रिक्टर पैमाने से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे 1935 में चार्ल्स एफ. रिक्टर ने बनाया था 2. यह किसी एक भूकंप में मुक्त ऊर्जा की मात्रा को बताता है 3. रिक्टर पैमाने की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। रिक्टर पैमाने के बारे में तीनों कथन सही हैं।
कथन 1 सही है: अमेरिकी भूकंपविज्ञानी चार्ल्स एफ. रिक्टर ने 1935 में कैलिफ़ोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में बेनो गुटेनबर्ग के साथ यह पैमाना बनाया। कथन 2 सही है: रिक्टर पैमाना परिमाण मापता है, जो भूकंप के उद्गम पर मुक्त ऊर्जा को दर्शाता है और भूकंपलेखी पर दर्ज तरंगों के आयाम से निकाला जाता है। कथन 3 सही है: यह पैमाना खुला है और इसकी कोई निश्चित ऊपरी सीमा नहीं है, यद्यपि अब तक का सबसे बड़ा दर्ज भूकंप लगभग 9.5 परिमाण का रहा है।
यह पैमाना लघुगणकीय है: हर पूर्ण अंक बढ़ने पर तरंग का आयाम दस गुना और ऊर्जा लगभग 32 गुना बढ़ती है। इसलिए विकल्प A, B और C गलत हैं, क्योंकि हर एक में एक या दो सही कथन छूट जाते हैं। किसी स्थान पर कंपन की तीव्रता अलग पैमाने, मरकैली पैमाने (I से XII) पर मापी जाती है।
परीक्षा टिप: रिक्टर = परिमाण (ऊर्जा), खुला पैमाना; मरकैली = तीव्रता (क्षति), I से XII।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस वलन में अक्षीय तल लगभग क्षैतिज पाया जाता है?
- A.समनत (आइसोक्लाइनल)
- B.अपनति (एंटीक्लाइनल)
- C.शयान (रिकम्बेंट)
- D.एकनत (मोनोक्लाइनल)
उत्तर देखें
शयान वलन में चट्टानी परतें इतनी अधिक झुक जाती हैं कि वलन करवट लेकर लेट जाता है और उसका अक्षीय तल लगभग क्षैतिज हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. भूकंपलेखी (सीस्मोग्राफ) में P तरंगें S तरंगों से पहले दर्ज होती हैं।
II. P तरंगों में कण तरंग के संचरण की दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं, जबकि S तरंगों में कण संचरण की दिशा के समकोण पर ऊपर-नीचे कंपन करते हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल I
- B.केवल II
- C.I और II दोनों
- D.न तो I और न ही II
उत्तर देखें
P तरंगें सबसे तेज़ भूकंपीय तरंगें हैं और भूकंपलेखी पर सबसे पहले पहुँचती हैं; वे अनुदैर्ध्य हैं, जबकि S तरंगें अनुप्रस्थ हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नीलगिरि, अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों के शीतोष्ण वन क्या कहलाते हैं?
- A.मिरिस्टिका
- B.कार वन
- C.देवराकाडु
- D.शोला
उत्तर देखें
पश्चिमी घाट की नीलगिरि, अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों की ऊँची घाटियों में मिलने वाले सदाबहार शीतोष्ण वनों के टुकड़े शोला कहलाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →समुद्र की सतह पर किसी दिए गए स्थान पर दो क्रमिक ज्वारों के आने के बीच समय का अंतर कितना होता है?
- A.12 घंटे
- B.12 घंटे 26 मिनट
- C.24 घंटे
- D.24 घंटे 52 मिनट
उत्तर देखें
अधिकांश स्थानों पर दिन में दो उच्च ज्वार आते हैं, और चंद्रमा हर दिन लगभग 52 मिनट देर से उगता है, इसलिए हर उच्च ज्वार पिछले के लगभग 12 घंटे 26 मिनट बाद आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कोपेन के जलवायु वर्गीकरण के अनुसार, अक्षर कूट Cfa किसे दर्शाता है?
- A.उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु
- B.आर्द्र उपोष्ण जलवायु
- C.टुंड्रा जलवायु
- D.उष्णकटिबंधीय आर्द्र और शुष्क जलवायु
उत्तर देखें
कोपेन के कूट में C का अर्थ गर्म शीतोष्ण जलवायु, f का अर्थ बिना शुष्क ऋतु के सभी ऋतुओं में वर्षा, और a का अर्थ गर्म ग्रीष्म है।
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