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GK24
सामान्य विज्ञानमध्यमपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB Lab Assistant 2016

साम्यावस्था पर किसी रासायनिक निकाय के लिए निम्नलिखित में से क्या बराबर होता है?

  1. A.अभिकारकों और उत्पादों की सांद्रता
  2. B.अग्र और प्रतिगामी अभिक्रिया की दर
  3. C.अग्र और प्रतिगामी अभिक्रिया के दर स्थिरांक
  4. D.2 और 3 दोनों

सही उत्तर

B. अग्र और प्रतिगामी अभिक्रिया की दर

व्याख्या

सही उत्तर है B, अग्र और प्रतिगामी अभिक्रिया की दर। रासायनिक साम्यावस्था एक गतिशील अवस्था है: दोनों अभिक्रियाएँ चलती रहती हैं, पर समान गति से, इसलिए कोई शुद्ध परिवर्तन दिखाई नहीं देता। दोनों दरें बराबर होने के कारण अभिकारकों और उत्पादों की मात्रा स्थिर रहती है, दबाव तथा रंग बदलना बंद हो जाता है और अभिक्रिया पूरी हुई जैसी लगती है, जबकि अणु दोनों ओर अभिक्रिया करते रहते हैं। साम्य स्थिरांक दोनों दर स्थिरांकों का अनुपात होता है, अर्थात K बराबर अग्र दर स्थिरांक बटा प्रतिगामी दर स्थिरांक, और उत्प्रेरक दोनों ओर की गति समान रूप से बढ़ाता है, इसलिए वह साम्य जल्दी ला देता है पर उसे खिसकाता नहीं। A गलत है क्योंकि सांद्रताएँ स्थिर हो जाती हैं, बराबर नहीं; वे प्रायः भिन्न रहती हैं और K के मान पर निर्भर करती हैं। C गलत है क्योंकि दोनों दर स्थिरांक केवल उस विशेष स्थिति में बराबर होते हैं जब K का मान एक हो। D गलत है क्योंकि कथन C सामान्य रूप से सही नहीं है। परीक्षा टिप: साम्यावस्था पर दरें बराबर और सांद्रता स्थिर, तथा K बराबर अग्र बटा प्रतिगामी दर स्थिरांक।

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 14 Feb 2019, Shift 3आसान

__________ आसपास के वातावरण से ध्वनि एकत्र करता है।

  1. A.श्रवण तंत्रिका
  2. B.कर्णपटल
  3. C.कर्णावर्त
  4. D.कर्णपल्लव
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. कर्णपल्लव

व्याख्या

सही उत्तर है D, कर्णपल्लव। कर्णपल्लव कान का बाहरी दिखाई देने वाला भाग है, और उसकी कीप जैसी बनावट आसपास के वातावरण से ध्वनि एकत्र करती है।

कर्णपल्लव द्वारा एकत्र ध्वनि कर्ण नलिका से होकर कर्णपटल तक पहुँचती है, जो कंपन करने लगता है। ये कंपन मध्य कान की तीन छोटी हड्डियों — मैलियस, इन्कस और स्टेपीज — से होकर कर्णावर्त तक जाते हैं, जो भीतरी कान का कुंडलीनुमा और द्रव से भरा भाग है। वहाँ कंपन तंत्रिका संकेतों में बदल जाते हैं, और श्रवण तंत्रिका उन्हें मस्तिष्क तक पहुँचाती है, जहाँ उन्हें ध्वनि के रूप में पहचाना जाता है।

A गलत है: श्रवण तंत्रिका संकेतों को मस्तिष्क तक ले जाती है, ध्वनि एकत्र नहीं करती। B गलत है: ध्वनि पहुँचने पर कर्णपटल कंपन करता है, वह स्वयं ध्वनि नहीं बटोरता। C गलत है: कर्णावर्त कान के भीतर गहराई में होता है और कंपन को तंत्रिका आवेगों में बदलता है।

परीक्षा टिप: ध्वनि का मार्ग है — कर्णपल्लव, कर्ण नलिका, कर्णपटल, फिर मैलियस, इन्कस और स्टेपीज, फिर कर्णावर्त, श्रवण तंत्रिका और मस्तिष्क।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2019, Shift 1आसान

पत्ती की निचली सतह पर पाए जाने वाले छोटे छिद्रों को ________ कहा जाता है।

  1. A.छिद्र
  2. B.द्वार
  3. C.पक्ष्माभ
  4. D.रंध्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. रंध्र

व्याख्या

सही उत्तर है D, रंध्र। पत्ती की सतह पर पाए जाने वाले बहुत छोटे छिद्रों को, जो अधिकतर उसकी निचली सतह पर होते हैं, रंध्र कहा जाता है।

प्रत्येक रंध्र एक दरार होती है, जिसके दोनों ओर सेम के बीज जैसी दो द्वार कोशिकाएँ होती हैं; ये फूलकर उसे खोलती हैं और सिकुड़कर बंद कर देती हैं। इन छिद्रों से पौधा प्रकाश संश्लेषण के लिए कार्बन डाइऑक्साइड लेता है, ऑक्सीजन छोड़ता है, और इन्हीं से वाष्पोत्सर्जन में जलवाष्प बाहर निकलती है। छायादार निचली सतह पर होने से जल की हानि कम होती है। कुमुदिनी जैसे तैरने वाले पौधों में रंध्र ऊपरी सतह पर होते हैं, और डूबे पौधों में ये लगभग नहीं होते।

A गलत है: 'छिद्र' केवल किसी भी सुराख का सामान्य शब्द है, वनस्पति विज्ञान का नाम नहीं। B गलत है: 'द्वार' भी एक साधारण वर्णन है, कोई नाम नहीं। C गलत है: पक्ष्माभ बाल जैसी छोटी रचनाएँ हैं, जो कुछ कोशिकाओं और जीवों को चलने में मदद करती हैं और पत्तियों पर नहीं होती हैं।

परीक्षा टिप: रंध्र पत्ती के वे छिद्र हैं जिन्हें द्वार कोशिकाएँ घेरती हैं, जो मुख्यतः निचली सतह पर होते हैं और गैसों के आदान-प्रदान तथा वाष्पोत्सर्जन का काम करते हैं।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 03 Oct, 2023, Shift 1कठिन

मेथिल एथिल कीटोन को किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?

  1. A.2-ब्यूटेनोन
  2. B.प्रोपेनोन
  3. C.मेथिल पेंटेनोन
  4. D.2-ब्यूटेनॉल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 2-ब्यूटेनोन

व्याख्या

सही उत्तर है A, 2-ब्यूटेनोन। मेथिल एथिल कीटोन में कार्बोनिल समूह के एक ओर मेथिल और दूसरी ओर एथिल समूह जुड़ा होता है, जिससे कुल चार कार्बन बनते हैं और कार्बोनिल दूसरे स्थान पर रहता है, इसलिए इसका आईयूपीएसी नाम ब्यूटेन-2-ओन अर्थात 2-ब्यूटेनोन है। कीटोन के नाम के अंत में प्रत्यय ओन लगता है और संख्या बताती है कि कार्बोनिल समूह किस कार्बन पर है। यह रंगहीन द्रव है, जिसका उपयोग पेंट, वार्निश, चिपकाने वाले पदार्थ तथा छपाई की स्याही में विलायक के रूप में होता है, और यह कुछ फलों में अल्प मात्रा में मिलता है। B गलत है क्योंकि प्रोपेनोन, जिसे एसीटोन कहते हैं, तीन कार्बन वाला डाइमेथिल कीटोन है। C गलत है क्योंकि मेथिल पेंटेनोन में छह कार्बन चाहिए। D गलत है क्योंकि 2-ब्यूटेनॉल हाइड्रॉक्सिल समूह वाला ऐल्कोहॉल है, कीटोन नहीं, पर इसके ऑक्सीकरण से 2-ब्यूटेनोन बनता है। परीक्षा टिप: कार्बोनिल के दोनों ओर के कार्बन गिनें और कार्बोनिल कार्बन का एक जोड़ दें।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 04 Oct, 2023, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित विकल्पों में से कौन समांगी मिश्रण हैं?

  1. A.विलयन, कोलॉइड, निलंबन, दूध, टूथपेस्ट, नमक का पानी, पीतल
  2. B.विलयन, नमक का पानी, पीतल
  3. C.विलयन, कोलॉइड, दूध, टूथपेस्ट, नमक का पानी, पीतल
  4. D.कोलॉइड, निलंबन, दूध, टूथपेस्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विलयन, नमक का पानी, पीतल

व्याख्या

सही उत्तर है B, विलयन, नमक का पानी, पीतल। समांगी मिश्रण में संरचना और गुण सर्वत्र एक समान होते हैं और घटकों के बीच कोई दृश्य सीमा नहीं होती, इसलिए नमक के पानी जैसा वास्तविक विलयन इसमें आता है, और पीतल भी, जो तांबे तथा जिंक की मिश्रधातु है, क्योंकि मिश्रधातुएं ठोस विलयन होती हैं। नमक के पानी में कण एक नैनोमीटर से छोटे होते हैं, इसीलिए मिश्रण पारदर्शी दिखता है, न बैठता है और न प्रकाश प्रकीर्णित करता है। A गलत है क्योंकि इसमें कोलॉइड और निलंबन जोड़ दिए गए हैं, जो विषमांगी हैं। C गलत है क्योंकि दूध और टूथपेस्ट जैसे कोलॉइड में परिक्षिप्त कण एक से एक हजार नैनोमीटर के होते हैं, जो प्रकाश किरण को प्रकीर्णित करते हैं, यही टिंडल प्रभाव है। D भी इसी कारण गलत है। परीक्षा टिप: विलयन छाना नहीं जा सकता और टिंडल प्रभाव नहीं दिखाता, कोलॉइड टिंडल प्रभाव दिखाता है, निलंबन रखने पर बैठ जाता है।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 24 November 2020, Shift 2आसान

नाभिकीय अभिक्रियाओं में उत्पन्न होने वाले तथा रेडियोऐक्टिव नाभिकों से निकलने वाले उस उच्च आवृत्ति विकिरण का नाम बताइए, जिसका उपयोग चिकित्सा में कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए किया जाता है।

  1. A.गामा किरणें
  2. B.पराबैंगनी तरंगें
  3. C.प्रकाश तरंगें
  4. D.एक्स-किरणें
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. गामा किरणें

व्याख्या

सही उत्तर है A, गामा किरणें। गामा किरणें सबसे अधिक आवृत्ति और सबसे कम तरंगदैर्ध्य वाली विद्युत चुंबकीय तरंगें हैं, जो रेडियोऐक्टिव परमाणु के नाभिक से तथा नाभिकीय अभिक्रियाओं में निकलती हैं, और इनकी ऊर्जा विकिरण चिकित्सा में कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। गामा नाइफ तथा भारतीय अस्पतालों की टेलीथेरेपी मशीनों में कोबाल्ट-60 स्रोत के रूप में काम आता है; गामा किरणों से शल्य उपकरण रोगाणुरहित किए जाते हैं और प्याज तथा आलू का परिरक्षण किया जाता है। इन पर न आवेश होता है न द्रव्यमान, इसलिए चुंबकीय क्षेत्र इन्हें मोड़ नहीं पाता और इन्हें रोकने के लिए मोटा सीसा या कंक्रीट चाहिए। B गलत है क्योंकि पराबैंगनी तरंगें सूर्य तथा लैंप से आती हैं और बहुत कमजोर होती हैं। C गलत है क्योंकि दृश्य प्रकाश वह संकीर्ण पट्टी है जो आंखें देख पाती हैं। D गलत है क्योंकि एक्स-किरणें नाभिक से नहीं, धातु लक्ष्य से टकराते इलेक्ट्रॉनों से बनती हैं। परीक्षा टिप: बढ़ती आवृत्ति का क्रम - रेडियो, सूक्ष्मतरंग, अवरक्त, दृश्य, पराबैंगनी, एक्स, गामा।