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GK24
भारतीय अर्थव्यवस्थाकठिन

सम-सीमांत उपयोगिता नियम को किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?

  1. A.मांग का नियम
  2. B.प्रतिस्थापन का नियम
  3. C.पूर्ति का नियम
  4. D.ह्रासमान प्रतिफल का नियम

सही उत्तर

B. प्रतिस्थापन का नियम

व्याख्या

सही उत्तर B, प्रतिस्थापन का नियम है। सम-सीमांत उपयोगिता नियम, जिसे गोसेन का द्वितीय नियम तथा अधिकतम संतुष्टि का नियम भी कहते हैं, कहता है कि उपभोक्ता अपनी आय वस्तुओं में इस प्रकार बांटता है कि प्रत्येक वस्तु पर खर्च अंतिम रुपया उसे समान सीमांत उपयोगिता दे; वह इस स्थिति तक प्रति रुपया अधिक उपयोगिता देने वाली वस्तु को कम उपयोगिता देने वाली वस्तु के स्थान पर रखकर पहुंचता है, इसी कारण इसका दूसरा नाम प्रतिस्थापन का नियम है। विकल्प A गलत है क्योंकि मांग का नियम कीमत और मांगी गई मात्रा के विपरीत संबंध को बताता है, जो उपयोगिता विश्लेषण का निष्कर्ष है। विकल्प C गलत है क्योंकि पूर्ति का नियम विक्रेताओं से संबंधित है। विकल्प D गलत है क्योंकि ह्रासमान प्रतिफल का नियम उत्पादन से संबंधित है।

पूरा लेख पढ़ें: उपयोगिता और तटस्थता वक्र: उपभोक्ता व्यवहार नोट्स

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Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

उपभोक्ता व्यवहार का गणनावाचक उपयोगिता उपागम, जिसमें उपयोगिता को यूटिल नामक इकाइयों में मापा जाता है, किससे संबंधित है?

  1. A.अल्फ्रेड मार्शल
  2. B.जे. आर. हिक्स
  3. C.पॉल सैमुअल्सन
  4. D.विल्फ्रेडो पेरेटो
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अल्फ्रेड मार्शल

मार्शल ने अपनी पुस्तक प्रिंसिपल्स ऑफ इकोनॉमिक्स में मांग का सिद्धांत इस मान्यता पर खड़ा किया कि उपयोगिता काल्पनिक इकाइयों में मापी जा सकती है, जिससे उपभोक्ता एक कप चाय के दस यूटिल और समोसे के छह यूटिल की तुलना कर सकता है; इसी से उन्होंने ह्रासमान सीमांत उपयोगिता का…

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

कुल उपयोगिता अधिकतम कब होती है?

  1. A.जब सीमांत उपयोगिता अधिकतम हो
  2. B.जब सीमांत उपयोगिता शून्य हो
  3. C.जब सीमांत उपयोगिता ऋणात्मक हो
  4. D.जब सीमांत उपयोगिता औसत उपयोगिता के बराबर हो
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जब सीमांत उपयोगिता शून्य हो

सीमांत उपयोगिता एक अतिरिक्त इकाई से कुल उपयोगिता में हुई वृद्धि है, इसलिए जब तक वह धनात्मक है, कुल उपयोगिता बढ़ती रहती है; जिस क्षण वह शून्य होती है, कुछ और नहीं जुड़ता और कुल उपयोगिता अपने उच्चतम बिंदु पर होती है, जिसे तृप्ति बिंदु कहते हैं।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

तटस्थता वक्र के किसी बिंदु पर उसका ढाल क्या कहलाता है?

  1. A.प्रतिस्थापन की सीमांत दर
  2. B.कीमत अनुपात
  3. C.उपभोग की सीमांत प्रवृत्ति
  4. D.प्रतिस्थापन की लोच
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. प्रतिस्थापन की सीमांत दर

X के लिए Y की प्रतिस्थापन की सीमांत दर वह मात्रा है जितनी Y उपभोक्ता उसी तटस्थता वक्र पर रहते हुए X की एक अतिरिक्त इकाई के लिए छोड़ने को तैयार होता है, और वह X की सीमांत उपयोगिता तथा Y की सीमांत उपयोगिता के अनुपात के बराबर होती है।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

तटस्थता वक्र मूल बिंदु की ओर उन्नतोदर होता है, इसका कारण है:

  1. A.प्रतिस्थापन की बढ़ती सीमांत दर
  2. B.प्रतिस्थापन की घटती सीमांत दर
  3. C.प्रतिस्थापन की स्थिर सीमांत दर
  4. D.पैमाने के ह्रासमान प्रतिफल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्रतिस्थापन की घटती सीमांत दर

जैसे-जैसे उपभोक्ता तटस्थता वक्र पर नीचे बढ़ता है, उसके पास पहली वस्तु अधिक और दूसरी कम होती जाती है, इसलिए पहली वस्तु की प्रत्येक अतिरिक्त इकाई उसके लिए दूसरी वस्तु की कम इकाइयों के बराबर रह जाती है; इससे ढाल बाएं से दाएं चपटा होता जाता है और वक्र मूल…

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

निम्नलिखित में से कौन तटस्थता वक्र का गुण नहीं है?

  1. A.यह बाएं से दाएं नीचे की ओर ढलता है
  2. B.यह मूल बिंदु की ओर उन्नतोदर होता है
  3. C.दो तटस्थता वक्र एक-दूसरे को काट सकते हैं
  4. D.ऊंचा तटस्थता वक्र संतुष्टि का ऊंचा स्तर दिखाता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दो तटस्थता वक्र एक-दूसरे को काट सकते हैं

यदि दो वक्र कटते, तो कटान बिंदु का संयोग दोनों का होता और एक ही समय में दो भिन्न संतुष्टि स्तर देता, जो तार्किक विरोधाभास है; इसी कारण वे एक-दूसरे को स्पर्श भी नहीं कर सकते।