सुनार सोने और चांदी की वस्तुओं की सफाई के लिए निम्नलिखित में से किस अम्ल का उपयोग करते हैं?
- A.सल्फ्यूरिक अम्ल
- B.नाइट्रिक अम्ल
- C.हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- D.फॉस्फोरिक अम्ल
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, नाइट्रिक अम्ल। सुनार सोने-चांदी के गहनों को तनु नाइट्रिक अम्ल में डुबोते हैं, जिससे उन पर जमी गंदगी, ऑक्साइड की परत और सस्ती धातुओं के अंश घुल जाते हैं और गहनों की चमक लौट आती है।
सोना अकेले नाइट्रिक अम्ल से क्रिया नहीं करता, इसलिए यह अम्ल उसे सुरक्षित रूप से साफ करता है और सोने की पारंपरिक "एसिड टेस्ट" में भी काम आता है: सस्ती धातु और नकली गहने अम्ल से प्रभावित होते हैं, असली सोना नहीं। सोना केवल अम्लराज में घुलता है, जो सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल का 3:1 मिश्रण है। नाइट्रिक अम्ल अमोनियम नाइट्रेट जैसे उर्वरक और TNT जैसे विस्फोटक बनाने में भी लगता है।
A गलत है, क्योंकि सल्फ्यूरिक अम्ल कार बैटरी और उर्वरक बनाने में काम आता है, गहने साफ करने में नहीं।
C गलत है, क्योंकि अकेला हाइड्रोक्लोरिक अम्ल सुनार का सफाई अम्ल नहीं है; यह जस्तीकरण से पहले लोहे की सफाई में लगता है।
D गलत है, क्योंकि फॉस्फोरिक अम्ल उर्वरकों और शीतल पेयों में प्रयुक्त होता है।
Exam tip: सुनार का अम्ल = नाइट्रिक अम्ल; अम्लराज (3 HCl : 1 HNO₃) सोना और प्लैटिनम घोलता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकार्बन ब्लैक कैसे प्राप्त किया जाता है?
- A.वायु की अनुपस्थिति में लकड़ी को उच्च ताप पर गर्म करके
- B.वायु की अनुपस्थिति में कोयले को उच्च ताप पर गर्म करके
- C.हाइड्रोकार्बनों को वायु की सीमित आपूर्ति में जलाकर
- D.वायु की उपस्थिति में कोयले को उच्च ताप पर गर्म करके
उत्तर देखें
प्राकृतिक गैस या भारी तेल कम हवा में जलते हैं तो सारा कार्बन कार्बन डाइऑक्साइड नहीं बन पाता और बहुत महीन काली कालिख के रूप में अलग हो जाता है, जिसे कार्बन ब्लैक के रूप में इकट्ठा किया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →C₂H₂O₄·2H₂O में ऑक्सैलिक अम्ल का तुल्यांकी भार है
- A.45
- B.63
- C.90
- D.126
उत्तर देखें
जलयोजित ऑक्सैलिक अम्ल का मोलर द्रव्यमान 126 है और यह द्विक्षारकीय अम्ल है, इसलिए इसका तुल्यांकी भार 126 ÷ 2 = 63 है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एकपरमाणुक तत्व नहीं है?
- A.कॉपर
- B.हीलियम
- C.आयोडीन
- D.बेरियम
उत्तर देखें
आयोडीन द्विपरमाणुक अणुओं, I₂, के रूप में रहता है, जिनमें दो आयोडीन परमाणु एक इलेक्ट्रॉन युग्म साझा करते हैं; इसलिए इसकी परमाणुकता दो है, एक नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया में हाइड्रोजन गैस नहीं निकलती?
- A.जिंक धातु की तनु सल्फ्यूरिक अम्ल विलयन से अभिक्रिया
- B.प्लास्टर ऑफ पेरिस में जल मिलाना
- C.जिंक धातु को सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन के साथ गर्म करना
- D.पोटैशियम धातु की जल से अभिक्रिया
उत्तर देखें
इसमें जल केवल कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट से जुड़कर जिप्सम बनाता है; कोई गैस नहीं निकलती और लेप बस सख्त होकर जम जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.अधिकांश कार्बन यौगिक विद्युत के सुचालक होते हैं।
- B.कार्बनिक यौगिकों में आबंधन सहसंयोजक होता है।
- C.ग्रेफाइट का उपयोग स्नेहक के रूप में होता है।
- D.हीरा कार्बन का एक अपररूप है।
उत्तर देखें
अधिकांश कार्बन यौगिक विद्युत के कुचालक होते हैं, क्योंकि उनके परमाणु सहसंयोजक बंधों से जुड़े होते हैं और उनमें धारा ले जाने वाले आयन या मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं बनते।
पूरी व्याख्या पढ़ें →