नेक्स्ट जेनरेशन कार्वेट के अनुबंधों पर हस्ताक्षर कहां हुए और कौन उपस्थित थे?
- A.साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली; नौसेना प्रमुख की उपस्थिति में
- B.कर्तव्य भवन-2, नई दिल्ली; रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में
- C.गार्डन रीच, कोलकाता; रक्षा मंत्री की उपस्थिति में
- D.वास्को, गोवा; चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की उपस्थिति में
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर विकल्प B है। आठ कार्वेट के दोनों अनुबंधों पर नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में हस्ताक्षर हुए और इस मौके पर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह उपस्थित थे। विकल्प A में साउथ ब्लॉक और नौसेना प्रमुख का नाम है; साउथ ब्लॉक में रक्षा से जुड़े कार्यालय रहे हैं, पर यह समझौता कर्तव्य भवन-2 में हुआ और उपस्थित अधिकारी रक्षा सचिव बताए गए हैं। विकल्प C में कोलकाता के गार्डन रीच का उल्लेख है, जहां निर्माता कंपनी जीआरएसई स्थित है, लेकिन हस्ताक्षर समारोह राजधानी में हुआ, किसी पोत निर्माण प्रतिष्ठान में नहीं। विकल्प D गोवा की ओर इशारा करता है, जहां दूसरी निर्माता कंपनी गोवा शिपयार्ड लिमिटेड है, और यह भी कंपनी के स्थान को समारोह का स्थान मान लेने की भूल है। स्थान और उपस्थित अधिकारी के नाम याद रखना उपयोगी है, क्योंकि प्रश्न अनुबंध राशि के साथ इन्हीं विवरणों को जोड़कर पूछे जाते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: नेक्स्ट जेनरेशन कार्वेट: 53,866.50 करोड़ के आठ पोत अनुबंध
अभ्यास प्रश्न
2 नवंबर 2026 को हुए अनुबंधों के तहत जीआरएसई कितने नेक्स्ट जेनरेशन कार्वेट बनाएगी?
- A.तीन
- B.चार
- C.पांच
- D.आठ
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आठ नेक्स्ट जेनरेशन कार्वेट का यह ऑर्डर सरकारी क्षेत्र के दो पोत निर्माण प्रतिष्ठानों में बांटा गया है और इसमें बड़ा हिस्सा जीआरएसई को मिला है, जो पांच पोत बनाएगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नेक्स्ट जेनरेशन कार्वेट परियोजना को भारतीय युद्धपोत निर्माण में पहली परियोजना क्यों कहा गया है?
- A.यह निजी पोत निर्माण कंपनी को दिया गया पहला युद्धपोत ऑर्डर है
- B.पोतों का डिजाइन भारतीय नौसेना ने स्वयं किया और निर्माण प्रतिस्पर्धा से चुने रक्षा उपक्रमों को मिला
- C.पहली बार किसी भारतीय कार्वेट का डिजाइन विदेशी कंपनी से कराया गया
- D.यह पूरी तरह राज्य सरकारों के धन से बनने वाली पहली युद्धपोत परियोजना है
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इस परियोजना की विशेषता यही है कि पोतों का डिजाइन भारतीय नौसेना ने अपने स्तर पर तैयार किया है, जबकि निर्माण का काम उन रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों को मिला है जिनका चयन नामांकन के बजाय प्रतिस्पर्धा से हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वायु सेना स्कूलों तक स्क्रॉलकंट्रोल कार्यक्रम किस संस्था के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है?
- A.सूचना साझाकरण एवं विश्लेषण केंद्र फाउंडेशन
- B.राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र
- C.भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
- D.सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया
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भारतीय वायु सेना शैक्षिक एवं सांस्कृतिक सोसाइटी इसी संस्था के माध्यम से स्कूलों तक स्क्रॉलकंट्रोल पहुंचा रही है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस संस्था ने अपने संबद्ध स्कूलों को हर महीने साइबर जागरूकता दिवस मनाने का निर्देश दिया है?
- A.एनसीईआरटी
- B.केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
- C.विश्वविद्यालय अनुदान आयोग
- D.अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद
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सीबीएसई ने अपने संबद्ध स्कूलों से कहा है कि वे हर महीने साइबर जागरूकता दिवस मनाकर साइबर सुरक्षा की बेहतर कार्यप्रणालियां अपनाएं, और स्क्रॉलकंट्रोल से जुड़ने के बाद वायु सेना के स्कूल अपने ही प्रशिक्षित शिक्षकों के बल पर इस निर्देश को पूरा कर सकेंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →स्क्रॉलकंट्रोल के तहत प्रशिक्षित वायु सेना स्कूलों के शिक्षकों को किस रूप में प्रमाणित किया गया है?
- A.साइबर अपराध हस्तक्षेप अधिकारी
- B.साइबर सुरक्षा मार्शल
- C.डिजिटल सुरक्षा अधिकारी
- D.साइबर जागरूकता प्रचारक
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स्क्रॉलकंट्रोल के अंतर्गत प्रमाणन पाठ्यक्रम पूरा करने वाले शिक्षकों को यही पदनाम मिला है और इसी के बल पर वे किसी साइबर घटना में प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में काम कर सकते हैं।
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