श्री शिव प्रसाद चमोली को तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024 किस श्रेणी में मिला है?
- A.भू साहसिक अभियान
- B.जल साहसिक अभियान
- C.आजीवन उपलब्धि
- D.वायु साहसिक अभियान
सही उत्तर
C. आजीवन उपलब्धि
व्याख्या
सही उत्तर आजीवन उपलब्धि है। सरकार द्वारा मंजूर सूची में शिव प्रसाद चमोली का नाम इसी श्रेणी में है, जो किसी एक उपलब्धि के बजाय साहसिक अभियानों में लंबे रिकॉर्ड को सम्मान देती है। विकल्प ए गलत है क्योंकि भू साहसिक अभियान के दो पुरस्कार बलजीत कौर और स्कालज़ैंग रिगज़िन को मिले हैं। विकल्प बी गलत है क्योंकि जल साहसिक अभियान का पुरस्कार रिमो साहा को मिला है। विकल्प डी गलत है क्योंकि श्रेणी होने के बावजूद इस वर्ष वायु साहसिक अभियान में किसी को नहीं चुना गया। पूरी सूची याद रखने का आसान तरीका गिनती है: कुल चार विजेता, दो भू के, एक जल का, एक आजीवन उपलब्धि का और वायु का कोई नहीं। चारों को राष्ट्रपति भवन में सम्मानित किया जाएगा।
पूरा लेख पढ़ें: तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024 की घोषणा
अभ्यास प्रश्न
तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार के हर विजेता को कितनी पुरस्कार राशि मिलती है?
- A.5 लाख रुपये
- B.10 लाख रुपये
- C.15 लाख रुपये
- D.25 लाख रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 15 लाख रुपये
व्याख्या
सही उत्तर 15 लाख रुपये है। विज्ञप्ति के अनुसार हर विजेता को तीन चीजें मिलती हैं: एक प्रतिमा, एक प्रमाण पत्र और 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि। परीक्षार्थियों को तीनों याद रखनी चाहिए, क्योंकि प्रश्न कभी-कभी राशि के बजाय यह पूछता है कि विजेता को क्या-क्या मिलता है। विकल्प ए, बी और डी ऐसे गोल आंकड़े हैं जो विज्ञप्ति में कहीं नहीं आते और केवल इसलिए रखे गए हैं कि इस तरह की पुरस्कार राशि अक्सर पांच, दस या पच्चीस लाख रुपये रखी जाती है। वर्ष 2024 के लिए चार लोगों को यह पुरस्कार मिला है, इसलिए कुल राशि साठ लाख रुपये बैठती है। राष्ट्रपति राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 के साथ ये पुरस्कार प्रदान करेंगी, और समारोह की तारीख की घोषणा मंत्रालय अलग से करेगा।
इनमें से कौन-सी तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार की श्रेणी नहीं है?
- A.भू साहसिक अभियान
- B.जल साहसिक अभियान
- C.वायु साहसिक अभियान
- D.ध्रुवीय साहसिक अभियान
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. ध्रुवीय साहसिक अभियान
व्याख्या
सही उत्तर ध्रुवीय साहसिक अभियान है। इस पुरस्कार की ठीक चार श्रेणियां हैं और यह उनमें नहीं है। चार में से तीन श्रेणियां इस आधार पर बनी हैं कि कारनामा कहां हुआ, यानी भू साहसिक अभियान, जल साहसिक अभियान और वायु साहसिक अभियान, जबकि चौथी श्रेणी आजीवन उपलब्धि की है, जो किसी एक कारनामे के बजाय पूरे जीवन के काम को पहचान देती है। वर्ष 2024 में भू साहसिक अभियान में दो पुरस्कार बलजीत कौर और स्कालज़ैंग रिगज़िन को, जल साहसिक अभियान में एक रिमो साहा को तथा आजीवन उपलब्धि का एक शिव प्रसाद चमोली को मिला। ध्यान रहे कि इस बार वायु साहसिक अभियान में किसी नाम को मंजूरी नहीं मिली, और यही बात प्रश्न में पूछी जा सकती है।
तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024 किन अन्य पुरस्कारों के साथ प्रदान किए जाएंगे?
- A.राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025
- B.पद्म पुरस्कार 2026
- C.ज्ञानपीठ पुरस्कार 2025
- D.राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2026
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025
व्याख्या
सही उत्तर राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 है। विज्ञप्ति कहती है कि राष्ट्रपति राष्ट्रपति भवन में इन्हीं खेल पुरस्कारों के साथ साहसिक पुरस्कार प्रदान करेंगी और समारोह की तारीख अलग से घोषित की जाएगी। दोनों सम्मान युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय की ओर से दिए जाते हैं, इसीलिए एक ही समारोह में प्रदान किए जाते हैं। विकल्प बी उन नागरिक सम्मानों की बात करता है जिनकी घोषणा हर गणतंत्र दिवस पर होती है और जो अलग अलंकरण समारोह में दिए जाते हैं। विकल्प सी एक साहित्यिक पुरस्कार है, जो एक निजी न्यास देता है और जिसका इस मंत्रालय से कोई संबंध नहीं है। विकल्प डी असाधारण साहस दिखाने वाले बच्चों का पुरस्कार है और विज्ञप्ति में उसका उल्लेख नहीं है। वर्षों के अंतर पर भी ध्यान दें।
पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड के लिए भारतीय टीम के चयन की अखिल भारतीय परीक्षा कौन संचालित कराता है?
- A.राष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान अध्ययन केंद्र
- B.भारतीय भूचुंबकत्व संस्थान
- C.भूवैज्ञानिक सोसाइटी ऑफ इंडिया
- D.भारतीय सर्वेक्षण विभाग
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भूवैज्ञानिक सोसाइटी ऑफ इंडिया
व्याख्या
सही उत्तर भूवैज्ञानिक सोसाइटी ऑफ इंडिया है। विज्ञप्ति में बताया गया है कि पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड की यात्रा इसी संस्था द्वारा संचालित अखिल भारतीय परीक्षा से शुरू होती है, जिसमें देश भर के 500 केंद्रों पर लगभग 17,800 छात्र बैठे थे। इसके बाद शीर्ष 25 मेधावी छात्रों ने जून 2026 में गुजरात के वडोदरा स्थित एम.एस. यूनिवर्सिटी में तीन सप्ताह का गहन प्रशिक्षण शिविर किया। शिविर का स्थान इसलिए चुना गया क्योंकि मंत्री चाहते थे कि शिविर देश के अलग-अलग क्षेत्रों में घुमाकर आयोजित हों। यह पूरा प्रयास पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के आउटरीच और जागरूकता कार्यक्रम के तहत होता है। विकल्प क और विकल्प ख में दिए संस्थान पृथ्वी विज्ञान परिवार की वास्तविक संस्थाएं हैं, इसलिए वे संभव लगते हैं, पर यहां उनका नाम नहीं है। विकल्प घ में दिया भारतीय सर्वेक्षण विभाग मानचित्रण एजेंसी है और इस चयन में उसकी भूमिका नहीं है।
19वें अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान ओलंपियाड में भारत के पदकों का सही ब्योरा क्या था?
- A.3 स्वर्ण, 4 रजत, 2 कांस्य
- B.4 स्वर्ण, 3 रजत, 2 कांस्य
- C.5 स्वर्ण, 2 रजत, 2 कांस्य
- D.4 स्वर्ण, 2 रजत, 3 कांस्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 4 स्वर्ण, 3 रजत, 2 कांस्य
व्याख्या
सही उत्तर चार स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य है, जिनका योग नौ पदक होता है और यही भारत की अब तक की सर्वोच्च पदक संख्या है। ये पदक लिखित और व्यावहारिक परीक्षाओं, अंतरराष्ट्रीय टीम फील्ड जांच तथा पृथ्वी विज्ञान परियोजना श्रेणियों में मिले। ध्यान दें कि हर गलत विकल्प का योग भी नौ ही है, और यह जानबूझकर किया गया है। परीक्षक कुल संख्या शायद ही बदलते हैं, क्योंकि कुल संख्या सुर्खी होती है और ब्योरा ही सावधान छात्र को जल्दबाज छात्र से अलग करता है। विकल्प क में स्वर्ण और रजत की संख्या आपस में बदल दी गई है। विकल्प ग में स्वर्ण बढ़ाकर पांच और रजत घटाकर दो कर दिया गया है। विकल्प घ में रजत और कांस्य की संख्या आपस में बदली गई है। याद रखने का आसान तरीका यह है कि स्वर्ण से कांस्य की ओर बढ़ते हुए संख्या चार, तीन, दो के क्रम में घटती जाती है।