रदरफोर्ड का अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग किसकी खोज के लिए उत्तरदायी था?
- A.इलेक्ट्रॉन
- B.प्रोटॉन
- C.नाभिक
- D.हीलियम
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, नाभिक। रदरफोर्ड के स्वर्ण पन्नी प्रयोग से पता चला कि परमाणु का धनात्मक आवेश और लगभग पूरा द्रव्यमान एक बहुत छोटे केंद्रीय नाभिक में होता है।
1909 में रदरफोर्ड के निर्देशन में हांस गाइगर और अर्नेस्ट मार्सडेन ने बहुत पतली सोने की पन्नी पर अल्फा कण डाले। अधिकांश कण सीधे निकल गए, जिससे पता चला कि परमाणु का अधिकतर भाग खाली है; कुछ कण मुड़े और लगभग 20,000 में से एक लगभग सीधा वापस लौट आया। 1911 में रदरफोर्ड ने बताया कि ऐसा तभी हो सकता है जब धनात्मक आवेश एक बहुत छोटे, सघन केंद्र में हो, जिसे उन्होंने नाभिक कहा, और इलेक्ट्रॉन उसके चारों ओर घूमें। इसने थॉमसन के प्लम पुडिंग मॉडल की जगह ली।
A गलत है, क्योंकि इलेक्ट्रॉन की खोज जे.जे. थॉमसन ने 1897 में कैथोड किरणों से की थी।
B गलत है, क्योंकि प्रोटॉन की पहचान अलग से हुई, जब 1917–19 में रदरफोर्ड ने उसे नाइट्रोजन के नाभिकों से बाहर निकाला; प्रकीर्णन प्रयोग से नहीं।
D गलत है, क्योंकि इस प्रयोग में हीलियम की खोज नहीं हुई; अल्फा कण स्वयं हीलियम के नाभिक हैं।
Exam tip: इलेक्ट्रॉन – थॉमसन (1897), नाभिक – रदरफोर्ड (1911), न्यूट्रॉन – चैडविक (1932)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस कोशिकांग में DNA होता है?
- A.गॉल्जी उपकरण
- B.माइटोकॉन्ड्रिया
- C.लाइसोसोम
- D.अंतर्द्रव्यी जालिका
उत्तर देखें
माइटोकॉन्ड्रिया में अपना छोटा, वृत्ताकार DNA और अपने राइबोसोम होते हैं। माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका का 'पावरहाउस' है, जहाँ वायवीय श्वसन से ATP बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सब्जियों का कौन-सा समूह पौधे का भूमिगत तना या रूपांतरित तना है?
- A.आलू, आर्टिचोक, टिंडा
- B.प्याज, लहसुन, गाजर
- C.आलू, प्याज, लहसुन
- D.आलू, लहसुन, शलजम
उत्तर देखें
तीनों भूमिगत रूपांतरित तने हैं: आलू तना कंद है, और प्याज तथा लहसुन शल्ककंद (बल्ब) हैं। तने को जड़ से उसकी गाँठों (पर्वसंधियों) और कलिकाओं से पहचाना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →300 Hz आवृत्ति वाली एक ध्वनि तरंग किसी अज्ञात माध्यम में चल रही है। इसकी तरंगदैर्ध्य ज्ञात नहीं है। यह समय t में अपनी तरंगदैर्ध्य के 150 गुने के बराबर दूरी तय करती है। t का मान है :
- A.0.5 s
- B.1 s
- C.1.5 s
- D.2 s
उत्तर देखें
तरंग हर कंपन में एक तरंगदैर्ध्य आगे बढ़ती है, इसलिए 150 तरंगदैर्ध्य के लिए 150 कंपन चाहिए, और 300 कंपन प्रति सेकंड की दर से 150 कंपन में आधा सेकंड लगता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कोई वस्तु किसी द्रव में तैरती है, यदि उत्प्लावन बल :
- A.उसके भार के बराबर हो।
- B.उसके भार से कम हो।
- C.उसके भार से अधिक हो।
- D.शून्य हो।
उत्तर देखें
तैरती वस्तु संतुलन में होती है, इसलिए ऊपर की ओर लगने वाला उत्प्लावन बल ठीक उसके भार को संतुलित करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-से मानव मस्तिष्क के विभिन्न भाग हैं?
- A.फोरफ्रंट ब्रेन, स्टैंडर्ड ब्रेन और पश्च मस्तिष्क
- B.अग्र मस्तिष्क, मीडियन ब्रेन और रियर ब्रेन
- C.अग्र मस्तिष्क, मध्य मस्तिष्क और पश्च मस्तिष्क
- D.प्रीकर्सर ब्रेन, मीन ब्रेन और पश्च मस्तिष्क
उत्तर देखें
ये मानव मस्तिष्क के तीन मुख्य भाग हैं। अग्र मस्तिष्क सबसे बड़ा भाग है।
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