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17वीं पेंशन अदालत: 897 में से 756 शिकायतें निपटीं

नई दिल्ली में डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में 17वीं अखिल भारतीय पेंशन अदालत हुई, जिसमें 897 लंबित शिकायतों में से 756 का निपटारा हुआ, यानी 84.2 प्रतिशत।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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17वीं पेंशन अदालत: 897 में से 756 शिकायतें निपटीं

चर्चा में क्यों

5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई 17वीं अखिल भारतीय पेंशन अदालत ने पारिवारिक और अति वरिष्ठ पेंशनभोगियों की 897 लंबित शिकायतें लीं और 756 का निपटारा किया, निपटान दर 84.2 प्रतिशत रही।

नई दिल्ली में 5 अक्टूबर 2026 को 17वीं अखिल भारतीय पेंशन अदालत आयोजित हुई और इसमें रखे गए अधिकांश मामले उसी दिन सुलझा लिए गए। सुनवाई के लिए सूचीबद्ध 897 पुरानी लंबित शिकायतों में से 756 का समाधान कर दिया गया, जिससे निपटान दर 84.2 प्रतिशत रही। शेष मामलों पर आगे कार्रवाई जारी है।

अध्यक्षता किसने की

इस अदालत की अध्यक्षता डॉ. जितेंद्र सिंह ने की, जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री हैं। आयोजन पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के टी. एन. चतुर्वेदी स्मृति सभागार में किया। मामले संयुक्त सचिव (पेंशन) ने मंत्री के समक्ष रखे, ताकि संबंधित मंत्रालय या विभाग की उपस्थिति में हर शिकायत सीधे परखी जा सके।

किनके मामले उठे

इस बार पारिवारिक पेंशनभोगियों और अति वरिष्ठ पेंशनभोगियों की शिकायतें ली गईं, यानी वे लोग जिनके लिए दफ्तरों के चक्कर लगाना सबसे कठिन होता है। दिन के दो मामले रकम का अंदाजा देते हैं। पहले मामले में 1973 में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिक की पत्नी को उदारीकृत पारिवारिक पेंशन उनके हक से कम मिल रही थी; उनके बेटे ने चंडीगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मामला रखा और 2.02 करोड़ रुपये का बकाया जारी किया गया। दूसरे मामले में एक अति वरिष्ठ पारिवारिक पेंशनभोगी को 72 लाख रुपये से अधिक के लाभ मिले।

क्या जारी हुआ

सुनवाई के दौरान दो प्रकाशन जारी किए गए — 16वीं पेंशन अदालत की सफलता की कहानियों पर पुस्तिकाएं, और पारिवारिक पेंशनभोगियों के जीवन में सुगमता नाम की ई-पुस्तिका। मंत्री ने 2017 में पंचायत अदालत की अवधारणा शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री की सराहना की, जिसी तर्ज पर पेंशन अदालतें चलती हैं।

डिजिटल दिशा

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पेंशन सेवाएं डिजिटल पहचान और चेहरा पहचान आधारित सत्यापन की ओर बढ़ रही हैं, और डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के लिए लगातार जागरूकता अभियान जरूरी हैं ताकि बुजुर्ग पेंशनभोगी बिना यात्रा किए प्रमाण पत्र जमा कर सकें। उन्होंने जोड़ा कि तकनीक का उपयोग केवल सेवा देने के लिए नहीं, बल्कि पेंशन प्रशासन की कमियां पकड़ने के लिए भी होना चाहिए, और सुधार तभी सार्थक है जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजन17वीं अखिल भारतीय पेंशन अदालत
तिथि और स्थान5 अक्टूबर 2026, टी. एन. चतुर्वेदी स्मृति सभागार, आईआईपीए, नई दिल्ली
अध्यक्षताडॉ. जितेंद्र सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा राज्य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन
आयोजकपेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग
ली गई शिकायतें897
निपटी शिकायतें756 (84.2 प्रतिशत)
सबसे बड़ी राहत1973 के बलिदान मामले में 2.02 करोड़ रुपये का पारिवारिक पेंशन बकाया
जारी प्रकाशनई-पुस्तिका पारिवारिक पेंशनभोगियों के जीवन में सुगमता

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण (17वां), आयोजक (पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग), स्थान (टी. एन. चतुर्वेदी स्मृति सभागार, आईआईपीए, नई दिल्ली), मंत्री (डॉ. जितेंद्र सिंह), आंकड़े (897 शिकायतें, 756 निपटीं, 84.2 प्रतिशत), 1973 के मामले में 2.02 करोड़ रुपये का बकाया, ई-पुस्तिका का नाम और 2017 की पंचायत अदालत अवधारणा याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयमध्यम

17वीं अखिल भारतीय पेंशन अदालत में कितनी लंबित शिकायतें सुनवाई के लिए ली गईं?

  1. A.648
  2. B.756
  3. C.897
  4. D.1,024
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 897

व्याख्या

सही उत्तर 897 है। 17वीं अखिल भारतीय पेंशन अदालत में पारिवारिक पेंशनभोगियों और अति वरिष्ठ पेंशनभोगियों की 897 लंबित शिकायतें विचार के लिए सूचीबद्ध की गई थीं, और इनमें से 756 का निपटारा सुनवाई के दिन ही कर दिया गया, जिससे निपटान दर 84.2 प्रतिशत रही। विकल्प B में दिया 756 वह संख्या है जो निपटाई गई शिकायतों की है, ली गई शिकायतों की नहीं, और यही इस प्रश्न का सबसे आम जाल है क्योंकि दोनों आंकड़े एक ही वाक्य से आते हैं। विकल्प A और D इस अदालत से जुड़े आंकड़े ही नहीं हैं। अभ्यर्थी दोनों संख्याएं साथ याद रखें — 897 सूचीबद्ध, 756 निपटीं, 84.2 प्रतिशत दर, और सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई। शेष मामलों पर बाद में कार्रवाई के लिए छोड़ा गया।

Q2.राष्ट्रीयआसान

अखिल भारतीय पेंशन अदालत का आयोजन कौन सा विभाग करता है?

  1. A.पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग
  2. B.प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग
  3. C.कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग
  4. D.व्यय विभाग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग

व्याख्या

सही उत्तर पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग है, जो कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधीन आता है। यह अदालत उसी स्थायी व्यवस्था का हिस्सा है जिसे इस विभाग ने इसलिए बनाया है कि पेंशनभोगी की शिकायत सीधे सुनी जा सके और संबंधित मंत्रालय या विभाग भी उसी कमरे में उपस्थित रहे। 17वां संस्करण नई दिल्ली के भारतीय लोक प्रशासन संस्थान स्थित टी. एन. चतुर्वेदी स्मृति सभागार में हुआ और मामले संयुक्त सचिव (पेंशन) ने मंत्री के समक्ष रखे। विकल्प B प्रशासनिक सुधार और आम लोक शिकायतों का काम देखता है, पेंशन मामलों का नहीं। विकल्प C सरकारी कर्मचारियों के सेवा मामलों से जुड़ा है और विकल्प D सार्वजनिक व्यय से। इनमें से कोई भी पेंशन अदालत नहीं बुलाता।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

17वीं पेंशन अदालत में कौन सी ई-पुस्तिका जारी की गई?

  1. A.पेंशन आपके द्वार
  2. B.पारिवारिक पेंशनभोगियों के जीवन में सुगमता
  3. C.डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र पुस्तिका
  4. D.वरिष्ठ नागरिकों के लिए जीवन सुगमता
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पारिवारिक पेंशनभोगियों के जीवन में सुगमता

व्याख्या

सही उत्तर पारिवारिक पेंशनभोगियों के जीवन में सुगमता है। यह ई-पुस्तिका सुनवाई के दौरान जारी की गई और इसके साथ 16वीं पेंशन अदालत की सफलता की कहानियों वाली पुस्तिकाएं भी जारी हुईं; दोनों प्रकाशनों का उद्देश्य यह दिखाना था कि सीधी सुनवाई से पेंशनभोगियों और उनके परिवारों को क्या मिला। बाकी तीन नाम सुनने में सही लगते हैं लेकिन इस अवसर पर जारी नहीं हुए। डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र का जिक्र मंत्री के भाषण में अवश्य आया, जहां उन्होंने व्यापक जागरूकता अभियानों की मांग की ताकि बुजुर्ग पेंशनभोगी डिजिटल पहचान और चेहरा पहचान आधारित सत्यापन से प्रमाण पत्र जमा कर सकें, पर उस नाम की कोई पुस्तिका जारी नहीं हुई। पुस्तिका का नाम संस्करण संख्या, तिथि और स्थान के साथ याद रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17वीं पेंशन अदालत में कितनी शिकायतों का निपटारा हुआ?

ली गई 897 शिकायतों में से 756 का निपटारा हुआ, यानी निपटान दर 84.2 प्रतिशत रही। सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई और शेष मामलों पर कार्रवाई जारी है।

अखिल भारतीय पेंशन अदालत कौन आयोजित करता है?

कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधीन पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग। 17वां संस्करण नई दिल्ली के आईआईपीए स्थित टी. एन. चतुर्वेदी स्मृति सभागार में हुआ।

17वीं पेंशन अदालत में कौन सी ई-पुस्तिका जारी हुई?

पारिवारिक पेंशनभोगियों के जीवन में सुगमता नामक ई-पुस्तिका। इसके साथ 16वीं पेंशन अदालत की सफलता की कहानियों पर पुस्तिकाएं भी जारी की गईं।

स्रोत

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