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GK24
अर्थव्यवस्थामध्यम

संशोधित ईपीएफओ वेतन सीमा किस तिथि से प्रभावी हुई है?

  1. A.1 अक्टूबर 2026
  2. B.17 सितंबर 2026
  3. C.1 अप्रैल 2027
  4. D.16 सितंबर 2026

सही उत्तर

B. 17 सितंबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 17 सितंबर 2026 है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने प्रेस वार्ता में बताया कि बढ़ी हुई सीमा उसी दिन से प्रभावी होगी, जिसे विश्वकर्मा जयंती और सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। विकल्प D यहां असली जाल है क्योंकि 16 सितंबर 2026 वह दिन है जब मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, लागू होने की तिथि वह नहीं है; मंजूरी और प्रभाव को एक मान लेने वाले अभ्यर्थी यही विकल्प चुनते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि अक्टूबर की कोई तिथि इस निर्णय के लिए घोषित नहीं की गई। विकल्प C गलत है क्योंकि सरकार ने इसे वित्त वर्ष की शुरुआत तक नहीं टाला, बल्कि कारीगरों और श्रमिकों के लिए प्रतीकात्मक महत्व वाली तिथि चुनी। मंजूरी 16 सितंबर 2026 और प्रभाव 17 सितंबर 2026, यह जोड़ी साफ याद रखें।

पूरा लेख पढ़ें: मंत्रिमंडल ने ईपीएफओ वेतन सीमा 25,000 रुपये मासिक की

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Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ईपीएफओ की अनिवार्य कवरेज वेतन सीमा बढ़ाकर कितनी मासिक कर दी है?

  1. A.21,000 रुपये
  2. B.25,000 रुपये
  3. C.30,000 रुपये
  4. D.18,000 रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 25,000 रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 25,000 रुपये है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 सितंबर 2026 को श्रम मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दी और अनिवार्य ईपीएफओ सदस्यता की वेतन सीमा 15,000 रुपये मासिक से बढ़ाकर 25,000 रुपये मासिक कर दी। विकल्प A गलत है क्योंकि 21,000 रुपये की सीमा श्रम कल्याण से जुड़े कुछ अन्य नियमों में आती है, इस निर्णय में यह आंकड़ा कभी था ही नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि 30,000 रुपये की कोई सीमा मंत्रिमंडल ने स्वीकृत नहीं की और न ही मंत्रालय ने ऐसी कोई घोषणा की। विकल्प D गलत है क्योंकि 18,000 रुपये का आंकड़ा इस प्रसंग में आया ही नहीं; जिस पुरानी सीमा को बदला गया है वह 15,000 रुपये थी। परीक्षा में प्रायः पुरानी और नई दोनों सीमाएं एक साथ पूछी जाती हैं, इसलिए दोनों आंकड़े जोड़ी बनाकर याद रखें। इस बदलाव से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आएंगे।

Q2.अर्थव्यवस्थाआसान

ईपीएफओ वेतन सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव किस मंत्रालय ने रखा था?

  1. A.वित्त मंत्रालय
  2. B.श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
  3. C.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
  4. D.कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. श्रम एवं रोजगार मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर श्रम एवं रोजगार मंत्रालय है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन इसी मंत्रालय के अधीन काम करता है, इसलिए अनिवार्य कवरेज बढ़ाने का प्रस्ताव वहीं से आया और उसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष रखा गया। मंत्रालय के प्रमुख डॉ. मनसुख मांडविया ने बाद में इसका विवरण साझा किया। विकल्प A गलत है क्योंकि वित्त मंत्रालय कराधान, बजट और वित्तीय क्षेत्र के नियमन से जुड़ा है, भविष्य निधि कानून से नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय विशिष्ट सामाजिक समूहों के लिए कल्याण योजनाएं चलाता है और भविष्य निधि कवरेज में उसकी कोई भूमिका नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय कंपनी कानून देखता है। इस कदम से भविष्य निधि बचत, कर्मचारी पेंशन योजना और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना तक पहुंच बढ़ेगी।

Q3.अर्थव्यवस्थाकठिन

2020 में क्षेत्र वाणिज्यिक खनन के लिए खुलने के बाद भारत में कितनी कोयला खदानों की नीलामी हो चुकी है?

  1. A.116
  2. B.128
  3. C.147
  4. D.165
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 147

व्याख्या

सही उत्तर 147 है। सोलहवें चरण की शुरुआत के साथ वाणिज्यिक कोयला खनन कार्यक्रम के तहत इतनी खदानों की नीलामी हो चुकी है, जबकि यह क्षेत्र 2020 में वाणिज्यिक खनन के लिए खोला गया था। इन खदानों से नौ कोयला उत्पादक राज्यों में सालाना 47,500 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व और 55 हजार करोड़ रुपये से ऊपर पूंजी निवेश की उम्मीद है। विकल्प A, B और D गलत हैं क्योंकि ऐसा कोई आंकड़ा नहीं बताया गया; इन्हें सही संख्या के पास रखा गया है ताकि केवल मोटा अनुमान याद रखने वाला अभ्यर्थी चूक जाए। दो सहायक तथ्य भी याद रखें: कोयला देश की करीब 55 प्रतिशत प्राथमिक ऊर्जा जरूरत और 70 प्रतिशत से अधिक बिजली उत्पादन पूरा करता है, तथा कोयला उत्पादन लगातार दूसरे वर्ष एक अरब टन के पार रहा है।

Q4.अर्थव्यवस्थामध्यम

वाणिज्यिक कोयला खनन के उदार ढांचे में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की कितनी अनुमति है?

  1. A.सरकारी मार्ग से 49 प्रतिशत
  2. B.स्वचालित मार्ग से 74 प्रतिशत
  3. C.स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत
  4. D.सरकारी मार्ग से 26 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत है। वाणिज्यिक कोयला खनन का ढांचा व्यापक भागीदारी आकर्षित करने के लिए बनाया गया है, इसलिए इसमें निकाले गए कोयले पर अंतिम उपयोग की कोई शर्त नहीं है, पूर्व अनुमति के बिना पूरा विदेशी निवेश मान्य है और अग्रिम भुगतान कम रखा गया है, जिसे भविष्य के राजस्व हिस्से में समायोजित किया जा सकता है। विकल्प A, B और D गलत हैं क्योंकि इनमें आंशिक सीमा या सरकारी अनुमति मार्ग बताया गया है, जो इस क्षेत्र पर लागू नहीं होता; ऐसी सीमाएं अन्य नियंत्रित क्षेत्रों की हैं और यहां केवल भ्रम के लिए रखी गई हैं। यह भी याद रखें कि ये खंड अनुभवी खनन कंपनियों, नए प्रवेशकों और प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमों सभी के लिए खुले हैं।

Q5.अर्थव्यवस्थामध्यम

17 सितंबर 2026 को शुरू हुए वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के 16वें चरण में कितने कोयला खंड पेश किए गए हैं?

  1. A.19 खंड
  2. B.21 खंड
  3. C.25 खंड
  4. D.32 खंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 25 खंड

व्याख्या

सही उत्तर 25 खंड है। 16वें चरण में बोलीदाताओं के सामने 25 कोयला खंड रखे गए हैं, जिनमें 21 पूरी तरह खोजे गए हैं और चार केवल आंशिक रूप से; ये अरुणाचल प्रदेश से पश्चिम बंगाल तक नौ कोयला उत्पादक राज्यों में फैले हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि 19 इसी चरण के भीतर खान एवं खनिज विकास तथा विनियमन अधिनियम के तहत पेश खंडों की संख्या है, जबकि शेष छह कोयला खान विशेष प्रावधान अधिनियम के तहत हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि 21 चरण के भीतर पूरी तरह खोजे गए खंडों की संख्या है, कुल संख्या नहीं। विकल्प D केवल भ्रम पैदा करने वाला विकल्प है, इसका कोई आधार नहीं। ध्यान रखें कि एक ही विज्ञप्ति में कई मिलते-जुलते आंकड़े हैं और प्रश्न प्रायः इन्हीं में से किसी को जाल के रूप में चुनते हैं।