राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कितना परिव्यय मंजूर किया था?
- A.8,240 करोड़ रुपये
- B.17,490 करोड़ रुपये
- C.19,744 करोड़ रुपये
- D.24,500 करोड़ रुपये
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 19,744 करोड़ रुपये है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनवरी 2023 में इसी परिव्यय के साथ मिशन को मंजूरी दी थी और लक्ष्य रखा कि भारत हरित हाइड्रोजन तथा उसके उत्पादों का वैश्विक केंद्र बने, जिसके लिए 2030 तक कम से कम 5 एमएमटी वार्षिक उत्पादन क्षमता तय की गई। पहला विकल्प गलत है, क्योंकि वह राशि किसी अन्य मंजूरी से जुड़ी है, इस मिशन से नहीं। दूसरा विकल्प गलत है, क्योंकि 17,490 करोड़ रुपये साइट कार्यक्रम का 2029-30 तक का परिव्यय है, जो मिशन का केवल एक हिस्सा है और इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण तथा हाइड्रोजन उत्पादन को सहारा देता है। चौथा विकल्प गलत है, क्योंकि मिशन के लिए ऐसी कोई राशि घोषित नहीं हुई; इस्पात, गतिशीलता, जहाजरानी, केंद्रों और अनुसंधान के लिए बताई गई रकमें कुल परिव्यय से कहीं छोटी हैं।
पूरा लेख पढ़ें: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन: लक्ष्य, परिव्यय और प्रगति
अभ्यास प्रश्न
भारत के हरित हाइड्रोजन मानक के अनुसार हाइड्रोजन को हरित मानने के लिए अधिकतम उत्सर्जन कितना होना चाहिए?
- A.प्रति किलोग्राम हाइड्रोजन पर 2 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य
- B.प्रति किलोग्राम हाइड्रोजन पर 5 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य
- C.प्रति किलोग्राम हाइड्रोजन पर 9 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य
- D.प्रति किलोग्राम हाइड्रोजन पर 12 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य
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नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने अगस्त 2023 में यह मानक अधिसूचित किया और यह सीमा वेल-टू-गेट आधार पर बारह महीने के औसत के रूप में लागू होती है; इसी के साथ भारत हरित हाइड्रोजन को औपचारिक रूप से परिभाषित करने वाले पहले कुछ देशों में आ गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने निम्न में से किस बंदरगाह को हरित हाइड्रोजन केंद्र के रूप में मान्यता दी है?
- A.मोरमुगाओ बंदरगाह
- B.पारादीप बंदरगाह
- C.विशाखापत्तनम बंदरगाह
- D.मुंबई बंदरगाह
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मंत्रालय ने तीन बंदरगाहों को हरित हाइड्रोजन केंद्र के रूप में मान्यता दी है, यानी गुजरात में कांडला का दीनदयाल बंदरगाह, तमिलनाडु में तूतीकोरिन का वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह और ओडिशा का पारादीप बंदरगाह, ताकि उत्पादन, खपत और अवसंरचना पास-पास रहें और परियोजनाएं व्यवहार्य बनें।
पूरी व्याख्या पढ़ें →घायल कुनो चीता की आपातकालीन शल्यक्रिया किस स्थान पर की गई थी?
- A.भोपाल
- B.जबलपुर
- C.ग्वालियर
- D.श्योपुर
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चीता KNG22 मुरैना के सामान्य वन क्षेत्र में घायल मिलने के बाद मध्य प्रदेश वन विभाग ने उसी दिन उसे बचाया और जबलपुर की पशु चिकित्सा इकाई ले जाया गया, जहां गहन पशु चिकित्सा देखभाल और आपातकालीन शल्यक्रिया की गई; इसी दौरान उसके शरीर से बंदूक के पांच छर्रे निकाले…
पूरी व्याख्या पढ़ें →चीता KNG22 की मौत की जांच के लिए भेजा गया केंद्रीय दल किन दो संगठनों से बना है?
- A.राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो
- B.राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण
- C.भारतीय प्राणि सर्वेक्षण और भारतीय वन्यजीव संस्थान
- D.केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राष्ट्रीय हरित अधिकरण
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पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने जो दल भेजा, उसमें तीन अधिकारी हैं — NTCA के महानिरीक्षक वन, WCCB के अपर निदेशक और WCCB के एक क्षेत्रीय उप निदेशक।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्तूबर 2026 में छर्रों से घायल होकर मरा चीता KNG22 किस राष्ट्रीय उद्यान की फिर से बसाई गई आबादी का हिस्सा था?
- A.बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान
- B.कुनो राष्ट्रीय उद्यान
- C.गिर राष्ट्रीय उद्यान
- D.पन्ना राष्ट्रीय उद्यान
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पहचान संख्या KNG22 वाला नर चीता 19 माह का था, मादा निर्वा का शावक था और मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में फिर से बसाई गई चीता आबादी से जुड़ा था।
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