मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
रक्षामध्यम

वायु सेना स्कूलों तक स्क्रॉलकंट्रोल कार्यक्रम किस संस्था के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है?

  1. A.सूचना साझाकरण एवं विश्लेषण केंद्र फाउंडेशन
  2. B.राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र
  3. C.भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
  4. D.सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया

सही उत्तर

A. सूचना साझाकरण एवं विश्लेषण केंद्र फाउंडेशन

व्याख्या

सही उत्तर सूचना साझाकरण एवं विश्लेषण केंद्र फाउंडेशन है, जिसे आईएसएसी फाउंडेशन भी कहा जाता है। भारतीय वायु सेना शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सोसाइटी इसी संस्था के माध्यम से स्कूलों तक स्क्रॉलकंट्रोल पहुंचा रही है। शिक्षकों का प्रशिक्षण और प्रमाणन, राष्ट्रीय सुरक्षा डेटाबेस में उनका पैनल और साइबर अधिवक्ताओं, साइबर मनोवैज्ञानिकों तथा फॉरेंसिक विशेषज्ञों के जरिये पीड़ितों को चौबीसों घंटे मदद भी यही संस्था उपलब्ध करा रही है। विकल्प B गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र का नाम इस व्यवस्था में नहीं आता। विकल्प C गलत है, क्योंकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स बनाती है और इस कार्यक्रम में उसकी भूमिका नहीं है। विकल्प D भी गलत है। जुड़े स्कूल साइबर क्लब बनाकर साइबर सुरक्षित स्कूल की मान्यता पा सकते हैं।

पूरा लेख पढ़ें: वायु सेना के 42 स्कूलों ने अपनाया स्क्रॉलकंट्रोल कार्यक्रम

Q1.रक्षाआसान

बाल डिजिटल सुरक्षा कार्यक्रम स्क्रॉलकंट्रोल से कितने वायु सेना स्कूलों को जोड़ा गया है?

  1. A.24
  2. B.36
  3. C.42
  4. D.61
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 42

वायु मुख्यालय के अधीन काम करने वाली भारतीय वायु सेना शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सोसाइटी ने 42 वायु सेना स्कूलों को स्क्रॉलकंट्रोल नाम के बाल डिजिटल सुरक्षा कार्यक्रम से जोड़ा है, जो सूचना साझाकरण एवं विश्लेषण केंद्र फाउंडेशन के जरिये चलाया जा रहा है।

Q2.रक्षामध्यम

स्क्रॉलकंट्रोल के तहत प्रशिक्षित वायु सेना स्कूलों के शिक्षकों को किस रूप में प्रमाणित किया गया है?

  1. A.साइबर अपराध हस्तक्षेप अधिकारी
  2. B.साइबर सुरक्षा मार्शल
  3. C.डिजिटल सुरक्षा अधिकारी
  4. D.साइबर जागरूकता प्रचारक
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. साइबर अपराध हस्तक्षेप अधिकारी

स्क्रॉलकंट्रोल के अंतर्गत प्रमाणन पाठ्यक्रम पूरा करने वाले शिक्षकों को यही पदनाम मिला है और इसी के बल पर वे किसी साइबर घटना में प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में काम कर सकते हैं।

Q3.रक्षामध्यम

किस संस्था ने अपने संबद्ध स्कूलों को हर महीने साइबर जागरूकता दिवस मनाने का निर्देश दिया है?

  1. A.एनसीईआरटी
  2. B.केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
  3. C.विश्वविद्यालय अनुदान आयोग
  4. D.अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड

सीबीएसई ने अपने संबद्ध स्कूलों से कहा है कि वे हर महीने साइबर जागरूकता दिवस मनाकर साइबर सुरक्षा की बेहतर कार्यप्रणालियां अपनाएं, और स्क्रॉलकंट्रोल से जुड़ने के बाद वायु सेना के स्कूल अपने ही प्रशिक्षित शिक्षकों के बल पर इस निर्देश को पूरा कर सकेंगे।

Q4.रक्षामध्यम

नेक्स्ट जेनरेशन कार्वेट के अनुबंधों पर हस्ताक्षर कहां हुए और कौन उपस्थित थे?

  1. A.साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली; नौसेना प्रमुख की उपस्थिति में
  2. B.कर्तव्य भवन-2, नई दिल्ली; रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में
  3. C.गार्डन रीच, कोलकाता; रक्षा मंत्री की उपस्थिति में
  4. D.वास्को, गोवा; चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की उपस्थिति में
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कर्तव्य भवन-2, नई दिल्ली; रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में

आठ कार्वेट के दोनों अनुबंधों पर नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में हस्ताक्षर हुए और इस मौके पर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह उपस्थित थे।

Q5.रक्षामध्यम

नेक्स्ट जेनरेशन कार्वेट परियोजना को भारतीय युद्धपोत निर्माण में पहली परियोजना क्यों कहा गया है?

  1. A.यह निजी पोत निर्माण कंपनी को दिया गया पहला युद्धपोत ऑर्डर है
  2. B.पोतों का डिजाइन भारतीय नौसेना ने स्वयं किया और निर्माण प्रतिस्पर्धा से चुने रक्षा उपक्रमों को मिला
  3. C.पहली बार किसी भारतीय कार्वेट का डिजाइन विदेशी कंपनी से कराया गया
  4. D.यह पूरी तरह राज्य सरकारों के धन से बनने वाली पहली युद्धपोत परियोजना है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पोतों का डिजाइन भारतीय नौसेना ने स्वयं किया और निर्माण प्रतिस्पर्धा से चुने रक्षा उपक्रमों को मिला

इस परियोजना की विशेषता यही है कि पोतों का डिजाइन भारतीय नौसेना ने अपने स्तर पर तैयार किया है, जबकि निर्माण का काम उन रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों को मिला है जिनका चयन नामांकन के बजाय प्रतिस्पर्धा से हुआ।