महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण संगोष्ठी में चर्चित शब्द 'ब्लैक मास' किसे कहते हैं?
- A.कोयला धोने के बाद बची कोयले की धूल
- B.कच्चे तेल के शोधन का अवशेष
- C.नदी तल से निकाली गई गाद
- D.इस्तेमाल हो चुकी लिथियम-आयन बैटरियों से प्राप्त सामग्री
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. इस्तेमाल हो चुकी लिथियम-आयन बैटरियों से प्राप्त सामग्री
व्याख्या
सही उत्तर इस्तेमाल हो चुकी लिथियम-आयन बैटरियों से प्राप्त सामग्री है। जब पुरानी लिथियम-आयन बैटरियों को इकट्ठा करके खोला और पीसा जाता है, तो एक गहरे रंग का चूर्ण बचता है, जिसे ब्लैक मास कहते हैं। इसमें लिथियम, कोबाल्ट, निकल और मैंगनीज़ जैसी कीमती धातुएं तथा ग्रेफाइट होते हैं, जिन्हें आगे के प्रसंस्करण से निकाला जा सकता है। संगोष्ठी का एक तकनीकी सत्र लिथियम-आयन बैटरी से धातु पुनर्प्राप्ति और ब्लैक मास के निर्यात पर ही था।
बाकी विकल्प दूसरे उद्योगों से लिए गए भ्रम हैं। कोयले की धूल और रिफाइनरी का अवशेष महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण से जुड़े नहीं हैं, और नदी की गाद का इससे कोई संबंध नहीं। ब्लैक मास का मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि अगर इसे सीधे निर्यात कर दिया जाए तो कीमती धातुएं विदेश में निकाली जाती हैं; देश में ही इसका प्रसंस्करण इन खनिजों को घरेलू आपूर्ति शृंखला में रखता है, जो सर्कुलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य है।