सरल लोलक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? सरल लोलक का आवर्तकाल आयाम पर निर्भर नहीं करता :
- A.केवल छोटे आयामों के लिए, क्योंकि तब उसके गोलक पर लगने वाला कुल बल उसके विस्थापन पर निर्भर नहीं करता।
- B.किसी भी आयाम के लिए, क्योंकि गोलक पर लगने वाला कुल बल सदैव उसके विस्थापन के समानुपाती होता है।
- C.किसी भी आयाम के लिए, क्योंकि गोलक पर लगने वाला कुल बल उसके विस्थापन पर निर्भर नहीं करता।
- D.केवल छोटे आयामों के लिए, क्योंकि तब उसके गोलक पर लगने वाला कुल बल उसके विस्थापन के समानुपाती होता है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D: आवर्तकाल केवल छोटे दोलनों में आयाम से स्वतंत्र होता है, क्योंकि तभी प्रत्यानयन बल विस्थापन के समानुपाती होता है।
गोलक पर प्रत्यानयन बल mg sin θ होता है। छोटे कोणों पर sin θ लगभग θ के बराबर होता है, इसलिए बल विस्थापन के समानुपाती हो जाता है और माध्य स्थिति की ओर लगता है। यही सरल आवर्त गति की शर्त है, और इसका आवर्तकाल T = 2π√(L/g) केवल लंबाई और g पर निर्भर करता है, आयाम या द्रव्यमान पर नहीं। बड़े दोलनों में sin θ, θ से स्पष्ट रूप से कम होता है और आवर्तकाल थोड़ा बढ़ जाता है।
A गलत है, क्योंकि बल विस्थापन पर निर्भर करता है; महत्त्व उसके समानुपाती होने का है।
B गलत है, क्योंकि बल केवल छोटे कोणों पर विस्थापन के समानुपाती होता है, हर आयाम पर नहीं।
C दोनों तरह से गलत है: परिणाम हर आयाम पर लागू नहीं होता और बल विस्थापन से स्वतंत्र भी नहीं है।
Exam tip: सरल लोलक केवल छोटे कोणों पर सरल आवर्त गति करता है (sin θ ≈ θ); T = 2π√(L/g), द्रव्यमान और आयाम से स्वतंत्र।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें6 मीटर लंबे एक तार को इस प्रकार खींचा जाता है कि उसकी त्रिज्या 20% कम हो जाती है। उसकी लंबाई में वृद्धि का मान निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.50%
- B.56.25%
- C.62.25%
- D.75%
उत्तर देखें
तार को खींचने पर उसका आयतन वही रहता है, इसलिए लंबाई उसी अनुपात में बढ़ती है जिस अनुपात में अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल घटता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →तीन प्रतिरोधकों R1, R2 और R3 के किस संयोजन का कुल प्रतिरोध न्यूनतम होगा? (मान लीजिए R1 = 1 Ω, R2 = 2 Ω और R3 = 3 Ω)
- A.जब सभी समांतर क्रम में जुड़े हों
- B.जब सभी श्रेणी क्रम में जुड़े हों
- C.जब R1 और R2 समांतर क्रम में जुड़े हों और R3 उनके साथ श्रेणी क्रम में हो
- D.जब R1 और R3 समांतर क्रम में जुड़े हों और R2 उनके साथ श्रेणी क्रम में हो
उत्तर देखें
समांतर क्रम में तुल्य प्रतिरोध हमेशा सबसे छोटे प्रतिरोधक से भी कम होता है, इसलिए यहाँ यह 1 Ω से नीचे आ जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पानी के भीतर की वस्तुओं का पता लगाने के लिए सोनार (साउंड नेविगेशन एंड रेंजिंग) का प्रयोग होता है। इसके लिए इसका प्रेषित्र (ट्रांसमीटर) उत्पन्न करता है
- A.सूक्ष्म तरंगें (माइक्रोवेव)
- B.दृश्य प्रकाश
- C.पराश्रव्य तरंगें
- D.अवरक्त विकिरण
उत्तर देखें
सोनार 20 kHz से अधिक आवृत्ति की ध्वनि के स्पंद भेजता है, जो पानी में अच्छी तरह चलते हैं और वस्तुओं से टकराकर लौट आते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सी एक प्रक्रिया हाइड्रोजन गैस के उत्पादन में प्रयुक्त नहीं होती?
- A.विद्युत-अपघटनी प्रक्रिया
- B.वाटर गैस-भाप प्रक्रिया
- C.कोल गैस का द्रवण
- D.कैल्सियम कार्बाइड का जल-अपघटन
उत्तर देखें
कैल्सियम कार्बाइड पानी से क्रिया करके एसिटिलीन (एथाइन) गैस और कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड बनाता है, हाइड्रोजन नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →धनावेशित कणों का एक पुंज, मान लीजिए A, उत्तर से दक्षिण की ओर जा रहा है। दूसरी ओर, ऋणावेशित कणों का एक पुंज, मान लीजिए B, दक्षिण से उत्तर की ओर जा रहा है। इस संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
- A.B, A की ओर विक्षेपित होता है।
- B.B, A से दूर विक्षेपित होता है।
- C.B ऊपर की ओर विक्षेपित होता है।
- D.B नीचे की ओर विक्षेपित होता है।
उत्तर देखें
दोनों पुंजों में परंपरागत धारा एक ही दिशा, उत्तर से दक्षिण, में बहती है, और एक ही दिशा में बहने वाली समांतर धाराएँ एक-दूसरे को आकर्षित करती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →