सर्वेश कुशारे के रजत पदक ने एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में भारत की कितने समय की पदक प्रतीक्षा समाप्त की?
- A.दो दशक
- B.तीन दशक
- C.पाँच दशक
- D.सात दशक
सही उत्तर
C. पाँच दशक
व्याख्या
सही उत्तर पाँच दशक है। इस पदक को ऐतिहासिक इसलिए कहा गया कि एशियाई खेलों की पुरुष ऊँची कूद में भारत को पाँच दशकों तक कोई पदक नहीं मिला था और यह प्रतीक्षा इस कूद से समाप्त हुई। विकल्प A और B यानी दो और तीन दशक इस सूखे की अवधि को कम बताते हैं, जिससे यह उपलब्धि उतनी बड़ी नहीं रहती जितनी बताई गई। विकल्प D यानी सात दशक अवधि को बढ़ा देता है। पाँच दशकों का यही आँकड़ा इस पदक को साधारण रजत से ऐतिहासिक रजत बनाता है, इसलिए कहानी का यही हिस्सा सबसे अधिक पूछा जाता है। परीक्षार्थी खिलाड़ी, स्पर्धा, रजत पदक और पाँच दशकों की प्रतीक्षा को नोट्स की एक ही पंक्ति में जोड़कर रखें। इसी प्रकार पदक का रंग और स्पर्धा का नाम भी साथ में लिख लें, क्योंकि प्रश्न में अवधि सही देकर स्पर्धा बदली जा सकती है, और तब उत्तर गलत हो जाता है।
पूरा लेख पढ़ें: एशियाई खेलों की ऊँची कूद में सर्वेश कुशारे को रजत पदक
अभ्यास प्रश्न
सर्वेश कुशारे ने एशियाई खेलों में किस स्पर्धा में ऐतिहासिक रजत पदक जीता?
- A.पुरुष लंबी कूद
- B.पुरुष ऊँची कूद
- C.पुरुष त्रिकूद
- D.पुरुष पोल वॉल्ट
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सही उत्तर: B. पुरुष ऊँची कूद
व्याख्या
सही उत्तर पुरुष ऊँची कूद है। सर्वेश कुशारे ने एशियाई खेलों की पुरुष ऊँची कूद स्पर्धा में दूसरा स्थान प्राप्त करते हुए रजत पदक जीता और इस पदक ने इस स्पर्धा में भारत की पाँच दशकों लंबी प्रतीक्षा समाप्त कर दी। विकल्प A यानी लंबी कूद एक क्षैतिज कूद स्पर्धा है और यह पदक उसमें नहीं जीता गया। विकल्प C यानी त्रिकूद भी क्षैतिज कूद की स्पर्धा है और इस परिणाम से उसका कोई संबंध नहीं है। विकल्प D यानी पोल वॉल्ट ऊपर की ओर की कूद है, परंतु उसमें खिलाड़ी बाँस के सहारे कूदता है और घोषणा में उस स्पर्धा का नाम नहीं है। इसलिए केवल ऊँची कूद ही सही बैठती है। परीक्षार्थियों को खिलाड़ी, स्पर्धा और पदक के रंग को एक साथ याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न इन तीनों को मिलाकर पूछा जाता है।
एशियाई खेलों की पुरुष ऊँची कूद में सर्वेश कुशारे को कौन सा पदक मिला?
- A.स्वर्ण
- B.रजत
- C.कांस्य
- D.चौथा स्थान, कोई पदक नहीं
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सही उत्तर: B. रजत
व्याख्या
सही उत्तर रजत है। घोषणा के अनुसार सर्वेश कुशारे ने एशियाई खेलों की पुरुष ऊँची कूद में रजत पदक जीता, जिसका अर्थ है कि वे फाइनल में दूसरे स्थान पर रहे। विकल्प A यानी स्वर्ण का अर्थ होता कि उन्होंने स्पर्धा जीत ली, जबकि घोषणा में ऐसा नहीं कहा गया। विकल्प C यानी कांस्य उन्हें तीसरे स्थान पर रखता, जबकि उनका प्रदर्शन इससे बेहतर रहा। विकल्प D गलत है, क्योंकि चौथे स्थान पर कोई पदक नहीं मिलता, जबकि इस प्रदर्शन को स्पष्ट रूप से पदक जीतने वाली और ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया। पदक का रंग यहाँ महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह कहानी उस रजत के रूप में याद रखी जाएगी जिसने भारत का लंबा सूखा समाप्त किया, और प्रश्नपत्र बनाने वाले अक्सर केवल रंग बदलकर गलत विकल्प तैयार करते हैं।
एशियाई खेलों की जिस डेकाथलॉन स्पर्धा में भारत ने कांस्य जीता, वह कितने दिनों तक चलती है?
- A.एक दिन
- B.दो दिन
- C.तीन दिन
- D.चार दिन
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सही उत्तर: B. दो दिन
व्याख्या
सही उत्तर दो दिन है। तेजस्विन शंकर के कांस्य पदक की सराहना इस आधार पर हुई कि दो दिनों तक चलने वाली इतनी कठिन स्पर्धाओं में टिके रहने के लिए गजब की क्षमता, सहनशक्ति और पक्के इरादे की जरूरत होती है, और उन्होंने ये तीनों दिखाते हुए अपने अभियान का मजबूत समापन किया। विकल्प A यानी एक दिन गलत है, क्योंकि एक ही दिन में डेकाथलॉन की सभी स्पर्धाएँ नहीं समाई जा सकतीं। विकल्प C और D यानी तीन और चार दिन कार्यक्रम को बताए गए समय से आगे बढ़ा देते हैं। दो दिन का यह प्रारूप याद रखने योग्य है, क्योंकि इसी से समझ आता है कि डेकाथलॉन का पदक किसी एक कौशल के बजाय सर्वांगीण क्षमता की परीक्षा क्यों माना जाता है।
तेजस्विन शंकर ने एशियाई खेलों में किस स्पर्धा में कांस्य पदक जीता?
- A.पुरुष हेप्टाथलॉन
- B.पुरुष डेकाथलॉन
- C.पुरुष पेंटाथलॉन
- D.पुरुष मैराथन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पुरुष डेकाथलॉन
व्याख्या
सही उत्तर पुरुष डेकाथलॉन है। तेजस्विन शंकर एशियाई खेलों की पुरुष डेकाथलॉन स्पर्धा में तीसरे स्थान पर रहे और कांस्य पदक जीता। इस उपलब्धि की सराहना इसलिए हुई कि डेकाथलॉन दो दिनों में कई कठिन स्पर्धाएँ समेटता है और उसमें क्षमता, सहनशक्ति तथा पक्का इरादा एक साथ चाहिए होता है। विकल्प A यानी हेप्टाथलॉन एक अलग संयुक्त स्पर्धा है और यह पदक उसमें नहीं जीता गया। विकल्प C यानी पेंटाथलॉन भी कम स्पर्धाओं वाली अलग संयुक्त प्रतियोगिता है। विकल्प D यानी मैराथन सड़क पर होने वाली एकल लंबी दौड़ है और संयुक्त स्पर्धा से उसका कोई संबंध नहीं है। परीक्षार्थी खिलाड़ी का नाम डेकाथलॉन और कांस्य रंग के साथ जोड़कर याद रखें, क्योंकि प्रश्न में नाम वही रखकर स्पर्धा बदली जा सकती है।
पारुल चौधरी ने एशियाई खेलों में किस स्पर्धा में कांस्य पदक जीता?
- A.महिला 1500 मीटर
- B.महिला 5000 मीटर
- C.महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज
- D.महिला 10000 मीटर
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सही उत्तर: C. महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज
व्याख्या
सही उत्तर महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज है। पारुल चौधरी इस दौड़ में एशियाई खेलों में तीसरे स्थान पर रहीं और पोडियम तक पहुँचते हुए उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत समय भी दर्ज किया, जो इस कांस्य पदक को विशेष बनाता है। विकल्प A, B और D ट्रैक की सपाट दौड़ें हैं और वे सभी वास्तविक एथलेटिक्स स्पर्धाएँ हैं, परंतु यह पदक उनमें से किसी में नहीं जीता गया। स्टीपलचेज इन सपाट दौड़ों से इसलिए अलग है कि उसमें बाधाएँ और जल अवरोध पार करने होते हैं। प्रधानमंत्री ने इस प्रदर्शन को शानदार बताया और कहा कि उनके समर्पण तथा अटूट लगन ने देश को गौरवान्वित किया, इसलिए स्पर्धा, पदक का रंग और व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय एक साथ दोहराइए। इस दौड़ की दूरी 3000 मीटर है, इसलिए दूरी, बाधाओं वाली दौड़ का नाम और कांस्य पदक, ये तीनों बातें नोट्स में एक ही पंक्ति में रखनी चाहिए।