'रिक्तिकाओं' के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.पौधों में एक बड़ी केंद्रीय रिक्तिका होती है जो कोशिका के कुल आयतन का 90% तक घेर सकती है।
- B.पादप कोशिकाओं में रिक्तिकाएं स्फीति और दृढ़ता प्रदान करती हैं।
- C.अमीबा में रिक्तिकाओं की पोषण में भूमिका होती है।
- D.जंतु कोशिकाओं में रिक्तिकाएं अनुपस्थित होती हैं।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, जंतु कोशिकाओं में रिक्तिकाएं अनुपस्थित होती हैं। जंतु कोशिकाओं में भी रिक्तिकाएं होती हैं, बस वे छोटी और प्रायः अस्थायी होती हैं, इसलिए यह कथन गलत है।
रिक्तिका झिल्ली से घिरी एक थैली है जिसमें कोशिका रस भरा रहता है: जल, लवण, शर्करा और अपशिष्ट। पादप कोशिका में इसकी झिल्ली को टोनोप्लास्ट कहते हैं। परिपक्व पादप कोशिका में एक केंद्रीय रिक्तिका कोशिका का लगभग 90 प्रतिशत भाग घेर सकती है और कोशिकाद्रव्य को भित्ति की ओर दबा देती है। जंतु कोशिकाओं में भंडारण, पाचन और अपशिष्ट हटाने के लिए कई छोटी रिक्तिकाएं होती हैं, और एककोशिकीय जीव इनसे भोजन लेते और अतिरिक्त जल बाहर निकालते हैं।
A सही है: परिपक्व पादप कोशिका की केंद्रीय रिक्तिका उसके आयतन का 90 प्रतिशत तक घेर सकती है।
B सही है: रिक्तिका में जल का दाब पादप कोशिकाओं को स्फीत रखता है और पौधे को दृढ़ता देता है।
C सही है: अमीबा भोजन के चारों ओर खाद्य रिक्तिका बनाकर उसे पचाता है, और संकुचनशील रिक्तिका अतिरिक्त जल निकालती है।
Exam tip: पादप कोशिका में एक बड़ी रिक्तिका; जंतु कोशिका में कई छोटी रिक्तिकाएं; अमीबा में खाद्य और संकुचनशील रिक्तिका।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस कोशिकांग में DNA होता है?
- A.गॉल्जी उपकरण
- B.माइटोकॉन्ड्रिया
- C.लाइसोसोम
- D.अंतर्द्रव्यी जालिका
उत्तर देखें
माइटोकॉन्ड्रिया में अपना छोटा, वृत्ताकार DNA और अपने राइबोसोम होते हैं। माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका का 'पावरहाउस' है, जहाँ वायवीय श्वसन से ATP बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सब्जियों का कौन-सा समूह पौधे का भूमिगत तना या रूपांतरित तना है?
- A.आलू, आर्टिचोक, टिंडा
- B.प्याज, लहसुन, गाजर
- C.आलू, प्याज, लहसुन
- D.आलू, लहसुन, शलजम
उत्तर देखें
तीनों भूमिगत रूपांतरित तने हैं: आलू तना कंद है, और प्याज तथा लहसुन शल्ककंद (बल्ब) हैं। तने को जड़ से उसकी गाँठों (पर्वसंधियों) और कलिकाओं से पहचाना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →300 Hz आवृत्ति वाली एक ध्वनि तरंग किसी अज्ञात माध्यम में चल रही है। इसकी तरंगदैर्ध्य ज्ञात नहीं है। यह समय t में अपनी तरंगदैर्ध्य के 150 गुने के बराबर दूरी तय करती है। t का मान है :
- A.0.5 s
- B.1 s
- C.1.5 s
- D.2 s
उत्तर देखें
तरंग हर कंपन में एक तरंगदैर्ध्य आगे बढ़ती है, इसलिए 150 तरंगदैर्ध्य के लिए 150 कंपन चाहिए, और 300 कंपन प्रति सेकंड की दर से 150 कंपन में आधा सेकंड लगता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कोई वस्तु किसी द्रव में तैरती है, यदि उत्प्लावन बल :
- A.उसके भार के बराबर हो।
- B.उसके भार से कम हो।
- C.उसके भार से अधिक हो।
- D.शून्य हो।
उत्तर देखें
तैरती वस्तु संतुलन में होती है, इसलिए ऊपर की ओर लगने वाला उत्प्लावन बल ठीक उसके भार को संतुलित करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-से मानव मस्तिष्क के विभिन्न भाग हैं?
- A.फोरफ्रंट ब्रेन, स्टैंडर्ड ब्रेन और पश्च मस्तिष्क
- B.अग्र मस्तिष्क, मीडियन ब्रेन और रियर ब्रेन
- C.अग्र मस्तिष्क, मध्य मस्तिष्क और पश्च मस्तिष्क
- D.प्रीकर्सर ब्रेन, मीन ब्रेन और पश्च मस्तिष्क
उत्तर देखें
ये मानव मस्तिष्क के तीन मुख्य भाग हैं। अग्र मस्तिष्क सबसे बड़ा भाग है।
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