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GK24

RRB ALP 2024 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

RRB ALP 2024 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 25 Nov 2024, Shift 3आसान

किसी पारितंत्र का कौन-सा जैविक घटक सबसे अधिक संख्या में पाया जाता है?

  1. A.प्राथमिक उपभोक्ता
  2. B.उत्पादक
  3. C.द्वितीयक उपभोक्ता
  4. D.तृतीयक उपभोक्ता
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उत्पादक

व्याख्या

सही उत्तर है B, उत्पादक। हरे पौधे और शैवाल जैसे उत्पादक पारितंत्र में सबसे अधिक संख्या में होते हैं, क्योंकि बाकी सभी जीव भोजन के लिए इन्हीं पर निर्भर हैं। ये सूर्य के प्रकाश से प्रकाश संश्लेषण करके अपना भोजन खुद बनाते हैं, इसलिए हर खाद्य श्रृंखला का पहला पोषी स्तर यही होते हैं। एक स्तर से अगले स्तर तक केवल लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा पहुँचती है (लिंडेमान का 10 प्रतिशत नियम), इसलिए ऊपर के हर स्तर पर कम जीव टिक पाते हैं। इसी से घास के मैदान में संख्या का सीधा पिरामिड बनता है: बहुत सारे घास के पौधे, उनसे कम टिड्डे, उनसे कम मेंढक और सबसे कम साँप व बाज़। A गलत है क्योंकि प्राथमिक उपभोक्ता यानी शाकाहारी जीव उत्पादकों को खाते हैं और उनसे कम होते हैं। C गलत है क्योंकि द्वितीयक उपभोक्ता यानी छोटे मांसाहारी और भी कम होते हैं। D गलत है क्योंकि बाघ या चील जैसे शीर्ष मांसाहारी तृतीयक उपभोक्ता सबसे कम होते हैं। परीक्षा टिप: उत्पादक → प्राथमिक → द्वितीयक → तृतीयक उपभोक्ता; हर चरण पर लगभग 90 प्रतिशत ऊर्जा खर्च हो जाती है; एक पेड़ वाले पारितंत्र में संख्या का पिरामिड उल्टा होता है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 25 Nov 2024, Shift 1आसान

इलेक्ट्रिक प्रेस (इस्त्री), इलेक्ट्रिक टोस्टर, इलेक्ट्रिक ओवन, इलेक्ट्रिक केतली और इलेक्ट्रिक हीटर जैसे उपकरण विद्युत धारा के किस प्रभाव पर आधारित हैं?

  1. A.रासायनिक प्रभाव
  2. B.चुंबकीय प्रभाव
  3. C.शारीरिक (फिजियोलॉजिकल) प्रभाव
  4. D.तापीय (ऊष्मीय) प्रभाव
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. तापीय (ऊष्मीय) प्रभाव

व्याख्या

सही उत्तर है D, तापीय (ऊष्मीय) प्रभाव। इस्त्री, टोस्टर, ओवन, केतली और हीटर में अधिक प्रतिरोध वाली कुंडली से धारा बहने पर विद्युत ऊर्जा ऊष्मा में बदल जाती है। इसे जूल का तापन नियम समझाता है: उत्पन्न ऊष्मा H = I²Rt, यानी ऊष्मा धारा के वर्ग, प्रतिरोध और समय के अनुपात में बढ़ती है। हीटर की कुंडली नाइक्रोम (निकेल और क्रोमियम की मिश्रधातु) से बनती है, क्योंकि इसका प्रतिरोध अधिक होता है और लाल गर्म होने पर भी यह न पिघलती है, न आसानी से ऑक्सीकृत होती है। बिजली का फ्यूज़ और फिलामेंट वाला बल्ब भी इसी प्रभाव पर काम करते हैं। A गलत है क्योंकि धारा का रासायनिक प्रभाव विद्युत लेपन और बैटरी चार्ज करने में काम आता है। B गलत है क्योंकि चुंबकीय प्रभाव से बिजली की घंटी, पंखे, मोटर और विद्युत चुंबक चलते हैं। C गलत है क्योंकि शारीरिक प्रभाव वह झटका या मांसपेशियों की ऐंठन है जो धारा जीवित शरीर में पैदा करती है। परीक्षा टिप: H = I²Rt; हीटर कुंडली = नाइक्रोम, बल्ब फिलामेंट = टंगस्टन, फ्यूज़ तार = कम गलनांक वाली टिन-सीसा मिश्रधातु।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 28 Nov 2024, Shift 1आसान

मानव नेत्र के निकट-दृष्टि दोष (मायोपिया) को किसके उपयोग से ठीक किया जा सकता है?

  1. A.उपयुक्त क्षमता का उभयोत्तल लेंस
  2. B.एक सादी काँच की प्लेट
  3. C.उपयुक्त क्षमता का अवतल लेंस
  4. D.उपयुक्त क्षमता का उत्तल लेंस
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उपयुक्त क्षमता का अवतल लेंस

व्याख्या

सही उत्तर है C, उपयुक्त क्षमता का अवतल लेंस। अवतल लेंस आँख में जाने से पहले प्रकाश किरणों को थोड़ा फैला देता है, जिससे प्रतिबिंब खिसककर ठीक रेटिना पर बनने लगता है। निकट-दृष्टि दोष में व्यक्ति को पास की वस्तुएँ साफ दिखती हैं पर दूर की वस्तुएँ धुँधली दिखती हैं। ऐसा तब होता है जब नेत्रगोलक लंबा हो जाए या नेत्र लेंस अधिक मुड़ा हुआ हो, जिससे दूर की वस्तु की किरणें रेटिना से पहले ही मिल जाती हैं। अवतल लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है, इसलिए मायोपिया के चश्मे पर -2.0 D (डायोप्टर) जैसी माइनस संख्या लिखी होती है। A गलत है क्योंकि उभयोत्तल लेंस किरणों को पास लाता है और धुँधलापन और बढ़ा देगा। B गलत है क्योंकि सादी काँच की प्लेट की कोई क्षमता नहीं होती, वह किरणों के मिलने की जगह नहीं बदलती। D गलत है क्योंकि उत्तल लेंस दूर-दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) ठीक करता है, जिसमें प्रतिबिंब रेटिना के पीछे बनता है। परीक्षा टिप: मायोपिया = अवतल (माइनस) लेंस; हाइपरमेट्रोपिया = उत्तल (प्लस) लेंस; बुढ़ापे का जरादूरदृष्टि दोष = द्विफोकसी लेंस; अबिंदुकता = बेलनाकार लेंस।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 27 Nov 2024, Shift 3आसान

एड्रेनालिन हार्मोन किस ग्रंथि से स्रावित होता है?

  1. A.थायरॉइड ग्रंथि
  2. B.अधिवृक्क (एड्रेनल) ग्रंथि
  3. C.पीनियल ग्रंथि
  4. D.पीयूष (पिट्यूटरी) ग्रंथि
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अधिवृक्क (एड्रेनल) ग्रंथि

व्याख्या

सही उत्तर है B, अधिवृक्क (एड्रेनल) ग्रंथि। एड्रेनालिन अधिवृक्क ग्रंथियाँ बनाती हैं, जो दोनों गुर्दों के ऊपर टोपी की तरह बैठी होती हैं। डर, गुस्से या अचानक खतरे में यह हार्मोन निकलता है, इसलिए इसे "लड़ो या भागो" हार्मोन कहा जाता है। यह दिल की धड़कन और साँस की गति बढ़ाता है, रक्त में शर्करा बढ़ाता है और मांसपेशियों तक ज़्यादा खून भेजता है ताकि शरीर तुरंत प्रतिक्रिया कर सके। एड्रेनालिन ग्रंथि के भीतरी भाग, अधिवृक्क मेडुला, से निकलता है; बाहरी भाग, कॉर्टेक्स, कॉर्टिसोल और एल्डोस्टेरोन बनाता है। A गलत है क्योंकि गर्दन में स्थित थायरॉइड ग्रंथि थायरॉक्सिन बनाती है, जो उपापचय को नियंत्रित करता है और जिसके लिए आयोडीन ज़रूरी है। C गलत है क्योंकि मस्तिष्क की पीनियल ग्रंथि मेलाटोनिन बनाती है, जो सोने-जागने का चक्र नियंत्रित करता है। D गलत है क्योंकि पीयूष ग्रंथि वृद्धि हार्मोन बनाती है और कई दूसरी ग्रंथियों को नियंत्रित करती है, इसलिए उसे मास्टर ग्रंथि कहते हैं। परीक्षा टिप: अधिवृक्क = एड्रेनालिन (आपातकालीन हार्मोन), थायरॉइड = थायरॉक्सिन (उपापचय), अग्न्याशय = इंसुलिन (रक्त शर्करा), पीयूष = मास्टर ग्रंथि।

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