गुप्त प्रयोगशाला से जुड़े दो व्यक्तियों को किस कानून के तहत गिरफ्तार किया गया?
- A.स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985
- B.धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002
- C.विधिविरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1967
- D.सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 है, जिसे सामान्यतः एनडीपीएस अधिनियम कहा जाता है। जालौन की गुप्त निर्माण इकाई से जुड़े दोनों व्यक्तियों को इसी कानून के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया, जो मादक पदार्थों के उत्पादन, रखने, बेचने और ले जाने को अपराध बनाता है। धन शोधन निवारण अधिनियम यहां गलत है, क्योंकि वह अपराध से अर्जित धन से जुड़ा है, दवा निर्माण से नहीं, और ऐसा कोई मामला नहीं बताया गया। विधिविरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम गलत है, क्योंकि वह आतंकी और विधिविरुद्ध संगठनों पर लागू होता है; उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते ने केवल परिचालन सहयोग दिया था। सीमा शुल्क अधिनियम गलत है, क्योंकि मामला घरेलू उत्पादन इकाई का है, सीमा पर आयात या निर्यात उल्लंघन का नहीं।
पूरा लेख पढ़ें: डीआरआई ने जालौन में सिंथेटिक नशीली दवा प्रयोगशाला पकड़ी
अभ्यास प्रश्न
डीआरआई ने उत्तर प्रदेश के किस जिले में गुप्त सिंथेटिक नशीली दवा निर्माण प्रयोगशाला पकड़ी?
- A.झांसी
- B.जालौन
- C.हमीरपुर
- D.बांदा
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राजस्व आसूचना निदेशालय ने उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के एक दूरदराज गांव में यह गुप्त प्रयोगशाला खोजी और 29 अक्टूबर 2026 की भोर में छापा मारा, जिसमें राज्य के आतंकवाद निरोधक दस्ते ने परिचालन मदद दी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आरोपी के आवास की तलाशी में कौन सी तैयार मादक दवा बरामद हुई?
- A.हेरोइन
- B.मेथाक्वालोन
- C.मेफेड्रोन
- D.केटामाइन
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एक आरोपी के आवासीय परिसर की तलाशी में लगभग 15.4 किलोग्राम तैयार मेथाक्वालोन के साथ करीब 153 किलोग्राम रसायन और निर्माण में काम आने वाली एक मशीन बरामद हुई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'बौद्ध धर्म: हिमालयी क्षेत्र और उससे आगे प्रसार' विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2 नवंबर 2026 को कहां हो रहा है?
- A.स्वर्ण पैगोडा, नामसाई
- B.कलावांग्पो कन्वेंशन हॉल, तवांग
- C.टीजीएल मठ, बोमडिला
- D.राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली
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अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ और अरुणाचल प्रदेश सरकार वहीं 2 नवंबर 2026 को यह सम्मेलन कर रहे हैं, जिसमें भारत, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार, मलेशिया, इंडोनेशिया तथा जर्मनी के भिक्षु, विद्वान और प्रतिनिधि तीन विषयों पर चर्चा करेंगे: महापरिनिर्वाण के बाद बुद्ध की विरासत को आगे ले जाना, बौद्ध धर्म की ऐतिहासिक…
पूरी व्याख्या पढ़ें →भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेष उत्तर प्रदेश के किस वर्तमान जिले से प्राप्त हुए थे?
- A.कुशीनगर
- B.सिद्धार्थनगर
- C.श्रावस्ती
- D.गोरखपुर
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पिपरहवा इसी जिले में है और यह प्राचीन कपिलवस्तु तथा भगवान बुद्ध की शाक्य परंपरा से जुड़ा हुआ है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →31 अक्टूबर 2026 से भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष किस राज्य में जनदर्शन के लिए रखे जा रहे हैं?
- A.सिक्किम
- B.अरुणाचल प्रदेश
- C.हिमाचल प्रदेश
- D.मिजोरम
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संस्कृति मंत्रालय इसी राज्य में 31 अक्टूबर से 21 नवंबर 2026 तक भगवान शाक्यमुनि बुद्ध के पवित्र अवशेषों का जनदर्शन करा रहा है, और इसके तीन केंद्र हैं: तवांग मठ, बोमडिला का टीजीएल मठ निचला गोंपा तथा नामसाई का स्वर्ण पैगोडा।
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