श्रीलंका तटरक्षक बल के साथ हुई बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया?
- A.रियर एडमिरल रुवान रूपासेना
- B.एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी
- C.परमेश शिवमणि
- D.एयर मार्शल तेजिंदर सिंह
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर परमेश शिवमणि है, जो भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक हैं और जिन्होंने नौवीं उच्च स्तरीय बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। विकल्प A उस अधिकारी का नाम है, जिन्होंने दूसरे पक्ष की अगुवाई की; रियर एडमिरल रुवान रूपासेना श्रीलंका तटरक्षक बल के महानिदेशक हैं और ऐसे प्रश्नों में समकक्ष अधिकारी का नाम जानबूझकर रखा जाता है, ताकि देखा जाए कि परीक्षार्थी दोनों प्रतिनिधिमंडलों में अंतर कर पाता है या नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि नौसेना और तटरक्षक बल अलग सेवाएं हैं और उनके प्रमुख भी अलग होते हैं, जबकि यह बैठक तटरक्षक बलों के बीच थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि वह अधिकारी एकीकृत रक्षा स्टाफ से जुड़े पद पर हैं और इस बैठक में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। ऐसे तथ्य जोड़ी बनाकर याद रखना सबसे उपयोगी होता है।
पूरा लेख पढ़ें: भारत और श्रीलंका तटरक्षक बलों की 9वीं बैठक मिरिसा में
अभ्यास प्रश्न
भारतीय तटरक्षक बल और श्रीलंका तटरक्षक बल की 9वीं उच्च स्तरीय बैठक कहां हुई?
- A.कोलंबो
- B.मिरिसा
- C.त्रिंकोमाली
- D.चेन्नई
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दोनों तटरक्षक बलों के बीच नौवीं उच्च स्तरीय बैठक श्रीलंका के मिरिसा में हुई, अर्थात इस बार मेजबानी श्रीलंकाई सेवा ने की।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस बैठक में निम्न में से कौन सा विषय सहयोग के क्षेत्रों में शामिल नहीं था?
- A.समुद्री प्रदूषण से निपटना
- B.समुद्री खोज एवं बचाव
- C.समुद्री कानून प्रवर्तन
- D.संयुक्त पनडुब्बी गश्त
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बैठक में आपसी हित के तीन क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने पर ध्यान दिया गया, जो समुद्री प्रदूषण से निपटना, समुद्री खोज एवं बचाव तथा समुद्री कानून प्रवर्तन हैं; इसलिए विकल्प A, B और C तीनों चर्चा में शामिल थे और उत्तर नहीं हो सकते।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पूर्ववर्ती आयुध निर्माणी बोर्ड को कितने रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों में बदला गया था?
- A.पांच
- B.छह
- C.सात
- D.नौ
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घरेलू रक्षा औद्योगिक आधार मजबूत करने के लिए बीते दशक में उठाए कदम बताते हुए रक्षा मंत्री ने रक्षा औद्योगिक गलियारों की स्थापना और पूर्ववर्ती आयुध निर्माणी बोर्ड को सात रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों में बदलने का उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य उन्हें अधिक स्वायत्तता, कार्यकुशलता और प्रतिस्पर्धा देना था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →2029 तक रक्षा उत्पादन और रक्षा निर्यात के लक्ष्य क्या रखे गए हैं?
- A.2 लाख करोड़ उत्पादन और 35,000 करोड़ निर्यात
- B.3 लाख करोड़ उत्पादन और 50,000 करोड़ निर्यात
- C.5 लाख करोड़ उत्पादन और 1 लाख करोड़ निर्यात
- D.1.78 लाख करोड़ उत्पादन और 38,424 करोड़ निर्यात
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रक्षा मंत्री ने 2029 तक इन दोनों लक्ष्यों को प्राप्त करने का संकल्प दोहराया और घरेलू उद्योग से विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, गुणवत्ता सुधारने तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत करने का आग्रह किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संवाद में बताए अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन किस स्तर पर पहुंचा?
- A.लगभग 1.27 लाख करोड़ रुपये
- B.लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपये
- C.लगभग 2.45 लाख करोड़ रुपये
- D.लगभग 95,000 करोड़ रुपये
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रक्षा मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा उत्पादन इस रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, जिसका श्रेय उन्होंने नीतियों, संस्थागत ढांचे, तकनीक विकास, खरीद प्रक्रिया और कारोबार सुगमता में किए गए सुधारों को दिया।
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