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GK24
रक्षामध्यम

वीर गार्जियन-2026 अभ्यास किस वायुसेना छावनी में आयोजित किया जा रहा है?

  1. A.हिंडन
  2. B.कलाईकुंडा
  3. C.जोधपुर
  4. D.सुलूर

सही उत्तर

C. जोधपुर

व्याख्या

सही उत्तर जोधपुर है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार भारतीय वायु सेना और जापान वायु आत्मरक्षा बल राजस्थान स्थित जोधपुर वायुसेना छावनी में यह अभ्यास कर रहे हैं और कार्यक्रम 9 सितंबर 2026 से 22 सितंबर 2026 तक चलेगा। विकल्प A यानी हिंडन दिल्ली के पास स्थित बड़ा परिवहन अड्डा है, किंतु इस अभ्यास के लिए इसका नाम नहीं आया है। विकल्प B यानी कलाईकुंडा पश्चिम बंगाल में है और वहां पहले भी वायु अभ्यास हुए हैं, इसलिए यह विकल्प भ्रमित कर सकता है, फिर भी वीर गार्जियन-2026 वहां नहीं हो रहा। विकल्प D यानी सुलूर तमिलनाडु में है और तेजस से जुड़ा माना जाता है, इसलिए केवल तेजस याद रखने वाला अभ्यर्थी गलती कर सकता है। अभ्यास के नाम के साथ स्थान अवश्य याद रखें, क्योंकि प्रश्नपत्र में यही जोड़ी पूछी जाती है।

पूरा लेख पढ़ें: वीर गार्जियन-2026: जोधपुर में भारत-जापान वायु अभ्यास

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Q1.रक्षाआसान

वीर गार्जियन-2026 अभ्यास भारतीय वायु सेना और किस देश की वायु सेना के बीच हो रहा है?

  1. A.फ्रांस
  2. B.जापान
  3. C.ऑस्ट्रेलिया
  4. D.सिंगापुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जापान

व्याख्या

सही उत्तर जापान है। वीर गार्जियन-2026 भारतीय वायु सेना और जापान वायु आत्मरक्षा बल का द्विपक्षीय वायु अभ्यास है, जो जोधपुर वायुसेना छावनी में 9 सितंबर 2026 से 22 सितंबर 2026 तक आयोजित हो रहा है। विकल्प A यानी फ्रांस गलत है, यद्यपि भ्रम स्वाभाविक है, क्योंकि इस अभ्यास में भाग ले रहा राफेल विमान फ्रांस से खरीदा गया था; परंतु फ्रांस इस अभ्यास में भागीदार देश नहीं है। विकल्प C यानी ऑस्ट्रेलिया गलत है, क्योंकि इस अभ्यास की घोषणा में ऑस्ट्रेलिया के किसी विमान या दल का उल्लेख नहीं है। विकल्प D यानी सिंगापुर भी इसी कारण गलत है। प्रश्न में द्विपक्षीय शब्द सबसे बड़ा संकेत है, क्योंकि इसका अर्थ है कि अभ्यास में केवल दो वायु सेनाएं शामिल हैं, और यहां वे भारत तथा जापान की हैं। अभ्यास के नाम के साथ साझेदार देश जोड़कर याद रखें।

Q2.रक्षामध्यम

वीर गार्जियन-2026 में जापान वायु आत्मरक्षा बल कौन सा लड़ाकू विमान लेकर आया है?

  1. A.एफ-2ए
  2. B.एफ-15जे
  3. C.एफ-35ए
  4. D.मित्सुबिशी टी-4
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एफ-2ए

व्याख्या

सही उत्तर एफ-2ए है। घोषणा के अनुसार जापान अपने एफ-2ए लड़ाकू विमान के साथ इस अभ्यास में भाग ले रहा है, जबकि भारत की ओर से स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान तेजस, सुखोई-30 एमकेआई और राफेल शामिल हैं। विकल्प B यानी एफ-15जे जापान की सेवा में रहने वाला विमान है, इसलिए यह विकल्प बहुत भ्रमित करने वाला है, परंतु इस अभ्यास के लिए इसका नाम नहीं दिया गया है। विकल्प C यानी एफ-35ए पांचवीं पीढ़ी का विमान है और जापान से जुड़ी खबरों में इसका उल्लेख मिलता है, फिर भी वीर गार्जियन-2026 में यह शामिल नहीं है। विकल्प D यानी मित्सुबिशी टी-4 प्रशिक्षक विमान है, लड़ाकू विमान नहीं, इसलिए यह इस तरह के अभ्यास में फिट नहीं बैठता। दोहराते समय चारों विमान एक साथ याद करें।

Q3.रक्षाकठिन

श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय में रक्षा मंत्री द्वारा उल्लेखित 'महासागर' दृष्टिकोण का अर्थ क्या है?

  1. A.वैश्विक क्षेत्रों और मार्गों की सुरक्षा के लिए समुद्री गठबंधन
  2. B.सभी क्षेत्रों में सुरक्षा एवं विकास के लिए आपसी और समग्र प्रगति
  3. C.साझा विकास और क्षेत्रीय सहायता के लिए समुद्री उन्नयन
  4. D.बंदरगाहों, जहाजरानी और वैश्विक पहुंच मार्गों की उन्नति का मिशन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सभी क्षेत्रों में सुरक्षा एवं विकास के लिए आपसी और समग्र प्रगति

व्याख्या

सही उत्तर सभी क्षेत्रों में सुरक्षा एवं विकास के लिए आपसी और समग्र प्रगति है। रक्षा मंत्री ने श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय में बोलते हुए यही विस्तार बताया और कहा कि आपसी तथा समग्र शब्द ही इस विचार का मूल हैं, क्योंकि वे तालमेल, सहयोग और मिलकर काम करने के महत्व को उजागर करते हैं। उन्होंने भारत और श्रीलंका की समुद्री साझेदारी को प्रधानमंत्री के इसी दृष्टिकोण से जोड़ा। विकल्प A, C और D बंदरगाह, गठबंधन, जहाजरानी और मार्ग जैसे परिचित समुद्री शब्दों से गढ़े गए हैं और अधूरा याद रखने वाले छात्र को सही लगते हैं। यही इस प्रकार के प्रश्नों का जाल है, क्योंकि संक्षिप्त नामों का अनुमान लगाना आसान होता है पर सटीक विस्तार याद रखना कठिन। इसे शब्द दर शब्द याद करें और उसी भाषण के दूसरे शब्द विश्व मित्र के साथ जोड़ लें, जिससे रक्षा मंत्री ने पड़ोस में भारत की भूमिका बताई।

Q4.रक्षामध्यम

9 सितंबर 2026 को भारत और श्रीलंका के बीच हुआ समझौता ज्ञापन किस उपकरण के उन्नयन से संबंधित है?

  1. A.डोर्नियर समुद्री गश्ती विमान
  2. B.श्रीलंकाई वायु सेना की एल 70 वायु रक्षा तोपें
  3. C.श्रीलंकाई नौसेना के अपतटीय गश्ती पोत
  4. D.श्रीलंकाई सेना के रडार केंद्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. श्रीलंकाई वायु सेना की एल 70 वायु रक्षा तोपें

व्याख्या

सही उत्तर श्रीलंकाई वायु सेना की एल 70 वायु रक्षा तोपें हैं। इनमें से छह तोपों का उन्नयन भारत सरकार के अनुदान के अंतर्गत किया जाएगा और ये तोपें पहले भारत ने ही श्रीलंका को दी थीं, इसलिए उन्नयन की जिम्मेदारी भी भारत के पास है। बताया गया उद्देश्य श्रीलंका की महत्वपूर्ण संपत्तियों की वायु रक्षा संरचना को मजबूत करना है। विकल्प A यानी डोर्नियर विमान और विकल्प C यानी अपतटीय गश्ती पोत इसलिए भ्रमित करते हैं क्योंकि भारत ने अतीत में श्रीलंका को समुद्री प्लेटफॉर्म दिए हैं और इस यात्रा में समुद्री सहयोग प्रमुख विषय रहा, पर उस दिन इन पर कोई समझौता नहीं हुआ। विकल्प D में वायु निगरानी का सही विचार तो है, पर सेवा और उपकरण दोनों गलत हैं। यात्रा का दूसरा समझौता ज्ञापन दोनों देशों के राष्ट्रीय कैडेट कोर और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालयों के सहयोग पर था, जिसे परीक्षक अक्सर साथ पूछते हैं।

Q5.रक्षाआसान

9 सितंबर 2026 को कोलंबो यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने श्रीलंका के किस राष्ट्रपति से मुलाकात की?

  1. A.श्री अनुरा कुमारा दिसानायके
  2. B.डॉ. हरिनी अमरसूर्या
  3. C.श्री अरुणा जयसेकरा
  4. D.श्री रानिल विक्रमसिंघे
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. श्री अनुरा कुमारा दिसानायके

व्याख्या

सही उत्तर श्री अनुरा कुमारा दिसानायके हैं, जो श्रीलंका के राष्ट्रपति हैं और जिनसे रक्षा मंत्री ने कोलंबो में मुलाकात की। इसी मुलाकात में राष्ट्रपति ने भरोसा दिलाया कि श्रीलंका की भूमि का उपयोग भारत के सुरक्षा हितों के प्रतिकूल गतिविधियों के लिए कभी नहीं होने दिया जाएगा और उन्होंने सागर बंधु अभियान के तहत मिली राहत के लिए आभार जताया। विकल्प B यानी डॉ. हरिनी अमरसूर्या श्रीलंका की प्रधानमंत्री हैं, जिनसे राजनाथ सिंह ने उसी दिन अलग से भेंट की और उन्हें नारी शक्ति का प्रतीक बताया। यही सबसे बड़ा भ्रम है, क्योंकि दोनों मुलाकातें कुछ ही घंटों के अंतर पर हुईं। विकल्प C यानी श्री अरुणा जयसेकरा रक्षा उप मंत्री हैं, जो रक्षा मंत्रालय में रक्षा मंत्री के संबोधन के समय उपस्थित थे। विकल्प D में श्रीलंका के एक पूर्व नेता का नाम है, जिनका इस विज्ञप्ति में कोई उल्लेख नहीं है। इसलिए दिसानायके को राष्ट्रपति और अमरसूर्या को प्रधानमंत्री के रूप में जोड़कर याद रखें।