रबातक अभिलेख के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.यह कुषाण वंशावली पर महत्वपूर्ण प्रकाश डालता है।
- B.इसमें कनिष्क को 'राजाओं का राजा और ईश्वर का पुत्र' कहा गया है।
- C.23 पंक्तियों वाला यह अभिलेख गांधारी भाषा में लिखा गया है।
- D.इसमें उन राज्यों के नाम हैं जो कनिष्क के साम्राज्य का भाग थे।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, 23 पंक्तियों वाला यह अभिलेख गांधारी भाषा में लिखा गया है। रबातक अभिलेख बैक्ट्रियन भाषा में और यूनानी लिपि में लिखा गया है, गांधारी में नहीं।
यह अभिलेख 1993 में उत्तरी अफ़गानिस्तान के रबातक में मिला। यह सबसे महान कुषाण शासक कनिष्क का 23 पंक्तियों वाला अभिलेख है, जो उसके शासन के आरंभिक वर्षों का है। इसमें उसके पूर्वजों का क्रम दिया गया है: कुजुल कडफिसेस परदादा, विम तक्तु दादा और विम कडफिसेस पिता। इससे कुषाण वंशावली पर लंबे समय से चल रही बहस सुलझ गई। इसमें कनिष्क को महान राजा, राजाओं का राजा और ईश्वर का पुत्र कहा गया है, और उसके अधीन भारतीय नगरों के नाम हैं, जैसे उज्जैन, साकेत, कौशांबी, पाटलिपुत्र और चंपा।
A उत्तर नहीं है, क्योंकि यह अभिलेख सचमुच कुषाण वंशावली का प्रमुख स्रोत है। B उत्तर नहीं है, क्योंकि इसमें कनिष्क के लिए ये राजकीय उपाधियाँ प्रयुक्त हैं। D उत्तर नहीं है, क्योंकि इसमें उसके साम्राज्य के स्थानों की सूची है।
परीक्षा टिप: रबातक, 1993, अफ़गानिस्तान; यूनानी लिपि में बैक्ट्रियन भाषा; कनिष्क की वंशावली।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंयह सिद्धांत कि स्वतंत्र भारत के नए संविधान का निर्माण मुख्य रूप से (यद्यपि पूरी तरह नहीं) स्वयं भारतीयों की ज़िम्मेदारी होनी चाहिए, पहली बार किसमें स्वीकार किया गया?
- A.भारत सरकार अधिनियम, 1935
- B.वायसराय लिनलिथगो का अगस्त प्रस्ताव
- C.क्रिप्स प्रस्ताव
- D.कैबिनेट मिशन
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8 अगस्त 1940 को रखे गए इस प्रस्ताव में ब्रिटिश सरकार ने पहली बार स्वीकार किया कि भारत का नया संविधान बनाना मुख्य रूप से भारतीयों की ज़िम्मेदारी होनी चाहिए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन प्रसिद्ध संस्कृत रचना 'मृच्छकटिकम्' के लेखक थे?
- A.कालिदास
- B.भास
- C.वाल्मीकि
- D.शूद्रक
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मृच्छकटिकम्, जिसका अर्थ है 'मिट्टी की छोटी गाड़ी', दस अंकों का संस्कृत नाटक है, जिसके रचयिता राजा शूद्रक माने जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →औद्योगिक क्रांतियों के दौरान हुए तकनीकी नवाचारों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. म्यूल 1779 में आविष्कृत एक मशीन का उपनाम था, जिससे मज़बूत और महीन धागे की कताई संभव हुई। 2. 1769 में रिचर्ड आर्कराइट द्वारा आविष्कृत वाटर फ्रेम ने शुद्ध सूती कपड़ा बुनना संभव बनाया। 3. 1787 में एडमंड कार्टराइट द्वारा आविष्कृत पावरलूम से किसी भी प्रकार की सामग्री बुनी जा सकती थी। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1 और 2
- B.1, 2 और 3
- C.केवल 2 और 3
- D.केवल 3
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तीनों कथन अठारहवीं सदी के अंत में ब्रिटिश सूती उद्योग को आगे बढ़ाने वाली कताई और बुनाई मशीनों का सही वर्णन करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा पंचशील का सिद्धांत नहीं था?
- A.शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व
- B.क्षेत्रीय अखंडता का परस्पर सम्मान
- C.परमाणु प्रतिरोध (न्यूक्लियर डिटरेंस)
- D.आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना
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पंचशील देशों के बीच शांतिपूर्ण संबंधों के पाँच सिद्धांतों का समूह है, और इसमें परमाणु हथियारों के भय का कोई स्थान नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. हल के मृण्मूर्ति (टेराकोटा) मॉडल चोलिस्तान के स्थलों और बनावली (हरियाणा) में मिले हैं। 2. कालीबंगा में हड़प्पा सभ्यता के परिपक्व चरण से जुड़े जुते हुए खेत का साक्ष्य मिला है। 3. कालीबंगा के जुते हुए खेत में एक-दूसरे को समकोण पर काटती कूँड़ों के दो समूह थे, जो बताते हैं कि उसमें दो अलग-अलग फसलें एक साथ उगाई जाती थीं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.उपर्युक्त में से कोई नहीं
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कालीबंगा का जुता हुआ खेत आरंभिक हड़प्पा स्तरों का है, परिपक्व चरण का नहीं, इसलिए कथन 2 गलत है। हड़प्पा के किसान हल का प्रयोग करते थे, और इसके दो तरह के प्रमाण मिलते हैं।
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