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GK24
भूगोलमध्यम

ऊपरी मैंटल की वह परत, जिस पर विवर्तनिक प्लेटें गति करती हैं, क्या कहलाती है?

  1. A.स्थलमंडल
  2. B.दुर्बलमंडल
  3. C.बेरीमंडल
  4. D.जैवमंडल

सही उत्तर

B. दुर्बलमंडल

व्याख्या

सही उत्तर B, दुर्बलमंडल है। यह कठोर बाहरी कवच के ठीक नीचे ऊपरी मैंटल में स्थित है, दुर्बल तथा अंशतः पिघला हुआ है और ज्वालामुखियों से निकलने वाले मैग्मा का मुख्य स्रोत है; प्लेटें इसी के ऊपर सरकती हैं।

विकल्प A, स्थलमंडल वही कठोर बाहरी कवच है, जिसमें भूपर्पटी और मैंटल का ऊपरी ठोस भाग आता है, अर्थात प्लेटें इसी की बनी हैं, इस पर चलती नहीं। विकल्प C, बेरीमंडल पृथ्वी के भारी केंद्रीय भाग यानी क्रोड के लिए प्रयुक्त पुराना शब्द है। विकल्प D, जैवमंडल वह क्षेत्र है जहाँ स्थल, जल और वायु मिलकर जीवन को संभव बनाते हैं, और उसका आंतरिक संरचना से कोई संबंध नहीं। भ्रम स्थलमंडल और दुर्बलमंडल की जोड़ी से होता है, इसलिए याद रखें कि कठोर परत दुर्बल परत पर टिकी है।

पूरा लेख पढ़ें: पृथ्वी की संरचना और चट्टानें: परतें, तरंगें और प्रकार

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Q1.भूगोलमध्यम

भूपर्पटी को मैंटल से अलग करने वाली सीमा किस नाम से जानी जाती है?

  1. A.कॉनराड असंबद्धता
  2. B.मोहोरोविसिक असंबद्धता
  3. C.गुटेनबर्ग असंबद्धता
  4. D.लेहमान असंबद्धता
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मोहोरोविसिक असंबद्धता

व्याख्या

सही उत्तर B, मोहोरोविसिक असंबद्धता है। क्रोएशियाई भूकंपविज्ञानी मोहोरोविसिक ने देखा कि एक निश्चित गहराई पर भूकंपीय तरंगों की गति अचानक बढ़ जाती है, और उन्हीं के नाम पर यह सीमा पड़ी, जो भूपर्पटी की तली तथा मैंटल के ऊपरी भाग को बाँटती है; संक्षेप में इसे मोहो कहा जाता है।

विकल्प A, कॉनराड असंबद्धता स्वयं भूपर्पटी के भीतर है, उसके हल्के ऊपरी और भारी निचले भाग के बीच। विकल्प C, गुटेनबर्ग असंबद्धता बहुत गहरी है, लगभग 2,900 किलोमीटर पर, और मैंटल को बाह्य क्रोड से अलग करती है; इसी प्रश्न में यही सामान्य भ्रम है। विकल्प D, लेहमान असंबद्धता तरल बाह्य क्रोड और ठोस आंतरिक क्रोड के बीच है। चारों नामों को गहराई के क्रम में, कॉनराड से लेहमान तक, दोहरा लें तो मिलान वाले प्रश्न सरल हो जाते हैं।

Q2.भूगोलआसान

निम्नलिखित में से कौन सी भूकंपीय तरंगें द्रव माध्यम से नहीं गुजर सकतीं?

  1. A.प्राथमिक या पी तरंगें
  2. B.द्वितीयक या एस तरंगें
  3. C.धरातलीय या एल तरंगें
  4. D.तीनों प्रकार की तरंगें
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सही उत्तर: B. द्वितीयक या एस तरंगें

व्याख्या

सही उत्तर B, द्वितीयक या एस तरंगें है। ये अनुप्रस्थ तरंगें हैं, जिनमें कण गति की दिशा के लंबवत कंपन करते हैं, और द्रव में ऐसा कंपन टिक नहीं सकता, इसलिए एस तरंगें बाह्य क्रोड पर समाप्त हो जाती हैं। अधिकेंद्र से लगभग 105 अंश के आगे इनका न मिलना ही बाह्य क्रोड के तरल होने का मुख्य प्रमाण है।

विकल्प A, पी तरंगें अनुदैर्ध्य हैं, सबसे तेज चलती हैं और भूकंपलेखी पर सबसे पहले पहुँचती हैं तथा ठोस, द्रव और गैस तीनों से गुजर जाती हैं। विकल्प C, एल तरंगें धरातल के साथ चलती हैं, सबसे बाद में आती हैं पर भवनों को सबसे अधिक हिलाती हैं और सर्वाधिक विनाश करती हैं। विकल्प D इसलिए गलत है कि तीनों में केवल एक ही द्रव से रुकती है। तरंग का गुण, आगमन का क्रम और विनाशकारी क्षमता, इन्हीं तीन बिंदुओं को प्रश्नपत्र यहाँ मिलाते हैं।

Q3.भूगोलआसान

संगमरमर किस जनक चट्टान के कायांतरण से बनता है?

  1. A.बलुआ पत्थर
  2. B.शेल
  3. C.चूना पत्थर
  4. D.ग्रेनाइट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चूना पत्थर

व्याख्या

सही उत्तर C, चूना पत्थर है। चूना पत्थर मुख्यतः कैल्शियम कार्बोनेट से बनी अवसादी चट्टान है, और जब ताप तथा दाब उसे बिना पिघलाए पुनः रवेदार बना देते हैं तो संगमरमर बनता है, वही पत्थर जिससे ताजमहल और दिलवाड़ा के मंदिर बने हैं।

विकल्प A, बलुआ पत्थर कायांतरण से क्वार्टजाइट बनता है, जो इतना कठोर होता है कि अपक्षय सहकर कटक बनाता है। विकल्प B, शेल या चिकनी मिट्टी से स्लेट बनती है, जो पतली परतों में चिरती है और छत तथा पट्टी के काम आती रही है। विकल्प D, ग्रेनाइट एक अंतर्भेदी आग्नेय चट्टान है, जिससे कायांतरण पर पट्टीदार नाइस बनती है। इनमें से कोई न कोई जोड़ा लगभग हर प्रश्नपत्र में आता है, इसलिए पूरी सूची एक साथ याद करें: चूना पत्थर से संगमरमर, बलुआ पत्थर से क्वार्टजाइट, शेल से स्लेट, ग्रेनाइट से नाइस और कोयले से ग्रेफाइट।

Q4.भूगोलमध्यम

प्रायद्वीपीय भारत का दक्कन ट्रैप मुख्यतः किस चट्टान से बना है?

  1. A.ग्रेनाइट
  2. B.बेसाल्ट
  3. C.चूना पत्थर
  4. D.नाइस
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सही उत्तर: B. बेसाल्ट

व्याख्या

सही उत्तर B, बेसाल्ट है। दक्कन ट्रैप का निर्माण विशाल दरारी उद्गारों से हुआ, जिनमें लावा सतह पर फैलकर तेजी से ठंडा हुआ और महीन रवों वाली बहिर्भेदी आग्नेय चट्टान बेसाल्ट बनी। इसी के अपक्षय से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात की काली रेगुर मिट्टी बनती है।

विकल्प A, ग्रेनाइट भी आग्नेय है पर अंतर्भेदी: वह भूपर्पटी के भीतर धीरे ठंडी होती है, इसलिए उसके रवे बड़े और स्पष्ट दिखते हैं। विकल्प C, चूना पत्थर समुद्री उत्पत्ति की अवसादी चट्टान है, जिसका उपयोग सीमेंट बनाने में होता है, लावा से उसका संबंध नहीं। विकल्प D, नाइस प्रायद्वीपीय ढाल की प्राचीन कायांतरित चट्टान है, जो पट्टीदार दिखती है और ग्रेनाइट से बनती है। यह प्रश्न एक साथ दो बातें जाँचता है, कि बेसाल्ट बहिर्भेदी है और काली मिट्टी का जनक भी वही है।

Q5.भूगोलआसान

प्राचीन पेड़ पौधों और जीव जंतुओं के जीवाश्म मुख्य रूप से किस प्रकार की चट्टानों में मिलते हैं?

  1. A.आग्नेय चट्टानें
  2. B.अवसादी चट्टानें
  3. C.कायांतरित चट्टानें
  4. D.प्लूटोनिक चट्टानें
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अवसादी चट्टानें

व्याख्या

सही उत्तर B, अवसादी चट्टानें है। ये परत दर परत तब बनती हैं जब अवसाद जीव जंतुओं और वनस्पति के अवशेषों पर जमकर धीरे धीरे कठोर होते हैं, इसलिए शंख, हड्डियाँ और पादप अवशेष जीवाश्म के रूप में सुरक्षित रह जाते हैं। इन्हीं परतदार बेसिनों में कोयला और पेट्रोलियम भी मिलते हैं, जिससे यह वर्ग आर्थिक दृष्टि से सबसे उपयोगी है।

विकल्प A, आग्नेय चट्टानें पिघले मैग्मा या लावा से इतने अधिक ताप पर बनती हैं कि कोई जैविक अवशेष बच ही नहीं सकता। विकल्प C, कायांतरित चट्टानें भले ही जीवाश्म युक्त अवसादी चट्टान से बनी हों, पर ताप और दाब उन जीवाश्मों को विकृत कर देते हैं। विकल्प D, प्लूटोनिक चट्टानें अंतर्भेदी आग्नेय चट्टानों का ही दूसरा नाम हैं, जैसे ग्रेनाइट, इसलिए वे भी उसी कारण से गलत हैं। परतबंदी और जीवाश्म, दोनों संकेत सदैव अवसादी वर्ग की ओर ले जाते हैं।