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आईटीआरए अध्ययन: आयुर्वेद और योग से बिस्तर गीला करने में 70% सुधार

जामनगर स्थित आईटीआरए के अध्ययन में पाया गया कि आयुर्वेदिक औषधि के साथ चार योगासन करने से बच्चों में बिस्तर गीला करने की समस्या में करीब 70 प्रतिशत सुधार हुआ।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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आईटीआरए अध्ययन: आयुर्वेद और योग से बिस्तर गीला करने में 70% सुधार

चर्चा में क्यों

5 अक्तूबर 2026 को आयुष मंत्रालय ने बताया कि आईटीआरए जामनगर के चिकित्सकीय अध्ययन में आयुर्वेद और योग के संयुक्त दृष्टिकोण से बच्चों में बिस्तर गीला करने की समस्या में लगभग 70 प्रतिशत सुधार मिला, और निष्कर्ष AYU जर्नल में प्रकाशित हुए।

आयुष मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व के संस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद (आईटीआरए), जामनगर में हुए एक चिकित्सकीय अध्ययन में सामने आया है कि बच्चों में नींद के दौरान बिस्तर गीला करने की समस्या, जिसे शय्यामूत्र कहा जाता है, के प्रबंधन में आयुर्वेदिक औषधि के साथ योगासन जोड़ना केवल औषधि देने से बेहतर काम करता है। मंत्रालय ने 5 अक्तूबर 2026 को ये निष्कर्ष साझा किए और शोधपत्र प्रतिष्ठित AYU जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

अध्ययन की रूपरेखा

यह काम संस्थान के कौमारभृत्य विभाग यानी बाल रोग विभाग ने किया। अध्ययन 8 सप्ताह चला और इसमें 6 से 14 वर्ष की उम्र के लगभग 38 बच्चे शामिल किए गए, जिन्हें दो समूहों में बांटा गया।

  • पहला समूह: केवल मेध्य रसायन चूर्ण दिया गया, जिसमें ब्राह्मी, शंखपुष्पी, मुलेठी और गिलोय का मिश्रण था और जो दूध के साथ दिन में दो बार दिया गया
  • दूसरा समूह: वही औषधि, साथ में सुबह और शाम चार योगासन — उत्कटासन, अर्ध-शलभासन, भुजंगासन और शवासन

परिणाम क्या रहे

मानककेवल औषधिऔषधि के साथ योग
बिस्तर गीला करने की आवृत्ति में सुधारलगभग 38 प्रतिशतलगभग 70 प्रतिशत
स्मरणशक्ति में सुधारलगभग 31 प्रतिशतलगभग 61 प्रतिशत

संयुक्त उपचार वाले समूह में चिड़चिड़ेपन में लगभग 66 प्रतिशत कमी दर्ज हुई और व्यवहार संबंधी मानकों में भी सुधार दिखा। नियमित योगाभ्यास करने वाले बच्चों में अत्यधिक सक्रियता लगभग 71 प्रतिशत घटी, तथा एकाग्रता और मनोबल में भी बढ़त देखी गई।

शोध किसने किया

शोधपत्र प्रो. वैद्य वीरेंद्र कोरी, वैद्य सागर भिंडे और वैद्य अमीषा बावर्वा ने तैयार कर प्रस्तुत किया। उन्होंने अध्ययन के दौरान जुटाए आंकड़ों का विश्लेषण किया, जिसके बाद शोधपत्र प्रकाशन के लिए स्वीकार हुआ। आईटीआरए की निदेशक प्रो. डॉ. तनुजा नेसरी ने कहा कि बच्चों में यह समस्या कई कारकों से जुड़ी हो सकती है और इससे उनके आत्मविश्वास तथा व्यवहार पर भी असर पड़ता है।

यह संयोजन क्यों काम करता है

अध्ययन का संकेत है कि योगासन के अभ्यास से श्रोणि क्षेत्र की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शारीरिक तथा मानसिक समन्वय बेहतर बनता है, जिससे मूत्राशय पर नियंत्रण सुधरता है। औषधि में शामिल घटकों का पारंपरिक रूप से मानसिक शांति और संज्ञानात्मक स्वास्थ्य से संबंध माना जाता रहा है। निष्कर्ष बताते हैं कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ उपयुक्त जीवनशैली को जोड़ना लाभकारी होता है। संस्थान ने यह भी कहा कि बच्चों में कोई भी औषधि या योगाभ्यास अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक है।

महत्वपूर्ण तथ्य

अध्ययनकौमारभृत्य विभाग, इंस्टीट्यूट ऑफ टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद (आईटीआरए), जामनगर
मंत्रालयआयुष मंत्रालय; आईटीआरए राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है
विषयबच्चों में नींद के दौरान बिस्तर गीला करना, जिसे शय्यामूत्र कहा जाता है
अवधि और नमूना8 सप्ताह, 6 से 14 वर्ष के लगभग 38 बच्चे
औषधिमेध्य रसायन चूर्ण — ब्राह्मी, शंखपुष्पी, मुलेठी और गिलोय, दूध के साथ दिन में दो बार
योगासनउत्कटासन, अर्ध-शलभासन, भुजंगासन और शवासन
मुख्य परिणामऔषधि के साथ योग से लगभग 70 प्रतिशत सुधार, केवल औषधि से लगभग 38 प्रतिशत
प्रकाशनAYU जर्नल
आईटीआरए की निदेशकप्रो. डॉ. तनुजा नेसरी

परीक्षा की दृष्टि से

संस्थान (आईटीआरए जामनगर, आयुष मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय महत्व का संस्थान), विभाग (कौमारभृत्य यानी बाल रोग), अवधि (8 सप्ताह), नमूना (6 से 14 वर्ष के लगभग 38 बच्चे), औषधि (मेध्य रसायन चूर्ण — ब्राह्मी, शंखपुष्पी, मुलेठी, गिलोय), चार आसन, जर्नल (AYU) और निदेशक का नाम याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

बच्चों में बिस्तर गीला करने की समस्या पर आयुर्वेद और योग का यह अध्ययन किस संस्थान में हुआ?

  1. A.अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली
  2. B.इंस्टीट्यूट ऑफ टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद, जामनगर
  3. C.राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर
  4. D.केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. इंस्टीट्यूट ऑफ टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद, जामनगर

व्याख्या

सही उत्तर इंस्टीट्यूट ऑफ टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद, जामनगर है। यह चिकित्सकीय अध्ययन इसी संस्थान के कौमारभृत्य यानी बाल रोग विभाग ने किया, जो आयुष मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है, और निष्कर्ष AYU जर्नल में प्रकाशित हुए। विकल्प A उसी मंत्रालय के अधीन एक और प्रमुख आयुर्वेद संस्थान का नाम है, इसलिए यह सबसे आकर्षक गलत विकल्प बनता है, पर यहां बताया गया काम वहां नहीं हुआ। विकल्प C भी प्रतिष्ठित आयुर्वेद संस्थान है, लेकिन इस अध्ययन से उसका संबंध नहीं है। विकल्प D एक अनुसंधान परिषद है जो योग और प्राकृतिक चिकित्सा पर काम करती है, न कि वह संस्थान जिसे इस अध्ययन का श्रेय मिला। अभ्यर्थी संस्थान को उसके शहर, राष्ट्रीय महत्व के दर्जे, आयुष मंत्रालय और उसकी निदेशक के नाम के साथ जोड़कर याद रखें।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

आयुर्वेदिक औषधि के साथ योगासन करने वाले समूह में बिस्तर गीला करने की समस्या में लगभग कितना सुधार दर्ज हुआ?

  1. A.लगभग 31 प्रतिशत
  2. B.लगभग 38 प्रतिशत
  3. C.लगभग 61 प्रतिशत
  4. D.लगभग 70 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. लगभग 70 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर लगभग 70 प्रतिशत है। जिन बच्चों ने आयुर्वेदिक औषधि के साथ चुने हुए चार आसनों का नियमित अभ्यास किया, उनमें अध्ययन की 8 सप्ताह की अवधि में बिस्तर गीला करने की आवृत्ति में करीब 70 प्रतिशत सुधार दर्ज हुआ। विकल्प B यानी लगभग 38 प्रतिशत उस समूह का आंकड़ा है जिसे केवल औषधि दी गई, इसलिए वह तुलनात्मक समूह से जुड़ा है। विकल्प A यानी लगभग 31 प्रतिशत केवल औषधि लेने वाले बच्चों में स्मरणशक्ति का सुधार है और यहां यह जांचने के लिए रखा गया है कि अभ्यर्थी मानकों को अलग-अलग पहचानता है या नहीं। विकल्प C यानी लगभग 61 प्रतिशत संयुक्त समूह में स्मरणशक्ति का सुधार है, जो फिर एक दूसरा मानक है। अध्ययन में संयुक्त समूह में चिड़चिड़ेपन में लगभग 66 प्रतिशत और अत्यधिक सक्रियता में लगभग 71 प्रतिशत कमी भी बताई गई, इसलिए हर प्रतिशत को उसके मानक के साथ जोड़कर याद रखना चाहिए।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

अध्ययन के दोनों समूहों के बच्चों को कौन सी आयुर्वेदिक औषधि दी गई?

  1. A.च्यवनप्राश
  2. B.मेध्य रसायन चूर्ण
  3. C.त्रिफला चूर्ण
  4. D.अश्वगंधा चूर्ण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मेध्य रसायन चूर्ण

व्याख्या

सही उत्तर मेध्य रसायन चूर्ण है। दोनों समूहों के बच्चों को यही औषधि दी गई, जिसमें ब्राह्मी, शंखपुष्पी, मुलेठी और गिलोय का मिश्रण था और जो दूध के साथ दिन में दो बार दी गई। दूसरे समूह ने इसके अतिरिक्त सुबह और शाम उत्कटासन, अर्ध-शलभासन, भुजंगासन तथा शवासन का अभ्यास किया। विकल्प A यानी च्यवनप्राश एक जानी-मानी आयुर्वेदिक तैयारी है, पर इस अध्ययन में उसका परीक्षण नहीं हुआ। विकल्प C यानी त्रिफला चूर्ण पाचन संबंधी शिकायतों में उपयोग होता है और इस परीक्षण में शामिल नहीं है। विकल्प D एक अकेली जड़ी-बूटी के इर्द-गिर्द बना भ्रम है, जबकि अध्ययन में नामित औषधि एक मिश्रित योग है। घटकों का महत्व शोधकर्ताओं की व्याख्या में है, क्योंकि ब्राह्मी और शंखपुष्पी का पारंपरिक रूप से मानसिक शांति और संज्ञानात्मक स्वास्थ्य से संबंध माना जाता रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह अध्ययन कहां किया गया?

जामनगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद (आईटीआरए) में, जो आयुष मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है। यह काम संस्थान के कौमारभृत्य यानी बाल रोग विभाग ने किया।

संयुक्त उपचार से कितना सुधार मिला?

बिस्तर गीला करने की आवृत्ति में लगभग 70 प्रतिशत सुधार, जबकि केवल आयुर्वेदिक औषधि लेने वाले बच्चों में यह लगभग 38 प्रतिशत रहा। स्मरणशक्ति, चिड़चिड़ापन और सक्रियता के मानकों में भी संयुक्त समूह आगे रहा।

अध्ययन में कौन से योगासन कराए गए?

सुबह और शाम चार आसन कराए गए: उत्कटासन, अर्ध-शलभासन, भुजंगासन और शवासन। अध्ययन का संकेत है कि इन आसनों से श्रोणि क्षेत्र की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और मूत्राशय पर नियंत्रण सुधरता है।

बच्चों को कौन सी औषधि दी गई?

मेध्य रसायन चूर्ण, जिसमें ब्राह्मी, शंखपुष्पी, मुलेठी और गिलोय का मिश्रण था। यह दोनों समूहों के बच्चों को दूध के साथ दिन में दो बार दिया गया।

स्रोत

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