भारत-नीदरलैंड बिजनेस फोरम: गोयल ने की सह-अध्यक्षता
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने डच मंत्री स्योर्ड स्योर्ड्स्मा के साथ भारत-नीदरलैंड बिजनेस फोरम की सह-अध्यक्षता की, जिसमें लगभग 200 प्रतिभागी जुटे।

चर्चा में क्यों
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 27 अक्तूबर 2026 को पीयूष गोयल की 26 अक्तूबर 2026 की नीदरलैंड यात्रा का ब्योरा दिया, जिसमें उनके द्वारा सह-अध्यक्षता किया गया भारत-नीदरलैंड बिजनेस फोरम तथा डच मंत्रियों, संसदीय समितियों और कंपनी प्रमुखों से बैठकें शामिल हैं।
यूरोप के साथ भारत की आर्थिक पहुँच को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 26 अक्तूबर 2026 को नीदरलैंड दौरे के दूसरे दिन डच मंत्रियों, सांसदों और कंपनी प्रमुखों से मुलाकात की। पत्र सूचना कार्यालय ने इस दिन का विवरण 27 अक्तूबर 2026 को जारी किया। हर बैठक में एक ही विषय केंद्र में रहा — भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को वास्तविक कारोबार, निवेश और आपूर्ति श्रृंखला के जुड़ाव में बदलना।
किनसे हुई मुलाकात
दिन की सरकारी बैठकों में तीन नाम प्रमुख रहे। स्योर्ड स्योर्ड्स्मा नीदरलैंड में विदेश व्यापार एवं विकास सहयोग मंत्री हैं। हेलेन हर्बर्ट आर्थिक मामले एवं जलवायु मंत्री हैं। आर्थर वान डिक नॉर्थ हॉलैंड प्रांत के किंग्स कमिश्नर हैं, यानी उस प्रांत में डच राजसत्ता का प्रतिनिधित्व इसी पद से होता है। सरकार के अलावा मंत्री ने दो संसदीय समितियों के सदस्यों से भी चर्चा की — प्रतिनिधि सभा की वह समिति जो विदेश व्यापार और विकास सहयोग देखती है, तथा सीनेट की यूरोपीय मामलों की समिति। इन बैठकों में बात द्विपक्षीय कारोबार से आगे बढ़कर भारत और समूचे यूरोपीय संघ की आर्थिक साझेदारी तक पहुँची।
भारत-नीदरलैंड बिजनेस फोरम
दिन का सबसे बड़ा आयोजन भारत-नीदरलैंड बिजनेस फोरम रहा, जिसकी अध्यक्षता गोयल और स्योर्ड्स्मा ने संयुक्त रूप से की। इसमें लगभग 200 लोग शामिल हुए और बड़ी संख्या में भारतीय तथा डच उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद थे। चर्चा बार-बार भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते से खुलने वाले रास्तों पर लौटी — बाजार तक व्यापक पहुँच, मजबूत निवेश साझेदारी और भारत तथा यूरोप के बीच चलने वाली आपूर्ति श्रृंखलाओं का गहरा जुड़ाव। फोरम में यह तर्क रखा गया कि दोनों अर्थव्यवस्थाएँ एक-दूसरे की प्रतिस्पर्धी नहीं बल्कि पूरक हैं, और समझौते को असली कारोबार में बदलने का काम सरकारों की कागजी कार्रवाई नहीं, उद्योग-से-उद्योग संपर्क करता है।
कंपनी प्रमुखों के साथ बैठकें
मंत्री ने कई बड़ी डच कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से अलग-अलग बातचीत भी की। इन कंपनियों का कारोबार लॉजिस्टिक्स और खुदरा, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी, ऊर्जा तथा औद्योगिक समाधान जैसे क्षेत्रों में फैला है। एक अलग गोलमेज बैठक में 15 डच कंपनियों का शीर्ष प्रबंधन जुटा; इसका आयोजन हेग स्थित भारतीय दूतावास ने एचएसबीसी नीदरलैंड के सहयोग से किया और इसमें निवेश योजनाओं, व्यावसायिक गठजोड़ तथा दोनों देशों के कारोबारी माहौल पर बात हुई।
नीदरलैंड क्यों अहम है
मीडिया से बातचीत में मंत्री ने दो बदलावों की ओर ध्यान खींचा — भारत-नीदरलैंड संबंधों का सामरिक साझेदारी के स्तर तक पहुँचना और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का पूरा होना। अपने बंदरगाहों और वितरण तंत्र के कारण नीदरलैंड भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोपीय बाजार का प्रवेश द्वार माना जाता है, इसीलिए भारत की यूरोप रणनीति में डच पूंजी और डच लॉजिस्टिक्स का वजन बड़ा है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| यात्रा | नीदरलैंड, 26 अक्तूबर 2026 की बैठकें |
|---|---|
| भारतीय मंत्री | पीयूष गोयल, वाणिज्य एवं उद्योग |
| मुख्य आयोजन | भारत-नीदरलैंड बिजनेस फोरम |
| डच सह-अध्यक्ष | स्योर्ड स्योर्ड्स्मा, विदेश व्यापार एवं विकास सहयोग मंत्री |
| फोरम में भागीदारी | लगभग 200, मुख्यतः भारतीय और डच उद्योग प्रतिनिधि |
| अन्य मंत्री | हेलेन हर्बर्ट, आर्थिक मामले एवं जलवायु मंत्री |
| प्रांतीय पदाधिकारी | आर्थर वान डिक, किंग्स कमिश्नर, नॉर्थ हॉलैंड प्रांत |
| गोलमेज बैठक | 15 डच कंपनियाँ, हेग स्थित दूतावास और एचएसबीसी नीदरलैंड के सहयोग से |
| व्यापार आधार | भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता |
| संबंधों का स्तर | सामरिक साझेदारी |
परीक्षा की दृष्टि से
फोरम का नाम और उसके दोनों सह-अध्यक्ष, स्योर्ड स्योर्ड्स्मा और हेलेन हर्बर्ट के विभाग, आर्थर वान डिक का पद (नॉर्थ हॉलैंड के किंग्स कमिश्नर), लगभग 200 प्रतिभागी, एचएसबीसी नीदरलैंड के सहयोग से 15 कंपनियों की गोलमेज बैठक तथा रिश्ते के दो आधार — सामरिक साझेदारी और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता — याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
अक्तूबर 2026 में हुए भारत-नीदरलैंड बिजनेस फोरम की सह-अध्यक्षता पीयूष गोयल के साथ किस डच मंत्री ने की?
- A.हेलेन हर्बर्ट, आर्थिक मामले एवं जलवायु मंत्री
- B.स्योर्ड स्योर्ड्स्मा, विदेश व्यापार एवं विकास सहयोग मंत्री
- C.आर्थर वान डिक, नॉर्थ हॉलैंड के किंग्स कमिश्नर
- D.नीदरलैंड के वित्त मंत्री
उत्तर देखें
वे नीदरलैंड में विदेश व्यापार एवं विकास सहयोग मंत्री हैं और 26 अक्तूबर 2026 की यात्रा के दौरान उन्होंने भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ भारत-नीदरलैंड बिजनेस फोरम की संयुक्त अध्यक्षता की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत-नीदरलैंड बिजनेस फोरम में लगभग कितने प्रतिभागी शामिल हुए?
- A.100
- B.150
- C.200
- D.300
उत्तर देखें
26 अक्तूबर 2026 की बैठकों के दौरान हुए भारत-नीदरलैंड बिजनेस फोरम में करीब इतने ही प्रतिभागी पहुँचे और इनमें बड़ी संख्या भारतीय तथा डच कंपनियों के प्रमुख प्रतिनिधियों की थी, केवल अधिकारियों की नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नीदरलैंड में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री से मिले आर्थर वान डिक किस पद पर हैं?
- A.नॉर्थ हॉलैंड प्रांत के किंग्स कमिश्नर
- B.एम्स्टर्डम के मेयर
- C.भारत में नीदरलैंड के राजदूत
- D.सीनेट की यूरोपीय मामलों की समिति के अध्यक्ष
उत्तर देखें
आर्थर वान डिक इसी प्रांतीय पद पर हैं, जिसके जरिये नॉर्थ हॉलैंड में डच राजसत्ता का प्रतिनिधित्व होता है, और 26 अक्तूबर 2026 को नीदरलैंड में पीयूष गोयल जिन नेताओं से मिले उनमें वे शामिल थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →15 डच कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन की गोलमेज बैठक हेग स्थित भारतीय दूतावास ने किस बैंक के सहयोग से कराई?
- A.आईएनजी ग्रुप
- B.एबीएन एम्रो
- C.एचएसबीसी नीदरलैंड
- D.राबोबैंक
उत्तर देखें
15 डच कंपनियों के मुख्य अधिकारियों को एक मेज पर लाने वाली यह गोलमेज बैठक हेग स्थित भारतीय दूतावास ने एचएसबीसी नीदरलैंड के सहयोग से आयोजित की और इसमें निवेश योजनाओं, व्यावसायिक गठजोड़ तथा दोनों तरफ के कारोबारी माहौल पर चर्चा हुई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत-नीदरलैंड बिजनेस फोरम की सह-अध्यक्षता पीयूष गोयल के साथ किसने की?
नीदरलैंड के विदेश व्यापार एवं विकास सहयोग मंत्री स्योर्ड स्योर्ड्स्मा ने। 26 अक्तूबर 2026 की यात्रा के दौरान हुए इस फोरम में लगभग 200 लोग शामिल हुए, जिनमें ज्यादातर भारतीय और डच उद्योग के प्रतिनिधि थे।
बातचीत किस व्यापार समझौते के इर्द-गिर्द रही?
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के। फोरम और कंपनी प्रमुखों की बैठकों में देखा गया कि इससे बाजार पहुँच, निवेश साझेदारी तथा भारत और यूरोप के बीच आपूर्ति श्रृंखला के जुड़ाव का लाभ कैसे उठाया जाए।
भारत और नीदरलैंड के संबंध अब किस स्तर पर हैं?
सामरिक साझेदारी के स्तर पर। पीयूष गोयल ने इसी बदलाव और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के पूरा होने को आर्थिक रिश्ते में आई तेजी का कारण बताया।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2328791 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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