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GK24
सामान्य विज्ञानमध्यमपूछा गया: CDS · CDS-I 2017, GK

सोडियम-23 के 46 g में परमाणुओं की संख्या क्या है (N = आवोगाद्रो स्थिरांक)?

  1. A.N/2
  2. B.N
  3. C.2N
  4. D.23N

सही उत्तर

C. 2N

व्याख्या

सही उत्तर है C, 2N। सोडियम-23 का मोलर द्रव्यमान 23 g है, इसलिए 46 g ठीक 2 मोल है, और 2 मोल में आवोगाद्रो संख्या के दोगुने परमाणु होते हैं।

किसी भी पदार्थ के एक मोल में आवोगाद्रो संख्या, लगभग 6.022 × 10²³, कण होते हैं। किसी तत्व का एक मोल उसका ग्राम में व्यक्त परमाणु द्रव्यमान होता है। मोलों की संख्या = दिया गया द्रव्यमान ÷ मोलर द्रव्यमान = 46 ÷ 23 = 2। परमाणुओं की संख्या = मोल × N = 2N, यानी लगभग 1.2 × 10²⁴ परमाणु। यही तरीका हर तत्व पर लागू होता है: उदाहरण के लिए, कार्बन-12 के 24 g में भी 2N परमाणु होते हैं।

A गलत है, क्योंकि N/2 परमाणु केवल 11.5 g सोडियम में होंगे। B गलत है, क्योंकि N परमाणु 23 g यानी एक मोल में होंगे। D गलत है, क्योंकि 23N के लिए 23 मोल यानी 529 g सोडियम चाहिए; इसमें गलती से परमाणु द्रव्यमान से गुणा कर दिया गया है।

परीक्षा टिप: परमाणु = (द्रव्यमान ÷ मोलर द्रव्यमान) × आवोगाद्रो संख्या।

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2025, Paper Iकठिन

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. मिट्टी के अकार्बनिक यौगिकों से नाइट्रोजन का पौधों और जंतुओं में प्रोटीन बनाने तक और फिर वापस लौटने का चक्रण नाइट्रोजन चक्र कहलाता है। 2. हैबर प्रक्रम द्वारा अमोनिया बनाना एक ऊष्माशोषी अभिक्रिया है। 3. यूरिया को उच्च ताप और उच्च दाब पर अमोनिया और कार्बन डाइऑक्साइड की क्रिया से संश्लेषित किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं?

  1. A.1 और 3
  2. B.2 और 3
  3. C.केवल 2
  4. D.केवल 1
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 2

हैबर प्रक्रम ऊष्माक्षेपी है, ऊष्माशोषी नहीं: नाइट्रोजन और हाइड्रोजन मिलकर अमोनिया बनाते हैं और ऊष्मा छोड़ते हैं। हैबर प्रक्रम में N2 + 3H2 ⇌ 2NH3 अभिक्रिया हर दो मोल अमोनिया पर लगभग 92 kJ ऊष्मा देती है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2026, Paper Iआसान

पौधों में जाइलम वाहिकाओं के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही नहीं है?

  1. A.जाइलम वाहिकाओं की कोशिका भित्ति लिग्निनयुक्त होती है।
  2. B.फ्लोएम चालनी नलिकाएं संरचना में जाइलम वाहिकाओं के समान होती हैं।
  3. C.मृत जाइलम वाहिकाएं पौधों को संरचनात्मक सहारा देती हैं।
  4. D.जाइलम वाहिकाओं से जल का परिवहन होता है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. फ्लोएम चालनी नलिकाएं संरचना में जाइलम वाहिकाओं के समान होती हैं।

फ्लोएम की चालनी नलिकाएं जाइलम वाहिकाओं जैसी नहीं होतीं: चालनी नलिकाएं पतली भित्ति और चालनी पट्टिकाओं वाली जीवित कोशिकाएं हैं, जबकि परिपक्व जाइलम वाहिकाएं मोटी लिग्निनयुक्त भित्ति वाली मृत, खोखली नलियां हैं।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2026, Paper Iमध्यम

सक्रिय रूप से श्वसन करते ऊतकों में कार्बन डाइऑक्साइड के उच्च आंशिक दाब के कारण हीमोग्लोबिन द्वारा ऑक्सीजन छोड़ने की व्याख्या निम्नलिखित में से कौन-सा एक प्रभाव सबसे अच्छी तरह करता है?

  1. A.हाल्डेन प्रभाव
  2. B.एली प्रभाव
  3. C.बोर प्रभाव
  4. D.ईगल प्रभाव
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बोर प्रभाव

कार्बन डाइऑक्साइड और अम्लता बढ़ने पर हीमोग्लोबिन की ऑक्सीजन से बंधने की क्षमता घट जाती है, इसे बोर प्रभाव कहते हैं; इससे ऑक्सीजन वहीं छूटती है जहां ऊतकों को इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2026, Paper Iआसान

धमनियों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही नहीं है?

  1. A.इनका भीतरी आस्तर शल्की अंतःकला से बना होता है।
  2. B.इनकी मध्य परत चिकनी पेशी और प्रत्यास्थ तंतुओं से बनी होती है।
  3. C.इनकी बाहरी परत कोलेजन तंतुओं वाले तंतुमय संयोजी ऊतक से बनी होती है।
  4. D.धमनियों की भित्ति अन्य सभी रक्त वाहिकाओं में सबसे पतली होती है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. धमनियों की भित्ति अन्य सभी रक्त वाहिकाओं में सबसे पतली होती है।

धमनियों की भित्ति सभी रक्त वाहिकाओं में सबसे मोटी होती है, सबसे पतली नहीं, क्योंकि वे हृदय से रक्त को ऊंचे दाब पर दूर ले जाती हैं।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2025, Paper Iमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी एक अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी नहीं है?

  1. A.जल में कैल्शियम ऑक्साइड का घुलना
  2. B.वनस्पति पदार्थ का अपघटन होकर कम्पोस्ट बनना
  3. C.लेड नाइट्रेट का अपघटन
  4. D.सोडियम हाइड्रॉक्साइड का जल के साथ तनुकरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लेड नाइट्रेट का अपघटन

लेड नाइट्रेट तेज़ गर्म करने पर ही टूटता है, यानी यह अभिक्रिया ऊष्मा लेती है और ऊष्माशोषी है। गर्म करने पर लेड नाइट्रेट से लेड ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का भूरा धुआं और ऑक्सीजन बनते हैं: 2Pb(NO3)2 → 2PbO + 4NO2 + O2।