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पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन सेशेल्स से रवाना, पासेक्स भी किया

भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के जहाज आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी 15 अक्टूबर 2026 को सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया से रवाना हुए।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन सेशेल्स से रवाना, पासेक्स भी किया

चर्चा में क्यों

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन, जिसमें आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी शामिल थे, 15 अक्टूबर 2026 को सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया से रवाना हुआ और प्रवास के दौरान सेशेल्स तटरक्षक जहाज के साथ पैसेक्स किया।

भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टीएस) के तीन जहाज सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया से रवाना हो गए। प्रशिक्षण तैनाती के दौरान हुआ यह बंदरगाह प्रवास पूरा होने पर जहाज वापस समुद्र में निकले। इस चरण में स्क्वाड्रन में आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक जहाज सारथी शामिल थे।

तिथियां

जहाज 12 अक्टूबर 2026 को पोर्ट विक्टोरिया पहुंचे थे और 15 अक्टूबर 2026 को वहां से रवाना हुए। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस यात्रा से पेशेवर प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण तथा सेशेल्स के नेतृत्व और समुद्री समुदाय के साथ संवाद के जरिये दोनों देशों की पुरानी साझेदारी और गहरी हुई।

किससे मुलाकात

स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी तथा पहुंचे हुए जहाजों के कमांडिंग अधिकारियों ने सेशेल्स रक्षा बल (एसडीएफ) के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज मेजर जनरल माइकल रोसेट से भेंट की। बातचीत दोनों सेनाओं के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी और द्विपक्षीय सहयोग पर केंद्रित रही।

प्रशिक्षण और समुद्री अभ्यास

प्रवास के दौरान पेशेवर गतिविधियां और क्रॉस-ट्रेनिंग दौरे हुए। सेशेल्स रक्षा बल के कर्मियों को अग्निशमन तथा छोटे हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया गया। समुद्र में भारतीय जहाजों ने सेशेल्स तटरक्षक जहाज एंड्रोमैक के साथ पैसेज एक्सरसाइज (पैसेक्स) किया, जिसमें संयुक्त गश्त, संचार अभ्यास और समन्वित युद्धाभ्यास शामिल रहे।

सामुदायिक गतिविधियां

  • स्थानीय लोगों के लिए चिकित्सा शिविर लगाया गया।
  • पॉइंट ला रू के वृद्धाश्रम में आवश्यक सामग्री दी गई।
  • स्कूली बच्चों ने जहाजों का दौरा किया।
  • भारतीय नौसेना बैंड ने संगीतमय प्रस्तुति दी।

महासागर दृष्टिकोण

रक्षा मंत्रालय ने इस यात्रा को महासागर दृष्टिकोण से जोड़ा, जिसका पूरा नाम क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी एवं समग्र प्रगति है। इसी के तहत भारतीय नौसेना हिंद महासागर के मित्र देशों के साथ क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय साझेदारी पर काम करती है। परीक्षार्थियों के लिए यह यात्रा बताती है कि प्रशिक्षण स्क्वाड्रन केवल कैडेट तैयार नहीं करता, वह एक ही यात्रा में कूटनीति, संयुक्त अभ्यास और जनसेवा का काम भी करता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

स्क्वाड्रनभारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टीएस)
जहाजआईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी
बंदरगाहपोर्ट विक्टोरिया, सेशेल्स
प्रवास अवधि12 अक्टूबर 2026 से 15 अक्टूबर 2026
अभ्याससेशेल्स तटरक्षक जहाज एंड्रोमैक के साथ पैसेक्स
मुलाकातमेजर जनरल माइकल रोसेट, चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज, सेशेल्स रक्षा बल
दृष्टिकोणमहासागर: क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी एवं समग्र प्रगति
मंत्रालयरक्षा मंत्रालय

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: स्क्वाड्रन (पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन, 1टीएस), तीनों जहाज (आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता, आईसीजीएस सारथी), बंदरगाह और देश (पोर्ट विक्टोरिया, सेशेल्स), तिथियां (आगमन 12 अक्टूबर 2026, प्रस्थान 15 अक्टूबर 2026), अभ्यास (एंड्रोमैक के साथ पैसेक्स), मुलाकात (मेजर जनरल माइकल रोसेट) और महासागर का पूरा नाम।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षाआसान

भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन ने पोर्ट विक्टोरिया में बंदरगाह प्रवास किया, यह बंदरगाह किस देश का है?

  1. A.मॉरीशस
  2. B.सेशेल्स
  3. C.मालदीव
  4. D.मेडागास्कर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सेशेल्स

पोर्ट विक्टोरिया वही बंदरगाह है जहां प्रशिक्षण तैनाती के दौरान पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के जहाज ठहरे थे, वे बारह अक्टूबर को पहुंचे और पंद्रह अक्टूबर को रवाना हुए।

Q2.रक्षामध्यम

सेशेल्स प्रवास के दौरान पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन में कौन से जहाज शामिल थे?

  1. A.आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी
  2. B.आईएनएस शिवालिक, आईएनएस कमोर्ता और आईसीजीएस समर्थ
  3. C.आईएनएस तरंगिणी, आईएनएस सुदर्शिनी और आईसीजीएस विक्रम
  4. D.आईएनएस दिल्ली, आईएनएस सतपुड़ा और आईसीजीएस अभिनव
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी

रक्षा मंत्रालय ने इन्हीं तीन जहाजों को पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन का हिस्सा बताया, जो पोर्ट विक्टोरिया में ठहरे और प्रवास पूरा होने पर रवाना हुए।

Q3.रक्षामध्यम

इस तैनाती के संदर्भ में उल्लिखित महासागर दृष्टिकोण का पूरा नाम क्या है?

  1. A.समुद्री सद्भाव और क्षेत्रीय प्रगति के लिए सुरक्षित पहुंच
  2. B.क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी एवं समग्र प्रगति
  3. C.साझा कार्रवाई और क्षेत्रीय लचीलेपन के लिए समुद्री गठबंधन
  4. D.क्षेत्र में मानवीय सहायता, सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक सहयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी एवं समग्र प्रगति

रक्षा मंत्रालय ने प्रशिक्षण तैनाती के उद्देश्य का वर्णन करते हुए यही पूरा नाम दिया, जिसके अंतर्गत भारतीय नौसेना साझेदार देशों में क्षमता निर्माण करती है और हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदारियों को मजबूत बनाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेशेल्स यात्रा में पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के कौन से जहाज शामिल थे?

आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक जहाज सारथी। ये जहाज 12 अक्टूबर 2026 को पोर्ट विक्टोरिया पहुंचे और प्रशिक्षण तैनाती के दौरान 15 अक्टूबर 2026 को वहां से रवाना हुए।

भारतीय जहाजों ने सेशेल्स के साथ कौन सा अभ्यास किया?

सेशेल्स तटरक्षक जहाज एंड्रोमैक के साथ पैसेज एक्सरसाइज यानी पैसेक्स। इसमें संयुक्त गश्त, संचार अभ्यास और समन्वित युद्धाभ्यास शामिल रहे।

महासागर का पूरा नाम क्या है?

क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी एवं समग्र प्रगति। भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय साझेदारी के अपने कार्य को इसी दृष्टिकोण के अंतर्गत रखती है।

स्रोत

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