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तरंग शक्ति 2026 का दूसरा संस्करण जोधपुर में आयोजित

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जोधपुर वायु सेना स्टेशन पर भारतीय वायुसेना के बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास तरंग शक्ति के दूसरे संस्करण के प्रतिभागियों को संबोधित किया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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तरंग शक्ति 2026 का दूसरा संस्करण जोधपुर में आयोजित

चर्चा में क्यों

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जोधपुर वायु सेना स्टेशन पर तरंग शक्ति अभ्यास के दूसरे संस्करण के प्रतिभागियों को संबोधित किया। भारतीय वायुसेना यह बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक चला रही है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जोधपुर वायु सेना स्टेशन पर तरंग शक्ति अभ्यास के दूसरे संस्करण में शामिल वायु योद्धाओं और जमीनी दलों को संबोधित किया। यह बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास भारतीय वायुसेना 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक चला रही है। इसमें सात मित्र देशों की वायुसेनाएं अपने विमानों के साथ पहुंचीं, जबकि बत्तीस अन्य देशों ने पर्यवेक्षक के रूप में उड़ानों को देखा।

कौन-कौन शामिल हुआ

विमान लेकर आने वाली सात वायुसेनाएं थीं — ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका। जोधपुर से लड़ाकू विमान, परिवहन विमान, निगरानी विमान और हवा में ईंधन भरने वाले विमान उड़ाए गए। इससे आए हुए दलों को भारतीय पायलटों के साथ मिलकर मिशन की योजना बनाने और एक-दूसरे के तरीके समझने का अवसर मिला। भारत में बने दो मंच विशेष रूप से चर्चा में रहे — हल्का लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस और हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) प्रचंड।

रक्षा मंत्री ने क्या कहा

रक्षा मंत्री ने कहा कि युद्ध अब केवल थल, जल और वायु तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष, साइबर, विद्युत-चुंबकीय स्पेक्ट्रम और सूचना के क्षेत्र तक फैल गया है। उनके अनुसार ड्रोन और अन्य मानवरहित प्रणालियां, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और दूर तक सटीक मार करने वाले हथियार युद्ध का स्वरूप बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगे सैन्य ताकत विमानों की गिनती से तय नहीं होगी, बल्कि इससे तय होगी कि कोई सेना कितनी तेजी से भांप सकती है, समझ सकती है, निर्णय ले सकती है और कार्रवाई कर सकती है। अभ्यास का सार उन्होंने इन शब्दों में रखा — अलग-अलग देश, अलग-अलग विमान, अलग-अलग अनुभव, पर आकाश एक।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता

रक्षा मंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता अब राष्ट्रीय नीति है, क्योंकि लंबे संघर्ष में टिकने के लिए देश को अपने हथियार और अपनी महत्वपूर्ण तकनीक खुद बनानी होगी। उन्होंने तेजस लड़ाकू विमान, ध्रुव, रुद्र, प्रचंड और हल्का उपयोगी हेलीकॉप्टर, आकाश वायु रक्षा प्रणाली, एईएसए रडार तथा पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान की दिशा में बढ़ते उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) कार्यक्रम का उल्लेख किया। उन्होंने जोड़ा कि आत्मनिर्भरता का अर्थ दुनिया से अलग होना नहीं है और भारत अनुसंधान, सह-विकास, सह-उत्पादन, रखरखाव तथा प्रशिक्षण में साझेदार चाहता है। भविष्य के रक्षा संबंध, उनके शब्दों में, केवल मंचों पर नहीं बल्कि तकनीक और भरोसे पर टिकेंगे।

पृष्ठभूमि

तरंग शक्ति का पहला संस्करण 2024 में हुआ था। इस बार उड़ानों के अलावा उद्योग भ्रमण, योग सत्र, विरासत यात्राएं और एक अंतरराष्ट्रीय संध्या भी रखी गई। इस अवसर पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन उपस्थित रहे। रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का भी स्मरण किया, जिसमें वायु शक्ति ने निर्णायक भूमिका निभाई थी।

महत्वपूर्ण तथ्य

अभ्यासतरंग शक्ति 2026 (दूसरा संस्करण)
आयोजकभारतीय वायुसेना
स्थानवायु सेना स्टेशन जोधपुर, राजस्थान
अवधि26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026
भाग लेने वाली वायुसेनाएंसात — ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका, यूएई, अमेरिका
पर्यवेक्षक देशबत्तीस
संबोधनरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
पहला संस्करण2024
स्वदेशी मंचएलसीए तेजस और एलसीएच प्रचंड

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि तरंग शक्ति भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास है, यह इसका दूसरा संस्करण है (पहला 2024 में), स्थान जोधपुर, अवधि 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026, सात भाग लेने वाली वायुसेनाएं और बत्तीस पर्यवेक्षक देश, तथा स्वदेशी एलसीए तेजस और एलसीएच प्रचंड की भागीदारी।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षाआसान

बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास तरंग शक्ति 2026 का दूसरा संस्करण किस बल ने आयोजित किया?

  1. A.भारतीय थलसेना
  2. B.भारतीय नौसेना
  3. C.भारतीय वायुसेना
  4. D.भारतीय तटरक्षक बल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारतीय वायुसेना

व्याख्या

सही उत्तर भारतीय वायुसेना है। तरंग शक्ति एक वायु अभ्यास है और इसका दूसरा संस्करण भारतीय वायुसेना ने 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया, जिसमें रक्षा मंत्री ने जोधपुर वायु सेना स्टेशन पर प्रतिभागियों को संबोधित किया। विकल्प A यानी भारतीय थलसेना गलत है, क्योंकि यह पूरा अभ्यास उड़ान गतिविधियों पर केंद्रित था — लड़ाकू विमान, परिवहन विमान, निगरानी विमान और हवा में ईंधन भरने वाले विमान — और वायुसेनाओं के बीच साझा मिशन योजना पर, न कि जमीनी युद्धाभ्यास पर। विकल्प B यानी भारतीय नौसेना भी इसी कारण गलत है; नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन समारोह में उपस्थित थे, लेकिन अभ्यास नौसैनिक नहीं था। विकल्प D यानी तटरक्षक बल गलत है, क्योंकि वह समुद्री कानून प्रवर्तन तथा खोज एवं बचाव का बल है और इसमें उसकी ऐसी कोई भूमिका नहीं थी। ऐसे प्रश्नों में संकेत प्रायः नामित मंच से मिलता है — तेजस और प्रचंड विमान तथा हेलीकॉप्टर हैं, जो वायु अंग की ओर इशारा करते हैं।

Q2.रक्षामध्यम

तरंग शक्ति 2026 में कितने मित्र देशों ने अपने विमानों के साथ भाग लिया?

  1. A.पांच
  2. B.सात
  3. C.बारह
  4. D.अठारह
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सात

व्याख्या

सही उत्तर सात है। अभ्यास में विमान लेकर आने वाली वायुसेनाएं ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका की थीं, अर्थात कुल सात मित्र देश। इससे अलग, केवल उड़ानें देखने के लिए आए देशों का समूह बहुत बड़ा था और उसकी संख्या बत्तीस पर्यवेक्षक देश थी, इसलिए परीक्षार्थी को इन दोनों आंकड़ों को मिलाने से बचना चाहिए। विकल्प A यानी पांच बहुत कम है और अभ्यास के किसी भी समूह से मेल नहीं खाता। विकल्प C यानी बारह गलत है; बारह प्रतिभागियों का कोई समूह दर्ज नहीं है और यह संख्या संभवतः अभ्यास की समाप्ति तिथि से भ्रमित होकर चुनी जाती है। विकल्प D यानी अठारह भी गलत है और अभ्यास की किसी गिनती से मेल नहीं खाता। परीक्षा के लिए इस तथ्य को जोड़े में याद रखना सबसे सुरक्षित है — सात वायुसेनाएं उड़ान भरती हुईं और बत्तीस देश पर्यवेक्षक।

Q3.रक्षामध्यम

रक्षा मंत्री ने तरंग शक्ति 2026 के प्रतिभागियों को किस वायु सेना स्टेशन पर संबोधित किया?

  1. A.जोधपुर
  2. B.जामनगर
  3. C.सुलूर
  4. D.हिंडन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जोधपुर

व्याख्या

सही उत्तर जोधपुर है। राजस्थान स्थित वायु सेना स्टेशन जोधपुर पर ही रक्षा मंत्री ने तरंग शक्ति के दूसरे संस्करण में शामिल वायु योद्धाओं और जमीनी दलों को संबोधित किया। विकल्प B यानी जामनगर भारतीय वायुसेना का गुजरात में स्थित प्रसिद्ध ठिकाना है, पर यह संबोधन वहां नहीं हुआ। विकल्प C यानी सुलूर तमिलनाडु में है और तेजस स्क्वाड्रनों से जुड़ा होने के कारण आकर्षक भ्रामक विकल्प बनता है, फिर भी रक्षा मंत्री का संबोधन जोधपुर में हुआ। विकल्प D यानी हिंडन दिल्ली के निकट वायुसेना का सबसे व्यस्त परिवहन ठिकाना है और वहां कई समारोह होते हैं, लेकिन यह आयोजन वहां नहीं था। परीक्षार्थियों को अभ्यास की अवधि 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तथा यह तथ्य भी याद रखना चाहिए कि यह दूसरा संस्करण था और पहला 2024 में आयोजित हुआ था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तरंग शक्ति अभ्यास कौन आयोजित करता है?

भारतीय वायुसेना। इसका दूसरा संस्करण 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक चला और रक्षा मंत्री ने जोधपुर वायु सेना स्टेशन पर प्रतिभागियों को संबोधित किया।

तरंग शक्ति 2026 में कितनी वायुसेनाओं ने विमान भेजे?

सात — ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका। इनके अलावा बत्तीस देशों ने पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया।

अभ्यास में कौन से स्वदेशी विमान शामिल रहे?

हल्का लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस और हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) प्रचंड, जिन्हें भारत की विमान डिजाइन और निर्माण क्षमता का प्रमाण बताया गया।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLUPSC सिविल सेवा