वृक्क एक एंजाइम स्रावित करता है, जो प्लाज़्मा प्रोटीन एंजियोटेन्सिनोजन को एंजियोटेन्सिन में बदल देता है। यह एंजाइम है
- A.रेनिन
- B.नाइट्रोजिनेज़
- C.हाइड्रोलेज़
- D.मोनो-ऑक्सीजिनेज़
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, रेनिन। वृक्क से निकलने वाला रेनिन यकृत में बने एंजियोटेन्सिनोजन को एंजियोटेन्सिन I में बदलता है, जो आगे एंजियोटेन्सिन II बन जाता है।
रेनिन वृक्क की जक्स्टाग्लोमेरुलर कोशिकाओं से निकलता है, जो ग्लोमेरुलस के पास होती हैं। जब रक्तचाप या वृक्क में रक्त का प्रवाह घटता है, तब ये कोशिकाएं रेनिन छोड़ती हैं। एंजियोटेन्सिन II रक्त वाहिकाओं को संकरा कर रक्तचाप बढ़ाता है, और अधिवृक्क वल्कुट से एल्डोस्टेरोन निकलवाता है, जिससे वृक्क सोडियम और पानी को शरीर में रोक लेता है। इन सब चरणों को मिलाकर रेनिन-एंजियोटेन्सिन-एल्डोस्टेरोन तंत्र (RAAS) कहते हैं, जो रक्तचाप और वृक्क की निस्यंदन दर को फिर से सामान्य करता है।
B गलत है, क्योंकि नाइट्रोजिनेज़ जीवाणुओं का एंजाइम है, जो दलहनी पौधों की जड़-ग्रंथिकाओं जैसी जगहों पर वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करता है।
C गलत है, क्योंकि हाइड्रोलेज़ एंजाइमों का एक बड़ा वर्ग है जो पानी की मदद से बंध तोड़ता है; यह वृक्क का विशिष्ट एंजाइम नहीं है।
D गलत है, क्योंकि मोनो-ऑक्सीजिनेज़ मुख्यतः यकृत में पदार्थों में एक ऑक्सीजन परमाणु जोड़ते हैं; इस चरण में इनकी कोई भूमिका नहीं है।
Exam tip: वृक्क से रेनिन, यकृत से एंजियोटेन्सिनोजन, अधिवृक्क वल्कुट से एल्डोस्टेरोन; तीनों मिलकर RAAS।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएक कप में स्थिर पड़े तरल के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. तरल के सभी बिंदुओं पर दाब समान होता है 2. दीवारों पर दाब लगता है। 3. तरल में हर जगह दाब होता है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
स्थिर तरल दीवारों पर दाब डालता है और उसके हर बिंदु पर दाब होता है, पर यह दाब सभी गहराइयों पर बराबर नहीं होता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →परम शून्य ताप 0 केल्विन है। °C मात्रक में निम्नलिखित में से कौन-सा परम शून्य ताप है?
- A.0 °C
- B.-100 °C
- C.-273.15 °C
- D.-173.15 °C
उत्तर देखें
केल्विन पैमाने का शून्य जल के हिमांक से 273.15 डिग्री नीचे होता है। केल्विन और सेल्सियस पैमानों में एक डिग्री का मान बराबर होता है, इसलिए T(K) = t(°C) + 273.15।
पूरी व्याख्या पढ़ें →डाइनाइट्रोजन (N₂) और डाइऑक्सीजन (O₂) वायु के मुख्य घटक हैं, फिर भी वे आपस में अभिक्रिया करके नाइट्रोजन के ऑक्साइड नहीं बनाते, क्योंकि
- A.अभिक्रिया को आरंभ करने के लिए उत्प्रेरक चाहिए
- B.नाइट्रोजन के ऑक्साइड अस्थायी होते हैं
- C.अभिक्रिया ऊष्माशोषी है और इसके लिए बहुत ऊंचा ताप चाहिए
- D.वायु में N₂ और O₂ का स्टॉइकियोमीट्री अनुपात इस अभिक्रिया के लिए आदर्श नहीं है
उत्तर देखें
नाइट्रोजन और ऑक्सीजन तभी मिलते हैं जब बहुत अधिक ऊर्जा दी जाए। नाइट्रोजन अणु बहुत मजबूत त्रिबंध से बंधा होता है, इसलिए उसे तोड़ने में बहुत ऊर्जा लगती है, और अभिक्रिया N₂ + O₂ → 2NO ऊष्मा अवशोषित करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निकल उत्प्रेरक की उपस्थिति में वनस्पति तेलों का हाइड्रोजनीकरण किसका उदाहरण है?
- A.प्रतिस्थापन अभिक्रिया।
- B.विलोपन अभिक्रिया।
- C.योगात्मक अभिक्रिया।
- D.मुक्त-मूलक बहुलकीकरण।
उत्तर देखें
तेल के कार्बन–कार्बन द्विबंधों पर हाइड्रोजन जुड़ जाती है। वनस्पति तेल असंतृप्त होते हैं: उनकी वसीय अम्ल श्रृंखलाओं में C=C द्विबंध होते हैं, जिनके कारण वे द्रव रहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक धनात्मक आवेश ऐसे स्थान में दक्षिण की ओर गतिमान है जहां चुंबकीय क्षेत्र उत्तर दिशा की ओर है। गतिमान आवेश अनुभव करेगा :
- A.उत्तर दिशा की ओर एक विक्षेपक बल।
- B.पूर्व दिशा की ओर एक विक्षेपक बल।
- C.पश्चिम दिशा की ओर एक विक्षेपक बल।
- D.कोई विक्षेपक बल नहीं।
उत्तर देखें
आवेश ठीक क्षेत्र की उल्टी दिशा में चल रहा है, और चुंबकीय क्षेत्र अपनी रेखा पर चलते आवेश पर कोई बल नहीं लगाता।
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