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पहला अंतरराष्ट्रीय मक्का सम्मेलन हैदराबाद में शुरू हुआ

हैदराबाद में पहला अंतरराष्ट्रीय मक्का सम्मेलन शुरू हुआ, जिसका विषय बदलती दुनिया में भोजन, चारा, पशु आहार, ईंधन और स्थिरता के लिए मक्का क्रांति है।

लेखक प्रकाशित · 3 मिनट
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पहला अंतरराष्ट्रीय मक्का सम्मेलन हैदराबाद में शुरू हुआ

चर्चा में क्यों

2 नवंबर 2026 को हैदराबाद में पहला अंतरराष्ट्रीय मक्का सम्मेलन शुरू हुआ, जहां कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव ने मक्का उत्पादन लगभग 55 मिलियन टन से 75 मिलियन टन तक ले जाने का आह्वान किया।

पहला अंतरराष्ट्रीय मक्का सम्मेलन हैदराबाद के जेडी कन्वेंशन सेंटर में शुरू हुआ, जिसमें वैज्ञानिक, नीति निर्माता, कृषि संस्थान और उद्योग जगत के लोग यह तय करने के लिए जुटे कि मक्का अनुसंधान, उत्पादकता और मूल्य श्रृंखला को किस दिशा में बढ़ाया जाए। सम्मेलन का विषय है बदलती दुनिया में भोजन, चारा, पशु आहार, ईंधन और स्थिरता के लिए मक्का क्रांति, जिसे संक्षेप में एम4एफएस कहा गया है। यह सम्मेलन 2 से 4 नवंबर तक चलेगा और देशी-विदेशी विशेषज्ञों को लाभकारी मक्का क्षेत्र की रूपरेखा बनाने का मंच देता है।

उत्पादन बढ़ाने का आह्वान

कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने मक्का अनुसंधान से जुड़े लोगों को बधाई दी कि देश का उत्पादन लगभग 55 मिलियन टन तक पहुंच गया है और बीते दशक में उत्पादकता में बड़ी बढ़त हुई है। उन्होंने अगले दशक में उत्पादन 75 मिलियन टन तक ले जाने तथा तकनीक, बेहतर फसल प्रबंधन और संसाधनों के कुशल उपयोग से उत्पादकता डेढ़ गुना और बढ़ाने की बात कही।

4एफ से 5एफ तक

डॉ. जाट ने भोजन, पशु आहार, चारा और ईंधन की परिचित दृष्टि को किसान को केंद्र में रखकर पांचवें एफ तक बढ़ाने का सुझाव दिया और कहा कि अनुसंधान तथा प्रसार का परिणाम खेती के मुनाफे और आजीविका में दिखना चाहिए। उन्होंने उपज के अंतर को पाटने के लिए प्रणाली-विज्ञान आधारित दृष्टिकोण पर जोर दिया, विशेष रूप से उस अंतर पर जो फसल प्रबंधन से आता है, और कहा कि मक्का को विभिन्न मौसमों व कृषि-पारिस्थितिक क्षेत्रों में सोच-समझकर रखा जाए, जिससे तिलहन और दलहन जैसी अन्य महत्वपूर्ण फसलें प्रभावित न हों। सस्ता और गुणवत्तापूर्ण बीज, विशेष रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के संकर बीज, इसका आधार बताया गया।

प्रजनन, संकर और एथेनॉल

  • परिषद के उपमहानिदेशक (फसल विज्ञान) डॉ. डी. के. यादव ने मक्का को खाद्य, पोषण और ऊर्जा सुरक्षा की आदर्श फसल बताया और कहा कि बीते पांच वर्षों में 329 मक्का संकर विकसित हुए
  • उन्होंने मक्का पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना को मजबूत करने तथा उपज, पोषण गुणवत्ता और जैविक-अजैविक तनाव प्रतिरोध पर प्रजनन की मांग रखी
  • उन्होंने एथेनॉल के कच्चे माल के रूप में मक्का पर शोध संस्थानों, विश्वविद्यालयों और उद्योग के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया
  • कार्यक्रम में वैज्ञानिक प्रकाशन जारी हुए और मक्का अनुसंधान में योगदान के लिए वैज्ञानिकों को पुरस्कार दिए गए

मंच से उठी आवाजें

पद्मश्री से सम्मानित, विश्व खाद्य पुरस्कार विजेता और सीआईएमएमवाईटी से जुड़े वैज्ञानिक डॉ. एस. वासल ने किसानों की जरूरत के अनुरूप किस्में और संकर जल्दी तैयार करने के लिए सरल व कम लागत वाली प्रजनन विधियों की पैरवी की। पद्म भूषण से सम्मानित तथा विभाग के पूर्व सचिव और परिषद के पूर्व महानिदेशक डॉ. आर. एस. परोदा मुख्य अतिथि रहे; उन्होंने उन्नत प्रजनन तकनीकों, जननद्रव्य के व्यवस्थित संरक्षण व उपयोग, मजबूत मूल्य श्रृंखला और प्रभावी एफ्लाटॉक्सिन प्रबंधन पर बल दिया, ताकि मक्का भोजन और पशु आहार के लिए सुरक्षित रहे। भारतीय मक्का प्रौद्योगिकीविद् संघ के अध्यक्ष डॉ. एच. एस. जाट ने अतिथियों का स्वागत किया और भारत के कृषि बदलाव में मक्का के महत्व पर बात की।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनपहला अंतरराष्ट्रीय मक्का सम्मेलन
स्थानजेडी कन्वेंशन सेंटर, हैदराबाद
तारीखें2 से 4 नवंबर
विषयबदलती दुनिया में भोजन, चारा, पशु आहार, ईंधन और स्थिरता के लिए मक्का क्रांति (एम4एफएस)
वर्तमान उत्पादनलगभग 55 मिलियन टन
लक्ष्यअगले दशक में 75 मिलियन टन, उत्पादकता डेढ़ गुना
नया विचारकिसान जोड़कर 4एफ से 5एफ
विकसित संकरबीते पांच वर्षों में 329 मक्का संकर
मुख्य अतिथिडॉ. आर. एस. परोदा, पद्म भूषण और परिषद के पूर्व महानिदेशक

परीक्षा की दृष्टि से

यह पहला संस्करण है, शहर हैदराबाद, तारीखें 2 से 4 नवंबर, विषय और उसका संक्षिप्त रूप एम4एफएस, वर्तमान उत्पादन लगभग 55 मिलियन टन, लक्ष्य 75 मिलियन टन, किसान जोड़कर 4एफ से 5एफ और पांच वर्षों में विकसित 329 संकर याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.शिखर सम्मेलनआसान

पहला अंतरराष्ट्रीय मक्का सम्मेलन किस शहर में शुरू हुआ?

  1. A.लुधियाना
  2. B.हैदराबाद
  3. C.नई दिल्ली
  4. D.पुणे
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हैदराबाद

सम्मेलन का पहला संस्करण इसी शहर के जेडी कन्वेंशन सेंटर में शुरू हुआ और 2 से 4 नवंबर तक चलेगा, जिसमें वैज्ञानिक, नीति निर्माता, कृषि संस्थान और उद्योग जगत मक्का अनुसंधान, उत्पादकता तथा मूल्य श्रृंखला के विकास पर चर्चा कर रहे हैं।

Q2.शिखर सम्मेलनमध्यम

आईसीएआर के महानिदेशक ने अगले दशक में भारत के मक्का उत्पादन का कौन-सा लक्ष्य बताया?

  1. A.55 मिलियन टन
  2. B.65 मिलियन टन
  3. C.75 मिलियन टन
  4. D.90 मिलियन टन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 75 मिलियन टन

कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने मक्का अनुसंधान से जुड़े लोगों को बधाई दी कि उत्पादन लगभग 55 मिलियन टन तक पहुंचा और बीते दशक में उत्पादकता में अच्छी बढ़त हुई, इसके बाद उन्होंने एक दशक में…

Q3.शिखर सम्मेलनमध्यम

सम्मेलन में सुझाई गई 5एफ दृष्टि में भोजन, पशु आहार, चारा और ईंधन के साथ कौन-सा तत्व जोड़ा गया?

  1. A.उर्वरक
  2. B.किसान
  3. C.वन
  4. D.वित्त
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. किसान

डॉ. एम. एल. जाट ने भोजन, पशु आहार, चारा और ईंधन की परंपरागत चार-हिस्सों वाली दृष्टि को किसान को केंद्र में रखकर बढ़ाने का सुझाव दिया और कहा कि अनुसंधान तथा प्रसार का परिणाम खेती के मुनाफे और बेहतर आजीविका में दिखना चाहिए, वह प्रयोगशाला तक सीमित न रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पहले अंतरराष्ट्रीय मक्का सम्मेलन का विषय क्या है?

बदलती दुनिया में भोजन, चारा, पशु आहार, ईंधन और स्थिरता के लिए मक्का क्रांति, जिसे संक्षेप में एम4एफएस कहा गया है। सम्मेलन हैदराबाद के जेडी कन्वेंशन सेंटर में 2 से 4 नवंबर तक चल रहा है।

सम्मेलन में मक्का उत्पादन का क्या लक्ष्य रखा गया?

सचिव डीएआरई और महानिदेशक आईसीएआर डॉ. एम. एल. जाट ने बताया कि उत्पादन लगभग 55 मिलियन टन है और इसे अगले दशक में 75 मिलियन टन तक ले जाने तथा उत्पादकता डेढ़ गुना बढ़ाने का आह्वान किया।

सम्मेलन में सुझाए गए 5एफ विचार का अर्थ क्या है?

भोजन, पशु आहार, चारा और ईंधन की परंपरागत दृष्टि में किसान को पांचवें एफ के रूप में जोड़ा गया है, ताकि अनुसंधान और प्रसार का परिणाम खेती के मुनाफे तथा बेहतर आजीविका में दिखाई दे।

स्रोत

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