मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

कोर कार्यक्रम 2026 का समापन, तीनों सेनाओं ने की समीक्षा

राष्ट्रीय सुरक्षा पर तीनों सेनाओं की पांच दिवसीय समीक्षा नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में समाप्त हुई, जिसमें रक्षा, विदेश और गृह मंत्रालय भी शामिल रहे।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
कोर कार्यक्रम 2026 का समापन, तीनों सेनाओं ने की समीक्षा

चर्चा में क्यों

राष्ट्रीय सुरक्षा पर तीनों सेनाओं की वार्षिक समीक्षा, कोर कार्यक्रम, का 2026 संस्करण नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में समाप्त हुआ।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

हर वर्ष सशस्त्र बल और सरकार का असैन्य पक्ष एक मेज़ पर बैठकर यह आकलन करते हैं कि देश के सामने कौन सी चुनौतियाँ हैं और उनसे निपटने की तैयारी कहाँ तक है। इसी अभ्यास का 2026 संस्करण, कोर कार्यक्रम, राजधानी के मानेकशॉ सेंटर में समाप्त हुआ।

इसमें दो संस्थाओं की भूमिका अलग-अलग थी और परीक्षक प्रायः यही अंतर पूछते हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय ने तैयार की, जबकि इसे चलाने का काम सेंटर फॉर जॉइंट वारफेयर स्टडीज का था।

कौन शामिल हुआ

यह आयोजन 14 से 18 सितंबर 2026 तक, कुल पांच दिन चला। मेज़ पर तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी थे और उनके साथ तीन मंत्रालयों के अधिकारी भी - रक्षा, विदेश तथा गृह। यही संयोजन इस अभ्यास का मूल है, क्योंकि सुरक्षा का कोई भी प्रश्न अकेले किसी एक मंत्रालय का नहीं होता।

चर्चा के विषय

बातचीत इस बात पर हुई कि तीनों सेनाएँ एक बल की तरह कैसे काम करें, चल रहे संघर्ष किस तरह लड़े जा रहे हैं, युद्ध का स्वरूप कैसे बदला है, और उत्पादन तथा क्षमता के मोर्चे पर कहाँ पिछड़ापन है। इसके साथ सुरक्षा के वे पहलू भी उठे जिनमें गोली नहीं चलती।

प्रौद्योगिकी पर अच्छा-खासा समय दिया गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग को इस दृष्टि से परखा गया कि रणभूमि पर इनका क्या उपयोग हो सकता है। संज्ञानात्मक युद्ध, रणनीतिक संचार और दुष्प्रचार से निपटने की रणनीति भी विषय रहे।

शीर्ष नेतृत्व से संवाद

इस बार की खास बात यह रही कि नेतृत्व ने प्रतिभागियों को काफी समय दिया। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, नौसेना प्रमुख और सीआईएससी ने पाठ्यक्रम के अधिकारियों से बात की और बताया कि शीर्ष स्तर पर निर्णय कैसे लिए जाते हैं तथा आज का खतरा किस रूप में सामने है। वायुसेना उपप्रमुख और थलसेना उपप्रमुख ने भी यही किया।

वर्दी से बाहर की भागीदारी

कमरा केवल सरकार तक सीमित नहीं था। विशेषज्ञ, विश्वविद्यालयों के शिक्षाविद, थिंक टैंक और अन्य सार्वजनिक संस्थान भी मौजूद रहे। इससे यह चर्चा व्यापक हुई कि युद्ध का चरित्र किस दिशा में बदल रहा है और एक समन्वित राष्ट्रीय उत्तर कैसा होना चाहिए।

निष्कर्ष

सेनाओं, मंत्रालयों और बाहरी संस्थानों को एक मंच पर लाकर यह कार्यक्रम उसी पुरानी समस्या पर काम करता है - जिन विभागों को साथ काम करना है, वे साथ योजना नहीं बनाते। समापन का सार यह रहा कि कूटनीति, सूचना, अर्थव्यवस्था और सैन्य शक्ति को एक साथ चलना होगा, जिसे प्रतिभागियों ने संपूर्ण-राष्ट्र दृष्टिकोण कहा। सप्ताह का अंत संज्ञानात्मक युद्ध और रणनीतिक संचार पर आधारित परिदृश्य अभ्यासों से हुआ।

महत्वपूर्ण तथ्य

कार्यक्रमसंयुक्त परिचालन समीक्षा और मूल्यांकन (कोर) कार्यक्रम 2026
आयोजकएकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय (एचक्यू आईडीएस)
संचालकसेंटर फॉर जॉइंट वारफेयर स्टडीज
स्थानमानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली
अवधिपांच दिवसीय, 14 से 18 सितंबर 2026
शामिल मंत्रालयरक्षा, विदेश और गृह मंत्रालय
मुख्य वाक्यांशराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संपूर्ण-राष्ट्र दृष्टिकोण

परीक्षा की दृष्टि से

चार बातें पूछी जाती हैं - कोर का पूरा नाम, रूपरेखा किसने बनाई (एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय), संचालन किसने किया (सेंटर फॉर जॉइंट वारफेयर स्टडीज), और कौन से तीन मंत्रालय शामिल थे। संपूर्ण-राष्ट्र दृष्टिकोण वाक्यांश भी याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षामध्यम

मानेकशॉ सेंटर में संपन्न हुए कोर कार्यक्रम 2026 का संचालन किस संस्था ने किया?

  1. A.रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान
  2. B.सेंटर फॉर जॉइंट वारफेयर स्टडीज
  3. C.राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय
  4. D.रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सेंटर फॉर जॉइंट वारफेयर स्टडीज

व्याख्या

सही उत्तर सेंटर फॉर जॉइंट वारफेयर स्टडीज है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार संयुक्त परिचालन समीक्षा और मूल्यांकन कार्यक्रम 2026 का आयोजन एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय द्वारा किया गया और संचालन सेंटर फॉर जॉइंट वारफेयर स्टडीज द्वारा किया गया, जो नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में संपन्न हुआ।

अभ्यर्थियों को आयोजक और संचालक की भूमिकाओं को अलग-अलग याद रखना चाहिए, क्योंकि परीक्षाओं में प्रायः यही अंतर पूछा जाता है। शेष विकल्पों में दिए गए संस्थान रक्षा क्षेत्र में प्रसिद्ध अवश्य हैं, और इसीलिए वे प्रभावी विकल्प बनते हैं, किंतु इस कार्यक्रम से उनका कोई संबंध विज्ञप्ति में नहीं बताया गया है। इसे इस प्रकार याद रखें - एचक्यू आईडीएस ने आयोजित किया, सीजेडब्ल्यूएस ने संचालित किया, मानेकशॉ सेंटर ने मेजबानी की।

Q2.रक्षामध्यम

कोर कार्यक्रम 2026 में किन तीन मंत्रालयों के अधिकारियों ने भाग लिया?

  1. A.रक्षा, वित्त और गृह मंत्रालय
  2. B.रक्षा, विदेश और गृह मंत्रालय
  3. C.रक्षा, विदेश और वाणिज्य मंत्रालय
  4. D.गृह, विदेश और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रक्षा, विदेश और गृह मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर रक्षा, विदेश और गृह मंत्रालय है। विज्ञप्ति के अनुसार इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय एवं गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी मौजूदा तथा उभरती चुनौतियों पर चर्चा की। यह कार्यक्रम 14 से 18 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में चला और इसका संचालन सेंटर फॉर जॉइंट वारफेयर स्टडीज ने किया।

यह संयोजन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कार्यक्रम का घोषित उद्देश्य अंतर-विभागीय समन्वय और अंतर-एजेंसी संयुक्तता को सुदृढ़ करना था, और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रश्न पर यही तीन मंत्रालय आपस में मिलते हैं - सैन्य पक्ष रक्षा मंत्रालय देखता है, कूटनीतिक पक्ष विदेश मंत्रालय और आंतरिक सुरक्षा का पक्ष गृह मंत्रालय। शेष विकल्पों में ऐसे मंत्रालय जोड़े गए हैं जिनका उल्लेख विज्ञप्ति में कहीं नहीं है, जैसे वित्त मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय अथवा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, और इन्हें उत्तर मानना गलत होगा। इसके साथ चर्चाओं में रेखांकित किया गया वाक्यांश भी याद रखें - राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संपूर्ण-राष्ट्र दृष्टिकोण, जिसे परीक्षक प्रायः सीधे उद्धृत करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोर कार्यक्रम का पूरा नाम क्या है?

कोर का पूरा नाम संयुक्त परिचालन समीक्षा और मूल्यांकन कार्यक्रम है। इसका 2026 संस्करण नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में संपन्न हुआ।

कोर कार्यक्रम 2026 का संचालन किसने किया?

इसका आयोजन एकीकृत रक्षा कार्मिक मुख्यालय ने किया और संचालन सेंटर फॉर जॉइंट वारफेयर स्टडीज ने किया।

किन उभरती प्रौद्योगिकियों पर चर्चा हुई?

चर्चाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग के साथ संज्ञानात्मक युद्ध, रणनीतिक संचार और दुष्प्रचार-रोधी अभियान शामिल थे।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:UPSCरक्षाNDA