स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत जो ओडीएफ प्लस गांव ठोस और तरल दोनों तरह के कचरे का प्रबंधन करता है, लेकिन अभी सबसे ऊंचे चरण तक नहीं पहुंचा है, उसे किस श्रेणी में रखा जाता है?
- A.एस्पायरिंग
- B.राइजिंग
- C.मॉडल
- D.इमर्जिंग
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर राइजिंग है। बैकग्राउंडर के अनुसार ओडीएफ प्लस गांवों को तीन चरणों में बांटा गया है। एस्पायरिंग गांव या तो ठोस कचरे का प्रबंधन करते हैं या तरल कचरे का। राइजिंग गांव ठोस और तरल, दोनों तरह के कचरे का प्रबंधन करते हैं। मॉडल गांव दोनों तरह के कचरे का प्रबंधन करने के साथ साफ-सफाई भी बनाए रखते हैं और ओडीएफ प्लस से जुड़े संदेश प्रदर्शित करते हैं।
विकल्प A गलत है, क्योंकि एस्पायरिंग गांव केवल एक तरह के कचरे का प्रबंधन करता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रश्न में ऐसे गांव की बात है जो सबसे ऊंचे चरण तक नहीं पहुंचा, और मॉडल ही सबसे ऊंचा चरण है। विकल्प D यानी इमर्जिंग इन तीन चरणों में है ही नहीं। क्रम याद रखें: एस्पायरिंग, फिर राइजिंग, फिर मॉडल। 17 सितंबर 2026 तक देश के 5.69 लाख ओडीएफ प्लस गांवों में से 5.25 लाख मॉडल चरण तक पहुंच चुके थे।
पूरा लेख पढ़ें: स्वच्छता ही सेवा 2026: विषय, तारीखें और ओडीएफ प्लस की प्रगति
अभ्यास प्रश्न
17 सितंबर 2026 से शुरू हुए स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान का विषय क्या है?
- A.स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत
- B.स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता
- C.कचरा मुक्त भारत
- D.एक दिन, एक घंटा, एक साथ
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20 सितंबर 2026 के पीआईबी बैकग्राउंडर के अनुसार यह स्वच्छता ही सेवा 2026 का विषय है, जिसकी शुरुआत 17 सितंबर को हुई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →17 सितंबर 2026 तक देश में कितने गांवों ने ओडीएफ प्लस का दर्जा हासिल कर लिया था?
- A.5.25 लाख
- B.5.38 लाख
- C.5.69 लाख
- D.6.10 लाख
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पीआईबी बैकग्राउंडर के अनुसार 17 सितंबर 2026 तक भारत में 5.69 लाख ओडीएफ प्लस गांव बन चुके थे। ओडीएफ प्लस गांव खुले में शौच से मुक्त का दर्जा बनाए रखता है, ठोस और तरल कचरे का प्रबंधन करता है और साफ-सफाई बनाए रखता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →स्वच्छता में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने वाला सालाना अभियान स्वच्छता ही सेवा किस वर्ष शुरू हुआ था?
- A.2014
- B.2017
- C.2019
- D.2021
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पीआईबी बैकग्राउंडर के अनुसार स्वच्छता ही सेवा 2017 में एक सालाना अभियान के रूप में शुरू किया गया, जो सरकारी संस्थानों, स्थानीय निकायों, संगठनों और नागरिकों को स्वच्छता की साझा ज़िम्मेदारी के लिए एक साथ लाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?
- A.75 से अधिक
- B.100 से अधिक
- C.200 से अधिक
- D.500 से अधिक
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पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?
- A.कोयला मंत्रालय
- B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
- C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।
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