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GK24
अर्थव्यवस्थाआसान

विपणन सीजन 2027-28 के लिए किस रबी फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य में सबसे अधिक पूर्ण वृद्धि की गई?

  1. A.गेहूं
  2. B.चना
  3. C.कुसुम
  4. D.जौ

सही उत्तर

C. कुसुम

व्याख्या

सही उत्तर कुसुम है। विपणन सीजन 2027-28 के लिए कुसुम का समर्थन मूल्य 675 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया, जो छह अधिदेशित रबी फसलों में सबसे बड़ी रुपये वाली वृद्धि है। दूसरे स्थान पर सरसों और रेपसीड रहे, जिनमें 413 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई। विकल्प A गेहूं गलत है, क्योंकि गेहूं में सबसे कम केवल 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई, भले ही लागत पर उसका मार्जिन 106 प्रतिशत के साथ सबसे चौड़ा है। विकल्प B चना गलत है, क्योंकि चना में 83 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई, जो कुसुम से बहुत कम है। विकल्प D जौ भी गलत है, क्योंकि जौ में 136 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई और वह भी कुसुम के आंकड़े से काफी पीछे है। मसूर में 390 रुपये की वृद्धि हुई और वह पूर्ण वृद्धि के क्रम में तीसरे स्थान पर रही।

पूरा लेख पढ़ें: रबी फसलों का एमएसपी मंजूर, कुसुम में 675 रुपये की बढ़ोतरी

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Q1.अर्थव्यवस्थामध्यम

विपणन सीजन 2027-28 के रबी एमएसपी में अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत पर सबसे बड़ा मार्जिन किस फसल का है?

  1. A.गेहूं
  2. B.कुसुम
  3. C.मसूर
  4. D.चना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. गेहूं

व्याख्या

सही उत्तर गेहूं है। अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत की तुलना में अपेक्षित प्रतिफल गेहूं के लिए 106 प्रतिशत बैठता है, जो इस सीजन की छह अधिदेशित रबी फसलों में सबसे अधिक है। विकल्प B कुसुम गलत है, क्योंकि कुसुम इस सूची में सबसे नीचे 50 प्रतिशत के मार्जिन पर है, हालांकि रुपये के लिहाज से उसमें सबसे बड़ी वृद्धि हुई। विकल्प C मसूर गलत है, क्योंकि उसका मार्जिन 92 प्रतिशत है, जो गेहूं से और सरसों-रेपसीड के 96 प्रतिशत से भी कम है। विकल्प D चना गलत है, क्योंकि चना का मार्जिन 59 प्रतिशत है, जो जौ के 58 प्रतिशत से थोड़ा ही ऊपर है। यह मार्जिन उस लागत पर नापा जाता है जिसमें किराये का श्रम, पट्टे की भूमि का किराया, बीज, उर्वरक, सिंचाई शुल्क, मूल्यह्रास, कार्यशील पूंजी पर ब्याज और पारिवारिक श्रम का अनुमानित मूल्य शामिल रहता है।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

न्यूनतम समर्थन मूल्य को उत्पादन लागत का कम से कम डेढ़ गुना रखने की घोषणा किस केंद्रीय बजट में की गई थी?

  1. A.केंद्रीय बजट 2014-15
  2. B.केंद्रीय बजट 2018-19
  3. C.केंद्रीय बजट 2020-21
  4. D.केंद्रीय बजट 2022-23
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केंद्रीय बजट 2018-19

व्याख्या

सही उत्तर केंद्रीय बजट 2018-19 है। विपणन सीजन 2027-28 की रबी दरों में संशोधन को उसी बजट की घोषणा के अनुरूप बताया गया, जिसमें समर्थन मूल्य को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत का कम से कम डेढ़ गुना तय करने का मानक रखा गया था। विकल्प A, C और D अन्य बजट वर्षों के नाम हैं और गलत हैं, क्योंकि डेढ़ गुना का यह मानक केवल 2018-19 की घोषणा से जुड़ा है और उसके बाद हुए हर संशोधन में यही संदर्भ बिंदु रहा है। गणना में जो लागत ली जाती है वह भुगतान की गई लागत होती है जिसमें पारिवारिक श्रम का अनुमानित मूल्य जोड़ा जाता है, और उसमें किराये का मानव श्रम, बैल तथा मशीन श्रम, पट्टे की भूमि का किराया, बीज, उर्वरक और खाद, सिंचाई शुल्क, औजारों व कृषि भवनों पर मूल्यह्रास, कार्यशील पूंजी पर ब्याज तथा पंप सेट के लिए डीजल या बिजली शामिल रहते हैं।

Q3.अर्थव्यवस्थाकठिन

2014-15 से 2025-26 के दौरान समर्थन मूल्य पर कितने गेहूं की खरीद हुई?

  1. A.2254 लाख मीट्रिक टन
  2. B.2302 लाख मीट्रिक टन
  3. C.3715 लाख मीट्रिक टन
  4. D.3921 लाख मीट्रिक टन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 3715 लाख मीट्रिक टन

व्याख्या

सही उत्तर 3715 लाख मीट्रिक टन है। 2014-15 से 2025-26 तक समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं की कुल मात्रा इतनी रही। विकल्प A यानी 2254 लाख मीट्रिक टन गलत है, क्योंकि यह 2004-05 से 2013-14 की पहले वाली अवधि का गेहूं आंकड़ा है। विकल्प B यानी 2302 लाख मीट्रिक टन भी गलत है, क्योंकि वह उसी पुरानी अवधि में छहों रबी फसलों की कुल खरीद है, अकेले गेहूं की नहीं। विकल्प D यानी 3921 लाख मीट्रिक टन इसी वजह से उलटे क्रम में गलत है, क्योंकि वह 2014-15 से 2025-26 तक छहों रबी फसलों की खरीद बताता है, न कि केवल गेहूं की। भुगतान भी इसी ढर्रे पर चला, जहां गेहूं उत्पादकों को बाद की अवधि में 7.31 लाख करोड़ रुपये मिले, पहले की अवधि के 2.56 लाख करोड़ रुपये की तुलना में।

Q4.अर्थव्यवस्थाकठिन

निम्नलिखित में से कौन सा काम सांख्यिकीय व्यवसाय रजिस्टर का बताया गया कार्य नहीं है?

  1. A.आर्थिक सर्वेक्षणों के लिए लक्षित समूह की पहचान
  2. B.सर्वेक्षण के नमूने चुनने में सहायता
  3. C.छोटे उद्यमों को ऋण गारंटी मंजूर करना
  4. D.व्यावसायिक जनसांख्यिकी के आंकड़े तैयार करना
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. छोटे उद्यमों को ऋण गारंटी मंजूर करना

व्याख्या

सही उत्तर छोटे उद्यमों को ऋण गारंटी मंजूर करना है, क्योंकि यह वित्तपोषण का काम है और किसी सांख्यिकीय रजिस्टर से इसका संबंध नहीं है। यह रजिस्टर निर्धारित भौगोलिक क्षेत्र के भीतर आर्थिक गतिविधियों में लगी पंजीकृत सांख्यिकीय इकाइयों का केंद्रीय और नियमित रूप से अद्यतन डेटाबेस है, जिसमें व्यवसाय, उद्यम तथा प्रतिष्ठान, उनकी प्रमुख विशेषताएं और इकाइयों के बीच संबंध दर्ज होते हैं। विकल्प A, B और D इस प्रश्न के लिए गलत विकल्प हैं, क्योंकि ये तीनों वास्तव में बताए गए कार्य हैं, अर्थात रजिस्टर आर्थिक सर्वेक्षणों का लक्षित समूह पहचानता है, नमूना चयन में सहायता करता है और व्यावसायिक जनसांख्यिकी आंकड़े तैयार करने में सक्षम बनाता है। वह ऐसी जानकारी के लिए समान ढांचा भी देता है और विभिन्न आंकड़ा स्रोतों में एकरूपता रखता है, इसीलिए उसे आर्थिक सांख्यिकी प्रणाली की मूलभूत अवसंरचना कहा गया है।

Q5.अर्थव्यवस्थामध्यम

समझौते के तहत किस पंजीकरण प्रणाली का इकाई-वार डेटा सांख्यिकी मंत्रालय से साझा होगा?

  1. A.जीएसटी पंजीकरण
  2. B.उद्यम पंजीकरण
  3. C.श्रम सुविधा पंजीकरण
  4. D.कंपनी रजिस्ट्रार के पास कंपनी पंजीकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उद्यम पंजीकरण

व्याख्या

सही उत्तर उद्यम पंजीकरण है, जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की वह प्रणाली है जिस पर उद्यम स्वयं को सूक्ष्म, लघु या मध्यम इकाई के रूप में दर्ज कराते हैं। समझौते के तहत उसका इकाई-वार डेटा एपीआई के जरिये सांख्यिकी मंत्रालय से साझा होगा और दोतरफा एपीआई राष्ट्रीय सांख्यिकी व्यवसाय रजिस्टर तैयार करने के लिए आंकड़े देगा। विकल्प A गलत है, क्योंकि वस्तु एवं सेवा कर पंजीकरण कर अधिकारियों के पास है और समझौते में उसका नाम नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि श्रम मंत्रालय के अनुपालन पोर्टल का उल्लेख नहीं हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि कंपनी निगमन के अभिलेख कॉरपोरेट कार्य तंत्र के पास रहते हैं। समझौते से बताया गया लाभ यह है कि व्यावसायिक जानकारी की व्यापकता, एकरूपता और विश्वसनीयता सुधरेगी।