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GK24
रक्षाआसान

वीर गार्डियन 2026 अभ्यास किस वायुसेना स्टेशन पर संपन्न हुआ?

  1. A.ग्वालियर वायुसेना स्टेशन
  2. B.जोधपुर वायुसेना स्टेशन
  3. C.कलाईकुंडा वायुसेना स्टेशन
  4. D.सुलूर वायुसेना स्टेशन

सही उत्तर

B. जोधपुर वायुसेना स्टेशन

व्याख्या

सही उत्तर जोधपुर वायुसेना स्टेशन है। रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय वायु सेना और जापान वायु आत्मरक्षा बल के बीच यह द्विपक्षीय वायु रक्षा अभ्यास जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर संपन्न हुआ। इसी स्थान पर विशिष्ट अतिथि दिवस के अवसर पर दोनों देशों के वायु सेना प्रमुख पहुंचे और उन्होंने स्वदेशी तेजस विमान उड़ाया। विकल्प ग्वालियर गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में इस अभ्यास के संदर्भ में इस स्टेशन का कोई उल्लेख नहीं है। विकल्प कलाईकुंडा भी गलत है, क्योंकि यह एक प्रसिद्ध लड़ाकू विमान अड्डा होने के बावजूद इस अभ्यास का स्थान नहीं था। विकल्प सुलूर इसलिए गलत है कि इस अभ्यास को उस स्टेशन से जोड़ने वाला कोई तथ्य विज्ञप्ति में नहीं मिलता। परीक्षा में अभ्यास के नाम के साथ उसका स्थान जोड़कर याद रखना सबसे सुरक्षित तरीका रहता है।

पूरा लेख पढ़ें: वीर गार्डियन 2026: भारत-जापान वायु अभ्यास जोधपुर में संपन्न

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अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षाआसान

भारतीय वायु सेना ने वीर गार्डियन 2026 अभ्यास किस देश की वायु सेना के साथ किया?

  1. A.दक्षिण कोरिया
  2. B.ऑस्ट्रेलिया
  3. C.जापान
  4. D.फ्रांस
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जापान

व्याख्या

सही उत्तर जापान है। वीर गार्डियन भारतीय वायु सेना और जापान वायु आत्मरक्षा बल के बीच होने वाला द्विपक्षीय वायु अभ्यास है, और विज्ञप्ति में इसे भारत तथा जापान की रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने वाला आयोजन बताया गया है। विकल्प दक्षिण कोरिया गलत है, क्योंकि इस अभ्यास में कोरियाई भागीदारी का कोई उल्लेख नहीं है। विकल्प ऑस्ट्रेलिया भी गलत है, क्योंकि रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स इस आयोजन का हिस्सा नहीं थी। विकल्प फ्रांस भ्रमित करने वाला है, क्योंकि अभ्यास में राफेल विमान उड़ा, लेकिन राफेल भारतीय वायु सेना के दल का हिस्सा था और उसे भारतीय चालक दल ने उड़ाया; फ्रांस भागीदार देश नहीं था। द्विपक्षीय अभ्यासों के नाम और उनके साझेदार देश सामान्य ज्ञान के प्रश्नपत्रों में बार-बार पूछे जाते हैं।

Q2.रक्षामध्यम

वीर गार्डियन 2026 में जापान वायु आत्मरक्षा बल ने किस युद्धक विमान से भाग लिया?

  1. A.एफ-15जे
  2. B.एफ-2ए
  3. C.एफ-35ए
  4. D.मित्सुबिशी एफ-1
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एफ-2ए

व्याख्या

सही उत्तर एफ-2ए है। रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति में स्पष्ट लिखा है कि जापान वायु आत्मरक्षा बल ने इस अभ्यास में एफ-2ए युद्धक विमान के साथ हिस्सा लिया, जबकि भारतीय वायु सेना ने सुखोई-30 एमकेआई, राफेल और स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस उतारे। विकल्प क गलत है, क्योंकि जोधपुर आए जापानी विमानों में इस प्रकार का नाम नहीं दिया गया है। विकल्प ग भी गलत है, क्योंकि इस अभ्यास में जापान की ओर से किसी पांचवीं पीढ़ी के विमान की भागीदारी दर्ज नहीं है। विकल्प घ गलत है, क्योंकि उस पुराने विमान का उल्लेख विज्ञप्ति में कहीं नहीं मिलता। संयुक्त अभ्यासों पर आधारित प्रश्नों में प्रायः यही पूछा जाता है कि किस पक्ष ने कौन-सा विमान उतारा, इसलिए भारतीय विमानों की सूची और जापान के एकमात्र विमान को साथ में याद रखना उपयोगी है।

Q3.रक्षामध्यम

सूर्यकिरण टीम के हॉक एमके-132 विमानों में रंगीन धुआं छोड़ने वाले उपकरण भारतीय वायु सेना के किस शहर स्थित बेस रिपेयर डिपो में लगाए गए?

  1. A.नाशिक
  2. B.बेंगलुरु
  3. C.कानपुर
  4. D.चंडीगढ़
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नाशिक

व्याख्या

सही उत्तर नाशिक है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार हॉक एमके-132 विमानों में देश में ही एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है, जिसके तहत रंगीन धुआं छोड़ने वाले उपकरण लगाए गए हैं। यह बदलाव भारतीय वायु सेना के नाशिक स्थित बेस रिपेयर डिपो में किया गया। इसी कारण टीम आसमान में राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंग, केसरिया, सफेद और हरा, बिखेर पाती है।

विज्ञप्ति में इस बदलाव के संबंध में बेंगलुरु, कानपुर या चंडीगढ़ का कोई उल्लेख नहीं है, इसलिए विकल्प B, C और D गलत हैं। दो अलग तथ्यों को आपस में न मिलाएं: हॉक एमके-132 विमान एचएएल भारत में लाइसेंस के तहत बनाता है, जबकि रंगीन धुएं वाला बदलाव वायु सेना के अपने नाशिक स्थित बेस रिपेयर डिपो में हुआ। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण से जुड़े प्रश्नों में ऐसे ही तथ्य पूछे जाते हैं।

Q4.रक्षामध्यम

भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (एसकेएटी) का गठन किस वर्ष हुआ था?

  1. A.1982
  2. B.1996
  3. C.2002
  4. D.2011
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1996

व्याख्या

सही उत्तर 1996 है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार एसकेएटी का गठन वर्ष 1996 में हुआ था और यह एशिया की नौ विमानों वाली एकमात्र एरोबैटिक टीम है। अपने 30 वर्षों के सफर में टीम देश-विदेश में 800 से अधिक हवाई प्रदर्शन कर चुकी है, जिनमें चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और दुबई के अंतरराष्ट्रीय एयर शो शामिल हैं।

1982 मंत्रालय द्वारा बताए गए वर्ष से पहले का है, जबकि 2002 और 2011 बाद के वर्ष हैं, जो 30 साल पूरे कर चुकी टीम से मेल नहीं खाते। इसलिए विकल्प A, C और D गलत हैं। ऐसे प्रश्नों में एक आसान जांच काम आती है: विज्ञप्ति 2026 तक के 30 वर्षों के सफर की बात करती है, जो 1996 की ओर इशारा करता है। गठन के वर्ष को टीम की दो प्रमुख पहचानों के साथ याद रखें: एशिया की नौ विमानों वाली एकमात्र एरोबैटिक टीम और भारतीय वायु सेना के दूत।

Q5.रक्षाआसान

सितंबर 2026 में पहली बार मेरठ में प्रदर्शन करने वाली भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम कौन-सा विमान उड़ाती है?

  1. A.एचएएल तेजस
  2. B.हॉक एमके-132
  3. C.किरण एमके-II
  4. D.पिलेटस पीसी-7
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हॉक एमके-132

व्याख्या

सही उत्तर हॉक एमके-132 है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम नौ विशेष लाल और सफेद रंग के हॉक एमके-132 विमान उड़ाती है, जिन्हें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) भारत में लाइसेंस के तहत बनाता है। इन विमानों में भारत में ही रंगीन धुआं छोड़ने वाले उपकरण भी लगाए गए हैं, जिनसे टीम आसमान में केसरिया, सफेद और हरा रंग बिखेरती है।

एचएएल तेजस, किरण एमके-II और पिलेटस पीसी-7 जैसे नाम रक्षा से जुड़े प्रश्नों में अक्सर गलत विकल्प के रूप में आते हैं, लेकिन विज्ञप्ति में इनमें से किसी को भी एसकेएटी का विमान नहीं बताया गया है। इसलिए विकल्प A, C और D गलत हैं। दोहराते समय टीम, विमान और निर्माता को एक साथ याद रखें: सूर्यकिरण, हॉक एमके-132 और एचएएल। विमानों की संख्या यानी नौ भी याद रखें, क्योंकि एसकेएटी एशिया की नौ विमानों वाली एकमात्र एरोबैटिक टीम है।