रोगियों द्वारा प्रयुक्त पहला पुनर्योगज चिकित्सीय प्रोटीन ह्यूमुलिन क्या है?
- A.हेपेटाइटिस बी का टीका
- B.जीवाणुओं में बना मानव इंसुलिन
- C.भेड़ से प्राप्त वृद्धि हार्मोन
- D.कवक से प्राप्त प्रतिजैविक
सही उत्तर
B. जीवाणुओं में बना मानव इंसुलिन
व्याख्या
सही उत्तर B, जीवाणुओं में बना मानव इंसुलिन है। इस हार्मोन की दोनों पॉलिपेप्टाइड शृंखलाएँ आनुवंशिक रूप से अभियंत्रित जीवाणुओं में बनाई जाती हैं और फिर डाइसल्फाइड बंधों से जोड़ी जाती हैं, जिससे मानव हार्मोन के समान इंसुलिन मिलता है; इससे गाय और सूअर के अग्न्याशय से निकाले इंसुलिन पर निर्भरता तथा उससे होने वाली एलर्जी समाप्त हुई। विकल्प A गलत है क्योंकि हेपेटाइटिस बी का टीका भी पुनर्योगज उत्पाद है, जो यीस्ट में उगाए विषाणु के सतह प्रोटीन से बनता है, परंतु वह टीका है, ह्यूमुलिन नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि चिकित्सा में प्रयुक्त वृद्धि हार्मोन भी आज पुनर्योगज विधि से बनता है, भेड़ से नहीं लिया जाता। विकल्प D गलत है क्योंकि पेनिसिलिन जैसे प्रतिजैविक कवकीय किण्वन से मिलते हैं, जो जैव प्रौद्योगिकी का पुराना रूप है। इंसुलिन लाल जैव प्रौद्योगिकी का मानक उदाहरण है।
पूरा लेख पढ़ें: कृषि और स्वास्थ्य में जैव प्रौद्योगिकी: नोट्स और प्रश्न
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंबीटी कपास में प्रयुक्त बीटी जीन किस जीव से प्राप्त होता है?
- A.एक विषाणु
- B.एक जीवाणु
- C.एक कवक
- D.एक शैवाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एक जीवाणु
व्याख्या
सही उत्तर B, एक जीवाणु है। बीटी कपास के क्राई जीन मृदा जीवाणु बैसिलस थुरिन्जिएंसिस से आते हैं, जो बीजाणु बनने के समय क्रिस्टल प्रोटीन बनाता है; यह प्रोटीन खाने पर निष्क्रिय रहता है परंतु सुंडी की क्षारीय आँत में विष बन जाता है, इसी कारण पौधा कीट का प्रतिरोध करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि विषाणु के जीन अन्य उद्देश्यों में प्रयुक्त होते हैं, जैसे विषाणु प्रतिरोध के लिए आवरण प्रोटीन विधि, बीटी के लिए नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि कवक स्वयं जैव कीटनाशक के रूप में प्रयुक्त होते हैं, जैसे मृदा जनित रोगों के विरुद्ध ट्राइकोडर्मा, परंतु क्राई जीन कवकीय नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि एनाबीना जैसे शैवाल धान के खेतों में जैव उर्वरक का कार्य करते हैं, कीटनाशी जीन का स्रोत नहीं हैं। बीटी के पीछे पूरा नाम बैसिलस थुरिन्जिएंसिस याद रखें।
भारत में व्यापारिक खेती के लिए कौन सी आनुवंशिक रूप से रूपांतरित फसल स्वीकृत है?
- A.बीटी बैंगन
- B.स्वर्ण चावल
- C.बीटी कपास
- D.जीएम सोयाबीन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बीटी कपास
व्याख्या
सही उत्तर C, बीटी कपास है। 2002 में स्वीकृत यह फसल भारतीय किसानों के लिए व्यापारिक खेती हेतु अनुमत एकमात्र आनुवंशिक रूप से रूपांतरित फसल है और इसे खाद्य के बजाय रेशे के लिए उगाया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि बीटी बैंगन विकसित और क्षेत्र परीक्षित होने पर भी 2010 में रोक के अंतर्गत रखा गया और उसे छोड़ा नहीं गया। विकल्प B गलत है क्योंकि दाने में बीटा कैरोटीन बनाने के लिए अभियंत्रित स्वर्ण चावल को भारत में खेती की अनुमति कभी नहीं मिली। विकल्प D गलत है क्योंकि जीएम सोयाबीन की खेती यहाँ स्वीकृत नहीं है, हालाँकि आयातित सोयाबीन तेल की अनुमति समय समय पर रही है। कथन आधारित प्रश्न यह दावा करते हैं कि भारत अनेक जीएम खाद्य फसलें उगाता है, जो गलत है; बीटी कपास को एकमात्र स्वीकृत फसल मानें और बैंगन पर लगी रोक याद रखें।
डीएनए के चुने हुए भाग की प्रतियाँ बनाने वाली पॉलिमरेज शृंखला अभिक्रिया का आविष्कार किसने किया?
- A.कैरी मुलिस
- B.एलेक जेफ्रीज
- C.हर्बर्ट बॉयर
- D.इयान विल्मट
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कैरी मुलिस
व्याख्या
सही उत्तर A, कैरी मुलिस है। उन्होंने पॉलिमरेज शृंखला अभिक्रिया बनाई, जो गरम और ठंडा करने के बार बार चलने वाले चक्रों तथा ताप सहने वाले टैक पॉलिमरेज की सहायता से डीएनए के चुने हुए भाग की लाखों प्रतियाँ बनाती है, और इसके लिए उन्हें रसायन का नोबेल पुरस्कार मिला। विकल्प B गलत है क्योंकि एलेक जेफ्रीज ने डीएनए अंगुलिछापी विकसित की, जो डीएनए के पुनरावृत्त अनुक्रमों से व्यक्तियों की पहचान करती है। विकल्प C गलत है क्योंकि हर्बर्ट बॉयर ने स्टेनली कोहेन के साथ पहला पुनर्योगज डीएनए अणु बनाया, जो अलग उपलब्धि है। विकल्प D गलत है क्योंकि इयान विल्मट ने रॉजलिन संस्थान के उस दल का नेतृत्व किया जिसने 1996 में कायिक कोशिका केंद्रक स्थानांतरण से डॉली भेड़ का क्लोन बनाया। परीक्षक ये चारों नाम एक साथ रखते हैं, इसलिए प्रत्येक को एक तकनीक से जोड़ें।
स्वर्ण चावल किस पोषक तत्व की कमी दूर करने के लिए विकसित किया गया था?
- A.लोहा
- B.विटामिन ए
- C.आयोडीन
- D.विटामिन डी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. विटामिन ए
व्याख्या
सही उत्तर B, विटामिन ए है। स्वर्ण चावल को इस प्रकार अभियंत्रित किया गया कि दाने के खाने योग्य भाग में बीटा कैरोटीन बने, वही पूर्वगामी जिससे शरीर विटामिन ए बनाता है, और उसी वर्णक से चावल का रंग सुनहरा होता है; उद्देश्य मुख्यतः चावल पर निर्भर जनसंख्या में रतौंधी घटाना था। विकल्प A गलत है क्योंकि लोहे की कमी बाजरा और गेहूँ की जैव संवर्धित किस्मों तथा संवर्धित खाद्य से दूर की जाती है, स्वर्ण चावल से नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि आयोडीन की कमी आयोडीन युक्त नमक से दूर की जाती है, जो जन स्वास्थ्य का उपाय है और उसमें फसल की अभियांत्रिकी की आवश्यकता नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि विटामिन डी मुख्यतः सूर्य के प्रकाश और संवर्धित दूध से मिलता है। आनुवंशिक अभियांत्रिकी से जैव संवर्धन का मानक उदाहरण स्वर्ण चावल ही है।
भारत में आनुवंशिक रूप से अभियंत्रित जीवों की पर्यावरणीय निर्मुक्ति की स्वीकृति देने वाली शीर्ष संस्था कौन है?
- A.आनुवंशिक रूपांतरण समीक्षा समिति
- B.आनुवंशिक अभियांत्रिकी मूल्यांकन समिति
- C.राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण
- D.भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आनुवंशिक अभियांत्रिकी मूल्यांकन समिति
व्याख्या
सही उत्तर B, आनुवंशिक अभियांत्रिकी मूल्यांकन समिति है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाली यह समिति पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के अंतर्गत बने 1989 के नियमों की शीर्ष संस्था है और उसकी अनुमति के बिना कोई अभियंत्रित जीव पर्यावरण में नहीं छोड़ा जा सकता या बड़े पैमाने पर प्रयुक्त नहीं हो सकता। विकल्प A गलत है क्योंकि जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन आनुवंशिक रूपांतरण समीक्षा समिति व्यापारिक निर्मुक्ति के बजाय अनुसंधान और छोटे परीक्षणों पर निगरानी रखती है। विकल्प C गलत है क्योंकि चेन्नई का राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण 2002 के अधिनियम के अंतर्गत जैविक संसाधनों तक पहुँच और लाभ साझेदारी देखता है। विकल्प D गलत है क्योंकि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद अनुसंधान करती और परीक्षण समन्वित करती है, जैव सुरक्षा की स्वीकृति नहीं देती। जोड़ी याद रखें, अनुसंधान के लिए आरसीजीएम और निर्मुक्ति के लिए जीईएसी।