मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
सामान्य विज्ञानमध्यम

यदि लोलक घड़ी को पृथ्वी से चंद्रमा पर ले जाया जाए, जहां गुरुत्वीय त्वरण लगभग छठा भाग है, तो उसका आवर्तकाल

  1. A.घटेगा
  2. B.बढ़ेगा
  3. C.अपरिवर्तित रहेगा
  4. D.शून्य हो जाएगा

सही उत्तर

B. बढ़ेगा

व्याख्या

सही उत्तर B, बढ़ेगा है। आवर्तकाल g के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होता है, अत: g घटकर छठा भाग रह जाने पर आवर्तकाल √6, लगभग 2.45 गुना हो जाता है; लोलक धीमे दोलन करता है और चंद्रमा पर ले जाई गई लोलक घड़ी बहुत सुस्त चलेगी। विकल्प A गलत है, क्योंकि आवर्तकाल तब घटता है जब g बढ़े, जैसे घड़ी को भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर ले जाने पर या ऊपर त्वरित लिफ्ट में। विकल्प C गलत है, क्योंकि लोलक का आवर्तकाल g पर निर्भर करता है, जबकि स्प्रिंग दोलक का आवर्तकाल केवल द्रव्यमान और बल नियतांक पर निर्भर होने के कारण चंद्रमा पर अपरिवर्तित रहेगा। विकल्प D गलत है, क्योंकि आवर्तकाल अत्यधिक तभी होता है जहां g शून्य हो, जैसे पृथ्वी के केंद्र में या परिक्रमा करते उपग्रह में।

पूरा लेख पढ़ें: दोलन: सरल आवर्त गति और सरल लोलक के नोट्स

सभी देखें
Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 29 May 2022आसान

यदि कोई कण सरल आवर्त गति कर रहा है, तो माध्य स्थिति पर उसका वेग _________ होता है।

  1. A.अधिकतम
  2. B.शून्य
  3. C.न्यूनतम
  4. D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अधिकतम

सरल आवर्त गति में वेग ω√(A² - x²) होता है। माध्य स्थिति पर विस्थापन x शून्य होता है, अत: वेग अपने अधिकतम मान Aω पर पहुंच जाता है; इसी कारण गतिज ऊर्जा भी वहीं सर्वाधिक होती है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB Lab Assistant 2018 Official Paperमध्यम

एक बच्चा झूले पर बैठा है। भूमि से उसकी न्यूनतम और अधिकतम ऊंचाई क्रमश: 0.75 मीटर तथा 2 मीटर है। उसकी अधिकतम चाल होगी

  1. A.10 मी/से
  2. B.5 मी/से
  3. C.8 मी/से
  4. D.15 मी/से
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 5 मी/से

झूला एक लोलक की तरह है और उसकी चाल निम्नतम बिंदु पर सर्वाधिक होती है, जहां ऊपर प्राप्त सारी स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदल जाती है।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

सरल लोलक का आवर्तकाल निम्नलिखित में से किस पर निर्भर नहीं करता?

  1. A.लोलक की लंबाई
  2. B.गोलक का द्रव्यमान
  3. C.गुरुत्वीय त्वरण
  4. D.इन सभी पर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गोलक का द्रव्यमान

सरल लोलक का आवर्तकाल T = 2π√(l/g) होता है, जिसमें गोलक का द्रव्यमान कहीं नहीं आता; समान लंबाई के भारी और हल्के गोलक एक ही समय देते हैं, और यही द्रव्यमान का नियम है।

Q4.सामान्य विज्ञानमध्यम

जहां गुरुत्वीय त्वरण 9.8 मीटर प्रति वर्ग सेकंड है, वहां सेकंड लोलक की लंबाई लगभग कितनी होती है?

  1. A.1 मीटर
  2. B.2 मीटर
  3. C.0.5 मीटर
  4. D.9.8 मीटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1 मीटर

सेकंड लोलक वह है, जिसका आवर्तकाल ठीक दो सेकंड हो, अर्थात एक ओर से दूसरी ओर का प्रत्येक झूला एक सेकंड लेता है।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

यदि सरल लोलक की लंबाई चार गुनी कर दी जाए, तो उसका आवर्तकाल हो जाएगा

  1. A.चार गुना
  2. B.दो गुना
  3. C.आधा
  4. D.एक चौथाई
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दो गुना

आवर्तकाल लंबाई के वर्गमूल के अनुक्रमानुपाती होता है, अत: लंबाई चार गुनी करने पर आवर्तकाल √4 = 2 गुना हो जाता है; किसी लोलक का आवर्तकाल दोगुना करने के लिए उसकी लंबाई चार गुनी करनी पड़ती है।