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डीआरआई ने जालौन में सिंथेटिक नशीली दवा प्रयोगशाला पकड़ी

राजस्व आसूचना निदेशालय ने उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में गुप्त सिंथेटिक नशीली दवा प्रयोगशाला पकड़कर लगभग 1,100 किलोग्राम सामग्री जब्त की और दो लोग पकड़े।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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डीआरआई ने जालौन में सिंथेटिक नशीली दवा प्रयोगशाला पकड़ी

चर्चा में क्यों

वित्त मंत्रालय ने 30 अक्टूबर 2026 को बताया कि राजस्व आसूचना निदेशालय ने उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में गुप्त सिंथेटिक नशीली दवा निर्माण प्रयोगशाला पकड़ी, लगभग 1,100 किलोग्राम मादक पदार्थ तथा पूर्ववर्ती रसायन जब्त किए और दो लोगों को गिरफ्तार किया।

वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाले राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के एक दूरदराज गांव में सिंथेटिक नशीली दवाएं बनाने वाली बड़ी गुप्त प्रयोगशाला बंद करा दी। वहां से लगभग 1,100 किलोग्राम मादक पदार्थ और पूर्ववर्ती रसायन तथा बनाने में लगने वाले उपकरण जब्त किए गए। मामले में दो लोग गिरफ्तार हुए हैं।

छापा कैसे पड़ा

एजेंसी ने पुख्ता सूचना के आधार पर कार्रवाई की। डीआरआई अधिकारियों की बड़ी टीम ने उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते की मदद से 29 अक्टूबर 2026 की भोर में संदिग्ध परिसर पर छापा मारा। भीतर पूरी तरह तैयार और चालू प्रयोगशाला मिली, कोई अस्थायी इंतजाम नहीं। वहां से करीब 184 किलोग्राम अर्धनिर्मित मादक पदार्थ तथा लगभग 582 किलोग्राम पूर्ववर्ती रसायन और निर्माण में काम आने वाले उपकरण मिले।

आगे की तलाशी

अधिकारियों ने तुरंत आरोपियों के घरों की तलाशी ली। एक आवास से लगभग 15.4 किलोग्राम तैयार मेथाक्वालोन, करीब 153 किलोग्राम रसायन और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली एक मशीन बरामद हुई। दूसरे आरोपी के परिसर की तलाशी में 168 किलोग्राम और पूर्ववर्ती रसायन मिले।

अर्धनिर्मित मादक पदार्थलगभग 184 किलोग्राम
प्रयोगशाला में पूर्ववर्ती रसायनलगभग 582 किलोग्राम
तैयार मेथाक्वालोनलगभग 15.4 किलोग्राम
आवास से रसायनलगभग 153 किलोग्राम
दूसरे आरोपी से पूर्ववर्ती रसायनलगभग 168 किलोग्राम

गिरफ्तारी और कानून

गुप्त इकाई से जुड़े दो लोगों को स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया। एजेंसी के अनुसार तैयार दवा, अर्धनिर्मित सामग्री, कच्चे रसायन और मशीनरी एक साथ मिलना बताता है कि यह संगठित स्तर का निर्माण कारोबार था, छोटा-मोटा काम नहीं।

महत्व

इतनी बड़ी उत्पादन इकाई टूटने से अवैध आपूर्ति शृंखला से भारी मात्रा बाहर हो जाती है और आगे की खेप बनने से रुक जाती है। डीआरआई ने कहा कि वह गुप्त निर्माण नेटवर्क और उन्हें चलाने वाली आपूर्ति कड़ियों को तोड़ने का काम जारी रखेगा। ग्रामीण इलाकों में छिपकर चलने वाली ऐसी प्रयोगशालाएं एजेंसियों के लिए बढ़ती चिंता हैं, क्योंकि रसायन आसानी से इधर-उधर पहुंचाए जा सकते हैं और इकाई जल्दी खड़ी हो जाती है।

महत्वपूर्ण तथ्य

एजेंसीराजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई), वित्त मंत्रालय
स्थानउत्तर प्रदेश के जालौन जिले का एक दूरदराज गांव
कार्रवाई की तिथि29 अक्टूबर 2026 की भोर
सहयोगउत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (यूपी एटीएस)
कुल जब्तीलगभग 1,100 किलोग्राम मादक पदार्थ और पूर्ववर्ती रसायन
प्रयोगशाला सेलगभग 184 किलोग्राम अर्धनिर्मित मादक पदार्थ और 582 किलोग्राम पूर्ववर्ती रसायन
तैयार दवालगभग 15.4 किलोग्राम मेथाक्वालोन
अन्य बरामदगीलगभग 153 किलोग्राम रसायन और लगभग 168 किलोग्राम पूर्ववर्ती रसायन
गिरफ्तारीदो व्यक्ति, एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत

परीक्षा की दृष्टि से

एजेंसी (राजस्व आसूचना निदेशालय, वित्त मंत्रालय के अधीन), जिला (उत्तर प्रदेश का जालौन), सहयोगी बल (उत्तर प्रदेश एटीएस), कुल जब्ती लगभग 1,100 किलोग्राम, बरामद तैयार दवा (मेथाक्वालोन) और गिरफ्तारी का कानून यानी एनडीपीएस अधिनियम, 1985 याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

डीआरआई ने उत्तर प्रदेश के किस जिले में गुप्त सिंथेटिक नशीली दवा निर्माण प्रयोगशाला पकड़ी?

  1. A.झांसी
  2. B.जालौन
  3. C.हमीरपुर
  4. D.बांदा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जालौन

राजस्व आसूचना निदेशालय ने उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के एक दूरदराज गांव में यह गुप्त प्रयोगशाला खोजी और 29 अक्टूबर 2026 की भोर में छापा मारा, जिसमें राज्य के आतंकवाद निरोधक दस्ते ने परिचालन मदद दी।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

आरोपी के आवास की तलाशी में कौन सी तैयार मादक दवा बरामद हुई?

  1. A.हेरोइन
  2. B.मेथाक्वालोन
  3. C.मेफेड्रोन
  4. D.केटामाइन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मेथाक्वालोन

एक आरोपी के आवासीय परिसर की तलाशी में लगभग 15.4 किलोग्राम तैयार मेथाक्वालोन के साथ करीब 153 किलोग्राम रसायन और निर्माण में काम आने वाली एक मशीन बरामद हुई।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

गुप्त प्रयोगशाला से जुड़े दो व्यक्तियों को किस कानून के तहत गिरफ्तार किया गया?

  1. A.स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985
  2. B.धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002
  3. C.विधिविरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1967
  4. D.सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985

जालौन की गुप्त निर्माण इकाई से जुड़े दोनों व्यक्तियों को इसी कानून के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया, जो मादक पदार्थों के उत्पादन, रखने, बेचने और ले जाने को अपराध बनाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरआई ने गुप्त सिंथेटिक नशीली दवा प्रयोगशाला कहां पकड़ी?

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के एक दूरदराज गांव में। यह कार्रवाई 29 अक्टूबर 2026 की भोर में उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते की परिचालन मदद से की गई।

इस कार्रवाई में कितनी जब्ती हुई?

कुल लगभग 1,100 किलोग्राम मादक पदार्थ और पूर्ववर्ती रसायन। इसमें प्रयोगशाला से करीब 184 किलोग्राम अर्धनिर्मित मादक पदार्थ, 582 किलोग्राम पूर्ववर्ती रसायन, 15.4 किलोग्राम तैयार मेथाक्वालोन, 153 किलोग्राम रसायन और 168 किलोग्राम और पूर्ववर्ती रसायन शामिल हैं।

गिरफ्तारियां किस कानून के तहत हुईं?

स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत। गुप्त निर्माण इकाई से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CPO