इस तैनाती के संदर्भ में उल्लिखित महासागर दृष्टिकोण का पूरा नाम क्या है?
- A.समुद्री सद्भाव और क्षेत्रीय प्रगति के लिए सुरक्षित पहुंच
- B.क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी एवं समग्र प्रगति
- C.साझा कार्रवाई और क्षेत्रीय लचीलेपन के लिए समुद्री गठबंधन
- D.क्षेत्र में मानवीय सहायता, सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक सहयोग
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी एवं समग्र प्रगति है। रक्षा मंत्रालय ने प्रशिक्षण तैनाती के उद्देश्य का वर्णन करते हुए यही पूरा नाम दिया, जिसके अंतर्गत भारतीय नौसेना साझेदार देशों में क्षमता निर्माण करती है और हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदारियों को मजबूत बनाती है। शेष तीन विकल्प गढ़े हुए नाम हैं जिनमें समुद्री, सद्भाव, गठबंधन और मानवीय जैसे मिलते-जुलते शब्द जोड़ दिए गए हैं, पर इनमें से कोई आधिकारिक नहीं है। प्रतियोगी परीक्षाओं में संक्षिप्त नामों के विस्तार पर प्रश्न आम हैं, इसलिए अक्षरों से अनुमान लगाने के बजाय सटीक शब्द याद रखने चाहिए। इस यात्रा में यह दृष्टिकोण ठोस गतिविधियों से दिखा: सेशेल्स रक्षा बल के कर्मियों को अग्निशमन और छोटे हथियारों का प्रशिक्षण, तटरक्षक जहाज के साथ समुद्री अभ्यास, तट पर चिकित्सा शिविर और वृद्धाश्रम में आवश्यक सामग्री का वितरण।
पूरा लेख पढ़ें: पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन सेशेल्स से रवाना, पासेक्स भी किया
अभ्यास प्रश्न
भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन ने पोर्ट विक्टोरिया में बंदरगाह प्रवास किया, यह बंदरगाह किस देश का है?
- A.मॉरीशस
- B.सेशेल्स
- C.मालदीव
- D.मेडागास्कर
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पोर्ट विक्टोरिया वही बंदरगाह है जहां प्रशिक्षण तैनाती के दौरान पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के जहाज ठहरे थे, वे बारह अक्टूबर को पहुंचे और पंद्रह अक्टूबर को रवाना हुए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सेशेल्स प्रवास के दौरान पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन में कौन से जहाज शामिल थे?
- A.आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईसीजीएस सारथी
- B.आईएनएस शिवालिक, आईएनएस कमोर्ता और आईसीजीएस समर्थ
- C.आईएनएस तरंगिणी, आईएनएस सुदर्शिनी और आईसीजीएस विक्रम
- D.आईएनएस दिल्ली, आईएनएस सतपुड़ा और आईसीजीएस अभिनव
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रक्षा मंत्रालय ने इन्हीं तीन जहाजों को पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन का हिस्सा बताया, जो पोर्ट विक्टोरिया में ठहरे और प्रवास पूरा होने पर रवाना हुए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कोंकण-26 में शामिल रॉयल नेवी का पोत एचएमएस सदरलैंड किस श्रेणी का है और मुख्य रूप से किस भूमिका के लिए बना है?
- A.टाइप 45 श्रेणी, वायु रक्षा
- B.ड्यूक श्रेणी, पनडुब्बीरोधी युद्ध
- C.रिवर श्रेणी, तटीय गश्त
- D.एस्ट्यूट श्रेणी, सुरंग युद्ध
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कोंकण-26 के लिए रॉयल नेवी ने जो पोत तैनात किया, एचएमएस सदरलैंड, उसे ड्यूक श्रेणी का पनडुब्बीरोधी फ्रिगेट बताया गया है, और समुद्री चरण में दोनों नौसेनाओं ने जिन क्षेत्रों का अभ्यास किया उनमें पनडुब्बीरोधी युद्ध भी शामिल था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कोंकण-26 अभ्यास ब्रिटेन के किस बंदरगाह नगर के निकट संपन्न हुआ?
- A.पोर्ट्समाउथ
- B.प्लायमाउथ
- C.साउथैम्पटन
- D.लिवरपूल
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कोंकण-26 ब्रिटेन के प्लायमाउथ तट के निकट समाप्त हुआ, जहां रॉयल नेवी के फ्लीट ऑपरेशनल स्टैंडर्ड्स एंड ट्रेनिंग संगठन ने भाग लेने वाले पोतों से विभिन्न गतिविधियां कराईं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कोंकण-26 अभ्यास में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व किस युद्धपोत ने किया?
- A.आईएनएस तबर
- B.आईएनएस तलवार
- C.आईएनएस त्रिशूल
- D.आईएनएस तेग
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कोंकण-26 में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस त्रिशूल ने किया, जिसने प्लायमाउथ के निकट रॉयल नेवी के एचएमएस सदरलैंड के साथ अभ्यास किया।
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