह संदेश प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर साझा किया।

स्रोत

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