संस्कृत साहित्य में आदि कवि किसे कहा जाता है?
- A.वेदव्यास
- B.कालिदास
- C.वाल्मीकि
- D.अश्वघोष
SSC CHSL में General Awareness का स्कोर स्थैतिक GK तय करता है। Tier-I के 25 और Tier-II के 20 प्रश्नों में अधिकांश भारतीय राजव्यवस्था, इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था और सामान्य विज्ञान से आते हैं, जिन्हें CHSL 2026 सूचना भारत और पड़ोसी देशों से जुड़े History, Culture, Geography, Economic Scene, General Policy और Scientific Research के रूप में गिनाती है। स्तर 12वीं का है, इसलिए प्रश्न सीधे होते हैं: कौन सा अनुच्छेद, कौन सी नदी, कौन सा शासक, कौन सा वर्ष। राजव्यवस्था में संविधान के भाग और अनुसूचियाँ, मौलिक अधिकार, राष्ट्रपति, संसद, सर्वोच्च न्यायालय और संवैधानिक निकाय पूछे जाते हैं। इतिहास में सिंधु घाटी, मौर्य और गुप्त, सल्तनत और मुग़ल काल, तथा 1857 से 1947 तक का स्वतंत्रता संग्राम आता है। भूगोल में नदियाँ, मिट्टी, जलवायु, राष्ट्रीय उद्यान, खनिज और विश्व की भौतिक संरचनाएँ पूछी जाती हैं। अर्थव्यवस्था में बजट की शब्दावली, RBI, बैंकिंग और बुनियादी अवधारणाएँ आती हैं। सामान्य विज्ञान स्कूल स्तर की भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान है, रोज़मर्रा के प्रयोगों के साथ, और संस्कृति में नृत्य, पर्व, स्मारक और पुस्तकें आती हैं। इस पेज पर SSC CHSL के लिए GK24 के विषयवार GK नोट्स हैं, जो छोटे तथ्यों और तालिकाओं में लिखे गए हैं ताकि एक विषय एक बैठक में दोहराया जा सके। एक विषय पढ़ें, फिर इस साइट पर उसके पिछले वर्षों के प्रश्न और क्विज़ हल करके देखें कि कितना याद रहा।
संस्कृत साहित्य में आदि कवि किसे कहा जाता है?
संस्कृत व्याकरण का ग्रंथ अष्टाध्यायी किसने रचा था?
अष्टाध्यायी अर्थात आठ अध्यायों की रचना ने संस्कृत के नियमों को छोटे छोटे सूत्रों में बाँध दिया और इसे किसी भी भाषा का सबसे पुराना वैज्ञानिक व्याकरण माना जाता है, क्योंकि यह पूरी भाषा को थोड़े से नियमों की व्यवस्था से समझा देती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कश्मीर के राजाओं का वृत्तांत राजतरंगिणी किसने लिखा था?
उन्होंने बारहवीं शताब्दी में कश्मीर में राजतरंगिणी लिखी, जिसके नाम का अर्थ राजाओं की नदी है। चूँकि उन्होंने शासकों को समय के क्रम में रखा और अभिलेख, सिक्के तथा पहले के विवरण काम में लिए, इसलिए इस ग्रंथ को आधुनिक अर्थ में भारत का पहला इतिहास लेखन माना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हर्षचरित और कादंबरी के रचयिता कौन थे?
हर्षचरित उनके आश्रयदाता की जीवनी है और संस्कृत में लिखी आरंभिक ऐतिहासिक जीवनियों में गिनी जाती है, जबकि कादंबरी अलंकृत गद्य में लिखी प्रेमकथा है और उसे प्रायः भारतीय भाषाओं के आरंभिक उपन्यासों में रखा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन सी रचना कालिदास की नहीं है?
इस नाटक का नाम मिट्टी की छोटी गाड़ी है और इसे शूद्रक ने लिखा था। संस्कृत नाटकों में यह इसलिए भी असाधारण है क्योंकि इसका नायक एक निर्धन व्यापारी है और कथा देवताओं तथा राजाओं के बजाय नगर के साधारण जीवन पर चलती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजनीति और प्रशासन पर लिखा गया प्राचीन ग्रंथ अर्थशास्त्र किसने लिखा था?
अर्थशास्त्र में राजा के कर्तव्य, मंत्रियों और गुप्तचरों की व्यवस्था, कर, विधि, व्यापार, कृषि तथा युद्ध का विवेचन है, और यही मौर्य प्रशासन को समझने का प्रमुख स्रोत है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत रत्न के विषय में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
भारत रत्न पाने वाले को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाला प्रमाणपत्र यानी सनद और पदक दिया जाता है, और यह सम्मान राष्ट्रपति भवन में प्रदान किया जाता है, प्रायः गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर नामों की घोषणा के कुछ सप्ताह बाद।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत रत्न पाने वाले पहले खिलाड़ी कौन थे?
वे इसके योग्य इसलिए हुए क्योंकि दिसंबर 2011 में इस पुरस्कार का दायरा कला, साहित्य, विज्ञान और लोक सेवा से बढ़ाकर मानव प्रयास के किसी भी क्षेत्र तक कर दिया गया था, और वे भारत रत्न पाने वाले सबसे युवा व्यक्ति भी हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत रत्न का पदक किस पत्ते के आकार का होता है?
भारत रत्न का पदक कांस्य में पीपल के पत्ते के आकार का बनता है, जिसके अग्र भाग पर प्लैटिनम का सूर्य और देवनागरी में भारत रत्न अंकित रहता है, तथा पृष्ठ भाग पर भारत का राज्य चिह्न और सत्यमेव जयते लिखा होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मरणोपरांत तथा विदेशियों और अनिवासी भारतीयों को दिए गए पुरस्कारों को छोड़कर, एक वर्ष में अधिकतम कितने पद्म पुरस्कार दिए जा सकते हैं?
नियमों के अनुसार एक वर्ष में 120 से अधिक पद्म पुरस्कार नहीं दिए जा सकते, और मरणोपरांत दिए गए तथा विदेशियों और अनिवासी भारतीयों को दिए गए पुरस्कार इस सीमा से बाहर गिने जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रतिवर्ष नामांकनों पर विचार करने वाली पद्म पुरस्कार समिति के अध्यक्ष कौन होते हैं?
पद्म पुरस्कार समिति हर वर्ष प्रधानमंत्री नए सिरे से गठित करते हैं और उसकी अध्यक्षता मंत्रिमंडल सचिव करते हैं, जबकि गृह सचिव, राष्ट्रपति के सचिव और कुछ प्रतिष्ठित व्यक्ति उसके सदस्य होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद उपाधियों का अंत करता है और नागरिक पुरस्कारों के संदर्भ में उद्धृत किया जाता है?
इसी कारण भारत रत्न और पद्म पुरस्कारों को प्राप्तकर्ता के नाम के आगे या पीछे नहीं लगाया जा सकता, और इसी आधार पर इन्हें चुनौती दी गई थी, जिसे उच्चतम न्यायालय ने बालाजी राघवन मामले में ख़ारिज किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारतीय नागरिकता न रखने वाले पहले व्यक्ति, जिन्हें भारत रत्न मिला, कौन थे?
सीमांत गांधी कहलाने वाले इस नेता ने उत्तर पश्चिम सीमा प्रांत में अहिंसक ख़ुदाई ख़िदमतगार आंदोलन चलाया और विभाजन के बाद वे पाकिस्तान के नागरिक रहे, इसलिए वे भारतीय नागरिकता न रखने वाले पहले प्राप्तकर्ता हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत रत्न पाने वाली पहली महिला कौन थीं?
उस समय वे प्रधानमंत्री थीं और यह सम्मान उसी वर्ष की घटनाओं के बाद दिया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत रत्न मरणोपरांत पाने वाले पहले व्यक्ति कौन थे?
उससे पहले यह सम्मान केवल जीवित व्यक्तियों को दिया गया था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सन 1954 में भारत रत्न पाने वाले पहले व्यक्ति कौन थे?
तीनों को पुरस्कार के पहले ही वर्ष 1954 में सम्मानित किया गया। राजगोपालाचारी भारत के अंतिम गवर्नर जनरल थे, राधाकृष्णन दार्शनिक थे जो बाद में राष्ट्रपति बने, और रमन वे भौतिकविद थे जिन्होंने अपने नाम से जाने जाने वाले प्रभाव की खोज की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत का कौन सा नागरिक पुरस्कार भारत रत्न के ठीक नीचे आता है?
नागरिक सम्मानों का वरीयता क्रम भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री है, तथा पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत रत्न और पद्म पुरस्कारों की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
दोनों सम्मानों की स्थापना 2 जनवरी 1954 को राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने की थी, और उसी वर्ष पहला भारत रत्न सी. राजगोपालाचारी, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन तथा सी. वी. रमन को प्रदान किया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सत्यमेव जयते वाक्य किस ग्रंथ से लिया गया है?
इसका अर्थ है सत्य की ही विजय होती है, और इसे राष्ट्रीय आदर्श वाक्य के रूप में अपनाया गया है तथा यह भारत के राजचिह्न के नीचे देवनागरी लिपि में अंकित है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर वैदिक काल का कौन सा राजकीय यज्ञ घोड़ा छोड़कर राजा के अधिकार क्षेत्र की घोषणा करता था?
एक घोड़ा एक वर्ष तक स्वतंत्र घूमने के लिए छोड़ा जाता था और राजा के सैनिक उसकी रक्षा करते थे; वह जिस भी क्षेत्र से बिना चुनौती के गुजर जाता, वह राजा की अधीनता स्वीकार करता माना जाता था, और अंत में बड़े समारोह के साथ उस घोड़े की बलि…
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