तवांग के बाद बुद्ध अवशेषों को किस स्थान के गोल्डन पैगोडा ले जाने का कार्यक्रम है?
- A.बोमडिला
- B.ईटानगर
- C.नामसाई
- D.जीरो
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है नामसाई। संस्कृति मंत्रालय के कार्यक्रम के अनुसार शाक्यमुनि बुद्ध के अवशेष 7 नवंबर 2026 तक तवांग मठ में रहेंगे। इसके बाद 8 से 13 नवंबर तक उन्हें बोमडिला के टीजीएल मठ, जिसे लोअर गोम्पा भी कहते हैं, में रखा जाएगा। फिर 14 से 20 नवंबर तक वे नामसाई के गोल्डन पैगोडा में दर्शन के लिए रहेंगे और 21 नवंबर को वापस राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली पहुंचेंगे, जहां वे सामान्य रूप से संरक्षित रहते हैं। बोमडिला यात्रा का एक पड़ाव जरूर है, लेकिन वहां का स्थल टीजीएल मठ है, गोल्डन पैगोडा नहीं, इसलिए विकल्प A गलत है। ईटानगर इस घोषित यात्रा-मार्ग में शामिल ही नहीं है, इसलिए विकल्प B गलत है। जीरो भी इस मार्ग में नहीं है, इसलिए विकल्प D गलत है। पूरा आयोजन संस्कृति मंत्रालय, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ और अरुणाचल प्रदेश सरकार मिलकर कर रहे हैं, और नामसाई का गोल्डन पैगोडा राज्य में इसका आखिरी पड़ाव है।
पूरा लेख पढ़ें: तवांग मठ में बुद्ध अवशेषों के दर्शन को पहुंचे 21,000+ श्रद्धालु
अभ्यास प्रश्न
नवंबर 2026 में तवांग मठ में प्रदर्शित शाक्यमुनि बुद्ध के पवित्र अवशेष मूल रूप से कहां खोजे गए थे?
- A.सांची, मध्य प्रदेश
- B.पिपरहवा, उत्तर प्रदेश
- C.सारनाथ, उत्तर प्रदेश
- D.वैशाली, बिहार
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अरुणाचल प्रदेश के तवांग मठ में जिन शाक्यमुनि बुद्ध के अवशेषों के दर्शन हो रहे हैं, वे वर्ष 1898 में पिपरहवा में खोजे गए थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तवांग मठ, जहां नवंबर 2026 में 21,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने बुद्ध अवशेषों के दर्शन किए, किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?
- A.गादेन नामग्याल ल्हात्से
- B.रुमटेक मठ
- C.हेमिस गोम्पा
- D.ताबो मठ
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यह अरुणाचल प्रदेश के तवांग मठ का औपचारिक नाम है। संस्कृति मंत्रालय ने इसी नाम के साथ बताया कि यहां शाक्यमुनि बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन के लिए 21,000 से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एससीडीपीएम 6 के अंतर्गत इस्पात मंत्रालय ने लंबित मामलों की किन श्रेणियों को लिया?
- A.केवल आंतरिक विभागीय लेखा परीक्षा कंडिकाएं
- B.केवल अधिकरणों में लंबित अदालती मामले
- C.सांसदों, प्रधानमंत्री कार्यालय, विशिष्ट व्यक्तियों, मंत्रिमंडल तथा राज्य सरकारों के संदर्भ और सीपीग्राम्स मामले
- D.केवल लंबित निविदा और खरीद फाइलें
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अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत बनाना तथा इन विविध श्रेणियों के लंबित मामलों का समाधान करना था, इसलिए इसकी रिपोर्ट में कागजी कार्य और लोक शिकायतें दोनों आती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एससीडीपीएम 6 में कबाड़, ई-कचरे और अनुपयोगी फाइलों के निपटान से इस्पात मंत्रालय ने लगभग कितनी दफ्तरी जगह खाली की?
- A.लगभग 17,501 वर्ग फुट
- B.लगभग 21,164 वर्ग फुट
- C.लगभग 7,501 वर्ग फुट
- D.लगभग 1,750 वर्ग फुट
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मंत्रालय ने बताया कि अभियान के दौरान कबाड़, इलेक्ट्रॉनिक कचरे तथा अनावश्यक फाइलों को हटाकर लगभग इतनी दफ्तरी जगह खाली की गई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एससीडीपीएम 6 के दौरान इस्पात मंत्रालय ने कितनी भौतिक फाइलों की समीक्षा की और यह लक्ष्य का कितना हिस्सा रहा?
- A.17,107 फाइलें, लक्ष्य का 95 प्रतिशत
- B.21,164 फाइलें, लक्ष्य का 101 प्रतिशत
- C.17,501 फाइलें, लक्ष्य का 100 प्रतिशत
- D.12,164 फाइलें, लक्ष्य का 110 प्रतिशत
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मंत्रालय ने अभियान के दौरान इतनी भौतिक फाइलों की समीक्षा की और उपलब्धि नियत संख्या से कुछ आगे रही, इसलिए इसे निर्धारित लक्ष्य का 101 प्रतिशत दर्ज किया गया।
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