उच्च जीवों में लैंगिक जनन की वे दो महत्वपूर्ण विशेषताएं कौन-सी हैं जो संतानों में आनुवंशिक विविधता उत्पन्न करती हैं?
- A.समसूत्री विभाजन और निषेचन
- B.अर्धसूत्री विभाजन और निषेचन
- C.समसूत्री विभाजन और द्विविभाजन
- D.अर्धसूत्री विभाजन और संयुग्मन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, अर्धसूत्री विभाजन और निषेचन। अर्धसूत्री विभाजन एक-दूसरे से भिन्न युग्मक बनाता है, और निषेचन दो माता-पिता के एक-एक युग्मक को जोड़ता है, इसलिए हर संतान को जीनों का नया मेल मिलता है।
अर्धसूत्री विभाजन वह न्यूनकारी विभाजन है जो शुक्राणु और अंडाणु बनते समय गुणसूत्रों की संख्या को द्विगुणित (2n) से आधा करके अगुणित (n) कर देता है। इसमें क्रॉसिंग ओवर से जोड़ी वाले गुणसूत्रों के बीच खंडों की अदला-बदली होती है, और स्वतंत्र अपव्यूहन तय करता है कि हर जोड़ी का कौन-सा गुणसूत्र किस युग्मक में जाएगा। फिर निषेचन ऐसे दो युग्मकों को संयोग से जोड़कर द्विगुणित संख्या लौटा देता है। इस तरह पीढ़ी दर पीढ़ी गुणसूत्र संख्या स्थिर रहती है और हर संतान आनुवंशिक रूप से अनोखी बनती है।
A गलत है, क्योंकि समसूत्री विभाजन जनक कोशिका जैसी ही कोशिकाएं बनाता है।
C गलत है, क्योंकि समसूत्री विभाजन और द्विविभाजन अलैंगिक जनन या वृद्धि से जुड़े हैं और प्रतियां बनाते हैं।
D गलत है, क्योंकि संयुग्मन जीवाणुओं और पैरामीशियम में आनुवंशिक पदार्थ के आदान-प्रदान का तरीका है।
Exam tip: समसूत्री विभाजन से वृद्धि और समान कोशिकाएं; अर्धसूत्री विभाजन से युग्मक और विविधता।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा कोशिकीय प्रक्रियाओं के लिए 'ऊर्जा मुद्रा' है?
- A.ग्लूकोज़
- B.ATP
- C.ADP
- D.पाइरुविक अम्ल
उत्तर देखें
एडिनोसिन ट्राइफ़ॉस्फ़ेट अपने फ़ॉस्फ़ेट आबंधों में ऊर्जा संचित रखता है और कोशिका को जहाँ ज़रूरत हो वहाँ उसे मुक्त करता है, इसलिए इसे कोशिका की ऊर्जा मुद्रा कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तनु HCl के साथ अभिक्रिया करने वाली धातुओं का सही अभिक्रियाशीलता क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.Mg > Al > Zn > Fe
- B.Mg < Al < Zn < Fe
- C.Mg > Zn > Fe > Al
- D.Fe > Mg > Al > Zn
उत्तर देखें
सक्रियता श्रेणी में ये धातुएँ इसी क्रम में हैं, और तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से हाइड्रोजन निकालने की इनकी तीव्रता भी इसी क्रम में है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लौह (आयरन) की कमी से क्या होता है?
- A.एनीमिया (रक्ताल्पता)
- B.स्कर्वी
- C.रिकेट्स
- D.हैज़ा
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हीमोग्लोबिन बनाने के लिए लौह ज़रूरी है, इसलिए लौह की कमी से हीमोग्लोबिन कम बनता है और रक्त की ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता घट जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तरंगों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यदि माध्यम के कण तरंग की गति की दिशा में गति करते हैं, तो तरंग अनुदैर्ध्य तरंग कहलाती है। 2. यदि माध्यम के कण तरंग की गति की दिशा के लंबवत गति करते हैं, तो तरंग अनुप्रस्थ तरंग कहलाती है। 3. अनुप्रस्थ तरंगों में माध्यम के आकार में परिवर्तन हो सकता है, जबकि अनुदैर्ध्य तरंगों में माध्यम के घनत्व में परिवर्तन होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 1
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
तीनों कथन दोनों प्रकार की यांत्रिक तरंगों में कणों की गति का सही वर्णन करते हैं। अनुदैर्ध्य तरंग में, जैसे हवा में ध्वनि, कण उसी दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं जिसमें तरंग चलती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कागज़ निर्माण में कच्चे माल का गोंद-निष्कासन (डीगमिंग) किसके द्वारा किया जाता है?
- A.सल्फ़्यूरिक अम्ल
- B.विरंजक चूर्ण
- C.कास्टिक सोडा
- D.नाइट्रिक अम्ल
उत्तर देखें
कागज़ बनाने में कच्चे वनस्पति पदार्थ को कास्टिक सोडा के साथ पकाया जाता है, जो सेल्यूलोज़ रेशों को आपस में बाँधने वाले गोंद, रेज़िन और लिग्निन को घोल देता है।
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