मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

एचएएल कोरापुट ने सौंपा अपना 2,000वां विमान इंजन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में एचएएल कोरापुट ने 6 अक्टूबर 2026 को 2,000वां विमान इंजन सौंपा और 218 करोड़ रुपये की दूसरी शक्ति इंजन लाइन मंजूर हुई।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
एचएएल कोरापुट ने सौंपा अपना 2,000वां विमान इंजन — GK24 title card

चर्चा में क्यों

6 अक्टूबर 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एचएएल कोरापुट द्वारा 2,000वें विमान इंजन की सुपुर्दगी देखी और 218 करोड़ रुपये के निवेश से शक्ति इंजन की दूसरी उत्पादन लाइन की घोषणा की।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 6 अक्टूबर 2026 को उस समय मौजूद रहे जब हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के कोरापुट प्रभाग ने अपना 2,000वां विमान इंजन सौंपा। इसी अवसर पर उन्होंने शक्ति इंजन की दूसरी उत्पादन लाइन लगाने की घोषणा की। उन्होंने इस पड़ाव को भारत की एयरोस्पेस यात्रा का महत्वपूर्ण चरण बताया और आधुनिक विमान इंजनों के डिजाइन, विकास, परीक्षण, निर्माण तथा रखरखाव में स्वदेशी क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। उनका कहना था कि प्रणोदन तकनीक पर पकड़ के बिना रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता अधूरी रहेगी।

कोरापुट के छह दशक

यह प्रभाग 1964 में स्थापित हुआ था, इसलिए ये 2,000 इंजन छह दशक के काम का नतीजा हैं। यहां बने इंजनों ने मिग-21, मिग-27, मिग-29 और सुखोई-30 एमकेआई जैसे अग्रिम पंक्ति के विमानों को शक्ति दी है। नए उत्पादन के साथ-साथ इस इकाई ने 9,000 से अधिक इंजनों का ओवरहॉल भी किया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि कलपुर्जों के स्वदेशीकरण और कम होती टर्नअराउंड अवधि से महत्वपूर्ण संपत्तियों की तैयारी और आयु दोनों बढ़ रही हैं। उत्पादन नई क्षमता देता है, जबकि ओवरहॉल पहले से सेवा में मौजूद उपकरणों का जीवन बढ़ाता है।

क्षमता और निवेश

एएल-31एफपी इंजन की वार्षिक क्षमता 335 करोड़ रुपये के निवेश से 30 से बढ़ाकर 50 इंजन की जा रही है। 218 करोड़ रुपये की दूसरी शक्ति लाइन सालाना 100 इंजन तक बना सकेगी और इसे 2028-29 तक पूरी तरह तैयार किया जाएगा। यह ध्रुव उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर तथा प्रचंड हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर जैसे स्वदेशी हेलीकॉप्टरों की जरूरत पूरी करेगी। सुखोई-30 एमकेआई बेड़े के लिए 2024 में एचएएल को 240 एएल-31एफपी इंजनों का ऑर्डर मिला था; कंपनी ने पहला इंजन समय से पहले दिया और दो वर्ष के 60 इंजन के लक्ष्य के मुकाबले 63 इंजन सौंपे हैं।

उच्च थ्रस्ट इंजन की दिशा

उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान कार्यक्रम के लिए सरकार लगभग 5,000 करोड़ रुपये के निवेश से स्वदेशी उच्च थ्रस्ट इंजन, मिश्र धातु निगम लिमिटेड के साथ कच्चे माल के स्वदेशीकरण और देश की पहली स्वदेशी उच्च थ्रस्ट इंजन परीक्षण सुविधा पर काम कर रही है। कार्यक्रम में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी शामिल हुए। रक्षा मंत्री ने ढेंकानाल के गजमारा में एयरोस्पेस और रक्षा उपकरण निर्माण परिसर की राज्य सरकार की मंजूरी का स्वागत किया तथा एचएएल से कहा कि कोरापुट को एमएसएमई, स्टार्टअप और विश्वविद्यालयों को जोड़ते हुए व्यापक प्रणोदन पारिस्थितिकी तंत्र बनाया जाए।

महत्वपूर्ण तथ्य

पड़ावएचएएल कोरापुट का 2,000वां विमान इंजन
तिथि6 अक्टूबर 2026
प्रभाग की स्थापना1964
एएल-31एफपी क्षमता30 से 50 इंजन प्रतिवर्ष, 335 करोड़ रुपये
दूसरी शक्ति लाइन218 करोड़ रुपये, 2028-29 तक सालाना 100 इंजन तक
ओवरहॉल किए इंजन9,000 से अधिक
एएल-31एफपी ऑर्डरसुखोई-30 एमकेआई के लिए 2024 में 240 इंजन
उच्च थ्रस्ट इंजनएएमसीए के लिए लगभग 5,000 करोड़ रुपये
कच्चे माल का साझेदारमिश्र धातु निगम लिमिटेड (मिधानी)
हेलीकॉप्टरध्रुव एएलएच और प्रचंड एलसीएच

परीक्षा की दृष्टि से

इकाई (एचएएल कोरापुट प्रभाग, स्थापना 1964), पड़ाव (2,000वां विमान इंजन), एएल-31एफपी क्षमता वृद्धि (30 से 50 इंजन, 335 करोड़ रुपये), दूसरी शक्ति लाइन (218 करोड़ रुपये, 2028-29 तक सालाना 100 इंजन), 2024 का 240 इंजन का ऑर्डर और एएमसीए के लिए लगभग 5,000 करोड़ रुपये का उच्च थ्रस्ट इंजन प्रयास याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षाआसान

एचएएल के कोरापुट प्रभाग ने 6 अक्टूबर 2026 को कौन सा पड़ाव पूरा किया?

  1. A.अपना 1,000वां विमान इंजन सौंपा
  2. B.अपना 2,000वां विमान इंजन सौंपा
  3. C.अपने 5,000वें इंजन का ओवरहॉल किया
  4. D.अपना 500वां इंजन निर्यात किया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अपना 2,000वां विमान इंजन सौंपा

व्याख्या

सही उत्तर अपना 2,000वां विमान इंजन सौंपा है। रक्षा मंत्री इस सुपुर्दगी के लिए कोरापुट में मौजूद थे और यह पड़ाव प्रभाग की स्थापना के छह दशक बाद आया, जो 1964 में हुई थी। विकल्प A आंकड़े को कम बताता है, क्योंकि हजारवां इंजन इस आयोजन का विषय नहीं था। विकल्प C दो अलग-अलग गणनाओं को मिला देता है - कोरापुट ने बड़ी संख्या में इंजनों का ओवरहॉल किया है, 9,000 से अधिक, लेकिन उस दिन की घटना सुपुर्दगी थी, ओवरहॉल का पड़ाव नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि घोषणा भारत की ही सशस्त्र सेनाओं को आपूर्ति से जुड़ी थी, निर्यात से नहीं। परीक्षार्थी इस इकाई के दो आंकड़े साथ याद रखें - 2,000 इंजन सौंपे और 9,000 से अधिक इंजनों का ओवरहॉल।

Q2.रक्षामध्यम

दूसरी शक्ति इंजन उत्पादन लाइन के लिए घोषित निवेश कितना है?

  1. A.135 करोड़ रुपये
  2. B.218 करोड़ रुपये
  3. C.335 करोड़ रुपये
  4. D.661 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 218 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 218 करोड़ रुपये है। दूसरी शक्ति इंजन लाइन पर यही राशि लगेगी और 2028-29 तक पूरी तरह तैयार होने पर यह सालाना 100 इंजन तक बना सकेगी, जो ध्रुव उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर और प्रचंड हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर जैसे स्वदेशी हेलीकॉप्टरों के लिए होंगे। विकल्प C यानी 335 करोड़ रुपये उसी दिन की दूसरी घोषणा से जुड़ा है, जिसमें एएल-31एफपी की वार्षिक क्षमता 30 से 50 इंजन करने के लिए निवेश तय हुआ, इसलिए यह आम भ्रम का कारण बनता है। विकल्प A घोषित आंकड़ों में शामिल नहीं है। विकल्प D भी इस लाइन से संबंधित नहीं है। दोनों आंकड़े अलग रखें - शक्ति लाइन के लिए 218 करोड़ रुपये और एएल-31एफपी क्षमता के लिए 335 करोड़ रुपये। यह नई लाइन स्वदेशी हेलीकॉप्टर बेड़े के लिए भरोसेमंद प्रणोदन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Q3.रक्षामध्यम

लगभग 5,000 करोड़ रुपये के निवेश से स्वदेशी उच्च थ्रस्ट इंजन किस विमान कार्यक्रम के लिए विकसित किया जा रहा है?

  1. A.तेजस एमके-1ए
  2. B.उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए)
  3. C.प्रचंड हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर
  4. D.सुखोई-30 एमकेआई उन्नयन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए)

व्याख्या

सही उत्तर उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) कार्यक्रम है। रक्षा मंत्री ने कहा कि एयरोस्पेस में आत्मनिर्भरता के लिए स्वदेशी विमान इंजन क्षमता जरूरी है, विशेष रूप से एएमसीए के लिए, और इसी संदर्भ में लगभग 5,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश, मिश्र धातु निगम लिमिटेड के साथ कच्चे माल के स्वदेशीकरण तथा देश की पहली स्वदेशी उच्च थ्रस्ट इंजन परीक्षण सुविधा का उल्लेख किया। विकल्प C यानी प्रचंड हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर की जरूरत शक्ति इंजन लाइन से पूरी होती है, इसलिए वह गलत है। विकल्प D मौजूदा सुखोई-30 एमकेआई बेड़े के लिए मंगाए गए एएल-31एफपी इंजनों से जुड़ा अलग विषय है। विकल्प A इस उच्च थ्रस्ट इंजन के लिए नामित कार्यक्रम नहीं है। हेलीकॉप्टर इंजन, सेवा में मौजूद लड़ाकू इंजन और भविष्य के उच्च थ्रस्ट इंजन का अंतर याद रखना उपयोगी है।

Q4.रक्षाआसान

2,000वां विमान इंजन सौंपने वाला एचएएल प्रभाग किस राज्य में स्थित है?

  1. A.ओडिशा
  2. B.कर्नाटक
  3. C.उत्तर प्रदेश
  4. D.तेलंगाना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ओडिशा

व्याख्या

सही उत्तर ओडिशा है। एचएएल का कोरापुट प्रभाग इसी राज्य में है और सुपुर्दगी कार्यक्रम में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शामिल हुए। रक्षा मंत्री ने ओडिशा की लंबी तटरेखा, बंदरगाहों, खनिज संसाधनों और कुशल मानव शक्ति की चर्चा की, चांदीपुर की एकीकृत परीक्षण रेंज का उल्लेख किया तथा ढेंकानाल के गजमारा में एयरोस्पेस और रक्षा उपकरण निर्माण परिसर को राज्य की मंजूरी का स्वागत किया। विकल्प B यानी कर्नाटक में एचएएल की अन्य इकाइयां हैं, इसलिए यह भ्रम पैदा करता है, पर कोरापुट वहां नहीं है। विकल्प C और विकल्प D इस प्रभाग के स्थान नहीं हैं। परीक्षार्थी कोरापुट को ओडिशा से जोड़कर याद रखें और राज्य में चांदीपुर तथा गजमारा जैसे रक्षा से जुड़े स्थानों को भी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एचएएल कोरापुट ने 6 अक्टूबर 2026 को कौन सा पड़ाव पूरा किया?

उसने अपना 2,000वां विमान इंजन सौंपा। यह प्रभाग 1964 में स्थापित हुआ था और छह दशकों में इसने 9,000 से अधिक इंजनों का ओवरहॉल भी किया है।

शक्ति इंजन के उत्पादन को लेकर क्या घोषणा हुई?

218 करोड़ रुपये के निवेश से दूसरी उत्पादन लाइन लगेगी, जो सालाना 100 इंजन तक बना सकेगी और 2028-29 तक पूरी तरह तैयार होगी। यह ध्रुव एएलएच और प्रचंड एलसीएच के लिए होगी।

एएल-31एफपी की क्षमता में क्या बदलाव हो रहा है?

335 करोड़ रुपये के निवेश से वार्षिक क्षमता 30 से बढ़ाकर 50 इंजन की जा रही है। सुखोई-30 एमकेआई के लिए 2024 में एचएएल को 240 ऐसे इंजनों का ऑर्डर मिला था।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 6 अक्टूबर 2026

  1. ई-संजीवनी ने 50 करोड़ टेली-परामर्श का आंकड़ा पार कियासरकारी योजनाएं
  2. वीबी-जी राम जी के तहत 375 कार्य अधिसूचित हुएसरकारी योजनाएं
  3. इस्पात उद्योग सुरक्षा परिषद बनेगी, छमाही समीक्षा जारीअर्थव्यवस्था
  4. 661.50 करोड़ रुपये का ब्रह्मोस फायर कंट्रोल अनुबंधरक्षा
  5. पहला बेड़ा सहायक पोत सूर्य विशाखापत्तनम में लॉन्च हुआरक्षा
  6. ब्लेज़ार OJ 287 के युगल ब्लैक होल पर एरीज का दशक लंबा अध्ययनविज्ञान और प्रौद्योगिकी
  7. भारत 153वीं आईपीयू सभा में, तंजानिया के अरुशा में बैठकअंतरराष्ट्रीय
  8. कोच्चि में ईएसटीआईसी 2026 महासागर विज्ञान कर्टेन रेज़रशिखर सम्मेलन
आज का क्विज25 प्रश्नपूरा संस्करण पढ़ें →
इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS